MP में पहली से आठवीं तक के स्कूल 15 अप्रैल तक बंद रहेंगे; नौवीं से 12वीं तक की क्लासेस 1 अप्रैल से लगा सकेंगे

मध्यप्रदेश में छोटे बच्चों के स्कूल अभी नहीं खुलेंगे। पहली से लेकर 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 15 अप्रैल तक बंद ही रहेंगे। 9वीं से लेकर 12वीं तक की क्लासेस पूर्व में जारी आदेश के अनुसार 1 अप्रैल से संचालित की जा सकेंगी। इसमें पेरेंट्स की सहमति जरूरी होगी। प्रदेश में अभी 31 मार्च तक सभी तरह के शिक्षण संस्थान बंद किए गए थे। नए आदेश अवर सचिव स्कूल शिक्षा विभाग संजय गोयल ने मंगलवार को जारी कर दिए हैं।

आदेश में कहा गया है कि 4 दिसंबर 2020 को हुई बैठक में कक्षा 1 से लेकर 8वीं तक की क्लास 31 मार्च तक बंद रखने का निर्णय लिया गया था। कोरोना के प्रकोप को देखते हुए अब इन्हें 15 अप्रैल तक बंद रखा जाएगा। 9वीं और 12वीं की क्लासेस को पहले के आदेश के अनुसार लगाया जाएगा। यह आदेश सभी कलेक्टर्स को जारी कर दिया है।

नौवीं से 12वीं तक के स्टूडेंट के लिए पेरेंट्स की सहमति जरूरी

कोरोनाकाल में आठवीं तक के स्कूल लगातार बंद चल रहे हैं। नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल को सशर्त खुलवाया गया था। मार्च में बढ़ते हुए कोरोना के मामलों को देखते हुए अचानक फैसला कर इन्हें भी बंद कराना पड़ा था। अब सरकार ने नौवीं से बारहवीं तक के सभी स्कूलों खोलने की सहमति दे दी है। इसमें कहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। स्टूडेंट के स्कूल में आने के लिए पेरेंट्स की सहमति भी आवश्यक है।

छोटे बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लास का कार्यक्रम जारी

भोपाल में कार्मल कान्वेंट भेल समेत कई स्कूलों ने छोटे बच्चों के नए शिक्षण सत्र 2021-22 की ऑनलाइन क्लास शुरू करने का कार्यक्रम किया है। इसमें यह क्लासेस 6 अप्रैल से ऑनलाइन लगाई जाएंगी। फिजिकल उपस्थिति के जरिए स्कूलों को 23 जून के बाद ही संचालित करने का कार्यक्रम जारी किया गया है। निजी स्कूल संचालक भी पहली से आठवीं तक की ऑफलाइन क्लासेस अभी शुरू करने के मूड में नहीं थे।

कोरोना :सोमवार को सिर्फ 401 सैंपल में से 53 की रिपोर्ट आई पॉजिटिव, मौत कोई भी नहीं

ग्वालियर
हर दिन के साथ कोरोना संक्रमित का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। सोमवार को सिर्फ 401 सैंपल की रिपोर्ट में 53 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। यह अपने आप में चौकाने वाला परिणाम है। 53 संक्रमित के साथ कुल संक्रमित की संख्या 18985 हो गई है। एक दिन पहले 95 संक्रमित मिले थे। इसी तरह संक्रमित मिलते गए तो आने वाले दिनों में स्थिति बिगड़ सकती है। हालांकि लगातार बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। पुलिस बिना मास्क के निकलने वालों से जुर्माना वसूल रही है।

प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के कारण संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। विशेषकर महाराष्ट्र की सीमा से लगे शहरों में स्थिति और भी ज्यादा खराब है। सबसे पहले प्रदेश के भोपाल, इंदौर व जबलपुर में एक दिन का लॉकडाउन लगाया गया था, पर स्थिति बिगड़ने पर 12 शहर तक यह लॉकडाउन पहुंच गया है। ग्वालियर में भी लगातार संक्रमित की संख्या बढ़ती जा रही है। इसलिए हर रविवार को लॉकडाउन की घोषणा की गई है। सोमवार को 401 सैंपल में से 53 नए संक्रमित मिले हैं। बीते एक सप्ताह में 500 संक्रमित सामने आने के बाद जिला प्रशासन की चिंता बढ़ने लगी है। सोमवार को आधा सैकड़ा से अधिक संक्रमित आने के बाद कुल संक्रमित की संख्या 18985 पहुंच गई है। किस्मत है कि सोमवार को किसी भी संक्रमित की मौत नहीं हुई है। पर स्वास्थ्य विभाग की माने तो आने वाले दिनों में संक्रमित की संख्या बढ़ सकती है। सोमवार को 374 लोगों की सैंपलिंग की गई है। सोमवार तक कुल एक्टिव केस बढ़कर 526 हो गए हैं।

त्यौहार पर घर पहुंचे 29 संक्रमित

सोमवार को होली का दिन 29 संक्रमित के लिए अच्छा भी रहा है। जिले के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती 29 संक्रमित होली के दिन स्वस्थ्य होकर अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने घर पहुंचे हैं।

त्यौहार खत्म सख्ती शुरू

लगातार बढ़ते कोरोना को रोकने के लिए अब जिला प्रशासन और पुलिस सख्ती पर उतर आई है। शनिवार और रविवार को दो दिन में लगभग 3 हजार लोगों के कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं करने पर चालान किए गए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस लगातार ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर रही है जो संक्रमण को लेकर लापरवाह नजर आ रहे हैं।

