जेयूः महासभा की बैठक में बजट पर संकल्प हुआ पारित


जीवाजी विश्वविद्यालय की महासभा की 51वीं वार्षिक बैठक शुक्रवार को टंडन कक्ष में हुई। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में विश्वविद्यालय का 2020- 21 का संशोधित बजट व 2021- 22 के अनुमानित बजट पर संकल्प पारित किया गया। इसके साथ ही डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया में जीवाजी विश्वविद्यालय से एक प्रतिनिधि के रूप में डॉ. योगेंद्र कुमार पहारिया का निर्वाचन किया गया। महासभा के सदस्यों ने जीवाजी विश्वविद्यालय को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए भी एकमत होकर कहा।


महासभा में कुलाधिसचिव प्रो. उमेश होलानी, कुलसचिव प्रो. आनंद मिश्रा, डीसीडीसी डॉ. केशव सिंह गुर्जर, प्रो. एसके सिंह, प्रो. जेएन गौतम, प्रो. एसके शुक्ला, प्रो. योगेश उपाध्याय, डॉ. संजय कुमार गुप्ता, डॉ. रमा त्यागी, प्रो. मुकुल तैलंग, प्रो. संजय कुलश्रेष्ठ, डॉ. संगीता कटारे, डॉ. शिवेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. मुनेंद्र सिंह सोलंकी, अनूप अग्रवाल, वीरेंद्र गुर्जर, प्रो. पीके तिवारी, प्रो. एसके द्विवेदी मौजूद रहे।
जरूरी है सपनों के लिए समर्पण
महासभा की बैठक की शुरूआत में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने अभिभाषण में कहा कि आप सभी के सहयोग से मैं जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में सात वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर चुकी हूं। मेरे सामने विश्वविद्यालय के विकास के लिये अनेक चुनौतियांंॅं रही हैं, जिन्हें आप सभी के सहयोग से पूर्ण करने का निरन्तर प्रयास कर रही हूं। बीता साल कोरोना महामारी के कारण भय और निराशा में गुजरा है, लेकिन वर्तमान का स्वागत स्वर्णिम भविष्य के सपनों को साकार करने के इरादे से किया जाना चाहिए। सपनों के लिए समर्पित होना जरूरी है, जिससे सभी अपने भविष्य के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के लिए भी ऐसे कार्य करें जो कि देश का भाग्य तय कर सके। जीवाजी विश्वविद्यालय के छात्रों को राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देना होगा, जिससे विश्वविद्यालय का नाम पूरे विश्व में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा सके।
सदस्यों ने भी रखी बात
बैठक में महासभा के सदस्यों ने अपने विचार भी व्यक्त किए। डॉ. सतीश सिंह सिकरवार ने कहा कि हम सब इस विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य हैं। उन्होंनें कहा कि विवि को लगातार ऊंचाइयां दिलाने, कोरोना जैसे विपरीत समय में भी जेयू को लगातार प्रगति पथ पर चलाते हुए महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने प्रस्तुत किया है।
प्रो. एसके सिंह, डॉ. केशव सिंह गुर्जर ने विश्वविद्यालय की सभी बैठकें समय पर करने के लिए कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को निपटाने की बात भी कही। प्रो. जेएन गौतम ने बजट में कर्मचारियों की पेंशन की व्यवस्था करने पर धन्यवाद दिया। प्रो. एसके शुक्ला ने ऑनर्स कोर्सेस के बारे में जानकारी दी। प्रो. योगेश उपाध्याय ने छात्र हित में प्लेसमेंट सैल ओपन करने की बात कही।
डॉ. मनेंद्र सिंह सोलंकी व अनूप अग्रवाल ने छात्रों की समस्याओं के आसान हल की बात रखी। डॉ. शिवेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. संगीता कटारे और वीरेंद्र सिंह गुर्जर ने जीवाजी विश्वविद्यालय के हॉस्पिटल खोलने की बात कही साथ ही बाहर से आने वाले छात्रों की समस्याओं को आसानी से हल हो सके, ऐसा रास्ते पर विचार करने की बात भी कही।

