अमलोरी प्रोजेक्ट में CBI टीम की छापेमारी से हड़कंप, दस्तावेजों की छानबीन

सिंगरौली / NCL (नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के अमलोरी प्रोजेक्ट में CBI (केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो) टीम की छापेमारी से हड़कंप मच गया। CBI की टीम ने यहां सुबह करीब 9 बजे डेरा डाले हुए है। CBI और CMPDI (सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इन्स्टीट्यूट) के एक्सपर्ट्स सदस्यों की संयुक्त टीम ने सुबह के समय प्रोजेक्ट में कई अलग-अलग जगहों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की है। इसमें पुराने GM ऑफिस के पास स्थित स्टोर, सीएचपी के पास सेल्स डिपार्टमेंट के दफ्तर, कोल स्टॉक सेक्शन के दफ्तर और कोयला के नापतौल करने वाले कांटा (वे-ब्रिज) में टीमें एक साथ पहुंचीं।

एक साथ प्रोजेक्ट के अलग-अलग दफ्तरों में कार्रवाई इतने गुपचुप तरीके से की गई कि इसकी भनक दफ्तर के बाहर के लोगों को काफी देर बाद लगी। दफ्तर में पहुंचते ही टीमों ने सभी प्रकार की गतिविधियों को अपने हाथ में ले लिया। टीम के सदस्य दस्तावेजों की छानबीन में जुटे रहे और जरूरत पड़ने पर पूछताछ भी करते रहे। यह कार्रवाई किस कारण से की गई है? इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि अभी तक न तो NCL प्रबंधन ने की है और न ही CBI टीम की ओर से कोई जानकारी दी गई है।
कोयला घोटाले की आशंका
CBI की इस छापामार कार्रवाई का कारण सूत्र कोयला घोटाले की ओर इशारा कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो प्रोजेक्ट में कोयले की हेराफेरी का खेल कोई आज से नहीं बल्कि लंबे समय से चल रहा था। इस हेराफेरी में कोयले का बड़ा स्टॉक अवैध तरीके से प्रोजेक्ट के बाहर भेजने या फिर अन्य किसी तरीके से भी कोयले के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। कई लोग समय पहले ही प्रोजेक्ट से ट्रांसफर कराकर जा चुके हैं। लेकिन मामला CBI के पास पहुंचने पर अब कलई खुलने लगी है। कुछ जिम्मेदारों की लापरवाही से कोलयार्ड से कोयले का काफी बड़ा स्टॉक जल गया है, जिससे कोयले के प्रोडक्शन और डिस्पैच में बड़ा अंतर दिख रहा है।
दो ग्रुप में क्यों आयी हैं टीमें?
इस छापामार कार्रवाई को अंजाम देने के लिए दो प्रकार की टीमें CBI और CMPDI के एक्सपर्ट्स की आयी हैं। इसका कारण बताया जा रहा है कि शिकायत तो CBI के पास हुई है और कार्रवाई का नेतृत्व भी वही कर रही है। लेकिन मामला कोल स्टॉक से जुड़ा है। इसलिए कोयले की मात्रा जांचने-परखने के लिए एक्सपर्ट्स के तौर पर CMPDI के एक्सपर्ट्स सदस्यों की टीम को भी इस जांच में शामिल किया गया है।

छापेमारी से पहले की रैकी
सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि भले CBI और CMPDI की संयुक्त टीम ने छापेमारी की है, लेकिन यहां कोयले से जुड़ी हेराफेरी की गतिविधि पर CBI द्वारा काफी पहले से नजर रखी जा रही थी। यानी, यह कहें तो गलत नहीं होगा कि इस कार्रवाई को अंजाम देने के पहले बाकायदा रैकी भी की गई थी। पुख्ता तथ्य सामने आने के बाद छापेमारी की कार्रवाई की गई है।

NCL के लक्ष्य को पूरा करने की होड़
एक बात यह भी सामने आ रही है कि 31 मार्च तक 113 मिलियन टन कोयला उत्पादन करने का लक्ष्य NCL का है। ऐसे में कंपनी के इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी प्रोजेक्ट्स के बीच होड़ सी मच गई है। इस होड़ में प्रोडक्शन को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए जाने की आशंका है। CBI की कार्रवाई से इस आशंका को और बल मिल रहा है। वहीं, दूसरी ओर इस कार्रवाई से अमलोरी खदान में दोपहर के समय से कोयला प्रोडक्शन से जुड़ी गतिविधियों को भी बंद कराने की बात सामने आ रही है। इसे लेकर कर्मियों में नाराजगी व्याप्त होने की बात कही जा रही है।