1 अप्रैल से महा टीकाकरण अभियान

कोरोना की रोकथाम के लिए वैक्सीन भी जरूरी है। शासन के आदेश आने के बाद 1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को भी वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए 70 से ज्यादा वैक्सीनेशन सेंटर बनाए जा रहे हैं। इसके लिए कोविन एप 2.0 पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा या फिर ऑफलाइन वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

सील:कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर द माचल में लटका ताला, टीम ने दबिश दी तो खाना खा रहे लोगों में मची अफरा-तफरी

इंदौर
काेराेना गाइडलाइन का मखाैल उड़ाने वाले द ग्रैंड माचल रिसोर्ट एंड क्लब को सील कर दिया गया है। कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देश पर रात में तहसीलदार और बेटमा टीआई मौके पर पहुंचे तो यहां 500 से ज्यादा लोग मौजूद थे, जो जायकों का लुफ्त उठा रहे थे। टीम को देख यहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग परिवार को लेकर यहां-वहां भागने लगे। टीम ने सभी को बाहर निकाला और होटल के मेन गेट पर ताला लगा दिया। प्रशासन अब संचालक के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करवाने की बात कह रहा है।

टीआई संजय शर्मा ने बताया कि बेटमा क्षेत्र के माचल गांव में बने द ग्रैंड माचल होटल पिकनिक स्पाट और गेम जोन पर सोमवार को तहसीलदार बजरंग बहादुर के साथ हमारी टीम ने दबिश दी थी। यहां पर कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते हुए सैकड़ों लोगों को एकत्रित किया गया था। यहां 500 से ज्यादा लोग बैठकर खाना खा रहे थे। कुछ लोग अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे थे। यहां पर ना सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया था और ना ही मास्क का। पूरे परिसर में गाइडलाइन का मखौल उड़ाते हुए लोग यहां वहां जमा हुए थे। टीम को देख लोग उठकर भागने लगे। इस पर टीम ने लोगों को आधे घंटे का समय दिया और फिर सभी को बाहर निकालकर होटल को सील कर दिया।

तहसीलदार बजरंग बहादुर ने बताया कि जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना मिली थी कि द ग्रैंड माचल में कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं करते हुए सैकड़ों लोगों को खाना परोसा जा रहा है। इस पर हमारी टीम यहां पहुंची तो 500 से ज्यादा लोग यहां पाए गए। यहां पर कोराेना गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा था। काेरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए कोई इंतजाम भी नहीं यहां नजर नहीं आए। गाइडलाइन का पालन नहीं होने पर होटल को सील कर दिया गया है।

म्‍यांमार में निरंकुश हुआ सैन्‍य हुकूमत, चीन ने लोकतंत्र को कोसा, जानें क्‍या है पाकिस्‍तान की चिंता, भारत ने दी सधी हुई प्रतिक्रिया

नई दिल्‍ली, । म्‍यांमार में सैन्‍य तख्‍तापलट के बाद सेना का खूनी खेल जारी है। प्रदर्शनकारियों की आवाज को दबाने के लिए सेना उनका दमन कर रही है, बावजूद इसके देश में प्रदर्शनों का दौर जारी है। आंग सांग सू की के समर्थक बेखौफ होकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उधर, सेना के भय से म्‍यांमार के लोगों का पलायन भी जारी है। म्‍यांमार और भारत से सटे नार्थ ईस्‍ट स्‍टेट में खासकर मिजोरम में भारी संख्‍या में लोग पहुंच रहे हैं। अमेरिका समेत यूरोपीय देशों ने म्‍यांमार की सैन्‍य हुकूमत पर लोकतंत्र की बहाली के लिए लगातार दबाव बनाए हुए हैं। आइए जानते हैं कि म्‍यांमार के पड़ोसी मुल्‍कों खासकर चीन, पाकिस्‍तान और भारत में सैन्‍य शासन के प्रति क्‍या दृष्टिकोण है ? म्‍यांमार में सैन्‍य हुकूमत के पीछे चीन का क्‍या स्‍टैंड है ? वह सैन्‍य शासन का विरोध क्‍यों नहीं कर रहा है ? पाकिस्‍तान, म्‍यांमार में सैन्‍य तख्‍तापलट की घटना से क्‍यों चिंतित है ? म्‍यांमार में सैन्‍य शासन के खिलाफ उसने चीन का साथ क्‍यों नहीं दिया ? इसके साथ यह भी जानेंगे कि म्‍यांमार को लेकर भारत की क्‍या विवशता है।

म्‍यांमार में क्‍या है चीन की बड़ी चिंता

प्रो. हर्ष वी पंत का कहना है कि चीन लोकतांत्रिक मूल्‍यों का विरोधी रहा है। उन्‍होंने कहा कि जहां तक सवाल म्‍यांमार में सैन्‍य शासन का है तो उसका इस बात से मतलब नहीं है कि वहां किसकी सरकार है। सरकार का क्‍या स्‍वरूप है। चीन का सरोकार सिर्फ म्‍यांमार में अपने हितों का पोषण करना है। उसे बढ़ाना है। म्‍यांमार में चीन का बड़ा निवेश है। चीन जानता है कि म्‍यांमार में किसी तरह की राजनीतिक अस्थिरता से उसके आर्थिक हित प्रभावित होंगे। इसलिए उसकी सबसे बड़ी चिंता म्‍यांमार में राजनीतिक स्थिरता कायम करने की है। वह स्थिरता चाहे सैन्‍य शासन के जरिए हो या लोकतांत्रिक सरकार के माध्‍यम से हो। यही कारण रहा है कि चीन ने संयुक्‍त राष्‍ट्र की उस अपील पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, ज‍िसमें म्‍यांमार में लोकतांत्रिक सरकार को बहाल करने और दमन का रास्‍ता छोड़ने के लिए कहा गया है।