प्लाॅटिंग कारोबारी को धमकाना पड़ा मंहगाः जोनल अधिकारी और टाईम कीपर को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

ग्वालियर। ईओडब्ल्यू की टीम ने नगर निगम क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक 14 के क्षेत्रीय अधिकारी व टाईमकीपर को पचास हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। जेडो ने फरियादी से तीन लाख की मांग की थी, सौदा दो लाख में तय हुआ था। फरियादी शुक्रवार को जब रिश्वत की पहली किश्त के रूप में पचास हजार देने पहुंचा तो ईओडब्ल्यू की टीम ने क्षेत्रीय अधिकारी को पकड़ लिया।

दरअसल वीरपुर बांध निवासी अनूप कुशवाह का क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक 14 के अंतर्गत ग्राम भटखेड़ी वार्ड क्रमांक साठ में अपनी जमीन पर प्लाटिंग की है। जिसमें से कुछ प्लाट पर निर्माण कार्य हो चुका है। पिछले दिनों क्षेत्रीय अधिकारी मनीष कन्नौजिया उनके मकान को तोड़ने के नोटिस देने की धमकी दे रहा था। जब फरियादी ने पूछा तो बताया कि यह निर्माण अवैध हैं, इसलिए इसे तोड़ना होगा। जब फरियादी ने काफी मिन्नते की तो क्षेत्रीय अधिकारी मनीष कन्नौजिया ने मकानों को बचाने के लिए तीन लाख रुपये की मांग की। काफी हाथ पैर जोड़ने के बाद सौदा दो लाख रुपये में तय हो गया। फरियादी ने जब इसकी जानकारी ईओडब्ल्यू को दी तो उन्होंने अधिकारी को ट्रैप करने का पूरा प्लान तैयार किया। इसके तहत फरियादी को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में पचास हजार रुपये लेकर शारदा विहार पानी की टंकी के पास बने क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक 14 पर भेजा गया। फरियादी से जेडो ने पचास हजार रुपये लेकर अपने चपरासी इंदर सिंह जाटव को थमा दिए। लेनदेन पूरा होते ही ईओडब्ल्यू की टीम कार्यालय में पहुंची और जेडो मनीष कन्नौजिया व टाईमकीपर इंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इस रिश्वतकांड में जेडो और टाईमकीपर दोनों ही मिले हुए थे।

सिटी प्लानर रिश्वतकांड के बाद भी नहीं सुधरेः

ईओडब्ल्यू ने कुछ माह पहले इसी प्रकार से छापामार कार्रवाई कर सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा को पांच लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इसके बाद भी निगम अफसरों में कोई सुधार नहीं हुआ है। जेडो के रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की खबर फैलते ही निगम में हडकंप मच गया है।

भाजपा कार्यालय में यौन शोषण का मामला : युवती का आरोप- बुजुर्ग कार्यकर्ता ने गंदी हरकत की, प्रदेश महामंत्री बोले- पड़ताल की जा रही है

भोपाल/ मध्यप्रदेश में भोपाल स्थित भाजपा के कार्यालय में कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। एक युवा कार्यकर्ता प्रेरणा(परिवर्तित नाम ) ने आरोप लगाया है कि भाजपा कार्यालय की लाइब्रेरी में एक बुजुर्ग कार्यकर्ता ने उसके साथ छेड़छाड़ की है। इस आरोप के साथ युवती ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है, जो वायरल हो रहा है।

कांग्रेेस ने इसे मुद्दा बना लिया है। उधर, भाजपा के प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी का कहना है कि वीडियो की सच्चाई का पता लगाया जा रहा है। युवती से भी बात की जाएगी।

