घर के बाहर खड़ा मिला संक्रमित, ऊर्जा मंत्री नाराज होकर बोले- दूसरों की जान खतरे में न डालो, स्वास्थ्य केन्द्र पर एम्बुलेंस तक नहीं

ग्वालियर/ रात के अंधेरे में बरई-पनिहार के गांव में अचानक रियलिटी चेक करने पहुंच गए ऊर्जा मंत्री, इसके बाद गांव में पॉजिटिव और उनकी निगरानी की सच्चाई का पता चला। यहां उन्हें एक घर के बाहर एक युवक खड़ा दिखाई दिया। पता लगा वह संक्रमित है। ऊर्जा मंत्री पहले नाराज हुए पर बाद में उससे हाथ जोड़कर कहा सबकी जान को खतरे में न डालो भाई। खुद को अलग ही रखों।

इसके साथ ही गांव में कुछ संक्रमितों ने खुद को छत पर ही आइसोलेशन में रखा था। उन्होंने छत से ही बात की। यहां पता लगा कि स्वास्थ्य केन्द्र पर एम्बुलेंस ही नहीं है। यहां कोई संक्रमित की हालत बिगड़ने पर शहर से एम्बुलेंस मंगाने पर घंटों इतजार करना पड़ता है। एम्बुलेंस के आभाव में घंटों मरीज तड़पते रहते हैं। साथ ही एक खुलासा और हुआ कि गांव के युवाओं के लिए अभी 18+ उम्र ग्रुप में वैक्सीनेशन ही शुरू नहीं हो पाया है। साथ ही राशन बंट रहा है या नहीं यह भी पता चला।

ऊर्जा मंत्री एवं कोविड प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर कोविड की रोकथाम के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। कोविड प्रभारी मंत्री ने शहर के बाद अब गांव-गांव में हालात का पता लगाने और लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया है। बीते दो रात से वह लगातार गांव के क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। रात वह अचानक पनिहार ग्राम पंचायत और बरई ग्राम पंचायत पहुंचे और यहां उपचार से लेकर वैक्सीनेशन तक की स्थिति समझी। साथ ही गांव में संक्रमित किस तरह रह रहे हैं और कैसे निगरानी हो रही है इसकी भी रिएलटी चैक की। ऊर्जा मंत्री को देखकर वहां स्वास्थ्य केन्द्र के डॉक्टर व पंचायत सचिव व अन्य अफसर मौके पर पहुंच गए।जब वह बरई पहुंचे तो कालीचरण नाम का संक्रमित युवक घर के बाहर खड़ा था। कोविड प्रभारी मंत्री को पहले तो पता ही नहीं था कि वह कोविड पॉजिटिव है। गांव के लोगों ने बताया तो पता लगा। इस पर ऊर्जा मंत्री ने बाहर खड़े होने का कारण पूछा तो कालीचरण ने हवा के कारण बाहर बैठने की बात कही। इस पर तत्काल मंत्री ने उसे अंदर जाने के लिए कहा। साथ ही हाथ जोड़कर कहा दूसरों की जिंदगी को खतरे में न डालों। कठिन समय है सबको मिलकर निकालना है।

रेपिट एंटीजन टेस्ट के बदले RT-PCR जांच की मांग

ऊर्जा मंत्री के सामने एक गांव के नागरिक ने वैक्सीनेशन बढ़ाने के साथ ही रेपिट एंटीजन टेस्ट की अपेक्षा RT-PCR (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमर्स चेन रिएक्शन) जांच के की मांग की है। जिससे सही पता चल सके कि उनको कोरोना है या नहीं। मंत्री ने उनको समझाया कि दोनों जांच अपनी-अपनी जगह सही हैं। साथ ही स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी को RT-PCR जांच कराने के लिए कहा है।

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