गृह मंत्री देश चलाएंगे या यह तय करेंगे कि किसे मारना है और किसे गिरफ्तार करना है?-ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने मंगलवार को बांकुरा में चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि गृह मंत्री देश चलाएंगे या यह तय करेंगे कि किसे मारना है और किसे गिरफ्तार करना है? या फिर वे यह तय करेंगे कि कौनी सी एजेंसी किसके पीछे लगानी है? चुनाव आयोग को कौन चला रहा है? मुझे उम्मीद है कि इन सबके पीछे आप (शाह) नहीं हैं। हम राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कोरोना, अम्फान के वक्त हमारी मदद नहीं की। हम बंगाल में बाहरी गुंडों को चुनाव नहीं लड़ने देंगे। भाजपा बाहुबल के दम पर बंगाल जीतने की कोशिश कर रही है। इस दौरान उन्होंने मंच पर ही चंडी पाठ भी किया।

मुझे रोका नहीं जा सकता: ममता
उन्होंने कहा कि डॉक्टर्स ने मुझे आराम के लिए कहा था, लेकिन मैं नहीं रुकी। अगर मैं सोती रही, तो भाजपा जनता को जो दर्द देगी वो असहनीय होगा। भाजपा को पता है कि ममता को नहीं रोका जा सकता है। गृह मंत्री कोलकाता में बैठकर साजिश कर रहे हैं। उन पर देश को चलाने की जिम्मेदारी है, लेकिन वह कोलकाता में भाषण देने में व्यस्त हैं।

भाजपा पैसे देकर लोगों को रैली में बुला रही: बनर्जी
ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा की रैली में लोग नहीं जा रहे हैं, इसलिए पैसा देकर लोगों को रैली में बुलाया जा रहा है। PM नरेंद्र मोदी और शाह को बंगाल की बजाय पूरे देश पर ध्यान देना चाहिए। अगर भाजपा वाले आपको पैसा दें और रैली में आने को कहें, तो पैसा लीजिए लेकिन वोट सिर्फ TMC को ही दीजिए।

ममता बोलीं- जो हमसे टकराएगा चूर-चूर हो जाएगा
उन्होंने कहा कि हम सरकारी कंपनियों को बंद नहीं होने देंगे। हम BSNL, बैंक, कोल, एयर इंडिया किसी को भी बंद नहीं होने देंगे। भाजपा जो चाहे कर ले, हम उसे बंगाल में जीतने नहीं देंगे। जो हमसे टकराएगा चूर-चूर हो जाएगा।

अपनी चोट का भी जिक्र किया
उन्होंने कहा कि मैं रोज 25-30 किमी. चलती थी, लेकिन अभी खड़े होकर भी नहीं बोल पा रही हूं। जिसके पांव में चोट लगती है, वही समझता है। हमारे खिलाफ साजिश की जा रही है। गृह सचिव को भी नोटिस भेजा गया है। भाजपा का मकसद सिर्फ चुनाव जीतना है, उसके लिए वो कुछ भी करने को तैयार है।

तंज:कांग्रेस के मानक अग्रवाल पर कार्रवाई पर नरोत्तम मिश्रा बोले- कांग्रेस में सख्ती से गोडसे घुटी पिलाई जा रही है।

हिंदू महासभा के नेता बाबूलाल चौरसिया की कांग्रेस में एंट्री पर शुरू हुआ विवाद खत्म नहीं हो रहा है। पूर्व CM कमलनाथ के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल को पार्टी की अनुशासन समिति ने 4 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इस पर मंगलवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भले मानक को अमानक बना कर छोड़ दिया गया। इससे लग रहा है कि कांग्रेस में गोडसे बड़े होते जा रहे हैं।

