विवेक शेजवलकर ने रानी लक्ष्मीबाई के समाधिस्थल से की अमृत महोत्सव की शुरूआत

ग्वालियर। – पूरे देश की तरह ही ग्वालियर में भी आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर अमृत महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव की शुरुआत ग्वालियर में बीजेपी सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के समाधि स्थल पर माल्यार्पण कर की इस मौके पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओ सहित गणमान्य लोग उपस्तिथ थे। रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सांसद विवेक शेजवलकर ने अमृत महोत्सव के महत्व को बताते हुए कहा कि देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने को है और इसको खास बनाने के लिए अमृत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है ताकि देश के आम लोग आजादी और लोकतंत्र के महत्व को समझ सके।

रेलवे स्टेशन पर हुए घटिया निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जान्च कराऊँगा: धैर्य वर्धन शर्मा

शिवपुरी रेलवे स्टेशन पर हुए घटिया निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जान्च कराऊँगा । लोकार्पण के तीन दिन बाद ही मौसम की ज़रा सी बेरुखी बर्दाश्त न कर पाना गंभीर लापरवाही और संगठित भ्रष्टाचार का सूचक है । रेल मंत्री कार्यालय को मेल भेजकर इस शर्मनाक घटना की जानकारी दूंगा ।
आगामी बैठक मे भी यह मुद्दा उठाऊंगा ।
धैर्यवर्धन
सदस्य, जोनल रेल सलाहकार समिति
पश्चिम् मध्य रेल
भारत सरकार

राज्य सरकार से जुड़ा शख्स नहीं बन पाएगा चुनाव आयुक्त, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा चुनावों के मद्देनजर शुक्रवार को एक खास फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों के लिए जारी एक आदेश में साफ कहा है कि राज्य चुनाव आयुक्तों को स्वतंत्र शख्स होना अनिवार्य है। राज्य में ऐसे किसी शख्स को नियुक्त नहीं किया जा सकता, जो राज्य सरकार के अंतर्गत किसी पद पर नियुक्त हो या कार्यरत हो। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि राज्‍य सरकार से जुड़े किसी भी व्‍यक्ति को चुनाव आयुक्‍त नियुक्‍त करना भारत के संविधान के खिलाफ है।

गौरतलब है कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने गोवा सरकार के सचिव को राज्य चुनाव आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार देने के मामले पर सुनवाई की और यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा जो शख्स सरकार में कोई पद संभाल रहा हो उसे राज्‍य के चुनाव आयुक्‍त के पद पर कैसे नियुक्त किया जा सकता है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस आरएफ नरीमन ने की और उन्होंने गोवा सरकार पर सवाल उठाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सरकार में किसी पद को संभाल रहे व्‍यक्ति को राज्य चुनाव आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपना संविधान की भावनना के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक गोवा में जिस तरह ये राज्‍य चुनाव आयुक्‍त का पद सरकार के सचिव को दिया गया है वह काफी हैरान करने वाला कदम है। एक सरकारी कर्मचारी, जो सरकार के साथ रोजगार में था बाद में गोवा का चुनाव आयोग का प्रभारी बनता है। सरकारी अधिकारी ने पंचायत चुनाव कराने के संबंध में हाई कोर्ट के फैसले को पलटने का प्रयास किया।

जेएसबी टूरिज्म कंपनी के संचालकों ने शहर में रिटायर्ड फौजी सहित 20 लाेगाें को ठगा

ग्वालियर।

नोएडा में सैकड़ों लोगों के करोड़ों रुपए ठगकर भागे जेएसबी टूरिज्म कंपनी के संचालकों ने ग्वालियर में भी ऐसी ही वारदात को अंजाम दे डाला। कंपनी के कर्ताधर्ताओं ने यहां रिटायर्ड फौजी सहित सैकड़ों लोगों के जीवनभर की पूंजी हड़प ली। अभी 20 लाेगाें की शिकायतें पुलिस काे मिल चुकी हैं।