सहेली से भी छेड़छाड़ करने का आरोप
वीडियो में युवती ने खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताया है। उसने कहा कि वह संगठन के बारे में बेहतर तरीके से जानने के लिए भाजपा दफ्तर स्थित नानाजी देशमुख लाइब्रेरी में जाती थी। 12 मार्च को वह बुजुर्ग पास आकर छेड़छाड़ करने लगा। वह कहता था कि तुम्हारे पास मोटरसाइकिल है, तो घर तक छोड़ दिया करो। वह लाइब्रेरी में आने वाली मेरी एक सहेली पर भी डोरे डालने की कोशिश कर चुका है।

युवती का वीडियो कांग्रेस के प्रवक्ता सैय्यद जाफर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भी जारी किया है। इसके साथ जाफर ने लिखा, ‘चाल-चरित्र का दंभ भरने वाले दफ्तर में मामाजी आपकी भांजी के साथ क्या हो रहा है? ये नानाजी के संस्कारों का अनुसरण करने गई थी, लेकिन उसके साथ BJP दफ्तर में ये क्या कर रहे हैं?’

कांग्रेस ने कहा – मामला गंभीर है, निष्पक्ष जांच होना चाहिए
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच होना चाहिए। ‌BJP कार्यालय से जुड़ा यह मामला बहुत गंभीर है। पुलिस को तत्काल दोनों बच्चियों के बयान लेकर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना चाहिए। भाजपा नेतृत्व को भी इन आरोपों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। हालांकि, हबीबगंज थाने में फिलहाल शिकायत दर्ज नहीं हुई है।

बाइडन के पुतिन को हत्‍यारा कहे जाने के जवाब में जानें- रूसी राष्‍ट्रपति ने दिया क्‍या गजब का जवाब

मास्‍को (एजेंसी)। अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन द्वारा रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन को हत्‍यारा बताए जाने वाले बयान के बाद अब पुतिन ने भी उन्‍हें जवाब दिया है लेकिन बेहद शालीनता के साथ। उन्‍होंने कहा है कि वो बाइडन के बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य की कामना करते हैं। उन्‍होंने ये भी कहा है कि वो अमेरिकी राष्‍ट्रपति के साथ शुक्रवार या फिर सोमवार को बात करेंगे। रूसी अखबार स्‍पू‍तनिक की खबर के मुताबिक राष्‍ट्रपति पुतिन रेडियो पर प्रसारित एक संदेश में अपने समकक्ष बाइडन को बातचीत का न्‍यौता देते हुए कहा है कि बातचीत का आधार केवल वही होना चाहिए जिन पर हम दोनों साथ चल सकते हों। ये बातचीत बिना किसी समय गंवाए सीधी होनी चाहिए। ये रूस और अमेरिका और दूसरे देशों के लोगों के हित में भी होगा।

उन्‍होंने कहा है कि ‘हम दोनों ही एक दूसरे से भलीभांति परिचित हैं। इसलिए मै अब उनके बयान के बारे में क्‍या प्रतिक्रिया दूं। मैं बस इतना ही उनसे कहना चाहता हूं कि वो स्‍वस्‍थ्‍य रहें। उन्‍होंने ये भी कहा कि उनके इस बयान को मजाक में न लिया जाए। वे इस बाबत कोई मजाक नहीं कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि यदि इतिहास की तरफ देखें तो पूर्व में काफी मुश्किल हालात रहे हैं। इतिहास बताता है कि दोनों देशों ने खूनी दौर भी देखा है। लेकिन जब हम लोगों की बात करते हैं और दोनों देशों की बात करते हैं और इतिहास के आइनें में झांकते हैं तो हम वहां पर खुद को भी पाते हैं।’

