जब डायरेक्टर ने बताई राजकुमार की सच्चाई, बताया क्यों उनकी अंतिम यात्रा में कोई शामिल नहीं हुआ था


बॉलीवुड के दिग्गज़ अभिनेता राजकुमार से जुड़े कई किस्से इंडस्ट्री में मशहूर है. राजकुमार अपनी अदाकारी और डायलॉग डिलीवरी के साथ ही अपने मुंहफट रवैये के लिए भी ख़ूब चर्चा में रहे हैं. राजकुमार किसी को भी कुछ भी बोल दिया करते थे और वे ऐसा करने के दौरान कुछ भी नहीं सोचते थे.

राजकुमार ने हिंदी सिनेमा में बहुत अच्छा काम किया है. दर्शक उनकी अदाकारी के कायल हो जाया करते थे. उनका अंदाज उन्हें बेहद ख़ास और अलग बताता था. फिल्मों में आने से पहले राजकुमार पुलिस की नौकरी करते थे. बेहतर कद-काठी होने के चलते किसी ने उन्हें बॉलीवुड में जाने की सलाह दी थी और फिर पुलिस की नौकरी छोड़कर उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा.

बॉलीवुड में साल 1952 में 26 साल की उम्र में राजकुमार ने कदम रखे थे. अपने करीब 40 साल के फ़िल्मी करियर में उन्होंने कई यादगार और सफल फ़िल्में दी. राजकुमार ने अपने समय के हर बड़े स्टार के साथ काम किया. जबकि वे खुद भी एक दिग्गज अभिनेता रह चुके हैं. साल 1996 में 69 साल की उम्र में राजकुमार ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था. राजकुमार ने मरने से पहले यह साफ़ कर दिया था कि कोई उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होगा. उन्होंने कहा था कि, उनके अंतिम सफ़र के दौरान इंडस्ट्री से जुड़ा कोई भी कलाकार और मीडिया भी उनसे दूर ही रहेगी.

सवाल यह भी उठता है कि, आखिर राजकुमार ने मरने से पहले ऐसा क्यों कहा था. दरअसल, इसके पीछे की वजह राजकुमार की सुपरहिट फिल्म ‘तिरंगा’ के निर्देशक मेहुल कुमार ने बताई थी. मेहुल कुमार बता चुके हैं, उन्हें खुद राजकुमार ने कहा था कि, उनकी अंतिम यात्रा का हिस्सा कोई भी नहीं बनेगा. दरअसल, राजकुमार अपनी मौत के बाद किसी तरह का कोई मजाक नहीं चाहते थे.

बता दें कि, मेहुल कुमार के साथ राजकुमार ने एक और फिल्म ‘मरते दम तक’ में काम किया था. इस फिल्म में राज कुमार अपनी मौत के सीन की शूटिंग कर रहे थे. मेहुल कुमार ने अपने एक सक्षात्कार के दौरान एक किस्से का जिक्र किया था और चौंकाने वाला खुलासा भी उन्होंने किया था.

मेहुल कुमार ने अपने साक्षात्कार में बताया था कि, ”उनकी अंतिम यात्रा जब निकली और उन्हें गाड़ी में सुलाया गया तो मैंने एक फूल माला उन्हें अपने हाथों से पहनाई तो मुझसे उन्होंने कहा कि जानी अभी पहना लो हार, जब जाएंगे तो आपको पता भी नहीं चलेगा कि हम कब गए. उस समय तो मैंने ज़्यादा कुछ रिएक्ट नहीं किया. लेकिन जब शूटिंग खत्म हुई तो मैंने राजकुमार से रात में पूछा कि आपने ऐसा क्यों कहा.”


आगे मेहुल कुमार ने बताया कि, ”राज कुमार ने इस पर कहा कि जानी तुमको मालूम नहीं, हमारी शमशान यात्रा को लोग तमाशा बना देते हैं. अच्छे अच्छे सफ़ेद कपड़े पहनकर आते हैं लोग, फिर मीडिया वाले इतने आते हैं. एक मरे हुए आदमी को सम्मान देने के बजाए, उसे एक मजाक, तमाशा बना दिया जाता है. मेरी शमशान यात्रा मेरा पारिवारिक मामला है, उसमें मेरे परिवार के अलावा कोई और शामिल नहीं होगा.”

गौरतलब है कि, अपने अंतिम दिनों में राजकुमार कैंसर से जूझ रहे थे. उन्होंने अपनी पत्नी और बच्चों को नजदीक बुलाकर भी यह कह दिया था कि, ‘देखो, शायद मैं ये रात भी ना निकाल पाऊं. मैं चाहता हूं कि मेरी पूरी फैमिली को बुला लिया जाय और मेरे मरने के बाद सारी रस्में अदा करके, घर वापस आकर बाकी लोगों को सूचना दी जाए. मैं कोई तमाशा नहीं चाहता.’ बता दें कि, जैसा राजकुमार चाहते थे वैसा अभी हुआ था. 3 जुलाई 1996 को उनका निधन हो गया था. किसी को नहीं पता कि उनका अंतिम संस्कार कब और कहां हुआ था.

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