गांवों में हवन से कोरोना के खात्मे का दावा:टीके से डरे गांववाले, काेराेना से बचने निकाली धूप यात्रा; घरों पर ताले, खेतों में डेरा

जिले के गांवों में लोग टीके से डरे हुए हैं, क्योंकि कोरोना से कुछ ऐसे लोगों की मौत भी हुई है जिन्होंने वैक्सीन का पहला डोज लगवा लिया था। हालांकि गांव के युवा और सरपंच इन्हें टीके के लिए मना रहे हैं। साथ ही कोरोना से बचाव के लिए देसी नुस्खे भी अपना रहे हैं। जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर साखतली में कोरोना के खिलाफ धर्म और विज्ञान का सहारा लिया जा रहा है। ग्राम पंचायत भवन के बाहर सरपंच रामपाल तंबोली अखबार में छपे तीन चित्र लेकर बैठे थे, जो हर आने-जाने वाले को दिखा रहे थे। बोले- पहला चित्र उन संक्रमित फेफड़ों का है, जिन्हें एक भी टीका नहीं लगा, ये पूरा सफेद हो गया।

दूसरा चित्र एक डोज लगवाने वाले का है और ये चित्र दो डाेज वाले का, इसमें संक्रमण नहीं फैला। इसलिए वैक्सीन हमें कोरोना से बचाएगी। उधर, गांव के ही मांगीलाल पाटीदार ने 35 युवाओं के साथ धूप चिकित्सा यात्रा निकाली। 30 बाल्टियों में गूगल, कपूर, घी, जौ, नीम के पत्ते, चंदन-आम की लकड़ियों को गाय के कंडे के साथ जलाकर धुआं किया और गली-गली निकले। मांगीलाल का दावा है कि इससे हवा में फैल रहा कोरोना खत्म हो जाएगा। गांव में 65 मरीज हैं, 10 की मौत हो चुकी है लेकिन कोरोना से 1 ही मौत बताई जा रही है।

टीका लगाने वाले आ गए: डर इतना कि कोई भी गाड़ी देखते ही लोग खुद को घरों में कैद कर लेते हैं

1200 की आबादी वाले लारनी गांव में टीम पहुंची। गाड़ी से उतरते ही दो लड़के चिल्लाते हुए गांव की ओर भागे। बोले- टीके लगाने वाले आ गए। यह सुनते ही ओटलों पर बैठीं महिलाएं खेल रहे बच्चों को खींचकर घरों में छुप गईं और दरवाजे बंद कर लिए। कुछ ही मिनट में गांव में सन्नाटा पसर गया। खिड़की से झांक रही एक महिला बोलीं- टीका लगवाने से मर जाते हैं, इसलिए नहीं लगवाएंगे। सामने से आ रहे बुजुर्ग गोवर्धन ने कहा- पांच हजार रुपए दो तो भी नहीं लगवाऊंगा। गांव की सरपंच मोहन बाई घूंघट लेकर घर से निकली

उनकी ननद मानकुंवर चौहान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, वे बाहर आईं और बताया- हमारे पूरे परिवार ने टीके लगवा लिए फिर भी गांव वाले नहीं लगवा रहे। वे अब भी टीके से डर रहे हैं। गांव में अब तक दो मौतें हो चुकी हैं। दरअसल गांव में टीके को लेकर दहशत है, क्योंकि पास के बसई गांव में गिट्टी खदान के मालिक शंकर प्रताप सिंह और उनकी पत्नी फतेह कुंवर की क्रमश: 29 और 30 अप्रैल को कोरोना से मौत हो गई थी। दंपती ने वैक्सीन का पहला डोज लगवा लिया था फिर भी जान नहीं बची।

पूजा-अनुष्ठान जारी : हनुमानजी के अभिषेक के बाद जल छिड़का

सुरखेड़ा गांव में भी पूजा-अभिषेक से कोरोना मुक्ति के जतन किए जा रहे हैं। कचरूलाल पाटीदार ने बताया कुछ दिन पहले हनुमानजी का अभिषेक किया। इसके बाद पवित्र जल की बूंदें गांव के हर व्यक्ति पर छिड़की। इसके लिए सुबह 6 बजे पूरे गांव को सोशल डिस्टेंसिंग से मुख्य रास्ते से निकाला गया। श्यामलाल बोले- गांव में 200 परिवार हैं। इसमें 45 परिवार मुस्लिम समाज के हैं। इस आयोजन में वे भी शामिल हुए। उन्होंने अभिषेक के लिए दान भी किया। सहायक सचिव मुनीर के मुताबिक अब तक 34 मरीज मिले हैं। कोरोना से एक की मौत हुई है। केवल 5 लोगों ने टीके लगवाए हैं।

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