वीजा पर पाकिस्तान की पैंतरेबाजी से खीझा भारत, उच्चायोग से वापस बुलाए अपने अधिकारी

नई दिल्ली
पाकिस्तान की वीजा पॉलिसी को लेकर भारत का गुस्सा बढ़ गया है। भारतीय अधिकारियों को वीजा देने में पाकिस्तान जो रणनीति अपना रहा है उसके देखते हुए भारत ने इस्लामाबाद स्थित उच्चायोग से अपने कुछ कर्मचारियों को वापस बुला लिया है। पाकिस्तान भारतीय अधिकारियों समेत दूसरे कर्मचारियों को वीजा देने में पैंतरेबाजी कर रहा है।

दो साल से कर रहा ये पाकिस्तान
कुछ मौकों को छोड़कर इस्लामाबाद की ओर पिछले 2 साल से भारतीय अधिकारियों के लिए कोई वीजा जारी नहीं किया गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल पाकिस्तान ने भारतीय प्रभारी सुरेश कुमार की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की थी लेकिन उसके बाद ही जयंत खोबारगड़े को वीजा देने से इनकार कर दिया। इस्लामाबाद की ओर से यह कहा गया कि जब दोनों देशों के संबंधों को डाउनग्रेड किया गया है ऐसे में खोबरागड़े उच्चायोग की जिम्मेदारी संभालने के लिए काफी सीनियर हैं।

भारत की ओर से पाकिस्तान से वीजा को लेकर कई बार अनुरोध किया गया लेकिन उसकी ओर से इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। असाइनमेंट वीजा को जारी करने में थोड़ा वक्त लगता है लेकिन भारत की ओर से कई बार याद दिलाने के बावजूद इस्लामाबाद ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की। ऐसे में भारतीय अधिकारियों के लिए अनिश्चितकाल तक प्रतीक्षा करना काफी मुश्किल है।

आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद बहुत कुछ बदला

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद दोनों देशों ने उच्चायोगों से अपने कर्मचारियों की संख्या आधी कर दी है। अगस्त 2019 में जम्मू -कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने अपने उच्चायुक्त को वापस बुला लिया और भारत से भी ऐसा करने के लिए दबाव बनाया।

पाकिस्तान की ओर से ऐसा लंबे समय से किया जा रहा है। जानबूझकर कई मामलों को पाकिस्तान की ओर से लटकाया जा रहा है। दो दिन पहले ही पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायोग के 12 अधिकारियों को परिवार और वाहन चालकों सहित पृथक-वास में रहने को कह दिया। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि 12 अधिकारी और उनके परिजन शनिवार 22मई को वाघा सीमा पार करके पाकिस्तान आए थे।

कोरोना रिपोर्ट पर आमने- सामने
सभी 12 अधिकारियों के पास कोरोना वायरस संक्रमण की जांच रिपोर्ट थी लेकिन पाकिस्तान के सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत इनकी फिर से जांच की गई। पाकिस्तान के स्वास्थ्य अधिकारियों की जांच में एक अधिकारी की पत्नी में संक्रमण की पुष्टि हुई

वहीं भारतीय उच्चायोग की ओर से अधिकारी की पत्नी के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की खबर को लेकर यह स्पष्ट किया गया कि आरटी-पीसीआर जांच में उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। यह जांच इस्लामाबाद पहुंचने पर की गई। वहीं लाहौर में भी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई। वीजा को लेकर पाकिस्तान की ओर से जो नीति अपनाई जा रही है उसके भारत के इस कदम को कड़ी प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

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