हमारे दैनिक जीवन में शामिल है विज्ञान, व्यवहार में समझने की जरूरत


जेयू और विज्ञान भारती की ओर से हुए कार्यक्रम में प्रदर्शनी भी लगाई गई
विज्ञान हमारे दैनिक जीवन में शामिल है, लेकिन उसे समझने और व्यवहार में उतारने की जरूरत है। कई ऐसे मेडिश्नल प्लांट्स हैं, जिनसे कई तरह की बीमारियों की दवाइयां बनती हैं। विज्ञान को समझने का हमारा नजरिया व्यावहारिक होना चाहिए, तभी आने वाली पीढ़ी भी उसे समझ सकेगी।
यह बात जीवाजी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कही। वह जेयू और विज्ञान भारती के संयुक्त तत्वाधान में गालव सभागार में हुए कार्यक्रम में बोल रही थीं। इस दौरान विज्ञान भारती की ओर से एक प्रदर्शनी भी लगाई गई।
इस अवसर जेयू की ओर से डीसीडीसी डॉ. केशव सिंह गुर्जर, डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके द्विवेदी, कुलानुशासक डॉ. हरेंद्र शर्मा, कार्यपरिषद सदस्य डॉ. शिवेंद्र सिंह राठौड़, वीरेंद्र गुर्जर और विज्ञान भारती के प्रांत सचिव संजय कौरव मौजूद रहे।

भारतीय नजरिया जरूरी

विज्ञान भारती के प्रांत सचिव संजय कौरव ने कहा कि सफलता के लिए हमें आत्मनिर्भर बनना होगा। दूसरी बात विज्ञान के प्रति भारतीय दृष्टिकोण जरूरी है जो मानव कल्याण की सीख देता है।

किताबी ज्ञान से ऊपर है विज्ञान

डॉ. शिवेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि विज्ञान को महज किताबी ज्ञान तक नहीं बांधा जा सकता। यह उससे कहीं ऊपर है। समय के बदलाव के साथ विज्ञान की भूमिका में लगातार परिवर्तन आया है, जरूरत है उसे व्यावहारिक तौर पर समझने की।

त्रिकोणीय मुकाबले में फंसती दिख रहीं बंगाल की 100 से ज्यादा मुस्लिम बहुल सीटें

कोलकाता।  2021 ऐसा माना जाता है कि बंगाल में सत्ता की चाबी मुस्लिम वोटरों के हाथ में है, जो पिछले एक दशक से ज्यादा समय से ममता बनर्जी का साथ देते रहे हैं। राज्य में करीब 30 फीसद मुस्लिम आबादी है और इस वर्ग का 100 से 125 विधानसभा सीटों पर सीधा प्रभाव है, जहां वे जीत-हार तय करते हैं। इनमें से करीब 90 सीटों पर पिछले विधानसभा चुनाव में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थीं।

लेकिन इस बार भाजपा व तृणमूल के साथ मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने और मुस्लिम वोटरों को वापस अपने साथ लाने के लिए वाममोर्चा और कांग्रेस ने फुरफुरा शरीफ दरगाह के पीरजादा और प्रमुख मुस्लिम धाíमक नेता अब्बास सिद्दीकी द्वारा नवगठित इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आइएसएफ) जैसे कट्टरपंथी दल के साथ गठजोड़ किया है, जिसके बाद समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर, हैदराबाद से सांसद व एआइएमआइएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की नजर भी बंगाल में मुस्लिम वोटों पर है। वह भी 10 से 20 मुस्लिम बहुल सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। ऐसे में इस बार मुस्लिम बहुल सीटें त्रिकोणीय मुकाबले में फंसती नजर आ रही है।