अरुण यादव ने भी बाबूलाल चौरसिया की कांग्रेस में एंट्री का मुद्दा उठाया था। लेकिन इन पर कार्रवाई नहीं की गई। इससे साफ पता चलता है कि कांग्रेस में सख्ती से गोडसे घुटी पिलाई जा रही है। बता दें मानक अग्रवाल ने 27 फरवरी को सोशल मीडिया पर लिखा था कि कमलनाथ स्पष्ट करें कि गोडसे की विचारधारा के साथ हैं या गांधी की। वहीं, निष्कासन के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मानक ने कहा कि वे एआईसीसी के निर्वाचित मेंबर हैं। इसलिए उन पर कार्रवाई करने का अधिकार प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति को नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सब सुरेश पचौरी के इशारे पर किया गया है।

दिग्विजय सिंह पर भी साधा निशाना
गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि वह हिंदू धर्म हमारी आस्था को लेकर प्रहार क्यों करते हैं। यह सोच का विषय होना चाहिए। बता दें दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप के कारण टी-20 क्रिकेट मैच देखने पर तो स्टेडियम में आने पर हजारों श्रोताओं पर रोक। लेकिन कुंभ में लाखों श्रद्धालुओं को उत्तराखंड में छूट! धन्यवाद। इस पर गृह मंत्री ने कहा कि हिन्दू धर्म की आस्था पर सोशल मीडिया पर लिख देते है। चाहे कुंभ हो। राम जन्मभूमि हो। राम मंदिर की तारीख बताना हो। किसी धर्म को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ क्यों नहीं लिखते। हमारी आस्था पर ही प्रहार क्यों? उन्होंने सोशल मीडिया पर बहुत कुछ, लेकिन बाटला हाउस पर सन्नाटा है। लगातार झूठ बोलाना और साबित होने पर मौन हो जाना। यह दिग्विजय सिंह की विशेषता है।

मौत भी उन्हें जुदा नहीं कर पाई, पति के निधन के बाद पत्नी ने भी त्यागे प्राण

नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच में पति पत्नी के प्रेम का एक ऐसी घटना सामने आई, जिसमें मौत भी उन्हें जुदा नहीं कर पाई। यहां के गोठा गांव में सोमवार को वृद्ध शंकरलाल धोबी(90) का निधन हो गया था, इसके डेढ घंटे बाद ही उनकी पत्नी बसंतीबाई (86) का भी निधन हो गया। दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम संस्कार के पूर्व पति-पत्नी की एक साथ शव यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

गुर्जर खेड़ी सांखला के सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम दास बैरागी ने बताया कि ग्राम गोठा में निवासरत धोबी समाज के पति- पत्नी का कल सोमवार को डेढ़ घंटे के अंतराल में दोनों का निधन हो गया। शंकर लाल धोबी का सुबह करीब नौ बजे निधन हो गया। रिश्तेदारों और समाज जनों के एकत्र होने तक अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही थी। जैसे ही शंकरलाल की शव यात्रा की तैयारी हुई। इसी दौरान इनकी धर्मपत्नी बसंतीबाई अपने पति के बिछड़ने का गम सहन नहीं कर सकी और उन्होंने भी दम तोड़ दिया। अचानक पति-पत्नी के दिवंगत होने के समाचार जैसे ही क्षेत्र में मिले बड़ी संख्या में ग्राम और आसपास के ग्रामों के नागरिकों ने दोनों पति-पत्नी को दूल्हा-दुल्हन बनाकर शव यात्रा निकाली गई। मुक्तिधाम पर एक ही चिता पर दोनों दिवंगत पति पत्नी का अंतिम संस्कार किया गया।

MP में कोरोना विस्फोट: पहली बार एक दिन में 800 के पार पॉजिटिव, मुख्यमंत्री ने दिए सख्ती के निर्देश

