भारत के प्राइवेट अस्पतालों में Sputnik-V वैक्सीन लगनी हुई शुरू 

कोरोना महामारी के खिलाफ जंग लड़ रहे भारतीयों को अब रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-वी का विकल्प भी मिल गया है. रूस से समझौते के बाद यह वैक्सीन भारत पहुंच चुकी है, जहां इसे कई प्राइवेट अस्पतालों में लगाया जा रहा है.

रूस में विकसित की गई स्पुतनिक वी वैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ 91 फीसदी तक प्रभावी पाई गई है. यह वैक्सीन अब टीकाकरण के लिए भारत में उपलब्ध हो गई है. लोग कोविन पोर्टल पर बुकिंग करके इस वैक्सीन को लगा रहे अस्पतालों की सूची जान सकते हैं.

रूस की स्पुतनिक-वी वैक्सीन को भारत में डॉ. रेड्डी लैब्स की ओर से उपलब्ध कराया जा रहा है. समझौते के तहत फिलहाल रूस में बनी वैक्सीन भारत मंगवाई जा रही हैं. उसके बाद डॉ. रेड्डी लैब्स में इन वैक्सीन का उत्पादन होगा.

प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध करवाई जा रही इस वैक्सीन के एक डोज़ की कीमत 995 रुपये है. कोरोना के खिलाफ दुनिया में सबसे कारगर कही जा रही स्पुतनिक वी वैक्सीन की पहली खेप 1 मई को भारत पहुंची थी. इसके बाद बाद 14 मई को इस वैक्सीन की दूसरी खेप भारत आई.

अब इस हफ्ते से देश के कई प्राइवेट अस्पतालों में इस वैक्सीन का इस्तेमाल शुरू हो गया है. लोग भी इन अस्पतालों में जाकर यह टीका लगवा सकते हैं. अगर आप भी स्पुतनिक वी वैक्सीन लगवाना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले कोविन पोर्टल पर अपना आधार नंबर डालकर खुद को रजिस्टर्ड करवाना होगा.

इसके बाद आपको वहां पर कोविशील्ड और कोवैक्सीन के साथ ही स्पुतनिक-वी का भी ऑप्शन भी दिखाई देगा. आप स्पुतनिक-वी को क्लिक करेंगे तो वहां पर पिनकोड का ऑप्शन आएगा. इसके बाद आप अपने आसपास का पिनकोड डालकर उन अस्पतालों को सर्च कर सकते हैं.

जहां पर यह वैक्सीन लगाई जा रही है. बताते चलें कि देश में कोरोना की दूसरी लहर कहर ढाए हुए है. देश में अब तक कोरोना के 2.5 करोड़ केस सामने आ चुके हैं. इनमें से 2 करोड़ 12 लाख लोग कोरोना महामारी को मात देकर ठीक हो चुके हैं.

इस बीमारी की वजह से देश में अब तक 2 लाख 74 हजार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. ब्रिटिश मेडिकल जर्नल द लांसेट के मुताबिक मृतकों की असल संख्या कहीं ज्यादा है. जर्नल के अनुसार भारत में अब तक कोरोना से करीब 6 लाख से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई है.

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