असंवेदनशीलता: मरीजों के बीच में घंटो पड़ा रहा शव

ग्वालियर। जिला अस्पताल मुरार के कोविड वार्ड में मरीजों के बीच घंटों शव पड़ा रहा। जब मरीजों ने हंगामा किया, तब कहीं 3 घंटे बाद शव को वार्ड से बाहर निकाला गया। इसके बाद भी शव काे अंतिम संस्कार के लिए पूरे आठ घंटे बाद मुक्तिधाम भेजा जा सका। असल में दो दिन पहले एक अज्ञात व्यक्ति को कोविड वार्ड में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। कोविड मरीजों के साथ मरीज इलाज ले रहा था, पर मंगलवार की दोपहर में उसकी मौत हो गई। पहले तो किसी का उस पर ध्यान नहीं गया, पर जब एक भर्ती मरीज ने देखा कि बेड पर लेटे अज्ञात व्यक्ति के शरीर में कोई हलचल नहीं तो उसने स्टाफ नर्स को बताया । जिसके बाद पता चला कि उसकी मौत हो गई। काफी समय तक तो शव को उठाने के लिए कोई नहीं पहुंचा, पर जब मरीजों ने आक्रोश दिखया तो बार्ड ब्वॉय शव को डैडबॉडी कवर में लपेटकर बेड पर ही रखा छोड़ गए। जब तीन घंटे तक शव बेड से नहीं हटा तो भर्ती मरीजों ने हंगामा खड़ा कर दिया। तब कहीं जाकर शव को वार्ड से हटाया गया। शव स्ट्रेचर पर देर रात तक पड़ा रहा। आखिर में सिविल सर्जन डा.डीके शर्मा ने विधायक सतीश सिकरवार को अज्ञात शव के अंतिम सस्कार में मदद के लिए कहा, तब कहीं जाकर शव को मुक्तिधाम पहुंचाया जा सका।

शहर में संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने बिरला अस्पताल(बीआइएमआर)को अधिग्रहित कर लिया। कलेक्टर काैशलेंद्र विक्रम सिंह ने बढ़ते मरीजों का हवाला देते हुए पूरे बिरला अस्पताल को अधिग्रहित कर लिया है। अभी तक बिरला अस्पताल में 150 कोविड मरीजों को इलाज दिया जा रहा था, पर अब अस्पताल के सभी 250 बेड पर मरीज भर्ती हो सकेंगे। इस कदम को उठाने के पीछे बताया गया है कि बिरला अस्पताल में सेंट्रलाइज ऑक्सीजन सिस्टम लगा हुआ है, साथ ही उसमें ऑक्सीजन टैंक भी लगा है। इस कारण वहां पर ऑक्सीजन की भी समस्या नहीं रहती।

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