पेट की चर्बी कम करने के लिए ऐसे करें मेथी का इस्तेमाल, तेजी से घटेगा वजन

बढ़ते वजन को कम करने के लिए हम तरह- तरह के उपाय करते हैं. कुछ लोग जिम में घंटों पसीना बहाते हैं जबकि कुछ लोग अपनी डाइट पर खास ध्यान देते हैं. इस तरह हमारी किचन में कुछ ऐसी चीजे होती हैं जिसका सेवन करने से आपका वजन घट सकता हैं. मेथी के बीज (Fenugreek Seeds) उन्हीं में से एक है. मेथी के दाने में कई तरह के पौष्टिक गुण होते हैं. साथ ही फैट बर्न करने का काम करता है.

मेथी के बीज में कई औषधीय गुण होते हैं जिसका इस्तेमाल हम कई सालों से करते आ रहे हैं. इसमें फाइबर, आयरन, विटामिन ए और डी की भरपूर मात्रा होती हैं. अगर आप सही तरीके से मेथी के दाने का इस्तेमाल करते हैं तो आपका वजन जल्द ही घट सकता हैं. मेथी में फाइबर की अच्छी मात्रा होती हैं जो पाचन शक्ति को बढ़ाने का काम करता है. इसके अलावा शरीर को डिटॉक्सीफाइ करता है. डायबिटीज के मरीजों के लिए मेथी के बीज का सेवन बहुत फायदेमंद होता है. इससे आपका शुगर कंट्रोल में रहता हैं.

सुबह-सुबह मेथी के बीज का पानी पिएं

वजन कम करने के लिए सुबह- सुबह एक गिलास पानी में मेथी के बीज को मिलाकर पिएं. इसके लिए आपकों रात में मेथी के दानों को पानी में डालकर रखना है. पानी में मेथी के दानों को डालकर उबाल लें. कुछ देर बाद ठंडा होने के बाद छान कर पी लें. ये आपके शरीर में डिटॉक्सीफाइंग एजेंट की तरह काम करता है. इस ड्रिंक में जीरो कैलोरी होती है. इसका सेवन करने से आपको कब्ज की समस्या नहीं होगी.

मेथी की चाय

अगर आप कम कैलोरी वाली चाय पीना चाहते है तो मेथी की चाय एक अच्छा ऑप्शन है. इस चाय की खासियत है कि इसमें पेट की चर्बी को कम करने वाले सभी चीजें शामिल है. इसे बनाने के लिए आपको एक चम्मच मेथी, एक दालचीनी की स्टिक और थोड़ा सा अदरक डालें. इसे पीने से शरीर डिटॉक्सीफाई होता है. साथ ही वजन भी कंट्रोल में रहता है.

मेथी का दाना और शहद

वजन कम करने के लिए मेथी के दाने और शहद का इस्तेमाल कर सकते हैं. शहद नेचुरल इम्युनिटी बूस्टर है. ये दोनों चीजें हमारे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है. इसके लिए आप मेथी के पेस्ट में शहद और नींबू मिलाकर पी सकते हैं. इसमें कैलोरी की मात्रा बेहद कम होती है. आप इसे हर्बल टी की तरह पी सकते हैं.

एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के कई पेपर की तारीखें बदलीं

,इंदौर । माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा संचालित हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा (नियमित/स्वाध्यायी) के टाइम टेबल में आंशिक संशोधन किया गया है। नवीन परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार अब हाईस्कूल का गणित का पर्चा 15 मई के बजाय 19 मई को होगा। इसी तरह हायर सेकंडरी का 11 मई को होने वाला बायोलाजी का पर्चा 20 मई को, भारतीय संगीत का 18 मई को होने वाला पर्चा 11 मई को और इंफोरमेटिक प्रेक्टिसेस का 12 मई को होने वाला पर्चा 21 मई को होगा। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी रवि सिंह ने बताया कि इस संबध में शनिवार को एक बैठक लेकर जानकारी दी गई है। कोरोना संक्रमण में इस बार परीक्षाओं को लेकर बहुत सतर्कता बरती जा रही है।

टाइम टेबल

हाई स्कूल, सर्टीफिकेट परीक्षा (नियमित, स्वाध्यायी)

