केजरीवाल बोले- ‘मैं हूं ना’, पर लॉकडाउन से घबराए हजारों प्रवासी कामगार अपने घरों के लिए निकले

नई दिल्ली
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में एक हफ्ते की लॉकडाउन की घोषणा करते हुए प्रवासी लोगों से दिल्ली नहीं छोड़कर जाने की अपील की पर उसका कोई असर नहीं हुआ। घोषणा होते ही लोगों ने बोरिया-बिस्तर समेट कर अपने गांव के लिए बस या ट्रेन पकड़ ली। सोमवार रात तक आनंद विहार आईएसबीटी पर पिछले साल जैसा दृश्य दिखाई देने लगा।

वैसे, अरविंद केजरीवाल ने प्रवासी कामगारों से कहा था कि ‘मैं हूं ना’, पर उसके बाद भी आनंद विहार आईएसबीटी पर हजारों लोगों को अपने घर रवाना होने के लिए बस पाने की कोशिश करते देखा गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आनंद विहार पर आईएसबीटी और रेलवे स्टेशन पर 5,000 से अधिक लोग पहुंच गए और यह संख्या बढ़ती जा रही है।

इससे पहले केजरीवाल ने दिन में लॉकडाउन की घोषणा करते हुए राजधानी में रहने वाले बाहरी कामगारों से अपील की थी कि यह लॉकडाउन छोटा रहने की उम्मीद है, इसलिए वे दिल्ली छोड़कर नहीं जाएं।

राजधानी में सोमवार यानी 19 अप्रैल रात 10 बजे से अगले सोमवार सुबह पांच बजे तक के लॉकडाउन की घोषणा करते हुए केजरीवाल ने कहा, ‘मैं हूं ना, मुझ पर भरोसा रखो।’

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि लॉकडाउन की अचानक घोषणा के बाद हजारों की संख्या में लोग आनंद विहार आईएसबीटी पहुंचने लगे।
इलाके में तैनात पुलिसकर्मी भी लोगों को समझाने और लौटाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि प्रवासी कामगारों को आशंका है कि दिल्ली में रोजाना कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, ऐसे में लॉकडाउन बढ़ाया जा सकता है।

दिलशाद गार्डन के एक कपड़ा कारखाने में काम करने वाले और उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी मुकेश प्रताप ने कहा कि वह अपने घर जाना चाहते हैं क्योंकि लॉकडाउन बढ़ने के पूरे आसार हैं।

पिछले साल भी देश में लॉकडाउन की घोषणा के बाद दिल्ली में काम करने वाले बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के प्रवासियों को बसों, अन्य वाहनों और यहां तक कि पैदल भी अपने घरों की ओर लौटते देखा गया था।

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