परेशान है पाकिस्‍तान, खिसियाता रहा तुर्की, अमेरिका के फैसले से भारत की बल्‍ले-बल्‍ले!

नई दिल्‍ली । अमेरिका और भारत के संबंध बीते एक दशक में काफी मजबूत हुए हैं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति बिल क्लिंटन ने इन रिश्‍तों को नया आयाम दिया था इसके बाद बराक ओबामा ने इसको आगे बढ़ाने का काम किया और फिर डोनाल्‍ड ट्रंप ने भी इन संबंधों को मजबूत करने का काम किया। अब जो बाइडन भी यही कर रहे हैं। हाल ही में क्‍वाड की बैठक में जिस तरह से सदस्‍य देशों ने भारत को आगे बढ़ाने का काम किया है उससे कहीं न कहीं चीन और उसके करीबी साथियों को ठेस पहुंची है। वहीं दूसरी तरफ भारत के लिए ये बैठक कई मायनों में बेहतर रही है। इस बैठक के बाद भारत को अपनी वैक्‍सीन डिप्‍लोमेसी में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

अमेरिका की तुर्की को ‘ना’

भारत और अमेरिकी रिश्‍तों में सुधार या मजबूती का पैमाना सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कहीं आगे है। रॉयटर्स के मुताबिक हाल ही में अमेरिका ने एक और बड़ा फैसला भारत के हितों को ध्‍यान में रखते हुए लिया है। ये फैसला तुर्की और पाकिस्‍तान से संबंधित है। इस फैसले के तहत अमेरिका ने तुर्की को T129 Atak हेलीकॉप्‍टर में लगे इंजन और इसमें लगे अन्‍य एक कलपुर्जों को, जो अमेरिका में निर्मित हैं, का लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है। ये फैसला इसलिए बेहद खास है क्‍योंकि इसमें भारत का हित जुड़ा है और इस पर अमेरिकी सांसदों की राय भी भारत के हित में ही है।

क्‍या है डील 

आगे बढ़ने से पहले आपको बता दें कि वर्ष 2018 में तुर्की और अमेरिका के बीच हेलीकॉप्‍टर डील हुई थी। इसके तहत तुर्की को 30 हेलीकॉप्‍टर पाकिस्‍तान को देने थे। लेकिन इन हेलीकॉप्‍टर्स में अमेरिकी इंजन और कलपुर्जे लगे हैं। इसलिए इस डील को पूरा करने के लिए तुर्की को अमेरिका से लाइसेंस की जरूरत है, जिसको देने से पेंटागन ने साफतौर पर इनकार कर दिया है

अमेरिकी सांसदों की चिंता 

इस इनकार के पीछे एक बड़ी वजह अमेरिकी सांसदों की वो चिंता भी है जिसमें उन्‍हें आशंका है कि इन हेलीकॉप्‍टर्स का इस्‍तेमाल पाकिस्‍तान भारत के खिलाफ कर सकता है और अपनी ग्राउंड अटैक केपेबिलिटी को बढ़ा सकता है। इस डील को पूरा करने के लिए तुर्की बीते दो वर्षों से लगातार प्रयास कर रहा है लेकिन हर बार उसको अमेरिका से मुंह की खानी पड़ी है। इसकी वजह से पहले उसने एक वर्ष का समय पाकिस्‍तान से मांगा था और फिर अब छह माह का समय और मांगा है। उसको उम्‍मीद है कि शायद वो अमेरिका से लाइसेंस हासिल कर लेगा। लेकिन जानकारों की राय में ऐसा मुश्किल दिखाई पड़ता है।

एक्‍सपर्ट व्‍यू 

जवाहरलाल नेहरू के प्रोफेसर एचएस भास्‍कर की राय में अमेरिका न सिर्फ तुर्की से बल्कि पाकिस्‍तान से भी खासा नाराज है। तुर्की से उसकी नाराजगी की वजह एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम पर रूस से हुआ करार है। अमेरिका नहीं चाहता है कि तुर्की रूस से ये मिसाइल खरीदे, बावजूद इसके तुर्की अपनी बात पर कायम है। इस डील को खत्‍म कराने के लिए तुर्की पर अमेरिका की तरफ से नाटो सदस्‍य देशों का भी दबाव डलवाया गया है। वहीं अमेरिका को कई मुद्दों पर नजरअंदाज करना भी तुर्की को भारी पड़ रहा है। पाकिस्‍तान को भारत के खिलाफ मुद्दों पर केवल तुर्की, चीन और मलेशिया का साथ मिला है। 

