हिंदू महाभा का ऐलान चाहे कुछ भी हो जाए 14 मार्च को गोडसे यात्रा निकालेंगे, देश का बच्चा-बच्चा गोडसे को जानेगा

हिंदू महासभा ने ग्वालियर से दिल्ली तक गोडसे यात्रा निकालने की ठान ली है। हिमस नेताओं का कहना है कि चाहे कुछ भी हो जाए अब देश का बच्चा-बच्चा गोडसे को जानेगा और उन्होंने यह कदम क्यों उठाया उसके पीछे क्या बजह थी यह भी युवाओं को पता लगेगी। गोडसे यात्रा के लिए गुरुवार को हिंदू महासभा ने अनुमति मांगी है। हिंदू महासभा की ओर से प्रदेश महामंत्री विनोद जोशी ने अनुमति के लिए ONLINE आवेदन कर दिया है। दो दिन में प्रशासन भी इस पर अपना रूख स्पष्ट कर देगा।

अखिल भारत हिन्दू महासभा 14 मार्च को गोडसे यात्रा निकालने जा रही है जो ग्वालियर में हिमस के कार्यालय दौलतगंज से शुरू होगी और सड़क मार्ग से होते हुए दिल्ली में हिन्दू महासभा भवन मंदिर मार्ग पर राष्ट्रीय नेताओं की भागीदारी के साथ पूरी होगी। हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने बताया कि यात्रा के माध्यम से नाथूराम गोडसे के बारे में लोगों को बताया जाएगा। ग्वालियर से दिल्ली तक पूरे रास्ते गोडसे के ज्ञान को बांटा जाएगा। यह निर्णय दो दिन पहले हुई कार्यकर्ताओं की बैठक में लिया गया है। हिंदू महासभा की गोडसे यात्रा निकालने का मकसद सिर्फ इतना है कि देश का बच्चा-बच्चा गोडसे के बारे में जाने। क्योंकि अभी तक लोग उनके सही साहित्य से अनजान हैं। इसलिए यह यात्रा निकालना और भी ज्यादा जरूरी है। इसके लिए गुरुवार को हिमस की ओर से प्रदेश महामंत्री विनोद जोशी ने ONLINE आवेदन यात्रा की अनुमति के लिए कर दिया है। अब इस पर प्रशासन को फैसला लेना है।हिंदू महासभा के तेवर देखकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन भी लगातार उनकी हर हरकत पर नजर रखे हुए है। जिला प्रशासन को आशंका है कि गोडसे यात्रा से माहौल खराब हो सकता है। इसलिए वह लगातार हिमस नेताओं को रोकने का प्रयास करेगा। इससे पहले भी गोडसे मंदिर की स्थापना, गोडसे की ज्ञान शाला बनने के बाद प्रशासन हरकत में आया था और उसे बंद कराया था।

विधानसभा में उठा मुद्दा ताे जागा प्रशासन, अवैध रेत खदान लाेहारी पर कार्रवाई, 20 डंपर पकड़े

ग्वालियर। भितरवार विधायक एवं पूर्व मंत्री लाखन सिंह ने पिछले दिनाें विधानसभा में प्रदेश की सबसे बड़ी अवैध रेत खदान लाेहारी का मुद्दा उठाया था। इसके बाद पुलिस, प्रशासन की नींद टूटी आैर गुरूवार काे खदान पर कार्रवाई की गई। इस दाैरान रेत से भरे बीस डंपर काे पकड़ा गया। जिसमें से दस डंपर चालकाें के पास रॉयल्टी नहीं थी। खास बात यह है कि डंपराें के पकड़े जाने के बाद कंपनी ने रॉयल्टी काट दी। उधर कार्रवाई के दाैरान पुलिसकर्मियाें आैर रेत कंपनी के कर्मचारियाें के बीच विवाद भी हुआ। इसके बाद थाने तक केवल आठ डंपर ही पहुंचे हैं।