एक साल में जमा राशि दोगुनी करने का झांसा देकर रुपए ये रुपए हड़ऐ गए। इसके बाद यहां से भी ठग भाग निकले। कंपनी में पैसा जमा करने वाले लोग कई महीनों से परेशान थे। रिटायर्ड फौजी की शिकायत पर बुधवार रात को थाटीपुर थाने में तब एफआईआर दर्ज हुई, जब उसने एसपी से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत की।

थाटीपुर थाना प्रभारी आरबीएस विमल ने बताया कि विनोद पुत्र देवसिंह परमार निवासी मयूर मार्केट, थाटीपुर रिटायर्ड फौजी हैं। 2018 में उनके एक साथी ने बताया कि थाटीपुर स्थित जेएसबी टूरिज्म लिमिटेड में अगर पैसा जमा किया तो एक साल में दोगुना हो जाता है।

हर महीने किस्त कंपनी चुकाती है। विनोद झांसे में आ गए और उन्होंने रिटायरमेंट पर मिले 1.55 लाख रुपए कंपनी में जमा कर दिए। करीब तीन महीने उन्हें कंपनी से पैसा मिला। इसके बाद पैसा आना बंद हो गया।

जब उन्होंने कंपनी के दफ्तर में संपर्क किया तो कुछ महीनों में पूरा पैसा देने का झांसा दिया गया। इसके बाद संचालक महेश कुमार भाटी, अरुण लोहिया और भूपेंद्र भाटी दफ्तर बंद कर भाग गए। बाद में विनोद को पता लगा कि यह लोग कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर फरार हुए हैं।

जब इन लोगों ने पड़ताल की तो पता लगा कि इस कंपनी के संचालकों ने नोएडा में भी कई लोगों के रुपए जमा कराकर ठगी की। वहां से करीब दो करोड़ रुपए ठगकर यह लोग फरार हुए और ग्वालियर में कंपनी शुरू कर दी। नोए के बीटा-2 थाने में इन पर एफआईआर दर्ज है।

जम्मू-कश्मीर में म्यांमार से रोहिंग्या को लाकर बसाने के पीछे एक बड़ी साजिश, पाक ने की बड़े पैमाने पर फंडिंग

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में रोहिंग्या शरणार्थियों के पहुंचने की जांच-पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार म्यांमार में नस्ली भेदभाव और हिंसा शुरू होने के काफी पहले से रोहिंग्या को जम्मू में लाकर बसाने का सिलसिला शुरू हो गया था। इनमें दो दर्जन से अधिक रोहिंग्या परिवार ऐसे मिले हैं, जो 1999 में फारूक अब्दुल्ला की सरकार के दौरान ही जम्मू आकर बस गए थे। हालांकि, म्यांमार से रोहिंग्या का बड़े पैमाने पर पलायन 2015 में शुरू हुआ था।

जम्मू में रोहिंग्या शरणार्थियों के पहुंचने के पीछे एक बड़ी साजिश

सुरक्षा एजेंसी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अब यह साबित हो गया है कि जम्मू में रोहिंग्या शरणार्थियों के पहुंचने के पीछे म्यांमार में नस्ली हिंसा असली वजह नहीं है। उन्हें एक बड़ी साजिश के तहत लंबे समय से म्यांमार से जम्मू में लाकर बसाया जाता रहा है।

रोहिंग्या को बसाने में एक एनजीओ को मिला पाक, यूएई और सऊदी अरब से फंड

उन्होंने कहा कि 1999-2000 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद चरम पर था। ऐसे में सामान्य लोग वहां जाने से डरते थे। वहीं रोहिंग्या परिवार हजारों किलोमीटर की यात्रा कर वहां बसने लगे थे। इसके पीछे की साजिश की जांच की जा रही है। उनके अनुसार रोहिंग्या को लाकर बसाने में लगे जम्मू-कश्मीर के एक एनजीओ को बड़े पैमाने पर पाकिस्तान, यूएई और सऊदी अरब से फंड मिलने के संकेत मिले हैं।

1999 से जम्मू में रहने चाले रोहिंग्या शरणार्थियों ने आधार कार्ड और राशन कार्ड भी बनवा लिए

सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी के अनुसार पूछताछ के दौरान बहुत सारे रोहिंग्या ने खुद ही 1999 से ही जम्मू में रहने की बात स्वीकार की है। जांच बढ़ने के साथ-साथ उनकी संख्या बढ़ने की आशंका है। इतने लंबे समय से रहने वाले रोहिंग्या शरणार्थियों ने स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से आधार कार्ड और राशन कार्ड भी बनवा लिया था। ऐसा ही एक परिवार सईद हुसैन का है। फिलहाल 258, बीसी रोड, डोगरा हॉल पर रहने वाला सईद हुसैन अब 66 साल का हो चुका है और 1999 से जम्मू में रह रहा है। उसके नाम पर राशन कार्ड और आधार कार्ड भी बना हुआ है। सईद हुसैन के साथ उसकी पत्नी, चार बेटे और बहू भी हैं। इसके अलावा उसकी एक बेटी जासमीन का विवाह 2013 में बारामूला के नैदखा सुल्तानपुर के इंतियाज अहमद नाम के स्थानीय युवक के साथ हुआ था। राशन कार्ड, आधार कार्ड और शादी के माध्यम से सईद हुसैन एक तरह से जम्मू-कश्मीर का मूल निवासी बन गया था। पिछले दिनों रोहिंग्या शरणार्थियों के खिलाफ शुरू हुई जांच के बाद इसका पता चला।

राफेल के कमांडिंग ऑफिसर का अचानक क्यों कर दिया गया ट्रांसफर, हैरानी में डाल रहा कदम

नई दिल्ली
राफेल के पहले स्क्वॉड्रन के कमांडिग अधिकारी का अचानक ट्रांसफर कर दिया गया है। ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह का यह ट्रांसफर शिलांग स्थित पूर्वी एयर कमांड के हेडक्वार्टर में किया गया है। ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह की जगह ग्रुप कैप्टन रोहित कटारिया राफेल के अंबाला एयरबेस पर 17 गोल्डन एरो स्क्वॉड्रन (17 Golden Arrow Squadron) के कमांडिग अधिकारी होंगे। सूत्रों ने बताया कि ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह अपनी नई तैनाती के दौरान राफेल के दूसरे स्क्वॉड्रन की तैनाती का कामकाज संभाल सकते हैं।

फाइटर जेट के सीओ का इस तरह ट्रांसफर असामान्य
हालांकि, एयरफोर्स के इस कदम से फोर्स के भीतर ही कई तरह की सुगबुगाहट हो रही है। इस बारे में एयरफोर्स के एक अधिकारी ने ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह के तबादले को सामान्य तबादला करार दिया। एयरफोर्स के एक अधिकारी ने कहा कि यह काफी असामान्य है कि किसी भी नए जेट के एक फाइटर स्क्वाड्रन के सीओ का छह से सात महीने में अचानक ट्रांसफर कर दिया जाए। वह भी तब जबकि वह स्क्वाड्रन राफेल फाइटर जेट का हो। अभी इस स्क्वॉड्रन में 18 में से 11 विमान ही शामिल हुए हैं।

राफेल विमानों का दूसरा स्क्वॉड्रन की तैनाती के लिए तैयारी
भारतीय वायुसेना अप्रैल के मध्य में राफेल लड़ाकू विमान के दूसरे स्क्वॉड्रन (दस्ते) की तैनाती के लिये तैयार है। और यह स्क्वॉड्रन पश्चिम बंगाल के हाशिमारा वायु सेना अड्डे पर मुस्तैद रहेगा। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राफेल विमानों का पहला स्क्वॉड्रन हरियाणा के अंबाला एयरबेस पर तैनात है।

29 जनवरी को आई थी राफेल की पहली खेप
राफेल विमानों की पहली खेप पिछले साल 29 जुलाई को फ्रांस से भारत आई थी। भारत ने फ्रांस से 59 हजार करोड़ रुपये में 36 लड़ाकू विमान खरीदने के लिये साल 2015 में अंतर-सरकारी करार पर हस्ताक्षर किये थे। पिछले साल 10 सितंबर को अंबाला में हुए एक कार्यक्रम में राफेल लड़ाकू विमानों को औपचारिक रूप से वायुसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया था। तीन विमानों की दूसरी खेप तीन नवंबर को भारत आई थी जबकि तीन और विमानों की तीसरी खेप 27 जनवरी को यहां पहुंची। भारत को अगले कुछ महीनों में फ्रांस से और विमान मिलने की उम्मीद हैं। एक स्क्वॉड्रन में लगभग 18 विमान होते हैं।

