COVID-19: मॉनसूनसे पहले बच्चों को लगवाएं फ्लू का टीका, कम हो सकते हैं कोविड केस: महाराष्ट्र पैनल का सुझाव 

COVID-19 in India: डॉक्टरों ने अपनी सिफारिश में कहा कि इन्फ्लूएंजा का टीका (Influenza Shot) इस बीमारी को रोकने में मदद करेगा, इससे अस्पतालों और टेस्ट सेंटर में भीड़भाड़ कम होगी, क्योंकि कोरोना (Coronavirus) और फ्लू के सामान्य लक्षण कुछ हद तक एक जैसे होते हैं.


मुंबई. देश में महाराष्ट्र कोरोना वायरस (Covid Pandemic in Maharashtra) महामारी का सबसे ज्यादा कहर झेल रहा है. इस बीच मॉनसून की आहट को लेकर इन्फ्लूएंजा (influenza) का खतरा भी बढ़ गया है. ऐसे में राज्य कोविड टास्कफोर्स और नवगठित बाल चिकित्सा टास्कफोर्स ने संयुक्त रूप से राज्य सरकार से हर बच्चे का टीकाकरण करने की अपील की है. रविवार को हुई बैठक में दोनों टास्कफोर्स के डॉक्टरों ने सीएम उद्धव ठाकरे से मॉनसून से पहले सभी बच्चों को इन्फ्लूएंजा की वैक्सीन लगाने की सिफारिश की है. डॉक्टरों ने कहा कि इन्फ्लूएंजा का टीका इस बीमारी को रोकने में मदद करेगा, इससे अस्पतालों और टेस्ट सेंटर में भीड़भाड़ कम होगी, क्योंकि कोरोना और फ्लू के सामान्य लक्षण कुछ हद तक एक जैसे होते हैं. ऐसे में लोग बच्चों की तबीयत को लेकर भ्रमित होकर अस्पतालों और टेस्टिंग सेंटर का रुख करते हैं.

इन्फ्लूएंजा श्वसन तंत्र का एक संक्रामक रोग होता है, जिसकी शुरुआत खांसी, जुकाम और हल्के बुखार के साथ होती है. इन्फ्लूएंजा वायरस हमारे शरीर में नाक, आंख और मुंह से प्रवेश करता है. इसके अलावा इस वायरस से पीड़ित व्यक्ति के खांसने और छींकने पर अन्य व्यक्ति संपर्क में आता है तो यह वायरस फैल सकता है. देश में इन्फ्लूएंजा की वैक्सीन के दो प्रकार हैं. इन्फ्लुएंजा ए और इन्फ्लूएंजा बी. एक शॉट के लिए वैक्सीन की कीमत 1500 से 2000 रुपये तक है.

राज्य कोविड टास्कफोर्स के अध्यक्ष डॉ. संजय ओकी ने सीएम ठाकरे से कहा, ‘हमारा मानना ​​है कि बच्चों को इन्फ्लूएंजा के टीके दिए जाने चाहिए. चूंकि यह महंगा है, इसलिए ज्यादातर मध्यम वर्ग और उच्च वर्ग ही इसे वहन कर सकते हैं. राज्य स्तर पर हम कम से कम अगले छह महीनों में लागत को कम करने या हर बच्चे को इसे मुफ्त में देने के बारे में सोच सकते हैं.

वहीं, बाल चिकित्सा टास्कफोर्स के प्रमुख डॉ. सुहास प्रभु ने इसपर सहमति जताई. उन्होंने कहा कि कम से कम इस वर्ष के लिए राज्य अपवाद बना सकता है और सभी को मुफ्त में टीका दे सकता है. इसपर सीएम ठाकरे ने कहा कि सरकार इन सुझावों पर विचार करेगा. सीएम ने कहा- ‘हालांकि, हमें इस बारे में और स्पष्टता की आवश्यकता है कि क्या ये सुझाव कोविड की पॉजिटिविटी रेट को कम करने में मदद कर सकता है.’ उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स को इस बारे में स्थिति साफ करनी चाहिए.

इन्फ्लूएंजा के लक्षण और बचाव:-


1- इन्फ्लूएंजा वायरस की चपेट में आने पर थकान महसूस होती है और शरीर अस्वस्थ रहने लगता है.

2- कमजोरी आ जाती है. कुछ भी काम करो तो चक्कर आता है.

3- तेज बुखार हो जाता है और ठंड लगने लगती है. गले में कफ जम जाता है. खाने-पीने और निगलने में तकलीफ होती है. सांस लेने में परेशानी होती है.

4- पीड़ित व्यक्ति के सिर में दर्द भी होता है. वायरस के फैलने पर त्वचा नीली पड़ जाती है.

5- इन्फ्लूएंजा वायरस से बचाव के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है साफ-सफाई। इसलिए आस-पास की तो सफाई रखे हीं, साथ ही खाना खाने से पहले और बाद में हाथ जरूर धोएं.

6- ऐसा खाना न खाएं जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो. खासकर बासी खाने से दूर रहें.

7- चूंकि इन्फ्लूएंजा की स्थिति में शरीर में पानी की कमी हो जाती है, इसलिए खूब लिक्विड लें. छाछ, दूध, लस्सी, पानी और जूस पीयें.

8. सीने पर विक्स या बाम लगाएं और हवा न लगने दें. सांस लेने में तकलीफ हो तो डॉक्टर से संपर्क करें.

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