30 अप्रैल- विशिष्ट भाषा हिंदी, द्वितीय एवं तृतय भाषा सामान्य

01 मई – एनएसक्यूएफ (नेशनल स्कील्स क्वालीफिकेशन फेमवर्क) के समस्त विषय

03 मई- सामाजिक विज्ञान

04 मई- विशिष्ट भाषा-उर्दू, तृतीय भाषा सामान्य

05 मई-विशिष्ट भाषा संस्कृत,द्वितीय एवं तृतीय भाषा सामान्य

06 मई- तृतीय भाषा सामान्य मराठी,गुजराती,पंजाबी,दिल्ली।

08 मई- विज्ञान

11 मई- विशिष्ट भाषा अंग्रेजी, द्वितीय एवं तृतीय भाषा सामान्य अंग्रेजी

19 मई- गणित

हायर सेकंडरी एव हायर सेकंडरी व्यावसायिक परीक्षा कार्यक्रम

01 मई- विशिष्ट भाषा हिंदी, द्वितीय भाषा सामान्य हिंदी

03 मई-विशिष्ट भाषा संस्कृत,द्वितीय भाषा सामान्य संस्कृत

04 मई-फिजिक्स, एनिमल हसबेंड्री मिल्क ट्रेंड

05 मई- विशिष्ट भाषा ऊर्दू, द्वितीय भाषा सामान्य अंग्रेजी

08 मई- नेशनल स्क्रिल्स क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क के समस्त विषय

10 मई- भूगोल, स्टिल लाइफ एंड डिजाइन

20 मई- बायोटेक्नोलॉजी

12 मई-समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, कृषि, होमसाइंस, इनवायरमेंट एजुकेशन एड। रूलर डेवलपमेंट,ड्राइंग एडं डिजाइन

13 मई- कैमिस्ट्री, इतिहास, व्यावसाय अध्ययन, एली ऑफ साइंस एंड मैथमेटिक्स यूजफुल फॉर एग्रीकल्चर

17 मई- मेथमेटिक्स

18 मई -राजनीति शास्त्र

20 मई- बायलॉजी

21 मई- इन्फॉरमेटिक प्रेक्टिसेस

स्‍वेज नहर से 6 दिन बाद निकला विशालकाय मालवाहक जहाज Ever Given, दुनिया ने ली राहत की सांस

काहिरा
स्‍वेज नहर में पिछले 6 दिनों से फंसा विशालकाय मालवाहक जहाज एवर गिवेन निकल गया है और अब धीरे-धीरे अपने मंजिल की ओर बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि सोमवार को स्‍थानीय समयानुसार सुबह 04:30 मालवाहक जहाज को निकाल लिया गया। कंटेनरश‍िप एवर गिवेन के निकलने से दुनिया की राहत की सांस ली है। इससे पहले स्वेज नहर (Suez Canal) में फंसे इस विशालकाय जहाज को हटाने के काम में दो विशेष नौकाएं लगाई गईं थीं।

एशिया और यूरोप के बीच माल लेकर जाने वाला, पनामा के ध्वज वाला एवर गिवेन (Ever Given) नामक विशाल जहाज मंगलवार को इस नहर में फंस गया था। तब से अधिकारी जहाज को निकालने और जलमार्ग को जाम से मुक्त करने की फिर से कोशिश में जुटे थे। कड़ी मेहनत के बाद अब उन्‍हें सफलता मिल गई है।एवर गिवेन जहाज को 25 भारतीय चला रहे हैं। सभी भारतीय चालक पूरी तरह से सुरक्षित बताए गए हैं। 193.3 किलोमीटर लंबी स्वेज नहर भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है। इसी रास्‍ते से दुनिया के करीब 30 फीसदी शिपिंग कंटेनर गुजरते हैं। पूरी दुनिया के 12 फीसदी सामानों की ढुलाई भी इसी नहर के जरिए होती है।

दुनियाभर के 300 से ज्‍यादा मालवाहक जहाज और तेल कंटेनर फंसे
इस नहर से रोजाना नौ अरब डॉलर का कारोबार होता रहा है। जहाज के फंसने से वैश्विक परिवहन और व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ा है जो पहले से ही कोरोना महामारी से प्रभावित है। बर्नहार्ड शिपमैनेजमेंट ने कहा कि प्रारंभिक जांच में किसी यांत्रिक गड़बड़ी या ईंजन का विफल होना जहाज की फंसने की वजह के रूप में सामने नहीं आया है। विश्‍व के व्‍यस्‍ततम समुद्री रास्‍तों में से एक मिस्र के स्‍वेज नहर में विशाल कंटेनर श‍िप एवर गिवेन के फंसने से दुनियाभर के 300 से ज्‍यादा मालवाहक जहाज और तेल कंटेनर फंस गए थे।

