घर पर बैठे-बैठे परेशान हो गया हूं, मेरी मौत के लिए कोई नहीं है जिम्मेदार, सुसाइड नोट लिखकर तालाब में लगा दी छलांग, मौत

ग्वालियर/घर से स्कूटर लेकर निकले इंजीनियरिंग के छात्र ने सागरताल में कूदकर जान दे दी है। शनिवार सुबह उसका स्कूटर बहोड़ापुर में सागरताल के बाहर खड़ा मिला है। स्कूटर की सीट पर छात्र का मोबाइल और एक भारी पत्थर से सुसाइड नोट दबा मिला है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से तत्काल छानबीन शुरू की। करीब 2 घंटे की तलाश के बाद छात्र का शव तालाब से मिला है। छात्र ने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह घर बैठे-बैठे परेशान हो गया है। उसकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर मर्ग कायम कर लिया है।

बहोड़ापुर थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि शनिवार सुबह सागरताल पर सैर करने आने वाले लोगों ने सूचना दी थी कि सागरताल के गेट के बाहर एक स्कूटर (एक्टिवा) खड़ा हुआ है। स्कूटर पर ही एक मोबाइल व सुसाइड नोट रखा हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। स्कूटर के रजिस्ट्रेशन नंबर से पता लगा कि यह स्कूटर पड़ाव थाना क्षेत्र के RP कॉलोनी निवासी ट्रांसपोर्ट कारोबारी अनिल श्रीवास्तव के नाम पर है। यह स्कूटर उनका छोटा बेटा 19 वर्षीय आयुष श्रीवास्तव शुक्रवार शाम को लेकर निकला था। तभी से वह लापता है। गाड़ी की सीट पर रखा मोबाइल भी आयुष का निकला। सुसाइड नोट में भी आयुष श्रीवास्तव लिखा हुआ था। तत्काल छात्र के परिजन को सूचना दी गई। साथ ही पुलिस ने छानबीन शुरू की। गोताखोर ने 2 घंटे तक छानबीन की और उसके बाद तालाब में 20 फीट की गहराई में छात्र का शव अटका मिला है। पुलिस ने गोताखोर की मदद से शव को बाहर निकलवा कर निगरानी में लिया है और पोस्टमार्टम कराया है।

पुलिस को पता लगा है कि छात्र ने इसी साल 12वीं पास कर B. TECH फर्स्ट ईयर में दाखिला लिया है, लेकिन कॉलेज नहीं खुलने के कारण वह दिन भर घर पर ही रहता था। शुक्रवार शाम को वह घूमने जाने की कहकर घर से निकला फिर लौटा ही नहीं। जब रात तक वह नहीं आया तो उसके पिता ने मामले की सूचना पड़ाव थाना में दी थी। पुलिस उसे तलाश पाती उससे पहले शव मिलने की सूचना घर तक पहुंच गई।

मेरी मौत के लिए मैं खुद हूं जिम्मेदार

पुलिस को मौके से जो सुसाइड नोट मिला है वह इंग्लिश में है। इसलिए मौके पर सिपाही उसे पढ़ ही नहीं पाए। जब TI बहोड़ापुर के पास वह पहुंचा तो उन्होंने पढ़ा। सुसाइड नोट में छात्र ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। उसने जिक्र किया है कि वह घर बैठे-बैठे परेशान हो गया है। वह डिप्रेशन सहन नहीं कर पा रहा है। उसकी मौत के बाद किसी को भी परेशान न किया जाए। मृतक पांच बहन भाई हैं। तीन भाइयों में वह सबसे छोटा और लाड़ला था।

संत सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे ऊर्जा मंत्री

खंडवा। संत सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना का निरीक्षण करने के लिए शुक्रवार रात 11 बजे प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर अचानक पहुंचने से हड़कंप मच गया। उन्होंने रात में ही परियोजना की प्रथम चरण की इकाई एक और दो के कंट्रोल रूम पहुच कर विद्युत उत्पादन की जानकारी ली। इसके बाद कर्मचारियों व मजदूरों से चर्चा कर समस्याएं जानी। रात्रि विश्राम पश्चात शनिवार सुबह उन्होंने मजदूर यूनियनों से चर्चा के साथ अपने निरीक्षण की शुरुआत की। इसके बाद दूसरे चरण की इकाई 3 और 4 का भी उन्होंने जायजा लिया। विदित हो कि सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में 1320 मेगावाट क्षमता की तीन और चार नंबर सुपरक्रिटिकल इकाई करीब 8 माह से बंद पड़ी हुई है। इसमें चार नंबर यूनिट का सुधार कार्य पूर्ण हो चुका है। इसे शनिवार को लाइटअप किया जाएगा ।सफल रहने पर इस इकाई से विद्युत उत्पादन शुरू हो जाएगा।