पुतिन ने कहा कि अमेरिकी शासन वर्ग का गठन यूरोप द्वारा महाद्वीप पर मिली जीत के साथ हुआ था। लेकिन वो हकीकत में वहां की स्‍थानीय आबादी के प्रत्‍यक्ष जनसंहार था। उनके मुताबिक ‘अमेरिका और अमेरिकी नेताओं ने रूस के साथ हमेशा ही अपने हितों को ध्‍यान में रखते हुए संबंध स्‍थापित किए हैं। ये संबंध वहीं तक सीमित रहे हैं जहां तक उनका हित जुड़ा रहा है। वो समझते हैं कि हम एक हैं लेकिन हम वास्‍तव में अलग हैं। हमारे रीति-रिवाज, हमारे तौर तरीके, हमारा जेनेटिक और बहुत कुछ उनसे अलग है। उन्हें हमारे विकास में बाधा डालने के सभी प्रयासों के बावजूद उस के साथ रहना होगा। इसलिए प्रतिबंध हों या फिर अपमान उन्‍हें हमारे साथ ही मिलकर रहना होगा।’

आपको बता दें कि रूसी राष्‍ट्रपति का ये बयान राष्‍ट्रपति बाइडन के उस बयान के जवाब में आया है जिसमें उन्‍होंने रूस को अमेरिकी राष्‍ट्रपति का चुनाव प्रभावित करने के आरोप में अंजाम भुगतने की बात कही थी। उन्‍होंने अपने बयान में रूस पर प्रतिबंध लगाने की भी बात कही थी। इस बयान के बाद रूस ने अमेरिका में तैनात अपने राजदूत को वापस बुला लिया था। स्‍पूतनिक के मुताबिक राजदूत को मौजूदा हालातों पर विचार विमर्श के लिए बुलाया गया था।

दिग्विजय का सिंधिया पर तंज:कहा- ज्योतिरादित्य जब कांग्रेस में थे, तब महाराज थे, अब भाजपा ने एक साल में भाई साहब बना दिया

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस ने इतने वर्षों तक जिन महाराज को महाराज बनाए रखा। उन महाराज को भाजपा ने एक साल में भाई साहब बना दिया। यह बात उन्होंने गोहद के नया बस स्टैंड मैदान में गुरुवार को जनसभा में कही।

उन्होंने कहा कि मुझे तो दुख है, जब वह राज्यसभा में मोदी की तारीफ कर रहे थे, तभी मेरा मौका आया, तो मैंने कहा- महाराज जय हो आपकी। आप जितने अच्छे ढंग से पहले कांग्रेस का समर्थन करते थे, उतना ही आज भाजपा कर रहे हैं। इस मौके पर पूर्व मंत्री एवं लहार विधायक डॉ गोविंद सिंह, गोहद विधायक मेवाराम जाटव सहित अन्य कांग्रेसी भी मौजूद थे।

दरअसल, गोहद के बेसली बांध में पानी लाने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता देवाशीष जरारिया, शैलेंद्र दशरथ सिंह गुर्जर सहित अन्य कांग्रेसी आंदोलन कर रहे थे। इसी को समाप्त कराने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह यहां आए थे। इसके बाद सभा में दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी हमला बोला।

अरुणाचल प्रदेश में भारत को म‍िला यूरेनियम, चीन के सरकारी ‘भोंपू’ ग्‍लोबल टाइम्‍स को लगी म‍िर्ची

पेइचिंग
अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा के नजदीक भारत के यूरेनियम की खोज से चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स को जबरदस्त मिर्ची लगी है। चीन के कम्युनिस्ट पार्टी का मुखपत्र कहे जाने वाले ग्लोबल टाइम्स ने भारत पर भड़कते हुए लिखा कि इस तरह के व्यवहार से भारत-चीन सीमा वार्ता को नुकसान पहुंचेगा। बता दें कि चीन शुरू से ही अरुणाचल प्रदेश को अपना बताते हुए दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा होने का दावा करता रहा है। इतना ही नहीं, चीन के इस सरकारी भोपू ने भारत के यूरेनियम की खोज की प्रशंसा करने पर भारतीय मीडिया पर भी हमला बोला है।