मजबूत होंगे अमेरिका-भारत के रिश्‍ते 

इसके अलावा कई बार ये दोनों ही देश पाकिस्‍तान के खिलाफ अंतरराष्‍ट्रीय संगठनों द्वारा उठाए जाने वाले कड़े कदमों में रुकावट पैदा करते आए हैं। इसकी वजह से भी अमेरिका की नाराजगी बनी हुई है। प्रोफेसर भास्‍कर के मुताबिक अमेरिका-भारत संबंधों को जो मजबूती बीते एक दशक में मिली है वो आगे भी कायम रहेगी। अमेरिका को भारत शक्ति और इस क्षेत्र में उसकी अहमियत का अंदाजा है। यही वजह है कि अफगानिस्‍तान के मुद्दे पर भी अमेरिका ने भारत को शामिल किया है, जो पहले नहीं था। मौजूदा फैसले से जहां तुर्की और पाकिस्‍तान का परेशान होना वाजिब है वहीं भारत के लिए ये अच्‍छा संदेश है।  

पूरे साल में केवल एक ही आएगी सोमवती अमावस्या, जानिए डेट, शुभ मुहूर्त और इस दिन क्या करें-क्या नहीं

हिंदू धर्म में पूर्णिमा व अमावस्या का विशेष महत्व होता है। हर माह के कृष्ण पक्ष की आखिरी तारीखख को अमावस्या आती है। इस बार कृष्ण पक्ष की अमावस्या 12 अप्रैल को है। इस दिन सोमवार होने के कारण इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। खास बात यह है कि साल 2021 में केवल एक ही सोमवती अमावस्या पड़ रही है। इसलिए इसका महत्व ज्यादा है।

सोमवती अमावस्या का महत्व-

सोमवती अमावस्या के दिन सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन पितरों का तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता है। कहते हैं कि इस दिन दान करने से घर में सुख-शांति व खुशहाली आती है।

सोमवती अमावस्या शुभ मुहूर्त-

अमावस्या तिथि आरंभ- 11 अप्रैल 2021 दिन रविवार को सुबह 06 बजकर 05 मिनट से शुरू होकर 12 अप्रैल 2021 दिन सोमवार को सुबह 08 बजकर 02 मिनट पर समाप्त होगी।

सोमवती अमावस्या के दिन क्या करें और क्या नहीं-

सोमवती अमावस्या के दिन सुबह उठकर स्नान करना उचित माना गया है। इस दिन देर तक नहीं सोना चाहिए। अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा होती है। घर के पितरों का तर्पण करना चाहिए और शुद्ध सात्विक भोजन बनाकर उन्हें भोग लगाना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने पितर तृप्त होते हैं और आशीर्वाद देते हैं। अमावस्या के दिन अपनी सामर्थ्य के हिसाब से दान जरूर देना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या के दिन वाद-विवाद से बचना चाहिए। इस दिन झूठ नहीं बोलना चाहिए। मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।

होली पर भी चढ़ा ‘कोरोना का रंग’, घर में उड़ाएं गुलाल, हुड़दंग मचाया तो…

भोपाल. होली का त्यौहार आने वाला है और उससे पहले ही कोरोना वायरस ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है. एक तरफ होली का त्यौहार और दूसरी तरफ लगातार बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या से एक बात तय है कि मध्‍य प्रदेश में होली (Holi in madhya pradesh) का रंग इस बार फीका ही रहने वाला है. सरकार की गाइडलाइन से भी इसी बात के संकेत मिल रहे हैं. दो दिन पहले हुई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) की कोरोना समीक्षा बैठक में इस बात को लेकर फैसला भी हो गया है कि होली पर सार्वजनिक कार्यक्रमों को अनुमति नहीं दी जाएगी.