ऊर्जा मंत्री तोमर रात में बगैर किसी पूर्व सूचना के अचानक ताप विद्युत परियोजना पहुंचने को लेकर कई चर्चाएं हैं ।बताया जाता है कि उनकी पार्टी के मांधाता विधायक नारायण पटेल को भी मंत्री क्षेत्र में आने की सूचना नहीं थी । मंत्री शनिवार को कब तक रुकेंगे इसे लेकर भी कोई कार्यक्रम तय नहीं है। सूत्रों का कहना है कि ऊर्जा मंत्री द्वारा इसके पूर्व भी अन्य ताप विद्युत परियोजनाओं का निरीक्षण आकस्मिक रूप से ही किया गया है ।मंत्री के आने का कोई शासकीय कार्यक्रम भी प्रशासन की ओर से जारी नहीं हुआ है।

खाना खाने के तुरंत बाद क्‍यों आने लगती है खट्टी डकार, डॉक्‍टर से जानें एसिडिटी का तुरंत इलाज

आज कल के समय में लोग बहुत सी बीमारियों और समस्याओं के शिकार हो रहे हैं। इन समस्याओं का सबसे बड़ा कारण है खराब जीवनशैली। गैस, इनडाइजेशन और खट्टी डकार Gastroesophageal reflux disease (GERD) आने की समस्या का कारण खराब खान पान, शराब या सिगरेट का सेवन और ओवरइटिंग भी है। इस समस्या के दौरान लोगों को सीने में जलन और मुंह में खट्टी डकार आने लगती है।

कई बार जब यह समस्या गंभीर होती है, तो इसमें खाया हुआ भोजन मुहं में वापस लौटकर आने लगता है। दरअसल इसके पीछे कारण होता है। हमारे पेट और फूड पाइप के बीच का वेल्व। यह वेल्व खाए हुए भोजन और एसिड को फूड पाइप में वापस जाने से रोकता है। लेकिन जब यह कमजोर हो जाता है तो यह वेल्व ऐसा करने की क्षमता खो बैठता है। अपच, गैस और खट्टी डकार से निपटने के लिए चलिए जानते हैं, PSRI हॉस्पिटल, दिल्ली के सीनियर कंसल्टेंट और गैस्ट्रो एंड लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन, डॉक्टर मनोज गुप्ता से इसके लक्षण और बचाव के उपाय… (फोटो साभार: istock by getty images)

​गैस, इनडाइजेशन और खट्टी डकार के लक्षण

मुंह में खट्टा पानी आने लगहैजिन्हे यह समस्या होती है उनके दांतों का रंग बदलने लगता है।बोलते हुए अक्सर जिन लोगों को खांसी आती है और लंबे समय तक खांसी रहती है। यह भी इन समस्याओं के लक्षण हैं।सीने में जलन रहना और मुंह में अक्सर कड़वाहट बने रहना भी इन समस्याओं के लक्षणों में से एक है।

इस कारण होती है यह समस्‍या:

खराब जीवनशैली के कारण भी फूड पाइप और पेट के बीच का यह वेल्व कमजोर होने लगता है।वजन अधिक होने के कारण भी यह समस्या होने लगती है।अगर कोई व्यक्ति अधिक मात्रा में शराब या धूम्रपान का सेवन करते हैं। उन्हें भी यह समस्या हो सकती है।यह समस्या उन लोगों के अंदर भी होती है जिनकी गर्दन छोटी होती है।गर्भावस्था के दौरान भी यह समस्या हो सकती है।स्पाइसी फूड खाने वाले लोगों में यह लक्षण पाए जाते हैं।ऐसे लोगों में यह समस्या भी अधिक होती है जिनकी जॉब बैठने की होती है।

गैस इनडाइजेशन से बचने के तरीके

अगर आपको भी गैस इनडाइजेशन और खट्टी डकार की समस्या है तो, आप इससे बचने के लिए कुछ उपाय अपना सकते हैं। लेकिन अगर यह समस्या अधिक समय तक रहती है तो, डॉक्टर के पास जाकर दवाई लेना ही सही रहता है। आइए जानते हैं इस समस्या से निपटने के तरीके:

अगर आपको यह समस्या है तो आप अपनी जीवनशैली में बदलाव करके इसे ठीक कर सकते हैं। आप इसमें रोजाना एक्सरसाइज करें और अधिक स्पाइसी फूड का सेवन करना बंद कर दें।वजन अधिक होने के कारण भी यह समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में अगर आप अपना वजन कम कर लेते हैं तो यह समस्या अपने आप खत्म हो जाएगी।शराब और धूम्रपान का सेवन करने वाले लोगों को इस समस्या से बचने के लिए इन बुरी आदतों का त्याग करना होगा।गैस और इनडाइजेशन की समस्या से राहत पाने के लिए आपको अपने भोजन को थोड़ा थोड़ा करके खाना होगा। जैसे अगर आप दिन में तीन बार खाते हैं तो आप इसे 6 बार में खाना शुरू करें।रात को खाने और सोने के बीच का गैप 2 घंटे रखकर भी आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं। ध्यान रहे सोने से कुछ देर पहले तक ना तो पानी पीएं और ना ही दूध पीए। इसके अलावा भोजन के 30 या 60 मिनट तक किसी भी प्रकार का पेय पदार्थ ना पिए।सुबह के नाश्ते अच्छी मात्रा में करें, लंच में थोड़ा कम खाएं और डिनर में उससे भी कम ही खाएं।गैस और खट्टी डकार की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप सोते समय अपनी गर्दन को थोड़ा ऊंचाई पर रखकर सोएं। इसके लिए आपकी गर्दन 15 डिग्री तक ऊपर होनी चाहिए।

आपको बताए गए उपाय तुरंत कार्य नहीं करेंगे। क्योंकि आप जीवनशैली और खान पान में बदलाव कर रहे हैं तो इस समस्या से राहत पाने में थोड़ा समय लग सकता है। इसलिए धीरज रखें।

कब जाएं डॉक्टर के पास

अगर आपको ज्यादातर समय खट्टी डकार की समस्या रहती है और जीवनशैली में बदलाव करने के बाद भी कोई परिणाम नहीं मिलते तो आप तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। इस समस्या से निपटने के लिए डॉक्टर आपको दवाइयां दे सकते हैं।

रतन टाटा से पंगा लेकर फंस गया शपोरजी पालोनजी ग्रुप, कैसे लौटाएगा 22000 करोड़ का कर्ज

नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने टाटा-मिस्त्री विवाद में टाटा ग्रुप के पक्ष में फैसला सुनाया है। इससे शपोरजी पालोनजी ग्रुप (Shapoorji Pallonji group) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इससे कर्ज में डूबे एसपी ग्रुप की ऋण पुनर्गठन (debt restructuring) की योजना कुछ हद तक खटाई में पड़ सकती है। सूत्रों का कहना है कि इससे टाटा संस में एसपी ग्रुप की हिस्सेदारी के मूल्यांकन को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति बननी मुश्किल है।

एसपी ग्रुप की कोरोना वायरस महामारी को लेकर पेश आरबीआई की स्पेशल स्कीम के तहत 22,000 करोड़ रुपये के अपने ऋण के पुनर्गठन की योजना है।
वह अपना कर्ज चुकाने के लिए टाटा संस में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहता है। एसपी ग्रुप की टाटा संस में 18.4 फीसदी हिस्सेदारी है जिसमें से वह आधी हिस्सेदारी 5,074 करोड़ रुपये में एक्सिस बैंक और आईडीबीआई बैंक में गिरवी रख चुका है। बची 9.2 फीसदी हिस्सेदारी की एक हिस्सा भी वह गिरवी रखना चाहता है जिस पर टाटा ने इस पर आपत्ति जताई है। एसपी ग्रुप की टोरंटो की कंपनी ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट से 3750 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद एसपी ग्रुप को अपनी योजना खटाई में पड़ सकती है।

एसपी ग्रुप की मुश्किलें
एसपी ग्रुप का कहना है कि टाटा संस में उसकी हिस्सेदारी का मूल्य 1.5 लाख करोड़ रुपये है। दूसरी ओर टाटा संस का कहना है कि एसपी के स्टेक की वैल्यू 70,000 से 80,000 करोड़ रुपये है। सुपीम कोर्ट के फैसले की दोनों पक्ष अपने हिसाब से व्याख्या कर रहे हैं। एसपी ग्रुप का कहना है कि कोर्ट ने टाटा संस की उस याचिका को भी खारिज कर दिया है जिसमें एसपी ग्रुप को कंपनी के शेयर गिरवी रखने से रोकने की मांग की गई थी।