अरुणाचल में यूरेनियम उत्खनन से भड़का चीन

ग्लोबल टाइम्स ने अपने एक लेख में हमारे सहयोगी प्रकाशन टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा कि भारत अरुणाचल प्रदेश में यूरेनियम का पता लगा रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट को भारत के एटॉमिक मिनिरल्स डॉयरेक्ट्रेट के डॉयरेक्टर डीके सिन्हा के हवाले से लिखा कि इस क्षेत्र में यूरेनियम के छिपे होने के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, इसलिए हमने यहां अपने कार्य को जारी रखा हुआ है।

अरुणाचल प्रदेश को चीनी मीडिया ने बताया अपना

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की इस पिट्ठू मीडिया ने दावा किया कि चीन सरकार ने कभी भी “अरुणाचल प्रदेश” को मान्यता नहीं दी है। उसने आगे लिखा कि भारत का दावा है कि यह क्षेत्र उसका है, जबकि चीन में इसे तिब्बत का दक्षिणी हिस्सा या जंगनान के रूप में जाना जाता है। ग्लोबल टाइम्स यहीं नहीं रुका, उसने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश को पिछली शताब्दी में अवैध रूप से बनाया गया था, जिसमें चीन का 90,000 वर्ग किलोमीटर का हिस्सा शामिल है।

चीनी विशेषज्ञ ने कार्रवाई की मांग की

टोहुआ विश्वविद्यालय में भारतीय अध्ययन के सहायक प्रोफेसर जी चाओ के हवाले से ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि यह मायने नहीं रखता है कि इस क्षेत्र में यूरेनियम मौजूद है, बल्कि इस क्षेत्र को खुद का होने का दावा करना गलत है। प्रोफेसर साहब ने तो भारत के ऊपर अभिमानी रवैया रखने तक का आरोप लगा दिया। प्रोफेसर ने चीन को भारत के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की मांग तक कर डाली।

अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा

ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश में भारत की खोजबीन की कोशिशों से सीमा वार्ता जटिल होगी। उसने तो इसे एकतरफा भड़काने वाली प्रतिक्रिया तक करार दिया है। वहीं, भारत शुरू से कहता आया है कि अरुणाचल प्रदेश हमारा अभिन्न अंग है। भारत की अलग-अलग पार्टियों की सरकारें कई बार संसद में और बाहर भी अरुणाचल प्रदेश को लेकर अपना रूख स्पष्ट कर चुकी हैं।

जाट नेता, पश्चिम यूपी से ताल्लुक… किसानों के पक्ष में बोल रहे गवर्नर सत्यपाल मलिक कर सकते हैं बीजेपी की सबसे बड़ी टेंशन दूर

नई दिल्ली
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन को 113 दिन से ऊपर हो रहा है। सरकार और किसानों के बीच अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। इस मुद्दे पर इन दिनों मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक ऐक्टिव हो गए हैं और लगातार किसानों को लेकर सरकार को चुनौती दे रहे हैं।किसान नेता भी चाहते हैं कि सरकार की ओर बातचीत की मौजूदा टीम में सत्यपाल मलिक को शामिल किया जाए। पश्चिम यूपी के किसान बीजेपी से खासे नाराज चल रहे हैं अब अगर मलिक किसानों से मध्यस्थता कर बीच का रास्ता निकालते हैं तो सरकार की सबसे बड़ी टेंशन दूर हो सकती है।

किसान आंदोलन को लेकर मोदी सरकार को चेतावनी देने वाले सत्यपाल मलिक ने कहा कि वह विवादित कृषि कानूनों को लेकर जारी गतिरोध का जल्द समाधान निकालने के लिए ‘अनौपचारिक’ रूप से आंदोलनकारी किसानों और सरकार से बात कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के भीतर इस बात को लेकर सहमति बन रही है कि जल्द से जल्द इस मसले का हल निकलना चाहिए।