कोरोना की नई गाइडलाइन के मुताबिक, होली, रंगपंचमी पर सामूहिक भागीदारी के कार्यक्रम नहीं होंगे. जुलूस आदि नहीं निकाले जा सकेंगेऔर खुले स्थान पर होने वाले बड़े कार्यक्रम भी नहीं होंगे. हालांकि व्यक्तिगत कार्यक्रमों को कहीं नहीं रोका जाएगा. होली के रंग खेलने वाले सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होंगे लोगों को अपने घरों में ही होली के रंग खेलनी पड़ेगा. यह तय किया गया है कि अगर कोई व्यक्ति कोरोना की गाइडलाइन का पालन करता हुआ नहीं पाया जाएगा तो फिर उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि इस बार होली का त्‍यौहार 28 और 29 मार्च (Holi date 2021) को है.

लगातार बिगड़ रही स्थिति

कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर शिवराज सरकार को होली से ठीक पहले इस तरीके के प्रतिबंध लगाने पर मजबूर होना पड़ा है. आंकड़ों के नजरिए से देखें तो बीते 24 घंटे में इंदौर के 232, भोपाल के 196, जबलपुर के 72, ग्वालियर के 29 और खंडवा के 24 नये मामलों को मिलाकर प्रदेश में कोरोना के 832 केस सामने आये हैं. मध्‍य प्रदेश में कोरोना के 5616 एक्टिव केस हो गये हैं. जबकि पॉजिटिविटी रेट 4.8 फीसदी बना हुआ है.

भोपाल-इंदौर में कड़ाई

उधर कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर में सख्त फैसले लिए गए हैं. दोनों शहरों में नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया गया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज शाम को भी एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने वाले हैं. इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी कलेक्टर, कमिश्नर सीएमएचओ और मेडिकल कॉलेजों के डीन को बुलाया गया है. यह माना जा रहा है कि इस दौरान सरकार कुछ और कड़े कदम उठा सकती है.

एक साल में देश के सभी जगहों से हट जाएंगे टोल प्लाजा, गडकरी ने संसद में किया ऐलान

गुरुवार नितिन गडकरी ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान कई स्थानों पर शहरी इलाकों के भीतर टोल बनाए गए जो गलत और अन्यायपूर्ण है। इन्हें हटाने का कार्य एक साल में पूरा हो जायेगा। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदन के सदस्यों गुरजीत औजला, दीपक बैज और कुंवर दानिश अली ने पूरक प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी उनकी ओर से दी गई।

उन्होंने कहा कि शहरों के भीतर टोल पहले बनाए गए। यह गलत है और अन्यायपूर्ण है। एक साल में ये टोल भी खत्म हो जाएगा। इस तरह के टोल में चोरियां बहुत होती थीं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार की योजना है कि अगले एक साल में सभी टोल प्लाजा खत्म कर दिया जाएगा। टोल प्लाजा खत्म होगा लेकिन टोल देना होगा।

उन्होंने कहा कि अब गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा जिसकी मदद से टोल शुल्क का भुगतान हो सकेगा और इसके बाद शहर के अंदर इस तरह के टोल की जरूरत नहीं होगी। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 90 फीसदी जमीन अधिग्रहण किए बिना हम परियोजना अवार्ड नहीं करते। जमीन का अधिग्रहण करने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाती है।

गडकरी ने दीपक बैज के पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि रायपुर से विशाखापट्नम के बीच ग्रीन हाईवे को मंजूरी दी गई है। काम शुरू हो चुका है। करीब डेढ़ साल में काम पूरा होने की संभावना है। इससे कई राज्यों के लोगों को फायदा होगा।

पाकिस्तान वायुसेना के नए प्रमुख होंगे एयर मार्शल सिद्धू, कई अहम पदों पर किया है काम

पाकिस्तान ने एयर मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू को पाकिस्तानी वायुसेना का नया प्रमुख नियुक्त किया है. आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है. वर्तमान वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल मुजाहिद अनवर खान 19 मार्च को सेवानिवृत्त होंगे, जिसके बाद सिद्धू यह जिम्मेदारी संभालेंगे. सिद्धू 1986 में लड़ाकू पायलट के रूप में पाकिस्तानी वायुसेना में शामिल हुए थे और उन्हें कई अहम पदों पर काम करने का अनुभव है.

सिद्धू ने असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (ऑपरेशंस रिसर्च एंड डेवेलपमेंट), असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (ट्रेनिंग ऑफिसर्स) और इस्लामाबाद मुख्यालय में डायरेक्टर जनरल प्रोजेक्ट्स के तौर पर भी काम किया है. इसके अलावा वह रक्षा मंत्रालय में अपर सचिव के तौर पर कम कर चुके हैं. एयर मार्शल सिद्धू ने ब्रिटेन के कॉम्बेट कमांडर्स स्कूल से ग्रेजुएशन किया है उन्होंने रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस से भी पढ़ाई की है.