मध्यप्रदेश में कोरोना की रफ्तार बढ़ती ही जा रही है। मंगलवार को जारी रिपोर्ट में इस साल पहली बार एक दिन में नए केस की संख्या 800 के पार हो गई। प्रदेश के 52 में से 44 जिलों में कुल 817 नए केस रिकॉर्ड किए गए हैं। इस दौरान खरगोन में एक कोरोना पॉजिटिव की मौत की पुष्टि हुई है।
अब प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 2 लाख 70 हजार 208 तक पहुंच गई है, जबकि सक्रिय मरीज 5 हजार के पार 5 हजार 286 हो गए हैं। अब तक प्रदेश में कोरोना के कारण 3891 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। हालांकि राहत की बात है कि अब तक 2 लाख 61 हजार 31 लोग ठीक हो चुके हैं। सोमवार शाम तक मध्यप्रदेश में करीब 17 लाख लोगों को कोरोना की वैक्सीन भी लग चुकी थी। सोमवार को रिकॉर्ड 1 लाख 90 हजार से ज्यादा लोगों को टीका लगाया गया।
भोपाल में 196, इंदौर में 256
भोपाल और इंदौर में हालात काबू में नहीं आ रहे हैं। बीते एक सप्ताह से लगातार यहां केस बढ़ रहे हैं। हालांकि मंगलवार को आई रिपोर्ट में भोपाल में सोमवार के मुकाबले 3 कम 196, जबकि इंदौर में 5 ज्यादा 264 नए केस सामने आए हैं।  गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद भोपाल समेत कई जगहों पर कलेक्टर ने धारा 144 के तहत कुछ पाबंदियां लगाई हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने कुछ और सख्ती किए जाने के संकेत दिए हैं। इसके बाद एक बार फिर लॉकडाउन की संभावना बढ़ गई है। हालांकि यह पहले जैसा सख्त नहीं होगा, लेकिन इसमें भीड़ को जुटने पर कुछ सख्ती हो सकती है।
एक जनवरी के बाद पहली बार 800 के पार
बीते ढाई महीनों के आंकड़ों पर अगर नजर डाली जाए तो, 1 जनवरी को प्रदेश में सबसे ज्यादा एक 780 नए केस सामने आए थे, उसके बाद 15 मार्च को यह संख्या पहली बार 797 पहुंची थी। यह बीते ढाई महीने में सबसे ज्यादा थी। हालांकि मंगलवार को यह आंकड़ा 800 के पार निकल गया। इससे अब प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या पौने तीन लाख तक पहुंच गई है। हालात यह हैं कि 52 में से 44 जिलों में मंगलवार को कोरोना के नए संक्रमित मिले।
8 दिन में दोगुना हो गए केस
प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों पर शिवराज भी चिंता व्यक्त कर चुके हैं। बीते 8 दिन की बात की जाए तो यह संख्या करीब दोगुना हो गई है। 9 मार्च को प्रदेश में एक दिन में 457 नए केस आए थे, जो मंगलवार यानी 16 मार्च को 817 हो गए हैं। भोपाल और इंदौर में भी यही हालत हैं। 10 मार्च को भोपाल में नए केस एक दिन में 100 और इंदौर में 200 से कम थे। यह संख्या भोपाल में 200 के करीब और इंदौर में 300 के करीब पहुंच गई है।

कैबिनेट बैठक में तबादले नीति को मंजूरी; जिले में प्रभारी मंत्री, प्रदेश में विभागीय मंत्री और प्रथम श्रेणी के अफसरों के ट्रांसफर CM करेंगे

भोपाल/MP में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले 1 मई से होंगे। शिवराज कैबिनेट ने मंगलवार को नई तबादला नीति को मंजूरी दे दी है। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि नई नीति के मुताबिक जिले में प्रभारी मंत्री को तबादले करने का अधिकार होगा। प्रदेश स्तरीय तबादले यानी एक जिले से दूसरे जिले के लिए विभाग के मंत्री की मंजूरी जरूरी होगी, जबकि प्रथम श्रेणी के अफसरों के तबादले मुख्यमंत्री की स्वीकृति से किए जाएंगे।