UAE ने 12 मार्च तक वापस मांगा एक अरब डॉलर, पाकिस्तान सरकार के फूले हाथ-पांव, गिड़गिड़ा रहे फिर भी सुनवाई नहीं

इस्लामाबाद
संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान को अपने एक अरब डॉलर (करीब 15720 करोड़ पाकिस्तानी रुपये) को तत्काल लौटाने को कहा है। यूएई की इस मांग के बाद पाकिस्तानी सरकार के हाथ-पांव फूल गए हैं। ये रकम स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में जमा है। इसे लौटाने की लास्ट डेट 12 मार्च है। यूएई ने यह रकम इसलिए वापस मांगी है कि उसकी मैच्योरिटी हो गई है।

पाकिस्तान सरकार के शीर्ष अधिकारी यूएई खासकर वहां के युवराज से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन वहां से उन्हें दुत्कार मिल रही है, कोई भी जवाब नहीं दे रहा है। पाकिस्तान यूएई के सामने गिड़गिड़ा चुका है कि इतनी बड़ी रकम को लौटाने से उसकी आर्थिक स्थिति गड़बड़ा सकती है। खस्ताहाल पाकिस्तान की आर्थिक दुर्गति किसी से छिपी नहीं है। पहले से ही भीषण कर्ज की बोझ में दबा पाकिस्तान आईएमएफ से लेकर तमाम संस्थाओं और देशों से और ज्यादा कर्ज की मांग करता रहा है।

पाकिस्तान को कंगाल बनाने पर तुले प्रधानमंत्री इमरान खान अपने देश के नागरिकों को कर्ज के जाल में फंसाते जा रहे हैं। हाल में ही पाकिस्तान की संसद में इमरान खान सरकार ने कबूल किया है कि अब हर पाकिस्तानी के ऊपर अब 1 लाख 75 हजार रुपये का कर्ज है। इसमें इमरान खान की सरकार का योगदान 54901 रुपये है, जो कर्ज की कुल राशि का 46 फीसदी हिस्सा है। कर्ज का यह बोझ पाकिस्तानियों के ऊपर पिछले दो साल में बढ़ा है। यानी जब इमरान ने पाकिस्तान की सत्ता संभाली थी तब देश के हर नागरिक के ऊपर 120099 रुपये का कर्ज था।

देश के कानून का भी इमरान सरकार ने किया उल्लंघन
वित्त वर्ष 2020-21 के राजकोषीय नीति पर बयान देते हुए पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने यह भी माना है कि इमरान खान सरकार राजकोषीय घाटे को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के चार फीसदी तक करने में विफल रही है। इस तरह सरकार ने 2005 की राजकोषीय जिम्मेदारी और ऋण सीमा (FRDL) अधिनियम का उल्लंघन किया है। ऐसे में पाकिस्तान का कुल रोजकोषीय घाटा जीडीपी का 8.6 फीसदी रहा है, जो एफआरडीएल अधिनियम कानून की सीमा से दोगुने से भी अधिक है।

सिंधिया ने शाही परम्परानुसार कोटेश्वर महादेव पर की पूजा-अर्चना

ग्वालियर/आज महाशिवरात्रि पर पूरा शहर शिवमय नजर आ रहा है। शिव की भक्ति की धुन में सुबह से हर तरफ बच्चे, बूढ़े और जवान ललाट पर चंदन का लेप लगाए नजर आ रहे हैं। शिव मंदिराें में सुबह से भक्ताें की कतार लगी हुई है, शिवालय बम-बम भाेले के जयकाराें से गूंज रहे हैं। लाेगाें ने श्रद्धालुआें काे प्रसादी वितरण करने के लिए जगह-जगह फलाहार एवं शीतल पेय पदार्थाें के स्टॉल लगाए हैं। जहां प्रसाद लेने वालाें की भीड़ उमड़ रही है। अचलेश्वर महादेव मंदिर, गुप्तेश्वर मंदिर, हजारेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य मंदिराें पर सुबह चार बजे बजे से श्रद्धालुआें का दर्शनाें के लिए पहुंचना शुरू हाे गया था। महाशिवरात्रि पर प्रमुख शिव मंदिर अचेलश्वर, गुप्तेश्वर और कोटेश्वर महादेव समेत हजारेश्वर और भूतेश्वर पर सुबह 6 बजे श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। दोपहर 12.30 बजे राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया कोटेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना की। यहां उन्होंने कहा कि भगवान से बड़ा कोई नहीं है।