इसके पीछे इस बार मुस्लिम मतदाताओं की चुप्पी बड़ी वजह है, जिसने राजनीतिक दलों की चिंताएं बढ़ा दी है। वहीं, भाजपा से कड़ी टक्कर मिलने से परेशान व चुनाव से पहले पार्टी में भगदड़ का सामना कर रही तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुस्लिम मतदाताओं की चुप्पी को लेकर सबसे ज्यादा परेशान हैं। खासकर इसबार के चुनाव में आइएसएफ की एंट्री से दीदी को मुस्लिम वोट बंटने का सबसे ज्यादा डर सता रहा है। यह इस बात से समझा जा सकता है कि ममता लगातार वाममोर्चा व कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साध रहीं हैं। वहीं, आइएसएफ के प्रमुख अब्बास सिद्दीकी से वह इतनी खफा हैं कि वह उनका नाम तक नहीं लेना चाह रही हैं। हाल में पत्रकारों द्वारा सिद्दीकी का नाम लेते ही ममता आग बबूला हो गईं। ऐसे में मुस्लिम मतदाता यदि बंटते हैं तो इसबार तृणमूल के लिए राह आसान नहीं हैं।

त्रिकोणीय मुकाबले से भाजपा को होगा सीधा फायदा

दूसरी ओर, वाम-कांग्रेस व आइएसएफ गठबंधन, तृणमूल कांग्रेस एवं ओवैसी की पार्टी के बीच यदि मुस्लिम वोट बंटता है तो भाजपा को इसका सीधा फायदा हो सकता है। 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद से बंगाल फतह का ख्वाब देख रही भाजपा को लग रहा है कि त्रिकोणीय मुकाबले से उसे फायदा होगा। पिछले लोकसभा चुनाव में यह साबित भी हुआ था। मालदा जैसे मुस्लिम बहुल जिले में भाजपा, मुस्लिम वोटों के बंटने से एक लोकसभा सीट जीतने में कामयाब रहीं थीं जबकि एक अन्य सीट पर महज कुछ हजार के अंतर से भाजपा प्रत्याशी जीत से चूक गए थे। इसके अलावा मुस्लिम बहुत उत्तर दिनाजपुर जिले की रायगंज लोकसभा सीट भी भाजपा पहली बार जीतने में कामयाब रहीं। इसके अलावा हाल के दिनों में तृणमूल व अन्य दलों से बड़ी संख्या में मुस्लिम नेता व कार्यकर्ता भी भाजपा के साथ जुड़े हैं। जागरूक मुस्लिम मतदाता इस बार बदलाव की बात कह रहे हैं।

पीरजादा का 12 से 15 लाख मुस्लिम परिवारों पर है प्रभाव

जहां तक फुरफुरा शरीफ के पीरजादा की बात है तो 12 से 15 लाख बांग्लाभाषी मुस्लिम परिवारों पर इनका प्रभाव माना जाता है। अब्बास सिद्दीकी के प्रति खासकर मुस्लिम युवाओं का रूझान अधिक है, जो तृणमूल के लिए चिंता का सबब है।

बंगाल में मुस्लिम वोटों का ग्राफ

बंगाल में कुल 294 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से 46 में मुस्लिमों की संख्या 50 फीसद से अधिक है। 16 सीटें ऐसी हैं, जहां मुसलमानों की आबादी 40 फीसद से अधिक, 33 सीटों पर 30 फीसद से अधिक और 50 सीटों पर 25 फीसद से अधिक हैं। उत्तर व दक्षिण 24 परगना, मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर व दक्षिण दिनाजपुर, नदिया और बीरभूम जिलों में मुस्लिम वोटों को ध्यान में रखकर ही उम्मीदवार तय किए जाते रहे हैं।

दिल्ली सरकार की राशन डिलीवरी योजना पर केंद्र की रोक, CM केजरीवाल ने बुलाई समीक्षा बैठक

दिल्ली में राशन की डोर स्टेप डिलीवरी मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज समीक्षा बैठक बुलाई है. ये समीक्षा बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी. इस बैठक में मुख्यमंत्री केजरीवाल के अलावा खाद्य एंव नागरिक आपूर्ति मंत्री और आयुक्त शामिल होंगे. एक दिन पहले शुक्रवार को ही केंद्र सरकार की ओर से चिठ्ठी लिखकर केजरीवाल सरकार की ‘मुख्यमंत्री घर का राशन योजना’ पर रोक लगाने को कहा था.