उन्‍होंने कहा कि म्‍यांमार में सैन्‍य शासन के बाद लोकतांत्रिक देशों की तुलना चीन की प्रतिक्रिया काफी अलग थी। म्‍यांमार में सैन्‍य शासन के बहाने चीन ने लोकतांत्रिक पद्धति पर ही तंज कसा था। चीन के ग्‍लोबल टाइम्‍स की एक रिपोर्ट से चीनी सरकार के दृष्टिकोण का पता चलता है। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने लिखा है कि दुनिया के कुछ ही देश ऐसे हैं, जहां ताकत दिखाकर लोकतात्रिक व्‍यवस्‍था को लागू किया गया है। अखबार ने लिखा है कि छोटे देशों के पास लोकतंत्र बहाल करने की शक्ति नहीं है। छोटे मुल्‍क पश्चिम के लोकतांत्रिक देशों का अनुकरण करते हुए देश में लोकतंत्र बहाल करने की कोशिश करते हैं। उन्‍हें लोकतांत्रिक पद्धति का खामियाजा भी भुगतना पड़ता है। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने लिखा है कि इन मुल्‍कों के पास कोई राजनीतिक व्‍यवस्‍था को बहाल करने का विकल्‍प नहीं बचता है। प्रो. हर्ष पंत का कहना है कि चीन की लोकतांत्रिक प्रणाली में कतई आस्‍था नहीं है। इसलिए उसने म्‍यांमार में कभी लोकतंत्र बहाली या आंग सांग सू की रिहाई की बात नहीं की।

म्‍यांमार में सैन्‍य शासन से पाक चिंतित

प्रो. हर्ष पंत का कहना है कि म्‍यांमार में सैन्‍य तख्‍तापलट की घटना पाकिस्‍तान को अचरज में डालने वाली नहीं हो सकती है। पाकिस्‍तान में कई बार लोकतांत्रिक सरकारों को सैन्‍य शासन ने उखाड़ फेका है। इस वक्‍त पाकिस्‍तान में एक निर्वाचित सरकार है। इसलिए उसकी सहानुभूति लोकतांत्रिक सरकार के प्रति है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पाकिस्‍तानी अखबार द डॉन ने म्‍यांमार में सैन्‍य शासन को लेक‍र अपनी चिंता जाहिर की थी। अखबार ने कहा था कि म्‍यांमार में सैन्‍य शासन लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मूल्‍यों को कमजोर करता है। पाकिस्‍तान ने इस घटना को दुर्भाग्‍यपूर्ण करार दिया है।

अखबार ने भी म्‍यांमार की इस राजनीतिक घटना को दुर्भाग्‍यपूर्ण बताया था। अखबार ने आगे लिखा था कि अक्‍सर विकासशील देशों में सेना संवैधानिक तरीके से चुनी हुई सरकार का तख्‍तापलट करती है। पाकिस्‍तान सरकार ने आंग सांग के प्रति अपनी सहानुभूति भी प्रगट की थी। अखबार में आगे लिखा था कि आंग सांग की कई वर्षों की तपस्‍या और संघर्ष के बाद म्‍यांमार में लोकतंत्र की बहाली हो सकी थी, लेकिन देश में एक बार फ‍िर सैन्‍य शासन स्‍थापित हो गया। सेना को चाहिए कि चुनी हुई सरकार के हाथ में फ‍िर से सत्‍ता सौंप दे। अखबार ने कहा म्‍यांमार में यदि लंबे समय तक सैन्‍य शासन कायम रहा तो यह भविष्‍य के लिए बेहद खतरनाक होगा। अखबार ने पूरी दुनिया से अपील करते हुए लिखा है कि म्‍यांमार में लोकतंत्र की बहाली के लिए अन्‍य मुल्‍कों को आगे आना चाहिए।

 भारत ने दी सधी हुई प्रतिक्रिया

प्रो. पंत ने कहा कि म्‍यांमार में सैन्‍य तख्‍तापलट के प्रति भारत ने बहुत सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। भारत अपने इस नीति पर कायम है कि वह किसी देश के आंतरिक मामलों में हस्‍तक्षेप नहीं करेगा, जब तक कि उस घटना का प्रभाव उसके आंतरिक मामलों पर नहीं पड़े। हालांकि, आंग सांग सू की रिहाई और म्‍यांमार में अपने हितों को लेकर भी उसकी चिंता कायम है। भारत की यह चिंता लाजमी है, क्‍यों कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उसकी लोकतांत्रिक मूल्‍यों में अपार आस्‍था भी है। भारत, म्‍यांमार को लेकर दोहरी समस्‍या से जूझ रहा है। म्‍यांमार में सैना के खौफ से लोग पलायन कर रहे हैं। ऐसे में भारत पूरी घटना पर पैनी नजर बनाए हुए है।

खास बात यह है कि भारत का वहां के सैन्‍य शासकों से भी मधुर संबंध रहे हैं। नार्थ ईस्‍ट के राज्‍यों में सक्रिय आतंकवादी गुटों को नियंत्रित करने के लिए और आतंकियों को पकड़वाने में म्‍यांमार की सेना भारत की काफी मदद की है। ऐसे में सेना के खिलाफ कोई नकारात्‍मक टिप्‍पणी करने भारत की दुविधा बरकरार रही। यही कारण है कि भारत सरकार ने म्‍यांमार में सैन्‍य तख्‍तापलट पर उस तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी जैसा क‍ि अमेरिका और अन्‍य यूरोपीय देशों ने दी है। भारत ने अमेरिका या अन्‍य यूरोपीय देशों की तरह सैन्‍य शासन के खिलाफ प्रतिबंधों की बात नहीं कहीं है, लेकिन भारत म्‍यांमार में लोकतांत्रिक मूल्‍यों, नागरिकों के हितों की वकालत करता रहा है।