समुद्र में लगे भीषण ट्रैफिक जाम का असर दुनिया में साफ दिखाई देने लगा था। टॉइलट पेपर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी सुजानो एसए ने चेतावनी दी थी कि जहाज के फंसने से वैश्विक स्‍तर पर टॉइलट पेपर का संकट पैदा हो सकता है। सुजानो एसए ने कहा कि टॉइलट पेपर को ले जाने जहाजों और शिपिंग कंटेनर की भारी कमी हो गई है। स्‍वेज नहर में लगे इस जाम से बचने के लिए कई देशों के जहाज अफ्रीका का चक्‍कर लगाते हुए जा और आ रहे थे। इससे सामानों के आने में एक सप्‍ताह का समय बढ़ गया है।

अमित शाह और शरद पवार की मुलाकात से अटकलें हुईं तेज, महाराष्‍ट्र सरकार को लेकर एनसीपी ने कही यह बात

नई दिल्ली, । वसूली मामले में घिरी राकांपा और महाराष्ट्र सरकार को लेकर तेज जांच और राजनीति के बीच गृह मंत्री अमित शाह और राकांपा सुप्रीमो शरद पवार की मुलाकात से अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। वैसे अमित शाह और शरद पवार कोई भी इस मुलाकात को लेकर कुछ नहीं बोल रहे हैं, लेकिन शाह ने ऐसी मुलाकात का खंडन भी नहीं किया। 

शाह ने मुलाकात से नहीं किया इनकार-कहा, कुछ चीजें सार्वजनिक नहीं की जाती

इसके बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सब कुछ सार्वजनिक नहीं किया जाता है। बताया जाता है कि दोनों नेताओं के बीच शनिवार को अहमदाबाद में मुलाकात हुई थी और उसमें राकांपा के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल भी उपस्थित थे। सचिन वाझे की गिरफ्तारी और मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ हर महीने उगाही के लगाए गए आरोपों के बाद पवार और शाह की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। 

शिवसेना ने प्रदेश के गृह मंत्री औए राकांपा नेता अनिल देशमुख पर पहली बार हमला बोला

दरअसल, इस भेंट के बाद मुंबई में भी दलों के रुख बदलने लगे हैं। शरद पवार की सुर में सुर मिला रहे शिवसेना की ओर से पहली बार प्रदेश के गृह मंत्री औए राकांपा नेता अनिल देशमुख पर परोक्ष हमला हुआ। राजनीतिक गलियारे में चर्चा तो यह भी है कि मुकेश अंबानी के घर के बाहर कार मिलने और सचिन वाझे की गिरफ्तारी के बाद बुरी तरह फंसी शिवसेना ने राकांपा को घेरने के लिए परमबीर सिंह के मार्फत अनिल देशमुख पर उगाही के आरोप लगवा दिए। जाहिर है कि भ्रष्टाचार के आरोपों में चौतरफा घिरी महा विकास अघाड़ी सरकार के घटक दलों के बीच सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। इस बीच शाह और पवार की मुलाकात ने महाराष्ट्र में नए गठबंधन की संभावनाओं को हवा दे दी है।

शाह और पवार का अहमदाबाद पहुंचना महज संयोग नहीं

पांच राज्यों के व्यस्त चुनावी कार्यक्रमों के बीच में अमित शाह का अहमदाबाद इस तरह पहुंचने को सामान्य रूप में नहीं देखा जा रहा है। अमित शाह इसे ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहते हैं कि यह राजनीतिक दौरा नहीं था और अहमदाबाद वे सिर्फ अपनी पोती से मिलने गए थे। लेकिन अमित शाह के अहमदाबाद पहुंचने के दौरान ही शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल के भी वहां पहुंचने को महज संयोग नहीं माना जा सकता है। किसी कार्यक्रम में जयपुर गए पवार का अहमदाबाद जाना तो केवल संयोग माना ही नहीं जा सकता है। सरखेज गांधीनगर हाईवे पर स्थित अडाणी शांतिग्राम के कॉरपोरेट गेस्ट हाउस में इन नेताओं की मुलाकात हुई। 

ठाकरे सरकार पर शाह ने जमकर बोला हमला

रविवार को बंगाल चुनाव की बाबत बुलाई गई पत्रकार वार्ता में भी अमित शाह ने उद्धव ठाकरे सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार और उगाही कोई छिपी बात नहीं है। इसके बारे में सभी जानते थे। अब इसके सुबूत सामने आ गए हैं। उन्होंने कहा कि इन रहस्योद्घाटनों पर उद्धव ठाकरे सरकार को सामने आकर स्थिति साफ करनी चाहिए थी, जिसमें अब काफी देर चुकी है।