मिले हैं ये पुरस्कार

एयर मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू को अपने काम के लिए कई पुरस्कार मिले हैं. इनमें सितारा-ए-इम्तियाज ( (मिलिट्री) और तमगा-ए-इम्तियाज (मिलिट्री) शामिल हैं. सिद्धू धार्मिक विद्वान हकीम गुलाम मोहम्मद के बेटे हैं और मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं. वह सेना प्रमुख बनने वाले गुजरात के तीसरे शख्स होंगे उनके अलावा इस पद पर सेवानिवृत्त एडमिरल मोहम्मद शरीफ और सेवानिवृत जनरल रहील शरीफ रह चुके हैं.

वायुसेना प्रमुख को दिया पुरस्कार

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने हाल ही में सेवानिवृत होने जा रहे वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल मुजाहिद अनवर खान को निशान-ए-इम्तियाज(सिविल) नामक पुरस्कार दिया है रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, ये पुरस्कार उन्हें आइवान ए सदर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में दिया गया है. वहीं पाकिस्तान वायु सेना ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर जानकारी दी है, ‘पाकिस्तान की सरकार ने एयर मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू को वायु सेना का नया प्रमुख नियुक्त किया है.’ इसमें उनके पद संभालने की तारीख 19 मार्च भी लिखी गई है.

गाजियाबाद और नोएडा में धारा-144 लागू, आयोजनों के लिए इजाजत अब जरूरी

कोराना के बढ़ते संक्रमण, त्योहार और पंचायत चुनावों के कारण गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में धारा 144 लागू कर दी गई है। गाजियाबाद में जहां 10 मई तक के लिए इसे लागू किया गया है, वहीं नोएडा में 30 अप्रैल तक के लिए निषेधाज्ञा लगाई गई है। इसके तहत अब किसी भी प्रकार के धार्मिक, राजनीतिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम करने के लिए प्रशासन की इजाजत लेनी होगी। इन कार्यक्रमों में 100 लोगों से ज्यादा एकत्र नहीं हो सकेंगे। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन को  निर्देश दिए हैं कि मास्क नहीं पहनने वालों लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाय। 

गाजियाबाद के जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने बताया कि जनपद में सभी सिनेमाघर, शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, स्कूल कॉलेज में बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। किसी भी बंद हॉल में क्षमता से 50 फीसदी और ज्यादा से ज्यादा 100 लोग ही कोविड नियमों को तहत एकत्र को सकेंगे। खुले मैदानों में यह क्षमता का 40 फीसदी तक ही हो सकता है। किसी भी प्रकार सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक कार्यक्रम बिना प्रशासन की अनुमति के नहीं हो सकेंगे। इसके साथ ही जनपद में बिना अनुमति के कोई  जयंती, मेला, प्रतिमा स्थापना, विजर्सन, जागरण, प्रदर्शन, रैली या जुलूस नहीं निकाला जाएगा। चौराहों या सड़कों पर किसी मूर्ति  या ताजिया रखने की इजाजत नहीं होगी। अंतिम संस्कार में केवल 100 लोगों को जाने की इजाजत होगी।

कोई भी दुकानदार बिना मास्क के सामान नहीं बेचेंगे साथ खरीददार को भी मास्क लगाना जरूरी होगा। मिठाई की दुकान पर लोगों को बैठकर खाने की इजाजत नहीं होगी। साथ ही परीक्षा के मद्देनजर केंद्र को 200 मीटर के दायरें में फोटो स्टेट की दुकान बंद रहेंगी। परीक्षा को दौरान केंद्र के 200 मीटर तक के दायरे में कोई कोई शोर या बाध्ययंत्र बजाने के अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि दो पहिया वाहनों पर बिना हेल्मेट व मास्क वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाय। कार में भी सीट बेल्ट व मास्क लगाना जरूरी होगा।

जयविलास पैलेस में चोरी से सनसनी, 10 साल बाद रेकॉर्ड रूम में दूसरी बार चोरों का धावा

सिंधिया के जय विलास पैलेस में चोरों ने की सेंधमारी, जांच में जुटी पुलिस

ग्वालियर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के जय विलास पैलेस में चोरों ने सेंधमारी की है. सिंधिया ग्वालियर प्रवास के समय अपने परिवार के साथ इसी महल में रहते हैं जहां हमेशा कड़ी सुरक्षा रहती है.