42 दिन लगा ग्वालियर व्यापार मेला, 850 करोड़ का हुआ कारोबार, ऑटोमोबाइल सेक्टर ने अकेले कमाए 811 करोड़

ग्वालियर
ग्वालियर व्यापार मेला के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब मेले को 18 दिन पहले ही समाप्त कर दिया गया हो। कोविड के चलते शासन को ऐसा निर्णय लेना पड़ा है। 42 दिन में भी व्यापार मेला में 850 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है। इनमें से 811.76 करोड़ का कारोबार तो ऑटोमोबाइल सेक्टर में हुआ है। शेष 38.24 करोड़ रुपए में पूरा मेला सिमटकर रह गया है। मेला में 15836 वाहन बिके हैं। इनमें भी 7974 दोपहिया और 7862 चार पहिया वाहन हैं, जबकि इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में लगभग 5 करोड़ रुपए का कारोबार ही हो पाया है। जिला प्रशासन ने मेला में आने वाले व्यापारियों को 28 मार्च का समय दिया था। इसके बाद धीरे-धीरे व्यापारी भी मेला प्रांगण से रुखसत होने लगे हैं।

कोरोना संक्रमण के चलते साल 2020 में बिल्कुल भी व्यापार नहीं हो पाया था। जब साल 2021 का आगमन हुआ तो शासन श्रीमंत माधवराव सिंधिया व्यापार मेला को लगाने की इच्छुक नहीं था, लेकिन व्यापारियों के लगातार प्रदर्शन और मांग के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 15 फरवरी से 15 अप्रैल के बीच दो महीने के लिए मेला की विधिवत घोषणा की थी। खुद सीएम शिवराज और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर व्यापार मेला का उद्घाटन किया था। उस समय कोरोना संक्रमित काफी कम आ रहे थे। कभी एक या दो संक्रमित निकल रहे थे, लेकिन मार्च 2021 की शुरुआत से ही संक्रमण फिर पांव पसारने लगा। महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर का असर मध्य प्रदेश के भी बड़े शहरों में दिखाई देने लगा। इसमें ग्वालियर भी शामिल है। यहां हर दिन के साथ कोरोना बढ़ता गया तो मेला में जहां हजारों लोग एक साथ घूमते हैं उसे भी सीमित करने का निर्णय लिया गया। जो मेला 15 अप्रैल तक चलना था उसे 28 मार्च तक ही समाप्त करने की घोषणा कर दी गई।

व्यापारियों के लिए चेंबर ने की मांग

मप्र चेंबर ऑफ कॉमर्स ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया और सांसद विवेक शेजवलकर को पत्र लिखा है। मानसेवी सचिव डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने बताया कि मेला अवधि 15 अप्रैल तक तय थी। अब कोरोना के कारण मेला 28 मार्च को खत्म हो गया है। ऐसे में वाहन बिक्री पर 15 अप्रैल तक RTO शुल्क में छूट दी जाए, जिससे व्यापारियों को राहत मिल सके।

किस सेक्टर में कितना कारोबार

कोरोना आपदा के बीच 42 दिन लगे ग्वालियर व्यापार मेले में 811.76 करोड़ रुपए के 15836 वाहन बिके। इससे परिवहन विभाग को 41.46 करोड़ रुपए टैक्स मिला। इस बार मेला में 7974 दोपहिया और 7862 चार पहिया वाहन बिके। दो वाहन तो एक-एक करोड़ से ज्यादा के बिके हैं।इस साल मेला की बिक्री पिछले साल 59 दिन के मेले के मुकाबले कम रही, यदि मेला 15 अप्रैल तक लगता तो नया रिकॉर्ड बन सकता था। पिछले साल मेले में बिके वाहनों से परिवहन विभाग को 46.89 करोड़ रुपए का टैक्स मिला था और इस बार 41.46 करोड़ मिला है।इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर: अभी कुछ कारोबारियों ने शोरूम चालू किए ही थे कि लॉकडाउन में मेला उलझ गया। इस सेक्टर में लगभग 5 करोड़ रुपए का कारोबार ही हो पाया है।खानपान सेक्टर: मेला अवधि में यहां 4 करोड़ का कारोबार हो सका है। कोरोना के बढ़ते मरीजों के बाद 28 मार्च को मेला खत्म के निर्देश से व्यापारियों में आक्रोश है।मनोरंजन सेक्टर: कोविड संकट के बाद भी मनोरंजन सेक्टर मेला में लगा और खूब कारोबार किया। मनोरंजन सेक्टर में झूला सेक्टर व अन्य संसाधनों से लगभग दो करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है।शिल्प बाजार: देश के हर राज्य से व्यापारी आए। लोगों ने बड़ी संख्या में खरीदारी की। करीब 2 करोड़ का कारोबार हुआ है।अन्य सेक्टर: मेला में सूटकेस, क्रॉकरी, घरेलू सामान, कपड़ा, खिलौने, फर्नीचर सहित अन्य कारोबारियों ने अपनी-अपनी दुकान लगाई थीं। इन दुकानों के माध्यम से 7 करोड़ रुपए का कारोबार हो सका है।

कम समय में अच्छा हुआ कारोबार

इस संबंध में ग्वालियर व्यापार मेला के सचिव निरंजन श्रीवास्तव का कहना है कि कोविड के बीच मेला लगा और कम समय में भी अच्छा कारोबार हुआ है। सबसे ज्यादा ऑटोमोबाइल सेक्टर ने बिजनेस किया है।

