कौन हैं प्रीति पटेल? जिन्होंने भगोड़े नीरव मोदी की भारत वापसी पर लगाई अंतिम मुहर

लंदन
भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी भारत वापसी (nirav modi extradition case) तय हो गई है। ब्रिटेन ने मोदी के प्रत्यर्पण के लिए जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर इस पर मुहर लगा दी है। मोदी पर पीएनबी (पंजाब नैशनल बैंक) के साथ दो अरब डालर की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग (अपराध की कमाई को वैधता प्रदान करने के हथकंडे अपनाने) के आरोप में भारत में मुकदमा चलाया जाना है। मोदी के प्रत्यर्पण दस्तावेज पर ब्रिटेन की गृहमंत्री प्रीति पटेल (priti patel) ने हस्ताक्षर किए हैं। आइए, जानते हैं, 

प्रीति पटेल कौन हैं?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में भारतीय मूल की प्रीति पटेल गृहमंत्री हैं। भारतीय मूल की 47 साल की प्रीति ब्रिटेन में ब्रेग्जिट समर्थकों का प्रमुख चेहरा हैं। प्रीति पटेल को कंजरवेटिव पार्टी के मौजूदा दौर में सबसे चर्चित नेताओं में से गिना जा रहा है। जॉनसन की ही तरह वह भी दक्षिणपंथी रुझान के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने ब्रिटेन में समलैंगिक जोड़ों की शादी की वैधता का विरोध किया था। स्मोकिंग के खिलाफ भी उन्होंने अभियान चलाया था। ब्रेग्जिट के समर्थक चेहरों में वह सबसे प्रमुख नेता रही हैं। अपने प्रचार के दौरान वह अक्सर ब्रिटेन का गौरव और कंजरवेटिव पार्टी का गौरव जैसे नारों का प्रयोग करती हैं।

मोदी की समर्थक के तौर पर हैं मशहूर

पूर्व ब्रिटिश पीएम डेविड कैमरन ने उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की लंदन यात्रा का प्रभार सौंपा था। लंदन में भारतीय समुदाय के बीच वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक के तौर पर भी लोकप्रिय हैं। प्रीति ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों के सभी प्रमुख कार्यक्रमों में अतिथि होती हैं। उन्हें ब्रिटेन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्साही प्रशंसक के रूप में देखा जाता है।

युगांडा से ब्रिटेन में बसे थे प्रीति के पिता

प्रीति का जन्म 29 मार्च 1972 को इंग्लैंड में ही हुआ। उनके पिता का नाम सुशील और मां का नाम अंजना पटेल है। उनके पैरेंट्स गुजरात से युगांडा चले गए थे और 1960 के दशक में वहां से भागकर ब्रिटेन में आकर बस गए। प्रीति ने कील और एसेक्स यूनिवर्सिटी से शिक्षा हासिल की है। ग्रैजुएशन करने के बाद कंजरवेटिव पार्टी के सेंट्रल ऑफिस में नौकरी की और इसके बाद 1995 से 1997 तक सर जेम्स गोल्डस्मिथ के नेतृत्व वाली रेफरेंडम पार्टी की प्रवक्ता रहीं। यह पार्टी ब्रिटेन में यूरोपीय संघ की विरोधी पार्टी मानी जाती थी। साल 1997 में कंजरवेटिव पार्टी का हिस्सा बन गईं और अगले तीन सालों तक पार्टी की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी रहीं।

प्रीति पहली बार 2005 में नॉटिंगम सीट से चुनाव लड़ीं पर उन्हें जीत नहीं मिली। फिर 2010 में उन्होंने विटहैम सीट से चुनाव जीत लिया था। साल 2014 में उन्हें ट्रेजरी मंत्री बनाया गया और 2015 के आम चुनावों के बाद वो रोजगार मंत्री बन गई थीं। 2016 जून में उन्हें अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री बनाया गया था लेकिन एक साल बाद इस्तीफा देना पड़ा। दो साल बाद जबर्दस्त वापसी करते हुए ब्रिटेन की गृह मंत्री बन गई हैं।

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