कैबिनेट ने गृह विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए प्रदेश के 42 जिलों में महिला थाना खोलने की मंजूरी दे दी है। इन थानों में स्टॉप के लिए अन्य जिलों के करीब 1492 पुलिसकर्मियों को पदस्थ किया जाएगा। इससे सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा। वर्तमान में 10 जिलों में महिला थाने संचालित हो रहे हैं।

सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को लागू करने की मंजूरी दे दी है। आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत इस योजना को मध्य प्रदेश में 5 साल के लिए लागू किया जाएगा। इस पर सरकार 491 करोड़ों रुपए खर्च करेगी।

आंगनबाड़ियों में बच्चों को 3 दिन दिया जाएगा दूध
कैबिनेट ने आज आंगनबाड़ियों में 3 साल से 6 साल तक के बच्चों को दूध उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। बच्चों को सप्ताह में 3 दिन दूध दिया जाएगा। इसके साथ ही कोरोना काल में अक्टूबर 2020 से जनवरी 2021 तक आंगनबाड़ी बंद होने के कारण 22,81 करोड़ों रुपए मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम से महिला एवं बाल विकास विभाग को उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया

नीलाम होगा गुना बस स्टैंड

कैबिनेट ने निर्णय लिया कि गुना बस स्टैंड और सब डिपो को नीलाम किया जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा 63 करोड़ रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है। इसी तरह सहकारिता विभाग के प्रस्ताव पर कोलार सनखेड़ा स्थित गृह निर्माण सोसायटी की जमीन 2 करोड़ 25 लाख रुपए में नीलाम करने की कैबिनेट ने अपनी सहमति दे दीl

सरकार “जेण्डर बजट“ के प्रति गंभीर नहीं, रोजगार योजनाओं में जेण्डर बजट में फूटी कौड़ी भी नहीं दी गई ,,,,पूर्व मंत्री जयवर्द्धन सिंह

भोपाल।

पूर्व मंत्री एवं विधायक जयवर्द्धन सिंह ने महिलाओं के सषक्तिकरण के लिये बजट में निर्धारित “जेण्डर बजट“ के उपयोग में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि राज्य सरकार “जेण्डर बजट“ के प्रति कितनी अगंभीर है वह इसी से परिलक्षित होता है कि 10 मार्च 2021 को उनके प्रष्न के उत्तर में जेण्डर बजट पर विभाग द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन में दी गई जानकारी को ही नकार दिया है। “जेण्डर बजट“ केवल एक औपचारिकता बनकर हर गया है। विधानसभा में दिये जा रहे उत्तर भी सही नहीं है। मैं अपने प्रष्न और सदन में मंत्री द्वारा दिये गये उत्तर और विभाग द्वारा जारी वार्षिक प्रषासकीय प्रतिवेदन के संबंधित अंष की छायाप्रति संलग्न कर रहा हूॅ। इससे स्पष्ट हो जायेगा कि “जेण्डर बजट“ और विधानसभा के प्रति सरकार कितनी अगंभीर है।
जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि वर्ष 2021-22 के बजट अनुमान में विभागवार “जेण्डर बजट“ प्रदर्षित किया गया है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग बजट अनुमान में “जेण्डर बजट“ में कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है। इस विभाग के अन्तर्गत रोजगार की तीन महत्वपूर्ण योजनाओं में (1) मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (2) मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना (3) मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना आती है। इन तीनों योजनाओं के अन्तर्गत महिलाओं के स्वरोजगार एवं उद्यम विकास के लिये सरकार ने फूटी कौड़ी भी नहीं दी है। इसका मतलब है कि इन तीनों योजनाओं में महिला हितग्राहियों को राषि नहीं मिल सकेंगी। यह स्थिति प्रदेष के महिलाओं के लिये अत्यन्त पीड़ा दायक है।