25 अप्रैल को शादी का सबसे बड़ा मुहूर्त, रविवार होने से लाकडाउन को लेकर चिंता

ग्वालियर, । अप्रैल में सर्वाधिक शादियां रविवार 25 आैर 26 अप्रैल काे है। जबकि प्रशासन ने प्रति रविवार काे लॉकडाउन की घाेषणा कर दी है। इससे विवाह तैयारियाें में जुटे लाेगाें की परेशानी खासी बढ़ गई है। उनकाे चिंता सताने लगी है कि कहीं लॉकडाउन के चलते उनकाे विवाह समाराेह टलने का डर सताने लगा है। दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान ने अप्रैल में काेराेना संक्रमण के पीक की बात कहकर उन लाेगाें की चिंता बढ़ा दी है, जिनके परिवार में अप्रैल, मई एवं जून माह में बिटिया या बेटे का विवाह है। एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में भी कहा है कि अभी एक्टिव केस 12 से13 हजार के बीच है, जाे अप्रैल माह में पचास हजार तक पहुंचने की आशंका है। एेसे में आगामी समय में प्रदेश में लॉकडाउन व अन्य बंदिशें अभी आैर बढ़ सकती हैं।

त्याेहार भी हाेंगे प्रभावित :

 काेराेना के कारण पिछले साल सभी त्याेहार फीके रहे थे, इस साल लाेगाें काे लगा था कि अब वह त्याेहार पूरे उत्साह से मना सकेंगे। मगर जिस प्रकार से अचानक काेराेना मरीजाें की संख्या बढ़ी है, उसे देखते हुए इस साल भी त्याेहार लाेगाें काे बंदिशाें में ही मनाना पड़ेंगे।

मैरिज गार्डन आैर बैंड की बुकिंग :

 अप्रैल, मई आैर जून में जिन लाेगाें के यहां विवाह हैं, वह पहले ही बैंड बाजे आैर मैरिज गार्डन की बुकिंग कर चुके हैं। पिछले साल भी काेराेना मरीजाें की संख्या बढ़ने के कारण लाेगाें काे विवाह समाराेह टालना पड़े थे। अब लाेगाें काे डर है कि कहीं इस वर्ष भी एेसी ही स्थिति न आ जाए। वहीं मैरिज गार्डन संचालक भी इसकाे लेकर खासे चिंतित हैं। हाल ही में हलवाई, क्राकरी, बैंड काराेबारियाें जैसे अन्य संगठनाें की बैठक हुई है। जिसमें कहा गया है कि काेराेना के कारण यदि बुकिंग रद्द हाेती है ताे इस बार पैसे वापस करना मुश्किल हाेगा। क्याेंकि पैसे वापस किए ताे बिजली का खर्च, संपत्तिकर, बैंक की कीश्त वह कैसे चुकाएंगे। एेसे में पहले से बुकिंग कराने वालाें की परेशानी बढ़ सकती है।

11 साल बाद दिल्ली से आया CM ममता का भतीजा और नेतृत्व करने लगा, TMC छोड़ने पर क्या बोले सुवेंदु अधिकारी?

टीएमसी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी से बीजेपी में जाकर धुरविरोधी बन चुके सुवेंदु अधिकारी ने सीएम ममता और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर जबरदस्त हमला बोला है। अधिकारी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को सीएम ममता उन नेताओं पर थोपना चाहती हैं जिन्होंने पार्टी को खड़ा किया है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ’11 साल बाद दिल्ली से एक लड़का आकर हमारा नेतृत्व करने लगता है।’ सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी का टीएमसी के लिए कोई योगदान नहीं है। फिर भी उन्हें कई बड़े नेताओं से ऊपर तवज्जो दी जा रही है।

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मैंने बीजेपी की विचारधारा और टीएमसी के भ्रष्ट सिस्टम को देखते हुए टीएमसी छोड़ी थी। जब सुवेंदु अधिकारी से पूछा गया कि क्या आपको डिप्टी सीएम बना देते तो आप टीएमसी में रह जाते? इसका जवाब देते हुए अधिकारी ने कहा कि मेरे पास पहले से ही कई मंत्रालय थे। डिप्टी सीएम का पद मेरे लिए मायने नहीं रखता। सुवेंदु अधिकारी ने जय श्री राम के नारे पर कहा कि इस नारे को तो सीएम ममता ने इतनी अहमियत दिलाई है। सीएम को कलमा पढ़ने से कोई दिक्कत नहीं है लेकिन जय श्री राम बोलने से दिक्कत है। जय श्री राम राम राज्य का नारा है। बीजेपी सत्ता में आएगी तो बंगाल में राम राज्य लाने की कोशिश करेगी

सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल पुलिस के रवैए पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी सीएम ममता बनर्जी के इशारे पर चुनाव को प्रभावित करने की भी कोशिश कर रहे हैं।

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि बीजेपी और टीएमसी में बहुत फर्क है। पीएम मोदी और ममता बनर्जी की तुलना नहीं की जा सकती है।

मालूम हो कि पिछले साल सुवेंदु अधिकारी टीएमसी छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे। बीजेपी ने सुवेंदु अधिकारी को सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ नंदीग्राम से टिकट दिया है। अधिकारी ने भी दावा किया है कि वे सीएम को 50 हजार वोटों से शिकस्त देंगे।

बता दें कि बंगाल इस समय एक निर्णायक चुनाव का गवाह बन रहा है। राज्य में पहले चरण की वोटिंग हो चुकी है। राज्य में कुल आठ चरणों में मतदान होगा। नतीजों की घोषणा 2 मई को की जाएगी।

सचिन वाझे ने वही किया जिसका डर था, शिवसेना नेता संजय राउत का ‘चेतावनी’ वाला खुलासा