आम आदमी पार्टी (आप) की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार ने केंद्र पर प्रमुख डोरस्टेप राशन वितरण योजना को रोक कर रखने का आरोप लगाया है. दिल्ली सरकार के एक सूत्र ने कहा, “बीजेपी शासित केंद्र ने दिल्ली सरकार की डोरस्टेप डिलीवरी स्कीम को रोक दिया है. दिल्ली सरकार की फ्लैगशिप स्कीम राष्ट्रीय राजधानी के लोगों के लिए उनके घर में अनाज उपलब्ध कराने की योजना है.”

केंद्र ने क्यों नहीं दी मंजूरी
केंद्रीय उपभोक्ता मामले ने दिल्ली सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि एनएफएसए के अनाज के वितरण के लिए दिल्ली सरकार द्वारा योजना के नए नाम को स्वीकृति नहीं दी जा सकती है. हालांकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार एनएफएसए के अनाजों की मिक्सिंग किए बगैर अगर-अलग से कोई योजना बनाती है तो उसे कोई एतराज नहीं होगा.

केंद्र सरकार द्वारा लिखे गए पत्र में दिल्ली सरकार से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत पात्र लाभार्थियों को राशन वितरण के लिए एनएफएसए के मानदंडों को पालन करने का आग्रह किया गया है. केंद्र सरकार ने कहा कि एनएफएसए के तहत लाभार्थियों को सस्ती दरों पर अनाज उपलब्ध कराने के लिए जो राशन राज्यों को आवंटित किया जाता है उसका उपयोग एनएफएसए के अलावा दूसरे नाम के तहत राज्य की योजना या अन्य योजना को लागू करने के लिए नहीं किया जा सकता है.

लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस के पार्सल कोच में आग गाजियाबाद स्टेशन पर मचा हड़कंप

गाजियाबाद में शताब्दी एक्सप्रेस के जेनरेटर कार में आग लगने की खबर है. जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद स्टेशन पर दिल्ली लखनऊ शताब्दी ट्रेन के पार्सल कोच में आग लगी है. आग की घटना से हड़कंप मंचते ही आनन-फानन में रेल अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए. हालांकि, आग की इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है

.घटना आज सुबह की है । दिल्ली से चलकर लखनऊ जाने बाली शताब्दी एक्सप्रेस सुबह आकर ग़ज़ियावाद स्टेशन के प्लेटफार्म पर खड़ी हुई । थोड़ी देर में अचानक उसकी एक बोगी में।से पहले धुआं उठा लेकिन जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक आग की तेज़ लपटें निकलने लगी ।

यह देख स्टेशन पर हड़कम्प मच गया । ट्रैन में बैठे यात्री भी उतरकर प्लेटफार्म पर आ गए । इस बीच रेलवे के अधिकारी,कर्मचारी,आरपीएफ और जीआरपी के लोग भी आ गए तत्काल आग बुझाने में जुटे जिसके चलते तत्काल आग पर काबू पा लिया गया । इस हादसे में किसी को भी कोई क्षति नही पहुंची । बताया गया कि एक घंटे बिलंब से ट्रेन लखनऊ की ओर रवाना कर दी गई।

बाराबंकी में बवाल के बाद हालात काबू में, विवादित स्थल पर नोटिस लगाकर की एंट्री बैन

बाराबंकी
यूपी के बाराबंकी में रामसनेहीघाट तहसील परिसर में विवादित स्थल के नजदीक पथराव और तोड़फोड़ के बाद फिलहाल शांति है। विवादित स्थल पर जाने से रोकने पर अराजकतत्वों ने पथराव शुरू कर दिया था जिसमें चार सिपाही समेत एक दरोगा भी घायल हो गए। सूचना के बाद एसपी बाराबंकी यमुना प्रसाद भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और अराजकतत्वों को हिरासत में लेकर स्थिति कंट्रोल की। घटना में घायल पुलिस कर्मियों को अस्पताल भेजा गया है।