Safe Holi: कैसे चेहरे पर लगे होली के जिद्दी रंगों को छुड़ाएं, जानिए कुछ आसान तरीके 

जिंदगी में रंगों का होना बेहद जरूरी है वरना बेरंग जिंदगी किसे पंसद होती है। लेकिन कुछ रंग ऐसे हैं जिन्हें हटाना भी बहुत जरूरी हो जाता है और ऐसे ही कुछ रंग होते हैं होली के, जिन्हें छुड़ाने में लोगों को काफी दिक्कतें हो जाती हैं। ऐसे में हम आपके लिए कुछ ऐसे टिप्स लाए हैं जिनकी मदद से आप आसानी से इन रंगों को छुड़ा सकते हैं और इसकी लिए आपको ज्यादा मशक्कत करने की भी जरूरत नहीं पड़ती है।

इस तरह छुड़ाएं चेहरे पर लगे होली के जिद्दी रंग, आसान तरीके

1. अरंडी या जैतून का तेल
रंगों के साथ खेलने के लिए बाहर जाने से पहले बालों में या तो अरंडी का तेल लगा लें या फिर जैतून का तेल लगाएँ। तेल बालों पर एक रक्षात्मक परत बनाएगा। इससे आपके बाल धोने पर रंग आसानी से निकल जाएंगे। यदि आपके पास जैतून का तेल या अरंडी का तेल नहीं है, तो आप विकल्प के रूप में नारियल तेल या बादाम के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

2. अंडे की जर्दी या दही:
 होली खेलने के बाद तुरंत अपने बालों को शैम्पू करने से बचें।  शैम्पू से कम से कम 45 मिनट पहले अपने बालों पर अंडे की जर्दी या दही लगाएँ। यह रंगों को हटाने और नुकसान कम करने में आपकी मदद करेगा।

3. सरसों का तेल: रंगों का उपयोग करने से पहले सरसों के तेल से अपने बालों की अच्छी तरह से मालिश करें। होली खेलने के बाद, एक बार जब आप अपने बालों को शैम्पू कर लेते हैं, तो अपने बालों पर सरसों का तेल लगाकर एक घंटे के लिए छोड़ दें। यह शेष रंग को हटाने और आपके बालों को नुकसान होने से रोकने में मदद करेगा

4. मॉइस्चराइजर: होली खेलने के लिए बाहर जाने से पहले अपने हाथों, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में हल्का में मॉइस्चराइज़र लगाएँ। ऐसा करने से आपकी स्किन पर कलर एकदम से टिकेगा नहीं और अगर कुछ रहेगा भी तो बाद में आपको छुड़ाने में आसानी होगी। इसके अलावा होली खेलने के लिए बाहर निकलने से पहले अपने होंठों पर वैसलीन लगाएँ। इससे आपके होठों को आवश्यक नमी और देखभाल मिलेगी। 

5. डार्क नेल पेंट: अपने नाखूनों को डार्क नेल कलर से पेंट करें। यह आपके नाखूनों पर दाग बनने से रोकेगा। रंगों से खेलने के बाद आप नेल पेंट हटा सकते हैं। इतना ही नहीं होली खेलने से ठीक पहले फाउंडेशन लगाएं। यह आपकी त्वचा को सूखे रंगों से बचाएगा।

पेड़ जो आपको देते हैं सकारात्मक उर्जा .

इन पेड़ों की छांव के नीचे बैठने से प्राप्त होती है पॉजिटिव एनर्जी, जानें इनके बारे में

वास्तु शास्त्र में सकारात्मक ऊर्जा को लेकर कई बातें हैं। वास्‍तु शास्‍त्र में पॉजिटिव एनर्जी में वह शक्ति बताई गई है जो किसी भी काम को सरल बनाने में मदद करती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि व्यक्ति को पॉजिटिव एनर्जी कहां से मिलती है इसका क्या स्त्रोत है।

वास्तु शास्त्र में सकारात्मक ऊर्जा को लेकर कई बातें कही गई हैं। वास्‍तु शास्‍त्र में पॉजिटिव एनर्जी में वह शक्ति बताई गई है जो किसी भी काम को सरल बनाने में मदद करती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि व्यक्ति को पॉजिटिव एनर्जी कहां से मिलती है इसका क्या स्त्रोत है। वास्तु के अनुसार, प्रकृति ने हमें कई ऐसी चीजें दी हैं जिनसे पॉजिटिव एनर्जी प्राप्‍त होती है। इन्‍हीं में से एक है पेड़-पौधे। आज हम आपको बताएंगे कि किन पेड़ों की छांव में बैठने से व्यक्ति को पॉजिटिव एनर्जी प्राप्‍त होती है।