शिवसेना सांसद संजय राउत ने सोमवार को दावा किया कि उन्होंने पहले ही पार्टी के कुछ नेताओं को चेताया था कि सचिन वाझे महाराष्ट्र सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली विस्फोटक वाली कार और इसके मालिक मनसुख हिरेन की हत्या केस में गिरफ्तार किए गए मुंबई पुलिस के असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाझे की वजह से महाविकास अघाड़ी सरकार की किरकिरी हो रही है तो गठबंधन सहयोगी पार्टियों में अविश्वास बढ़ गया है।

राउत ने यह भी कहा कि सचिन वाझे प्रकरण ने शिवसेना की अगुआई वाली महाविकास अघाड़ी सरकार को कुछ सबक सिखाए हैं। महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है। एंटीलिया बम केस और मनसुख हिरेन हत्या हत्याकांड में एनआईए ने वाझे को गिरफ्तार किया है। वाझे को पुलिस हिरासत में घाटकोपर बम ब्लास्ट के आरोपी ख्वाजा युनूस की हिरात में मौत के बाद 2004 में सस्पेंड कर दिया गया था। कभी शिवसेना में शामिल हुए वाझे को पिछले साल दोबारा बहाल किया गया।

राउत ने एक टीवी चैनल से कहा, ”जब वाझे को महाराष्ट्र पुलिस में दोबारा बहाल करने का प्लान बना तो मैंने कुछ नेताओं को सूचना दी थी कि वह हमारे लिए समस्याएं पैदा कर सकता है। उसका व्यवहार और काम करने का तरीका सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।” राज्यसभा सांसद ने आगे कहा कि वह उन नेताओं के नाम सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं। 

राउत ने कहा कि वह दशकों से पत्रकार रहे हैं और वाझे के बारे में जानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक आदमी खराब नहीं होता है, लेकिन परिस्थितियां उन्हें ऐसा बना देती हैं। संजय राउत ने कहा, ”वाझे की गतिविधियों और इस पूरे घटनाक्रम,  विवादों ने महाविकास अघाड़ी सरकार को सबक सिखाया है। एक तरह से यह अच्छा है कि यह हुआ और इसने हमें कुछ सबक सिखाए।”

उद्धव ठाकरे की ओर से वाझे का बचाव किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उद्धव ने कहा कि उन्हें (ठाकरे) वाझे और उनकी गतिविधियों को लेकर अधिक जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री ने समर्थन किया, लेकिन उसकी जो गतिविधियां सामने आई हैं, अधिकारी के बचाव की कोई वजह नहीं है।”

किसने कराई वाझे की बहाली?
संजय राउत के इस खुलासे से एक बार फिर यह सवाल जोरशोर से उठेगा कि आखिर किसने वाझे की दोबारा बहाली कराई। बीजेपी बार-बार यह सवाल उठा रही है। पिछले दिनों विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि उनके कार्यकाल के दौरान खुद उद्धव ठाकरे ने उन्हें वाझे को बहाल करने को कहा था, लेकिन लीगल एक्सपर्ट से सलाह के बाद वाझे को बहाल नहीं कराया था।  

साप्ताहिक राशिफल (३० मार्च से 05 अप्रैल) : इस सप्ताह गुरु के परिवर्तन से इन राशियों के लिए समय रहेगा अच्छा 


मेष
मेष राशि के जातकों की सप्ताह घर परिवार के साथ हंसी-खुशी के पल बिताते होगी। किसी परिचित व्यक्ति से अरसे बाद मुलाकात होगी। काम-काज को बेहतर सोच व गम्भीरता से अन्जाम देंगे। पूर्व में किए गए निवेश का सप्ताह के अंत तक लाभ मिल सकता है। किसी योजना पर मित्रों से अपेक्षित सहयोग की प्राप्ति होगी। दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। सप्ताह के अंत में पारिवारिक दायित्व की पूर्ति में कुछ एक व्यवधान अथवा भ्रम की स्थित पैदा हो सकती है। इस दौरान जल्दबाजी में लिया गया निर्णय अहितकर साबित हो सकता है। प्रेम सबंधों में लव पार्टनर की भावनाओं की उपेक्षा न करें। 
शुभ अंक – 7
शुभ दिन – मंगलवार
शुभ रंग – नारंगी
सफलता का सूत्र – धैर्यपर्वक कार्य करें।
उपाय- प्रतिदिन प्रातःकाल उगते हुए सूर्यदेव का दर्शन करें और उन्हें एक तांबे के लोटे से जल अर्पित करें।

वृषभ
वृषभ राशि के जातकों सप्ताह की शुरुआत में सभी कार्यों में अनुकूलता रहेगी। लंबे समय से अधूरे पड़े कार्य पूरे होते नजर आएंगे। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यवसाय में बकाये धन की प्राप्ति होगी। छोटे कारोबारियों के लि समय अनुकूल है। छात्रों का मन पठन-पाठन में लगेगा। सप्ताह के अंत तक संतान पक्ष की तरफ से कोई सुखद समाचार प्राप्त होगा। सप्ताह के अंत में लंबी या छोटी दूरी की यात्रा हो सकती है। यात्रा सुखद एवं लाभदायक होगी। प्रेम सबंधों में प्रगाढ़ता आयेगी। 
शुभ अंक – 1
शुभ दिन – शुक्रवार
शुभ रंग – सफेद
सफलता का सूत्र – समय का सदुपयोग करें।
उपाय- सफेद चंदन का टीका लगाएं एवं भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन-अर्चन करें। शिव चालीसा का पाठ करें।