तहसील परिसर के विवादित स्थल की बाउंड्री पर प्रशासन ने नोटिस चस्पा कर किसी भी व्यक्ति के आने जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। किसी भी शख्स के बलपूर्वक घुसने पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन ने 5 घंटे बाद रास्ते के आवागमन को सुचारू रूप चालू कर दिया है। विवादित स्थल पर पुलिस की टुकड़ी तैनात है। रामसनेहीघाट तहसील परिसर में पथराव और तोड़फोड़ के बाद शांति हैं।

रात 8 बजे की घटना
घटना शुक्रवार की रात करीब 8 बजे रामसनेहीघाट तहसील कार्यालय परिसर की है जहां पुलिस प्रशासन द्वारा विवादित स्थल पर आने-जाने से रोकने पर समुदाय विशेष के लोगों ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर पथराव कर दिया। जिसमें दरोगा सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। अराजकतत्वों ने पुलिस की बाइकें तोड़ दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम की भारी फोर्स ने कुछ उपद्रवियों को चुनकर जमकर धुनाई की और पूरे इलाके को सील कर दिया गया।

आईडी प्रूफ मांगने पर भाग खड़े हुए
दरअसल रामसनेहीघाट तहसील कैम्पस में दो-तीन कमरें बने हैं। इसमें बिहार व बंगाल के तीन लोग रहते थे। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व आईएएस अधिकारी दिव्यांशु पटेल को कुछ दिन पहले तहसील परिसर में रहने वाले लोगों ने इस भवन में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत की। जिस पर दिव्यांशु पटेल ने यहां पर रहने वाले लोगों से आईडी प्रूफ मांगे। इसके बाद यहां रह रहे लोग भाग खड़े हुए। दो दिन पहले संयुक्त मजिस्ट्रेट ने इस विवादित स्थल पर आने-जाने के लिए लगे गेट को बंद कर दीवार बनवा दी गई।

उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर शुरु किया पथराव
शुक्रवार की दोपहर कुछ लोग यहां पर धार्मिक क्रियाकलाप के लिए पहुंचे तो पुलिस ने उनको वापस कर दिया था। लेकिन तनातनी के बीच शाम करीब 8 बजे तहसील प्रशासन की ओर से बनवाई गई दीवार को ढहाने के लिए समुदाय विशेष के लोग एकत्र हुए और नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी के बीच उपद्रवियों ने थाने के हेडमुहर्रिर उमेश सिंह सहित चार पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। धारदार हथियार से लैस हमलावरों ने कई बाइकें भी तोड़ दी। इनको नियंत्रित करने के लिए पुलिस को जवाबी कार्रवाई करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े व रबर की गोलियां चलाईं।

15 थानों की पुलिस फोर्स व पीएसी के साथ तैनात, इलाका सील
फिलहाल सूचना के बाद डीएम आदर्श सिंह, एसपी यमुना प्रसाद, 15 थानों की पुलिस फोर्स व पीएसी के साथ पहुंच गए। इलाके को सील कर दिया है। उपद्रवियों की पहचान कर धरपकड़ व सर्च ऑपरेशन जारी है। डीएम आदर्श सिंह ने बयान जारी कर कहा कि कुछ अराजकतत्वों द्वारा शांति व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है जिस पर पुलिस फोर्स उपस्थित था और हम और पुलिस अधीक्षक मौके पर तत्काल पहुंचे यंहा शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और ऐसे अराजक तत्त्वों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिसकर्मी गिरकर हुआ घायल, तो ज्योतिरादित्य सिंधिया ने काफिला रोककर की मदद

भोपाल। राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया शनिवार सुबह भोपाल पहुंचे, वे अपने काफिले के साथ जा रहे थे इसी दौरान एक पुलिसकर्मी सड़क पर गिरकर घायल हो गया। इस पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने काफिला रुकवाया और तुरंत घायल पुलिसकर्मी के पास पहुंचे और उसे पट्टी लगाई। इसके बाद तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करवाई। गिरने से पुलिसकर्मी के सिर और हाथ में चोट लगी। सिंधिया ने फिर पुलिसकर्मी का नाम पूछा और कहा कि अब आराम से जाओ, उन्होंने यह भी कहा कि ये बहुत मजबूत आदमी है।इसके पहले स्टेट हैंगर पर मंत्री तुलसीराम सिलावट ने ज्योतिरादित्य सिंधिया का स्वागत किया।