टिकैत की मांग- मलिक को बातचीत में किया जाए शामिल
मलिक ने एक टीवी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि किसानों के मुद्दे का जल्द से जल्द समाधान निकाला जाना चाहिए, वरना इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ेगा। इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार को प्रस्ताव दिया है कि वह बातचीत तत्काल शुरू करे और इसके लिए मौजूदा टीम में बदलाव करे।

बीजेपी सरकार के लिए मददगार साबित हो सकते हैं मलिक

राकेश टिकैत ने सरकार से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक और जेडीयू नेता केसी त्यागी को सरकार की टीम शामिल करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अगर ये लोग मध्यस्थता करेंगे तो न सिर्फ बातचीत का रास्ता खुल सकता है ,बल्कि समाधान का रास्ता भी निकल सकता है। अभी तक सरकार ने टिकैत के इस प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन सत्यपाल मलिक इस पहल में बीजेपी के लिए मददगार हो सकते हैं।

बागपत में जन्म, जाट नेता, बेहतरीन वक्ता हैं मलिक
सत्यपाल मलिक पश्चिम यूपी के बागपत जिले से आते हैं और जाट नेता हैं। ऐसे में किसानों के बीच सरकार की बात रखने और मध्यस्थता कराने में वह सफल हो सकते हैं। 24 जुलाई 1946 को बागपत के हिसावदा गांव के किसान परिवार में जन्में सत्‍यपाल मलिक ने मेरठ यूनिवर्सिटी में एक छात्र नेता के तौर पर अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। वह बेहतरीन वक्ता के तौर पर मशहूर रहे हैं और राजनीति में हवा का रुख समझने में भी माहिर माने जाते हैं। कॉलेज में उनके भाषणों की अक्सर चर्चा रहती थी।

कांग्रेस और सपा में भी रह चुके हैं मलिक

समाजवादी विचारधारा से ताल्लुक रखने वाले सत्यपाल मलिक को 2018 में जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल बनाया गया था। इसके पीछे उनकी सेक्युलर छवि भी एक वजह थी। सत्यपाल मलिक कांग्रेस जनता दल, समाजवादी का हिस्सा रह चुके हैं। 2004 में बीजेपी में शामिल हो गए थे। 2009 में बीजेपी का किसान मोर्चा का प्रभारी बनाया गया था।

नवंबर से जारी है किसान आंदोलन
बता दें कि दिल्ली के गाजीपुर, सिंघू और टीकरी बॉर्डरों पर सैकड़ों किसान नवंबर से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार तीन विवादित कृषि कानूनों को वापस ले और एक ऐसा कानून बनाए जिसमें एमएसपी की गारंटी दी गई हो। हालांकि सरकार का कहना है कि ये कानून किसानों के फायदे के लिए हैं।

सूर्यकुमार यादव ने वनडे टीम में बनाई जगह, इंग्लैंड के ख़िलाफ़ भारतीय टीम घोषित –

भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीन एकदिवसीय मैचों के लिए टीम की घोषणा कर दी है.

चौथे टी-20 मैच में शानदार बल्लेबाज़ी करने वाले सूर्यकुमार यादव को वनडे टीम में जगह दी गई है. इसके अलावा क्रुणाल पांड्या और प्रसिद्ध कृष्ण को भी टीम में जगह दी गई है.

भारत और इंग्लैड के बीच वनडे मैचों की शुरुआत 23 मार्च से पुणे में हो रही है.

वनडे के लिए भारतीय टीम इस प्रकार है:

विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप कप्तान), शिखर धवन, शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), केएल राहुल (विकेटकीपर), युज़वेंद्र चहल, कुलदीप यादव, क्रुणाल पांड्या, वॉशिंगटन सुंदर, टी. नटराजन, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्ण, शार्दुल ठाकुर.