अति सुरक्षित माने जाने वाले जयविलास पैलेस में सेंधमारी की जानकारी मिलने से पुलिस के हाथ पैर फूल गए और सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए. पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जयविलास पैलेस के उस हिस्से से फिंगरप्रिंट और जरूरी साक्ष्य जब्त कर लिए हैं जहां सेंधमारी होना बताया गया है. इसके अलावा स्निफर डॉग की मदद भी ली जा रही है.

फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि चोरों ने जय विलास पैलेस से क्या चुराया है. 

पैलेस के अंदर सेंधमारी की जांच करते अधिकारी

सीएसपी रत्नेश तोमर के मुताबिक चोर जय विलास पैलेस में ही बने रानी महल के एक कमरे के किसी छत के रास्ते रोशनदान से अंदर आए हैं और कमरे में तोड़फोड़ की है. रानी महल के पास इस जगह पर स्टोर है जहां यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि चोरों की संख्या कितनी थी और उन्होंने क्या-क्या चुराया है. 

ग्वालियर का जय विलास पैलेस ग्वालियर राजघराने से ताल्लुक रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया का पुश्तैनी महल है. जय विलास पैलेस 12 लाख वर्गफीट से भी ज्यादा बड़ा है. इस सुंदर शाही महल की कीमत करीब 4,000 करोड़ रुपये है. महल में 400 से अधिक कमरे हैं, जिसका एक हिस्सा इतिहास को संजोने के लिए एक संग्रहालय के रूप में उपयोग किया जाता है.

बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर प्रवास के समय अपने परिवार के साथ इसी महल में रहते हैं. यह पूरा महल चारों तरफ से सुरक्षाकर्मियों से घिरा रहता है ऐसे में यहां सेंधमारी लगने से हर कोई हैरान है.  

ग्वालियर एयरफोर्स बेस पर शहीद ग्रुप कैप्टन को दी श्रद्धांजलि, मुरार मुक्तिधाम में दी जाएगी अंतिम विदाई

ग्वालियर,  एयरफाेर्स के मिग-21 बायसन लड़ाकू विमान बीते राेज टेकआफ के दाैरान क्रेश हाे गया था। इस हादसे में विमान में माैजूद ग्रुप कैप्टन ए गुप्ता शहीद हाे गए थे। शहीद ग्रुप कैप्टन की पार्थिव देह काे आज सुबह ग्वालियर एयरबेस पर लाया गया। जहां एयरफाेर्स के अधिकारियाें एवं जवानाें ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनके शव काे सड़क मार्ग से मुरार मुक्तिधाम में लाया जाएगा। जहां पर ग्रुप कैप्टन काे सशस्त्र सलामी के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। मुरार मुक्तिधाम में सुबह ही स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी एवं
एयरफाेर्स के जवान पहुंच गए थे। यहां पर मुक्तिधाम के द्वार से लेकर सड़क काे पानी से धाेया गया है। साथ ही मुक्तिधाम के गेट काे फूलाें से सजाया गया है। छत्री नंबर आठ पर ग्रुप कैप्टन की चिता काे मुखाग्नि दी जाएगी, यहां पर अस्थाई प्लेटफार्म भी तैयार किया गया है। जहां ताबूत काे रखा जाएगा आैर एयरफाेर्स के अधिकारी एवं जवान पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। मुक्तिधाम में आर्टलरी प्लाटून के सात जवान भी पहुंच चुके हैं, जाे बिगुल बजाकर मातम धुन बजाकर शहीद ग्रुप कैप्टन काे श्रद्धांजलि देगी।

सशस्त्र सलामी दी जाएगीः शहीद ग्रुप कैप्टन काे सशस्त्र सलामी देने के लिए प्लाटून पहुंच चुकी है। साथ ही एयरफाेर्स के अधिकारी भी मुरार मुक्तिधाम पहुंच गए हैं।

इस तरह हुआ क्रैशः बताया जाता है कि प्रशिक्षण अभ्यास पर जाने से पहले विमान की रिफयूलिंग की गई थी। जैसे ही विमान टेक ऑफ हुआ तो अचानक खराबी आ गई। इस खराबी की वजह से ही विमान में आग लग गई और प्लेन क्रैश हो गया। जिसमें ग्रुप कैप्टन शहीद हो गए।

जो बाइडेन ने व्‍लादिमीर पुतिन को बताया ‘हत्‍यारा’ तो रूस ने वापस बुलाया राजदूत, भड़केगा शीतयुद्ध!

