क्या है जिंक और विटामिन-C लेने का सही तरीका, जानें कितनी मात्रा है शरीर के लिए जरूरी 

कोरोना से बचने के लिए कर रहे हैं विटामिन-सी और जिंक का सेवन? फायदे की जगह हो सकते हैं नुकसान, पढ़िए ये जरूरी खबर


Vitamin c and Zinc: कोरोना के कहर से सहमे लोग रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए क्या-क्या नहीं कर रहे. कोरोना काल में महामारी की चपेट में आने से बचने के लिए हर तरह के नुस्खे अपनाए जा रहे हैं. काढ़े के अलावा जिंक, विटामिन सी, डी काफी अधिक काम में लिया जा रहा है. इसके लिए अधिकतर डाक्टर्स मरीजों को विटामिन और जिंक की गोलियां लिख रहे है. 

सिर्फ वायरस से मुकाबले के नाम पर महीनों विटामिन-सी की गोलियां खाने से किडनी में पथरी की समस्या उभर सकती है. वहीं, जिंक की अधिक खुराक से पेट, लिवर और किडनी से जुड़ी बीमारियां पनपने लगती हैं. आइए जानते हैं विटामिन्स की इन गोलियों को कितनी मात्रा में लेना सही है. साथ ही यह भी बताएंगे कि खाने से भी आप इसकी पूर्ति कर सकते हैं.

विटामिन सी और जिंक एक सही मात्रा में लेना ही सही है. अन्यथा किसी भी चीज की अति दुखद ही होती है. सबसे पहले जानते हैं विटामिन C के बारे में. विटामिन सी का एक सामान्य स्तर 0.3 मिलीग्राम से 0.6 मिलीग्राम के मध्य होना चाहिए.

विटामिन सी
नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हेल्थ के मुताबिक 500 एमजी की टेबलेट ले सकते हैं. लेकिन सभी की बॉडी टाइप अलग-अलग होती है. इसलिए डॉक्टर की सलाह से ही विटामिन की गोलियां लें. 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग को प्रतिदिन अपने भोजन में 90 मिलीग्राम से 2000 मिलीग्राम तक विटामिन सी लेना चाहिए. विटामिन सी, श्वेता रक्त कोशिकाओं के अलावा ‘फैगोसाइट’ नाम की प्रतिरोधक कोशिकाओं का विकास सुनिश्चित करता है. ये कोशिकाएं खून में मौजूद विषाणुओं को सोखकर संक्रामक रोगों से निजात दिलाती हैं. आंत के ऊपर सुरक्षा कवच बनाकर कीटाणुओं को बाहर निकलकर खून में घुलने से रोकती है. 

ज्यादा सेवन घातक
02 हजार मिलीग्राम से अधिक दैनिक सेवन विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है, इनमें किडनी में पथरी, डायरिया, पाचन तंत्र संबंधी बीमारियां प्रमुख हैं.


डाइट से कैसे करें हासिल
आप खाने में भी विटामिन C की पूर्ति कर सकते हैं. संतरा, नींबू, आंवले में विटामिन सी की प्रचुर मात्रा होती है. संतरे में करीब 70 मिलीग्राम विटामिन सी पाया जाता है. जामफल में करीब 165 मिलीग्राम विटामिन सी मौजूद रहता है. टमाटर और चुकंदर में भी विटामिन की मात्रा पाई जाती है.


अधिक सेवन नुकसानदायक
पेट खराब होना, डायरिया, पथरी होना जैसी परेशानी हो सकती है. इसके अधिक सेवन से शरीर में मौजूद टिश्यूज को भी नुकसान हो सकता है.

जिंक 
जिंक वायरस से जुड़कर, उसका विकास बाधित करता है. रोग-प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा कर संक्रमण ठीक होने की रफ्तार बढ़ाता है. जिंक आपको वायरल संक्रमण से लड़ने में मदद करता है इसलिए जिंक का सेवन किया जाता है.

जिंक का सामान्य स्तर 70 से 290 माइक्रोग्राम होता है. भोजन में आप 8 से 11 मिलीग्राम तक जिंक ले सकते हैं. जिंक सबसे अधिक सी फूड में पाया जाता है. वहीं वेजिटेरियन में आप सफेद चने, बीन्स, डेयर प्रोडक्ट, काजू, बादाम और मूंगफली में होता है.

किसे कितनी जरूरत?
18 साल के पार पुरुषों का प्रतिदिन 11 तो महिलाओं का 9 मिलीग्राम जिंक ग्रहण करना जरूरी होता है. एक्सपर्ट्स गर्भवती महिलाओं को 11 से 12 मिलीग्राम जिंक रोजाना लेने की सलाह देते हैं. शिशु को स्तनपान कराने वाली मांओं के लिए 12 से 13 मिलीग्राम दैनिक खुराक अहम है

जिंक के नुकसान
पेट में जलन, अपच, डायरिया, पेट दर्द करना, अपच की समस्या होने लगती है. 40 मिलीग्राम से ज्यादा जिंक नहीं लेना चाहिए. 

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई सेहत से जुड़ी तमाम जानकारियों को सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है. इसे किसी बीमारी के इलाज या फिर चिकित्सा सलाह के तौर पर नहीं देखना चाहिए. यहां बताए गए टिप्स पूरी तरह से कारगर होंगे इसका हम कोई दावा नहीं करते हैं. यहां दिए गए किसी भी टिप्स या सुझाव को आजमाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

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