दूसरी ओर टाटा संस का कहना है कि कोर्ट ने उसकी इस याचिका को स्वीकार कर लिया है। अगर टाटा संस की बात सही है तो इससे एसपी ग्रुप की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उसे एक्सिस बैंक और आईडीबीआई बैंक में गिरवी रखे गए टाटा संस के शेयर छुड़ाने होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही एसपी ग्रुप की उस अंतरिम याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें टाटा संस से ऑनरशिप इंटेरेस्ट्स को अलग करने की मांग की गई थी।

क्या है विवाद
एसपी ग्रुप ने एसपी ग्रुप में अपनी 18.4 फीसदी हिस्सेदारी का टाटा की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों के साथ अदलाबदली का प्रस्ताव दिया था। साइरस मिस्त्री को 2016 में टाटा संस के चेयरमैन पद से हटा दिया गया था। तभी से उनकी टाटा परिवार के साथ ठनी हुई है। पिछले साल 29 अक्टूबर को एसपी ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट मं टाटा ग्रुप से अलग होने का एक प्लान जमा किया था। इसमें उसने नॉन-कैश सेटलमेंट की मांग की थी। यानी इस हिस्सेदारी के बदले उन्हैं कैश नहीं बल्कि उन कंपनियों में हिस्सेदारी चाहिए थी जिनमें टाटा संस का स्टेक था।

पॉल्यूशन से सिकुड़ रहे पुरुषों के प्राइवेट पार्ट? नई स्टडी में हुआ खुलासा

प्रदूषण से सांस संबंधित बीमारियां दुनिया झेल रही है लेकिन एक हालिया अध्ययन में दावा किया गया है कि प्रदूषण की वजह से पुरुषों के लिंग छोटे हो रहे हैं सिकुड़ रहे हैं। 

पर्यावरण वैज्ञानिक डॉक्टर शाना स्वान ने अपनी नई किताब ‘काउंट डाउन’ में यह दावा किया है कि विषैले कैमिकलों की वजह से मानव सभ्यता गंभीर संकट से जूझ रही है। किताब में खासतौर पर थैलेट्स का जिक्र किया गया है। थैलेट्स एक कैमिकल है जिसका इस्तेमाल प्लास्टिक बनाने के लिए किया जाता है।

इस किताब में यह अध्ययन किया गया है कि कैसे आधुनिक जीवनशैली स्पर्म काउंट के लिए खतरा है और कैसे यह पुरुषों-स्त्रियों की प्रजनन क्षमता को कम कर रही है।

डॉक्टर शान का कहना है कि प्रदूषण की वजह से बीते कुछ समय में छोटे लिंग के साथ पैदा होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ गई है। 

डॉ. स्वान ने थैलेट्स सिंड्रोम की जांच सबसे पहले तब शुरू की जब उन्हें नर चूहों के लिंग में अंतर दिखाई दिया। उन्हें दिखाई दिया सिर्फ लिंग ही नहीं, मादा चूहों के भ्रूण पर भी असर पड़ रहा है। उनके प्रजनन अंग छोटे होते जा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने इंसानों पर भी अध्ययन करने का फैसला किया। 

अपने अध्ययन में उन्हें यह पता लगा कि इंसानों के बच्चों में भी यही दिक्कत आ रही है। उनके जननांग विकृत हो रहे हैं। 

थैलेट्स की वजह से प्लास्टिक ज्यादा लचीला बनता है। हालांकि, डॉक्टर स्वान का कहना है कि यह केमिकल अब खिलौनों और भोजन पदार्थों के जरिए इंसानों तक पहुंच रहा है और उन्हें नुकसान पहुंचा रहा है।

बांग्लादेश दौरे पर पीएम मोदी ने जशोरेश्वरी मंदिर में की पूजा, कहा- काली मां से प्रार्थना, कोरोना से दिलाएं मुक्ति.