जेईई मेन के बैचलर आफ प्लानिंग के परिणाम में इंदौर की रूशिल मध्‍य प्रदेश टापर

इंदौर । नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने जाइंट एंट्रेंस एक्जामिनेशन (जेईई) मेन के तहत फरवरी में बैचलर आफ आर्किटेक्चर और बैचलर आफ प्लानिंग कोर्स में प्रवेश के लिए हुई परीक्षा के परिणाम जारी किए। बैचलर आफ प्लानिंग में फीमेल कैटेगरी में प्रदेश टापर शहर से पढ़ाई करने वाली रूशिल व्यास रही हैं। रूशिल को 99.90 पर्सेंटाइल प्राप्त हुए हैं।

रूशिल कहती हैं उनका सपना आइआइटी से बीटेक करना है लेकिन इसके साथ ही बैचलर आफ प्लानिंग के लिए भी जेईई मेन में शामिल हुई थी। आइआइटी के बीटेक कोर्स में प्रवेश लेने के लिए रूशिल ने हाल ही में हुई जेईई मेन भी दी है। उनका कहना है नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 12 सैंपल पेपर जारी किए थे।

इसकी तैयारी करने से बैचलर आफ प्लानिंग के परिणाम बेहतर आए। पेपर में गणित, एप्टीट्यूड और प्लानिंग से प्रश्न पूछे गए थे। रूशिल को आल इंडिया फीमेल कैटेगरी में आठवीं रैंक प्राप्त हुई है। पिता सतीशचंद्र व्यास बैंक में चीफ मैनेजर हैं और माता निमिषा व्यास शिक्षिका हैं।

बैचलर आफ आर्किटेक्चर में भी विद्यार्थियों को सफलता मिली है। स्वप्ना संघवी को 96.64 और दर्शन जैन को 95.17 पर्सेंटाइल प्राप्त हुए हैं। परीक्षा के विशेषज्ञ कोणार्क भाटिया का कहना है बैचलर आफ आर्किटेक्चर और बैचलर आफ प्लानिंग कोर्स के लिए देशभर में करीब 1300 सीट हैं। आर्किटेक्चर कोर्स आइआइटी रूड़की और आइआइटी खड़गपुर से भी होता है।

भोपाल, इंदौर और जबलपुर में हर रविवार को रहेगा लॉकडाउन, प्रदेश में बेकाबू हो रहे कोरोना संक्रमण को लेकर सख्त हुई सरकार

,कोरोना की दूसरी लहर ने मप्र में जोर पकड़ लिया है । इससे सरकार और प्रशासन भी अलर्ट भी आ गया है । जागरूकता और अपीलों के जरिये लोगो को खूब जागरूक करने के बावजूद जब लोगों की लापरवाही कम नहो हो रही तो प्रदेश एक बार फिर लॉक डाउन की राह चल पड़ा है । लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते आखिरकार आज राज्य सरकार ने नए आदेश जारी किए जिसके अनुसार रविवार को प्रदेश के तीन बड़े शहरों राजधानी ,भोपाल के अलावा इंदौर और जबलपुर में रविवार को लॉक डाउन रहेगा।

भोपाल और इंदौर में कोरोना संक्रमण ने पिछली साल वाली गति ही पकड़ ली है लिहाजा सरकार इस बार इस मामले में पहले से ही अलर्ट मोड पर आ गई है । कल सीएम शिवराज सिंह ने व्यापक समीक्षा की और आज घोषणा की गई कि तीनों शहरों में शनिवार रात दस बजे तक दबाईं,दूध आदि को छोड़कर बाकी सभी काम धंधे,आवाजाही और बाजार बंद रहेंगे यानी पहले की तरह टोटल लॉक डाउन रहेगा ।

इसके अलावा ग्वालियर सहित प्रदेश के अनेक जिलों में फिलहाल रात को दस बजे से लॉक डाउन लागू किया गया है । ग्वालियर में भी हालात बिगड़ रहे है । यहां तकरीबन दो दर्जन से ज्यादा औसत रोज ही संक्रमित निकल रहे है । अभी यहां मास्क लगाने पर जोर दिया जा रहा है लेकिन अगर हालात नही बदले तो ग्वालियर में भी यही व्यवस्था लागू हो सकती है ।