केले का पेड़: इस पेड़ को छात्रों के लिए शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार अगर कोई छात्र केले के पेड़ की छांव में बैठकर पढ़ाई करता है तो उसे पाठ जल्दी याद हो जाता है। इससे छात्रों की स्‍मरण शक्ति बढ़ती है। इससे पॉजिटिव एनर्जी प्राप्त होती है।

नीम का पेड़: वैसे तो लोग इस पेड़ को घर में नहीं लगाते हैं। लेकिन सकारात्मक ऊर्जा के लिए यह अच्छा होता है। इस पेड़ में मां दुर्गा का वास माना जाता है। अगर इस पेड़ पर जल चढ़ाया जाए या इस पेड़ की छांव में बैठा जाए तो व्यक्ति को मां दुर्गा की कृपा प्राप्‍त होती है। साथ ही पॉजिटिव एनर्जी भी प्राप्‍त होती है।

पीपल का पेड़: इसे बेहद ही चमत्कारिक पेड़ माना गया है। इसकी छांव में बैठने से पॉजिटिव एनर्जी प्राप्त होती है। लेकिन दोपहर के समय और दिन ढलने के बाद पीपल के पेड़ के नीचे न बैठें। मान्यता है कि इस दौरान पीपल के पेड़ के नीचे बैठने से व्यक्ति पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

आंवले का पेड़: इस पेड़ की छांव के नीचे बैठने से व्यक्ति पर भगवान की कृपा बनी रहती है। साथ ही धन में वृद्धि होती है। मान्‍यता है कि आंवले के पेड़ पर भगवान श्रीहरि का वास माना जाता है।

अमरूद का पेड़: इस पेड़ के नीचे से बैठने से व्यक्ति को पॉजिटिव एनर्जी प्राप्त होती है। माना जाता है कि ऐसा करने से गणपति की कृपा प्राप्‍त होती है और हमारे सभी कार्य बिना बाधा के पूरे हो जाते हैं।

पेट से निकला 59 फीट लंबा का कीड़ा, देखकर डॉक्टर भी रह गए दंग

थाईलैंड (Thailand) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 67 साल के शख्स ने पेट में दर्द और पेट फूलने की शिकायत की। इसके बाद उसके पेट से 59 फीट कीड़ा (परजीवी) पाया गया, जिसे किसी तरह पीछे के रास्ते से निकाला गया। इस मामले को देख डॉक्टर्स भी हैरान रह गए।


थाईलैंड (Thailand) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 67 साल के शख्स ने पेट में दर्द और पेट फूलने की शिकायत की। इसके बाद उसके पेट से 59 फीट कीड़ा (परजीवी) पाया गया, जिसे किसी तरह पीछे के रास्ते से निकाला गया। इस मामले को देख डॉक्टर्स भी हैरान रह गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला थाईलैंड के नोंगखाई प्रांत का है, ‘द सन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शख्स को काफी समय से दर्द की शिकायत थी। उसने अस्पताल में जाकर जब चेक कराया तो कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद किसी ने नहीं की थी।

थाईलैंड के नोंगखाई प्रांत में पैरासिटिक डिजीज रिसर्च सेंटर में उन्होंने इसकी जांच कराई। जांच के दौरान शख्स के प्राइवेट पार्ट (Private part) में परजीवी पाया गया। रिसर्च सेंटर के प्रवक्ता ने बताया कि 18 मीटर से अधिक लंबा परजीवी पाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों ने बताया कि यह परजीवी कच्चा मांस खाने से पेट में पहुंच जाता है और ये 30 से अधिक वर्षों तक मनुष्यों में रह सकते हैं। हालांकि वर्तमान में वे बहुत लंबे समय तक जीवित नहीं रहते हैं क्योंकि बेहतर दवा उपलब्ध है।

फिलहाल यह परजीवी बहुत लंबा निकला है। इसकी लंबाई 59 फीट बताई गई है। इसे निकालने में डॉक्टर्स को समय लगा। पहले मरीज को जांच के बाद दवा दी गई। फिर इसे पीछे के रास्ते से बाहर निकाला गया। डॉक्टर्स ने बताया कि हमें इसे निकालने में समय लगा क्योंकि यह बहुत लंबा था। फिलहाल मरीज की हालत बेहतर बताई जा रही है। मरीज को खानपान को लेकर भी सलाह दी गई है।