मिथुन 
सप्ताह प्रारंभ में कुछेक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। खान-पान एवं सेहत का विशेष ख्याल रखें। दैनिक कार्यों में उदासीनता एवं आलस्य बना रह सकता है। दूसरों की गलतफहमी से स्वयं के नुकसान की आशंका है। वाणी पर नियंत्रण रखें अन्यथा मित्रों से मन-मुटाव हो सकता है। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। सप्ताह के पूर्वार्ध के मुकाबले उत्तरार्ध थोड़ा सकारात्मक रहेगा। आईटी प्रोफेशनल के लिए यह समय शुभ है। परिश्रम के अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। प्रेम सबंधों में मजबूती आयेगी। बड़े-बजुर्गों का आशीर्वाद एवं सहयोग प्राप्त होगा। 
शुभ अंक – 9
शुभ दिन – बुधवार
शुभ रंग – हरा
सफलता का सूत्र – भावनाओं में न बहें।
उपाय – प्रतिदिन श्री भगवान गणेश जी की पूजा करें और शुभ फल की प्राप्ति के लिए गणपति को लाल फूल अर्पित करें।


कर्क राशि
सप्ताह की शुरुआत में तीज-त्योहार अथवा कामकाज की थकान बनी रह सकती है। इस दौरान सेहत सबंधी किसी भी दिक्कत की अनदेखी न करें। अनावश्यक चीजों में धन खर्च होने पर मन खिन्न रहेगा। किसी भी योजना या कार्य को आरंभ करने से पहले अपने शुभचिंतकों की सलाह लेना न भूलें। थोक व्यापारियों को व्यवसाय में कुछ एक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। छात्रों का मन पढ़ाई से उचट सकता है। महिलाओं का अधिकांश समय पूजा-पाठ आदि में बीतेगा। प्रेम सबंधों में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचें। कठिन समय में जीवनसाथी का पूरा साथ मिलेगा। 
शुभ अंक – 4
शुभ दिन – गुरुवार
शुभ रंग – सुनहरा
सफलता का सूत्र – खुली आंखों से सपने देखें और साकार करने का प्रयास करें।
उपाय – पीपल की पूजा करें। भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी पत्र, मिश्री और मक्खन का भोग लगाएं।

राशि


सिंह 
सप्ताह के प्रारम्भ में सोचे हुए कार्य पूरे होने से मन प्रसन्न रहेगा। लंबे अरसे बाद किसी प्रियजन अथवा प्रभावी व्यक्ति से मुलाकात लाभदायक साबित होगी। कार्यक्षेत्र से जुड़ी किसी पुरानी बड़ी समस्या का निदान होगा। वरिष्ठजनों का पूरा सहयोग मिलेगा। सप्ताह के मध्य में किसी धार्मिक कार्यक्रम में सहगभागिता करने का अवसर प्राप्त होगा। लघु व्यवसायियों को अपेक्षा के अनुरूप लाभ होगा। मार्केटिंग एवं लाइजनिंग करने वालों के लिए भी समय सही है। प्रेम संबंधों में भावनाओं में न बहें। दिल के साथ दिमाग का भी प्रयोग करें, अन्यथा बने बनाये संबंध टूट जाएंगे। 
शुभ अंक – 7
शुभ दिन – शुक्रवार
शुभ रंग – सफेद
सफलता का सूत्र – अवसर को न खोएं। 
उपाय – पीले चंदन का तिलक लगाएं। प्रतिदिन प्रातःकाल भगवान सूर्य नारायण को अघ्र्य दें।


कन्या 
कन्या राशि के जातकों को इस सप्ताह सौभाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आप अपनी बुद्धि एवं चतुराई से बड़े से बड़ा कार्य करने में कामयाब होंगे। किसी कार्य को लेकर स्वयं का निर्णय हितकर साबित होगा। संतान द्वारा शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने पर घर में खुशियों का माहौल बना रहेगा। सप्ताह के मध्य में छोटी और लाभदायक यात्रा के योग बनेंगे। सुख-सुविधाओं पर धन खर्च होगा। किसी वरिष्ठ की मदद से पारिवारिक मसले का हल निकलेगा। प्रेम सबंधों में मजबूती आएगी। लव पार्टनर का पूरा साथ मिलेगा। सेहत सामान्य रहेगी। 
शुभ अंक – 2
शुभ दिन – बुधवार
शुभ रंग – हरा
सफलता का सूत्र – नए के चक्कर में पुराने संबंधों की उपेक्षा न करें।
उपाय – बुधवार के दिन हरा कपड़ा दान करें। कार्यों में सफलता के लिए गणपति का दर्शन करके घर से निकलें।


तुला 
सप्ताह के प्रारंभ में व्यावसाय से जुड़े लोगों को कुछेक उलझनें बनी रहेंगी। घरेलू समस्या को लेकर भी मानसिक तनाव बना रहेगा। कार्यों को करने या न करने को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहेगी। तमाम चीजों के उपलब्ध होने के बाद भी जीवन में कुछ कमी महसूसल करेंगे। कार्यक्षेत्र एवं व्यवसाय में व्यस्तता के चलते जीवनसाथी और लव पार्टनर के लिए चाहकर भी समय नहीं निकाल पाने से मन खिन्न रहेगा। सप्ताह के अंत में स्वजनों को लेकर बड़ी गलतफहमी दूर होगी। अपनी सेहत का ख्याल रखें। विशेषकर आंखों से जुड़ी किसी समस्या की अनदेखी न करें। 
शुभ अंक – 6
शुभ दिन – शुक्रवार
शुभ रंग – सफेद
सफलता का सूत्र – मन को एकाग्र रखें।
उपाय- कार्यों में सफलता एवं लाभ प्राप्ति के लिए प्रतिदिन देवी दुर्गा एवं माता लक्ष्मी का पूजन-अर्चना करें।

