असम के सीएम हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा- जनतंत्र के मामले में बंगाल को हराकर असम आगे निकल गया

गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री बनने के बाद हेमंत बिस्वा सरमा से एबीपी न्यूज ने खास बातचीत की. सीएम हेमंत ने बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर भी अपनी राय रखी है. उनका कहना है कि वह बंगाल में बीजेपी की हार को हार नहीं मानते हैं. उन्होंने कहा कि 3 से 75 की संख्या पार करना और एक मुख्यमंत्री को हराना बहुत बड़ी राजनीतिक उपलब्धियां हैं. ममता बनर्जी जैसे नेता को हमारे नेता ने हराया. तो बंगाल की राजनीति में मुझे लगता हैं कि बीजेपी ने बहुत अच्छा परिणाम दिया है. यह तो सेमीफाइनल है. आगे हमारा प्रयास जारी रहेगा.

हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा, ‘असम में भी चुनाव हुआ और असम में भी अशांति है लेकिन चुनाव परिणाम आए 15 दिन हो गए, यहां कोई एक राजनीतिक हिंसा तो छोड़िए किसी बीजेपी या कांग्रेस के कार्यकर्ता ने अपशब्द तक नहीं बोले. हमारा शपथ ग्रहण समारोह हुआ. हमने कांग्रेस, BPF, UDF को फोन किया और सारे दल के विधायक मेरे शपथग्रहण समारोह में आए. अभी आप बंगाल को देखिए जहां से हम सीख लेते हैं जहां से हमको संस्कृति की शिक्षा मिलती हैं, वो रबीन्द्रनाथ टैगोर, सुभाषचंद्र बोस की धरती है, लेकिन उस धरती में जैसे ही चुनाव के नतीजे आए उसके बाद जो लोगों ने देखा, जो बीजेपी के कार्यकर्ताओं के ऊपर अत्याचार हुआ, महिलाओं के साथ रेप की घटनाएं हुईं, यह बहुत ही दुखदायक है.’

बंगाल को हराकर असम बहुत आगे निकल गया”

असम के नए सीएम हेमंत बिस्वा ने कहा, ‘आज मैं असम के नागरिक के रूप में बहुत ही गर्व महसूस करता हूं कि चुनाव के बाद हमने डेमोक्रेटिक ऐथिक्स और वैल्यूज को माना. बंगाल हमसे बहुत बड़ा राज्य है, बंगाल में एक बहुत बड़ा सभ्यता का इतिहास है. लेकिन जनतंत्र का अगर कोई मुकाबला हो तो असम बंगाल को हराकर बहुत आगे निकल गया. आज बंगाल से यहां भाई, बहन, माताएं आईं. हमने जितना संभव हुआ उतनी उनकी मदद की. उनको एक घर जैसा माहौल देने की कोशिश की. मेरा मानना है कि बंगाल सरकार को मेरे भाई, बहन, मां बाप, को उनके घर वापस ले जाना चाहिए यह उनकी जिम्मेदारी है और यह जिम्मेदारी उनको निभानी चाहिए.’

मेरे ऊपर भी पत्थर पड़ा था”

हेमंत बिस्वा ने अपना दर्द शेयर करते हुए कहा, ‘मेरे ऊपर भी पत्थर पड़ा था. मई 2019 के चुनाव में मैं बंगाल के मेदिनीपुर विधानसभा क्षेत्र में एक रैली में था. वो सोचते भी नहीं हैं कि इस पत्थर से किसी की जान जा सकती है. ऐसी राजनीतिक हिंसा मैंने कहीं नहीं देखी जिसमें पत्थर उठाकर लोगों पर फेंका जाए. कोई कानून की व्यवस्था नहीं है, उस दिन मैंने यह खुद अनुभव किया था.’

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अनुरोध करते हुए हेमंत बिस्वा ने कहा, ‘चुनाव परिणाम छोड़ दीजिए. जो तुष्टिकरण की राजनीति है उससे आपको मुख्यमंत्री की गद्दी मिल सकती है लेकिन बंगाल की जो सभ्यता है उसकी कद्र करना आपका दायित्व है. आप खुद असम आइए और हमारे यहां राहत शिविर में जो लोग हैं उनको ले जाइए. तब लोग आपको सम्मान देंगे और लोग आपके शुक्रगुजार होंगे.

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