24 घंटे में बाइक सवार बदमाशों ने दो महिलाओं के गले से लूटी सोने की चेन

ग्वालियर। 24 घंटे में शहर में चेन लूट की दो वारदातों से सनसनी फैल गई। पहली वारदात रविवार की रात खुरैरी (बड़ागांव) में हुई, जिसमें 60 साल की वृद्धा सावित्री देवी जाटव के गले से बाइक सवार दो बदमाश सोने की चेन लूट ले गए। लूट की दूसरी वारदात सोमवार की शाम को रामदास घाटी के पास हुई। पुष्पा सक्सेना पति के साथ किराने का सामान खरीदने के लिए आई थीं। अभी वे रामदास घाटी के पास बाइक से खड़ी थीं, तभी एक बदमाश पीछे से आया और सवा तोले की सोने की चेन झपट्टा मारकर लूट ले गया। जबकि लुटेरे का एक अन्य साथी बाइक स्टार्ट कर कुछ ही दूरी पर खड़ा था। चेन लूटने के बाद बदमाश बाइक पर बैठकर भाग गया। चेन लूट की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।

बहोड़ापुर लक्ष्मीनगर निवासी पुष्पा पत्नी महेंद्र स्वरूप सक्सेना सोमवार की शाम को एक्टिवा से पति के साथ किराने का सामान खरीदने के लिए शिंदे की छावनी आई थीं। रामदास घाटी के पास महेंद्र स्वरूप सक्सेना गाड़ी पर बैठकर हेलमेट लगा रहे थे। पुष्पा गाड़ी के पास ही खड़ी थीं। उसी समय पीछे से एक बदमाश ने महिला के गले में नजर आ रही सवा तोले की सोने की चेन पर झपट्टा मारा। चेन हाथ में आते ही बदमाश ने दौड़ लगा दी। कुछ ही दूरी पर चेन लुटेरे का दूसरा साथी बाइक स्टार्ट कर खड़ा था। लुटेरा बाइक पर बैठकर भाग निकला। महिला शोर मचाते हुए लुटेरे के पीछे दौड़ी। इंदरगंज थाना पुलिस सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए चेन लुटेरे की पहचान करने का प्रयास कर रही है। लूटी गई चेन में रूद्राक्ष भी था।

श्रीलंका के बुर्का पर रोक और मरदसों को बंद करने की सिफारिश पर पाकिस्तान ने निकाली भड़ास, दी चेतावनी

कोलंबो, प्रेट्र। पाकिस्तान ने श्रीलंका में बुर्का पर प्रतिबंध और एक हजार मदरसों को बंद करने की सिफारिश को विभाजनकारी बताया है और साथ ही पाकिस्‍तान ने श्रीलंका को चेतावनी दी है। श्रीलंका में पाकिस्तान के उच्चायुक्त ने बुर्का पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की निंदा की है। कहा है कि सुरक्षा के नाम पर उठाए जाने इस तरह के विभाजनकारी कदमों से मुस्लिमों की भावनाएं आहत होंगी। साथ ही अल्पसंख्यकों के मूलभूत अधिकारों का हनन होगा। 

राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया फैसला 

पाकिस्तानी उच्चायुक्त साद खटक का यह बयान जनसुरक्षा मामलों के मंत्री सरथ वीरसेखरा की उस सिफारिश पर आया है, जिसके आधार पर श्रीलंका की कैबिनेट को बुर्के पर प्रतिबंध लगाने का फैसला करना है। बुर्का ही नहीं चेहरे को ढंकने वाले सभी वस्त्रों पर प्रतिबंध की सिफारिश की गई है। वीरसेखरा ने यह सिफारिश शुक्रवार को की थी। शनिवार को वीरसेखरा ने कहा, यह सिफारिश राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर की गई है। कुछ वर्ष पहले हमारे बहुत से मुस्लिम दोस्त हुआ करते थे। उनके परिवार की महिलाएं बुर्का इत्यादि नहीं पहनती थीं। लेकिन हाल के महीनों में बुर्का पहनने के चलन में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। यह कट्टरता बढ़ने की निशानी है। 