प्रधानमंत्री बांग्लादेश के दो दिनों के दौरे पर है। आज वहां उनका दूसरा और आखिरी दिन हैं। अपने आखिरी दिन की शुरुआत पीएम मोदी ने जशोरेश्वरी काली मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करके की। जशोरेश्वरी काली मंदिर एक मशहूर हिंदू मंदिर हैं। पीएम मोदी ने कोरोना को लेकर मंदिर में प्रार्थना की। पीएम मोदी ने कहा, “मानव जाति आज कोरोना के कारण अनेक संकटों से गुजर रही है, मां से प्रार्थना है कि पूरी मानव जाति को इस कोरोना के संकट से जल्द मुक्ति दिलाएं। “

साथ उन्होंने यह भी कहा कि आज मुझे 51 शक्तिपीठों में से एक मां काली के चरणों में आने का सौभाग्य मिला। मेरी कोशिश रहती है कि मौका मिले तो इन 51 शक्तिपीठों में कभी न कभी जाकर अपना माथा टेकूं।

पीएम ने कहा कि मंदिर में दोनों देशों के श्रद्धालु आते हैं, यहां एक कम्यूनिटी हॉल की जरूरत है और कहा कि इसके निर्माण की जिम्मेदारी भारत निभाएगा 

पीएम मोदी ने कहा, “मैंने सुना है कि जब यहां मां काली की पूजा का मेला लगता है तो बहुत बड़ी तादाद में भक्त सीमा के उस पार से और यहां से भी आते हैं। यहां पर एक कम्यूनिटी हॉल की आवश्यकता है। भारत यहां पर इस निर्माण कार्य को करेगी, मैं बांग्लादेश सरकार का आभार मानता हूं कि उन्होंने इस काम के लिए हमारे साथ शुभकामनाएं प्रकट की हैं।”

हॉल के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “ये बहुउद्देशीय हॉल हो ताकि जब काली पूजा के लिए लोग आएं तो उनके भी उपयोग में आए और सामाजिक, धार्मिक, शै​क्षणिक अवसर पर यहां के लोगों के काम आए और आपदा के समय खासकर चक्रवात के समय ये कम्यूनिटी हॉल सबके लिए शेल्टर का स्थान बन जाए।”

30 अप्रैल तक गाइडलाइन दरों पर ही होगी रजिस्ट्री

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान और अपर मुख्य सचिव गृह श्री राजेश राजौरा उपस्थित थे।

एक सप्ताह में दोगुने हुए प्रकरण

प्रदेश में गत एक सप्ताह में कोरोना के प्रकरण दोगुने हो गए हैं। एक्टिव प्रकरण 11 हजार 168 हैं। कोरोना की गत एक सप्ताह की औसत पॉजिटिविटी दर 6.3 प्रतिशत है, जो देश की साप्ताहिक औसत दर 4.6 से अधिक है।

इंदौर में सबसे ज़्यादा 612 प्रकरण

कोरोना की जिलेवार समीक्षा में बताया गया कि सर्वाधिक नए प्रकरण इंदौर में 612 हैं। भोपाल में 425, जबलपुर में 156, उज्जैन में 83, रतलाम में 65, ग्वालियर में 63, खरगोन में 60, बैतूल में 54, सागर में 44, बड़वानी में 37, छिंदवाड़ा में 35, नरसिंहपुर 33, शहडोल में 27, बालाघाट में 26 और शाजापुर में 22 नए प्रकरण हैं। शेष ज़िलों में 20 से कम प्रकरण हैं।

अस्पतालों में पूरी तैयारी रखें

कोरोना के अधिकांश मरीज़ होम आइसोलेशन में हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में अस्पतालों में कोरोना के उपचार की श्रेष्ठतम व्यवस्था रखें। आवश्यकता होने पर होम आइसोलेशन से अस्पताल ले जाने की तुरंत व्यवस्था हो।

कोरोना से निबटने की तिहरी रणनीति

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए हम तिहरी रणनीति अपना रहे हैं। पहला संक्रमण रोकने के सभी उपाय करना, दूसरा अस्पतालों में कोरोना के उपचार की श्रेष्ठतम व्यवस्था और तीसरा प्रदेश में तेजी से वैक्सीनेशन करवाना, जिससे कोरोना का संकट कम से कम हो सके।

अर्थ-व्यवस्था को नुकसान पहुँचाए बिना कोरोना नियंत्रण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पूरा लॉकडाउन अर्थ-व्यवस्था को ध्वस्त और लोगों को बेरोजगार कर देता है। हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि अर्थ-व्यवस्था को नुकसान भी न पहुँचे और हम कोरोना के संकट से प्रदेश को सुरक्षित बाहर निकाल पाएँ। इसके लिए जो भी आवश्यक उपाय होंगे, किए जाएंगे।