कोटेश्वर महादेव पर रात 12 बजे से शिवभक्त पहुंचना शुरू हो गए थे। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए इस बार अंदर प्रसाद के काउंटर नहीं लगाए गए। मंदिर में दर्शन के लिए सुबह 6 बजे से शहर के लोग मंदिर पहुंचे हैं। मंदिर के बाहर कतार लगी हैं। दोपहर 12 बजे यहां राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे और पूजा अर्चना की/गुप्तेश्वर मंदिर से गुरुवार दोपहर 12 बजे शिव बारात भी निकाली गई। महाशिवरात्रि पर गुप्तेश्वर सेवा संघ द्वारा निकाली जाने वाली शिव बारात गुप्तेश्वर मंदिर से निकलकर जनकगंज, महाराज बाड़ा, सराफा बाजार, ऊंटपुल, इंदरगंज चौराहे से होती हुई अचलेश्वर मंदिर पहुंची। रास्ते में कई जगह बारात का स्वागत किया गया।

नागपुर में 15 से 21 मार्च तक लॉकडाउन; महाराष्ट्र में 15 दिन में दोगुनी हुई संक्रमण की रफ्तार

‌महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच जगह-जगह सख्तियां बढ़ाई जा रही हैं। इसी बीच नागपुर में प्रशासन ने 15 से 21 मार्च तक लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। यहां बीते दिन कोरोना के 1800 से ज्यादा मामले सामने आए थे। वहीं, पिछले एक हफ्ते से यहां औसतन एक हजार मरीज मिल रहे हैं। इसी वजह से प्रशासन ने यह फैसला किया है। इस दौरान सिर्फ जरूरी सुविधाओं को ही छूट मिलेगी।

उधर, महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में 13,659 नए मरीज मिले। यह 7 अक्टूबर के बाद सबसे बड़ा आंकड़ा है। तब 14,578 केस आए थे। करीब 15 दिन पहले तक यहां 5-6 हजार केस आ रहे थे। देश में अभी 60% से ज्यादा मरीज यहीं मिल रहे हैं।

देश में बीते 24 घंटे में 21,814 नए मरीजों की पहचान हुई। 17,674 मरीज ठीक हो गए। 114 ने इस महामारी से जान गंवाई। इस तरह एक्टिव केस, यानी इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में 4,020 की बढ़ोतरी हो गई। अब तक कुल 1.12 करोड़ लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 1.09 करोड़ ठीक हो चुके हैं। 1.58 लाख की मौत हुई है, जबकि 1.85 लाख का इलाज चल रहा है। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीरा बेन को गुरुवार को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दिया गया। PM ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी।भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन कोवैक्सिन (Covaxin) को इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिल गई है। सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) ने इस पर लगी क्‍लिनिकल ट्रायल की शर्त को भी हटा दिया है। SEC ने भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को इसकी सिफारिश भेजी है।अगर कोवैक्सिन को क्लिनिकल ट्रायल की शर्त से बाहर किया जाता है तो लोगों को इसे लगाने के लिए राजीनामा नहीं देना होगा।वैक्सीनेशन के 54वें दिन भारत में वैक्सीनेशन का आंकड़ा 2.5 करोड़ के पार हो गया। बुधवार को 9.22 लाख से ज्यादा लोगों को टीका लगाया गया।अरुणाचल प्रदेश में बुधवार को कोरोना संक्रमण का नया मरीज मिला। इससे पहले तीन दिन तक यहां कोई भी संक्रमित नहीं मिला था।