मदरसे कट्टरता बढ़ाने में जुटे

वीरसेखरा ने कहा, हाल के कुछ महीनों में देश में एक हजार से ज्यादा मदरसे खुले हैं। ये भी कट्टरता बढ़ाने में जुटे हैं। सरकार इन्हें भी बंद कराएगी। श्रीलंका में 2019 में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे जिनमें 270 लोगों की मौत हो गई थी। इन धमाकों के लिए मुस्लिम आतंकी जिम्मेदार थे। उसी के बाद श्रीलंका में मुस्लिमों के प्रति सोच बदली। 

आर्थिक मुश्किलें खड़ी कर सकता है श्रीलंका का यह फैसला

पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने कहा, कोविड महामारी के चलते इस समय आर्थिक मुश्किलों का दौर चल रहा है। श्रीलंका अपनी छवि को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य तरह की चुनौतियों का सामना भी कर रहा है। ऐसे में सुरक्षा के नाम पर श्रीलंका का ऐसे विभाजनकारी कदम उठाना उसके लिए और ज्यादा आर्थिक मुश्किलें खड़ी कर सकता है। इन मुश्किलों से बचने के लिए श्रीलंका अपने यहां के अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा में तत्पर होने का संदेश दे सकता है। लेकिन वह ऐसा नहीं कर रहा है। पाकिस्तानी उच्चायुक्त का इशारा जाफना के तमिलों के नरसंहार मामले में श्रीलंका पर बढ़ रहे अंतरराष्ट्रीय दबाव की ओर था। आशंका है कि उसके चलते श्रीलंका पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध भी लग सकते हैं।

पुलिस इंस्पेक्टर ने महिला अधिकारी का आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर डाला, हुआ अरेस्ट

मध्य प्रदेश में एक पुलिस इंस्पेक्टर ने सोशल मीडिया पर एक महिला राजस्व अधिकारी का आपत्तिजनक फोटो अपलोड कर दिया है. इसके बाद इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है.

दतिया पुलिस थाने में पोस्टेड इंस्पेक्टर शिशिर दास ने सीहोर में पोस्टेड महिला राजस्व अधिकारी का आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. जिसके बाद से पुलिस विभाग में हंगामा मचा हुआ है. दोनों के बीच एक पुराना विवाद भी चल रहा था जिसे लेकर इंस्पेक्टर शिशिर दास, महिला अधिकारी पर राजीनामा करने के लिए दबाव बना रहा था.

ASP समीर यादव ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि नायाब तहसीलदार महिला की शिकायत के बाद इंस्पेक्टर शिशिर दास को अरेस्ट कर लिया गया है. उनपर IPC और आईटी एक्ट के चार्जेज लगाए गए हैं. दिन में कोर्ट द्वारा उन्हें जमानत दे दी गई है.

ये पहली घटना नहीं है जब सरकारी अधिकारी ही अपराध में लिप्त पाए गए हैं. बीते दिनों एचएएल (HAL) में तैनात एक इंजीनियर ने 7 साल के बच्चे से छेड़छाड़ की. जिसके बाद परिजनों को पता चला तो परिजनों ने इंजीनियर की जमकर हजामत की. इसके बाद पुलिस को सौंप दिया. ये मामला कानपुर के हरबंश मोहाल थाना क्षेत्र का है.

प्रयागराज की एचएएल में तैनात इंजीनियर अनिल पांडेय अपने घर कानपुर आया हुआ था. एक 7 साले के मासूम बच्चे से पानी मंगाया और पानी मंगाने के बहाने दरवाजा बंद कर लिया. इसके बाद बच्चे ने अपने पिता को इंजीनियर की पूरी करतूत बता दी और इंजीनियर का भंडाफोड़ हो गया.