वॉशिंगटन/मास्‍को
अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडेन के रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन को ‘हत्‍यारा’ बताए जाने के बाद दोनों ही देशों के बीच संबंध रसातल में पहुंच गए हैं। बाइडेन ने यह भी कहा कि पुतिन को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिकी राष्‍ट्रपति के इस बयान से भड़के रूस ने नाटकीय तरीके से वॉशिंगटन में मौजूद अपने राजदूत को ‘सलाह’ के लिए वापस बुला लिया है। बाइडेन प्रशासन के आने के बाद से ही अमेरिका में रूस के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

इस बीच रूस ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति के आरोपों को खारिज किया है। ताजा तनाव उस समय भड़का जब अमेरिका के खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस ने वर्ष 2020 में हुए राष्‍ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया था। अमेरिका ने यह आरोप तब लगाया है जब उसने अलेक्‍सी नवेलनी को जहर दिए जाने के बाद रूस के खिलाफ प्रतिबंध लगा दिया था। इन प्रतिबंधों में रूसी खुफिया सेवा एफएसबी शामिल थी।

रूसी राष्‍ट्रपति को कीमत चुकानी पड़ेगी’
इसके बाद अमेरिका के राष्‍ट्रपति जो बाइडेन ने पुतिन हत्‍यारा करार दिया और कहा कि रूसी राष्‍ट्रपति को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। माना जा रहा है कि इस बयान के बाद रूस ने अमेरिका को कड़ा संदेश देने के लिए अपने राजदूत को वापस बुलाया है। इससे पहले ट्रंप ने रूसी राष्‍ट्रपति की तारीफ की थी और उनका पक्ष भी लिया था। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि वॉशिंगटन स्थित रूसी राजदूत अनातोली अंटोनोव को अमेरिका के साथ संबंधों पर सलाह के लिए वापस बुलाया गया है।

रूस ने यह भी कहा कि वह नहीं चाहता है कि अमेरिका के साथ उसके रिश्‍ते ऐसी जगह न पहुंच जाएं जहां से वापस न आया जा सके। इससे पहले वर्ष 1988 में रूस ने इराक में संयुक्‍त हमले के विरोध में अमेरिका और ब्रिटेन से अपने राजदूत को वापस बुला लिया था। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसका कुछ खास असर नहीं पड़ा था। इससे पहले अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा गया था कि पुतिन ने अमेरिका में गत नवंबर में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में ट्रंप की मदद करने के अभियानों को मंजूरी दी थी।

क्रेमलिन ने रिपोर्ट में लगाये गये आरोपों को खारिज किया
एक खुफिया रिपोर्ट में यह बताया गया है कि रूस और ईरान ने चुनाव नतीजों को प्रभावित करने की व्यापक कोशिशें की थीं, लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि किसी विदेशी दखल से मतों या मतदान प्रक्रिया पर कोई असर पड़ा हो। राष्ट्रीय खुफिया कार्यालय के निदेशक के कार्यालय से मंगलवार को जारी रिपोर्ट में अमेरिका में 2020 में हुए चुनावों में विदेशी दखल का विस्तृत आकलन दिया गया है। रूस ने हालांकि रिपोर्ट को निराधार बताते हुए इसे खारिज किया है।

इस बीच राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को एबीसी के कार्यक्रम ‘गुड मार्निंग अमेरिका’ पर प्रसारित एक साक्षात्कार में कहा कि पुतिन के गलत कामों के नतीजे सामने आयेंगे और ‘वह जो कीमत अदा करने जा रहे है, आप जल्द ही देखेंगे।’ पिछले महीने पुतिन के साथ अपनी पहली कॉल को याद करते हुए जिसमें उन्होंने पुतिन से कहा था, ‘‘हम एक दूसरे को समझते हैं।’’क्रेमलिन ने बुधवार को रिपोर्ट में लगाये गये आरोपों को खारिज किया