अंबानी केस में नया ट्विस्ट, स्कॉर्पियो मिलने से पहले सचिन वाझे और मनसुख के बीच हुई थी 10 मिनट की मुलाकात, जानें कब-कहां

मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से लदी कार मिलने के मामले की तफ्तीश में एक और बड़ी जानकारी सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज में यह बात सामने आई है कि मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाझे और मृतक मनसुख हिरेन के बीच 17 फरवरी को 10 मिनट तक की मुलाकात हुई थी। टाइम्स ऑफ इंडिया ने एनआईए के अधिकारियों के हवाले से यह दावा किया है कि 17 फरवरी को सचिन वाझे और मनसुख के बीच दस मिनट तक बातचीत हुई थी। बता दें कि गुरुवार को सचिन वाझे की ओर से कथित तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली एक और लग्जरी कार जब्त की।

टीओआई की खबर के मुताबिक, एंटीलिया मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद एनआईए और एटीएस की जांच में यह खुलासा हुआ है 17 फरवरी को मनसुख और सचिन वाझे के बीच जीपीओ के पास मर्सिडीज के भीतर 10 मिनट तक बातचीत हुई थी। साउथ मुंबई के इस इलाके में हिरेन एक ओला कैब से आए थे, जिन्होंने दावा किया था कि मुलुंड-एरोली रोड पर उनकी स्‍कॉर्पियो खराब हो गई थी। बता दें कि बीते दिनों मनसुख की मौत हो गई थी।

सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि सचिन वाझे मुंबई पुलिस मुख्यालय स्थित अपने ऑफिस से अपनी मर्सिडीज में निकले। बाद में उनकी कार को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के मेन ट्रैफिक सिग्‍नल पर भी देखा गया। सिग्‍नल ग्रीन होने के बाद भी गाड़ी वहां से नहीं निकली और उन्होंने अपनी कार की पार्किंग लाइट ऑन कर रखी थी। 

इसके तुरंत बाद हिरेन सड़क पार करते देखे गए और जाकर उसी मर्सिडीज में बैठ गए, जिसे सचिन वाझे चला रहे थे। मर्सिडीज को फिर से जीपीओ के पास ओपोजिट साइड में पार्क करते देखा गया। दस मिनट तक गाड़ी वहां पार्क थी और इसके बाद उस गाड़ी से हिरेन उतरकर चले गए। इसके बाद उसी गाड़ी को फिर पुलिस मुख्यालय में एंटर करते देखा गया। 

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक हिरेन जिस ओला कैब से आए थे, उसके ड्राइवर ने एटीएस अधिकारियों को बताया कि ट्रिप के दौरान हिरेन ने पांच कॉल रिसीव कीं। सूत्रों ने कहा कि सचिन वाझे, हिरेन से पुलिस हेडक्वार्टर के अपोजिट तरफ रूपम शोरूम में के बाहर मिलने वाले थे, मगर अंतिम कॉल के दौरान उन्होंने जगह में बदलाव किया और सीएसएमटी को चुना। शुक्रवार को सचिन वाझे की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान मनसुख हिरेन की मौत की जांच कर रही स्टेट एंटी टेररिज्म स्क्वाड  उनकी कस्टडी की मांग करेगी।  
एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से लदी कार मिलने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की ओर से कथित तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली एक और लग्जरी कार जब्त की। टोयोटा लैंड क्रूजर प्राडो ब्रांड की यह कार ठाणे के साकेत क्षेत्र स्थित वाझे के आवास के बाहर खड़ी मिली। एनआईए ने इससे पहले मंगलवार को मुंबई के क्रॉफोर्ड इलाके से एक काली मर्सिडीज बरामद की थी। कार के अंदर से विस्फोटकों से लदी उस एसयूवी की वास्तविक नंबर प्लेट भी मिली थी, जिसे 25 फरवरी को मुकेश अंबानी के घर के पास खड़ा किया गया था। 27 वर्षीय कार डीलर ने फरवरी को मर्सडीज को एक वेबसाइट के जरिये बेचने की जानकारी दी थी। हालांकि, उसने वाझे से परिचित होने से इनकार किया था।