“मेरा मास्क-मेरी सुरक्षा” अभियान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए जन-जागरूकता बहुत आवश्यक है। इसके लिए प्रदेश में “मेरा मास्क-मेरी सुरक्षा” अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत लोगों में मास्क बाँटे जा रहे हैं तथा उन्हें मास्क पहनने के लिए जागरूक किया जा रहा है। मास्क पहनने से कोरोना से 90 प्रतिशत सुरक्षा होती है।

घर पर ही मनाये आगामी त्यौहार

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना का संक्रमण न फैले इसके लिए सभी लोग आगामी त्यौहार घर पर ही रहकर पूरी श्रद्धा एवं आस्था के साथ मनाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिन जिलों में कोरोना के 20 से अधिक प्रकरण हैं वहाँ होलीका दहन एवं शबे-बारात प्रतीकात्मक रूप से ही हों। कहीं भी भीड़ नहीं हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए।

ये सावधानियाँ बरतें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी लोग मास्क अनिवार्य रूप से लगाएँ, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, हाथों को साफ रखें, सेनेटाइज करते रहें तथा निर्धारित कार्यक्रम अनुसार वैक्सीन अवश्य लगवाएँ। मास्क आपको संक्रमित होने से बचाता है, सोशल डिस्टेंसिंग से आप कोरोना के कैरियर नहीं बनते, सैनिटाइजर कोरोना वायरस को मारता है। वैक्सीनेशन से कोरोना के विरुद्ध आपके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न होती है। अतः कोरोना से बचने के लिए इन सभी सावधानियों का आवश्यक रूप से पालन करें।

समर्थन मूल्य पर खरीदी 27 मार्च से

प्रदेश के उज्जैन एवं इंदौर संभागों में समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी 27 मार्च से प्रारंभ हो रही है। शेष संभागों में खरीदी 1 अप्रैल से प्रारंभ होगी। साथ ही सभी संभागों में 27 मार्च से ही चना, मसूर एवं सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रारंभ हो रही है।

अवकाश के दिनों में भी खुलेंगे उप पंजीयक कार्यालय
महानिरीक्षक पंजीयन ने जारी किये निर्देश

ग्वालियर/ जन-सामान्य को दस्तावेजों के पंजीयन कार्य में सुविधा देने के लिये माह मार्च 2021 के समस्त अवकाश दिवसों में समस्त जिला पंजीयक एवं उप पंजीयक कार्यालय पंजीयन एवं शासकीय कार्य के लिये खुले रहेंगे। इस आश्य के निर्देश महानिरीक्षक पंजीयन द्वारा जारी कर दिये गये है।
गृह विभाग द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव के लिये जारी दिशा-निर्देशों अनुसार जिलों में लॉकडाउन के दौरान 28 मार्च रविवार के दिन भी पंजीयन एवं उप पंजीयक कार्यालय खुले रहेगें। इनमें कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं सेवा प्राप्त करने वाले नागरिकों के आवागमन को प्रतिबंधित नहीं किया जावेगा। पक्षकार सुविधा अनुसार रविवार 28 मार्च को भी अचल संपत्ति का पंजीयन करवा सकेंगे। जन-सुविधा और शासन के राजस्व के दृष्टिगत प्रदेश के सभी उप पंजीयक कार्यालय 26 मार्च से 31 मार्च 2021 की अवधि में प्रात: 8.30 बजे से खुले रहेंगे।

कोरोना संक्रमण: रविवार को रहेगा टोटल लॉक डाउन

ग्वालियर। जिले में कोरोना संक्रमण की गति और तेज़ होती जा रही है । आज शुक्रवार देर रात को 67 नए कोरोना पॉजिटिव केस निकले। इसके चलते प्रशासन ने रविवार को टोटल लॉक डाउन का निर्णय लिया है । कल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह इसका औपचारिक आदेश जारी कर सकते हैं।