राशि


वृश्चिक
सप्ताह का शुभारंभ किसी शुभ समाचार से होगा, जिसका आपको लंबे समय से इंतजार था। मित्रों एवं परिजनों के साथ हंसी-खुशी समय बीतेगा। सत्तापक्ष से जुड़े कार्यों द्वारा मनचाहा लाभ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ एवं कनिष्ठ दोनों का पूरा सहयोग मिलेगा। भूमि-भवन सबंधी वाद-विवाद में निर्णय आपके पक्ष में जाएगा। सप्ताह के मध्य में लंबी या छोटी दूरी की यात्रा संभव है। लव पार्टनर के साथ बेहतर समय बिताने के अवसर प्राप्त होंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। युवाओं का अधिकांश समय का मौज-मस्ती करते हुए बीतेगा। 
शुभ अंक – 2
शुभ दिन – शुक्रवार
शुभ रंग – सफेद
सफलता का सूत्र – अवसर का पूरा लाभ उठाएं।
उपाय- शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी जी को नारियल एवं बताशे चढ़ाएं और उसका प्रसाद बांटें।


धनु
धनु राशि के जातकों की सप्ताह की शुरुआत भागदौड़ एवं व्यस्तताओं से भरी रहेगी। कार्यक्षेत्र में कार्य की अधिकता का तनाव बना रहेगा। चाहे-अनचाहे लंबी दूरी की यात्रा के योग बनेंगे। व्यवसाय में किसी भी प्रकार का रिस्क लेने से बचें। धन के लेन-देन में विशेष सावधानी बरतें। किसी बड़ी योजना पर निवेश करने पर किसी वरिष्ठ की सलाह लेना न भूलें। यात्रा में सेहत और सामान दोनों का विशेष ख्याल रखें। खान-पान में लापरवाही न बरतें। सप्ताह के अंत में लव पार्टनर से दूरी मन को बेचैन करेगी।  धार्मिक कार्यों में सहभागिता रहेगी। 
शुभ अंक – 7
शुभ दिन – गुरुवार
शुभ रंग – केसरिया
सफलता का सूत्र -योजना के अनुसार कार्य करें।
उपाय – पीले चंदन का तिलक लगाएं और प्रतिदिन श्री लक्ष्मी-नारायण की उपासना करें।


मकर 
मकर राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह मध्यम साबित होगा। सप्ताह की शुरुआत में आशा के अनुरूप फल मिलेंगे लेकिन मध्य में कुछेक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान शारीरिक कष्ट एवं परिजनों के साथ तकरार हो सकती है। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। नये संबंधों के लिए पुराने सबंधों की तिलांजलि न दें, अन्यथा बाद में पछताना पड़ सकता है। सप्ताह के अंत में अनजाने भय से ग्रस्त रहेंगे। किसी बात को लेकर प्रेम संबंधों में गलतफहमी पैदा हो सकती है। संबंध हों या समस्याएं इन्हें लेकर किसी भी सूरत में आपा न खोएं। 
शुभ अंक – 5 
शुभ दिन – मंगलवार
शुभ रंग – नांरगी
सफलता का सूत्र – किसी भी सूरत में आपा न खोएं।
उपाय – शुभता, सफलता एवं लाभ प्राप्ति के लिए श्री हनुमान जी को मीठा पान अर्पित करें।


कुंभ 
कुंभ राशि के जातकों को सप्ताह की शुरुआत में अपने वाणी पर नियंत्रण रखना होगा, क्योंकि इसी से आपकी बात बनेगी और बिगड़ेगी। बड़े व्यवसायियों को कारोबार में कुछ एक चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में किसी के फटे में टांग अड़ाने से बाज आएं, अन्यथा आपकी प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है। कोर्ट-कचहरी से संबंधित मामलों को बाहर निबटाने पर लाभ में रहेंगे। सप्ताह के अंत में प्रियजनों से वांछित सहयोग से मन प्रसन्न रहेगा। इस दौरान किसी उत्सव में शामिल होने का अवसर मिलेगा। प्रेम सबंधों में लव पार्टनर का पूरा साथ मिलेगा। 
शुभ अंक – 4
शुभ दिन – सोमवार
शुभ रंग – केसरिया
सफलता का सूत्र – अपने लक्ष्य से न भटकें।
उपाय – काली चीजों जैसे कंबल, चाय की पत्ती एवं उड़द आदि का दान करें। ‘ॐ हं हनुमते नम:’मंत्र का एक माला नित्य जाप करें।


मीन
सप्ताह के प्रारम्भ में मीन राशि के जातकों को जीवन से जुड़े तमाम पक्षों में प्रगति देखने को मिलेगी। कार्य में सफलता पाने के लिए मित्रों, सहयोगियों व स्वजनों से विचार-विमर्श करना न भूलें। सप्ताह के मध्य में किसी प्रभावी व्यक्ति की मदद से बकाये धन की प्राप्ति होगी। भूमि-भवन से जुड़े विवाद का समाधान निकलेगा। सप्ताह के अंत में कॅरिअर अथवा कारोबार से जुड़ी यात्रा लाभप्रद साबित होगी। प्रेम संबंधों में उपजी गलतफहमियां दूर होंगी। लव पार्टनर के साथ बेहतर समय बिताने के अवसर मिलेंगे। युवाओं का अधिकांश समय मौज-मस्ती में बीतेगा। 
शुभ अंक – 9
शुभ दिन – रविवार 
शुभ रंग – लाल
सफलता का सूत्र – आज का काम कल पर न टालें।
उपाय – भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें केसर का तिलक लगाएं। साथ ही ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’मंत्र भी जपें।