उधर  कोरोना के मरीजो की बढ़ती संख्या के चलते प्रशासन ने और भी अनेक कदम उठाए है ।कोरोना के बढ़ते हुए संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिये जिला प्रशासन द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इस कड़ी में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन व बस स्टेण्ड पर पहुँचने वाले आगुंतकों की स्वास्थ्य संबंधी स्क्रीनिंग के लिये वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की है। इन अधिकारियों द्वारा मेडीकल स्टाफ के जरिए यात्रियों की स्क्रीनिंग की जायेगी।
अपर जिला दण्डाधिकारी श्री रिंकेश वैश्य से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सिविल एयरपोर्ट महाराजपुरा पर यात्रियों की स्क्रीनिंग कराने की जवाबदेही उपायुक्त वाणिज्यकर श्री एम कुमार को सौंपी गई है। इसी तरह रेलवे स्टेशन पर सहायक श्रम आयुक्त श्रीमती संध्या सिंह, बस स्टेण्ड पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मनोज पाटीदार, बस स्टेण्ड स्टेशन रोड़ और उप संचालक किसान कल्याण व कृषि विकास श्री आनंद बड़ोनिया झाँसी रोड़ बस स्टेण्ड पर अधीनस्थ अमले के माध्यम से यात्रियों की स्वास्थ्य जाँच व स्क्रीनिंग करायेंगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इन चारों स्थानों पर चिकित्सक व पैरामेडीकल स्टाफ की आवश्यक उपकरणों सहित नामजद ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

हरिद्वार कुंभ आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं , डेढ़ फीट के नागा बाबा

देशभर से नागा संन्यासी और अन्य संत हरिद्वार पहुंचे हैं. इनमें ऐसे संत भी है जो अपने आप में आकर्षण का केंद्र बने हुए है. ऐसे ही एक संत है स्वामी नारायण नंद. स्वामी नारायण नंद अपनी कद काठी के चलते सबके आकर्षण का केंद्र बने हुए है.


कुंभ मेले में नागा साधु-संतों के अद्भुत और निराले रूप देखने को मिल रहे हैं. आध्यात्मिक राजधानी के रूप में मान्यता प्राप्त कुंभ नगरी हरिद्वार इस समय वास्तव में धर्म, आस्था, श्रद्धा और अध्यात्म से सराबोर है. संत, नागा संत और अखाड़े, टेंट और अखाड़ों की छावनियों के टीनशेड का रेला लगा हुआ है. 

देशभर से नागा संन्यासी और अन्य संत हरिद्वार पहुंचे हैं. इनमें ऐसे संत भी है जो अपने आप में आकर्षण का केंद्र बने हुए है. ऐसे ही एक संत है स्वामी नारायण नंद. स्वामी नारायण नंद अपनी कद काठी के चलते सबके आकर्षण का केंद्र बने हुए है. कहा जाता है कि वह दुनिया के सबसे छोटे नागा संन्यासी है और इसीलिए हर कोई इनसे आशीर्वाद लेने को उत्सुक है. फिलहाल वह जूना अखाड़े की छावनी के निकट दुख हरण हनुमान मंदिर के निकट रह रहे हैं. 

स्वामी नारायण नंद की लंबाई है करीब 18 इंच, उम्र 55 वर्ष के करीब और वजन करीब 50 किलों है. स्वामी नारायण नंद चल नहीं पाते हैं और दैनिक कर्म के लिए भी उन्हें सहायक की आवश्यकता पड़ती है. वह भोजन में दूध और एक रोटी ही खाते है मगर भजन पूरी लय में भक्तिभाव के साथ गाते है.  

स्वामी नारायण नंद मूल रूप से झांसी के रहने वाले है और ये हरिद्वार के कुंभ 2010 में जूना अखाड़े में शामिल हुए थे. फिर उन्होंने नागा संन्‍यासी की दीक्षा प्राप्ति की. नागा संन्‍यासी बनने से पहले उनका नाम सत्यनारायण पाठक था. संन्‍यासी दीक्षा लेने के बाद उनका नाम स्वामी नारायण नंद महाराज हो गया और तब से ही वह भगवान शिव की भक्ति में लीन हैं. स्वामी नारायण नंद ने बताया कि, ”हमारा नाम नारायण नंद बावन भगवान है. हम जूनागढ़ के नागा बाबा हैं. सन 2010 में कुंभ लगा था तब हम नागा हो गए थे. मैं झांसी का रहने वाला हूं. अब बलिया जिला में अपने गुरु के पास रहते हैं. हमारे गुरु जी का नाम गंगा नंद दास है और गंगा नंद जी के गुरु का नाम आनंद गिरी है.” उन्होंने आगे बताया कि आनंद गिरी के गुरु का नाम हरि गिरि  है. मेरी उम्र 55 साल है और जन्म हमारा झांसी का है.