प्रदेश की सबसे बड़ी लाेहारी की अवैध रेत खदान पर गुरूवार की सुबह पुलिस ने छापामार कार्रवाई काे अंजाम दिया। यहां पर खदान पर बड़े पैमाने पर खनन हाेता पाया गया है। पुलिस ने जब रेत का अवैध रूप से परिवहन करते बीस डंपराें काे पकड़ा ताे रेत कंपनी के कर्मचारी भी वहां पहुंच गए आैर पुलिसकर्मियाें से विवाद करने लगे। जांच में पाया गया कि दस डंपर चालकाें के पास रॉयल्टी रसीद ही नहीं थी। उधर रेत कंपनी के कर्मचारियाें ने डंपराें के पकड़े जाने के बाद रॉयल्टी रसीद काट दी आैर पुलिस से बहस करने लगे। डंपर आेवरलाेड थे, रेत से ऊपर तक भरे हुए थे। विवाद के बाद आखिर पुलिस ने आठ डंपराें काे थाने पहुंचा दिया है। यह पूरी कार्रवाई भितरवार एसडीआेपी अभिनव बारंगे, थाना प्रभारी भितरवार केपी यादव के नेतृत्व में हुई है।प्रदेश की सबसे बड़ी अवैध रेत खदान लाेहारी का मामला हाल ही में विधायक लाखन सिंह ने विधानसभा में उठाया था। इसके अलावा पिछले दिनाें रेत कंपनी के कर्मचारियाें ने पुलिस प्रशासन की फाेन रिकार्डिंग भी की थी। वहीं बिरजू शिवहरे ने भितरवार एसडीएम की नाेंकझाेंक की रिकार्डिंग भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल की थी। लाेहारी की अवैध खदान काे लेकर मामला गर्माता देख पुलिस ने गुरूवार काे यह कार्रवाई की है।

विदिशा से लगातार चार बार भाजपा के विधायक रहे ठाकुर मोहर सिंह का निधन

विदिशा। विदिशा से लगातार चार बार विधायक रहे ठाकुर मोहर सिंह का भोपाल में इलाज के दौरान निधन हो गया है। सहज सरल और हंसी ठहाकों के लिए मशहूर रहे पूर्व विधायक कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। ठाकुर मोहर सिंह के विषय में एक बात हमेशा चलती रहती थी कि वह पीड़ितों की सहायता करने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। दूसरी पार्टियों के लोगों को भी अपना बना लेना उनके अंदर एक खास गुण था। दांगी समाज में अपना एक अलग ही स्थान रखने वाले पूर्व विधायक वर्तमान में दांगी क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष भी थे। उनके निधन की खबर सुनते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। देर रात से ही इंटरनेट मीडिया पर उनके निधन का समाचार चल रहा है।

ठाकुर मोहर सिंह की साफ-सुथरी छवि और हसमुख मिजाज के चलते वह कांग्रेस के शासनकाल में भी लगातार विदिशा में भारतीय जनता पार्टी का परचम लहराते रहे। एक बार उनकी पत्नी सुशीला ठाकुर भी विधायक रह चुकी हैं। लगातार भारतीय जनता पार्टी से विधायक चुने जाने के कारण विदिशा भाजपा का गढ़ कहलाने लगा था।

ममेरी बहन के इश्क में युवक ने पहली पत्नी को छोड़ा, बहन की शादी दूसरी जगह तय हुई तो गला घोंट कर दी हत्या

खुरई के ग्रामीण थाना क्षेत्र के गांव में एक भाई ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपनी ममेरी बहन की ही गला घोंटकर हत्या कर दी। मामला प्रेम-प्रसंग से जुड़ा है। आरोपी युवक ने ममेरी बहन के इश्क में पड़कर अपनी पहली पत्नी को भी छोड़ दिया था और दोनों के बीच पिछले एक साल से नजदीकियां बढ़ गई थी। दो-चार दिन पहले ही बहन का रिश्ते किसी दूसरे युवक से तय हो गया। इस पर आरोपी ने आपत्ति जताई और अपनी बहन से वहां शादी न करने के लिए दवाब बनाया, लेकिन दोनों के बीच कुछ कहा सुनी हुई और आरोपी ने युवती के घर में ही गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। खुरई देहात थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

गले में लिपटा मिला था टॉवेल
खुरई देहात थाना TI आनंद सिंह परिहार ने बताया कि सोमवार-मंगलवार दरमियानी रात 18 वर्षीय युवती शौच से लौटकर अपने घर आई। इतने में खिमलासा निवासी आरोपी राजेश अहिरवार अपने दोस्त आशीष अहिरवार के साथ खेत वाले रास्ते से युवती के घर आया। आरोपी राजेश युवती की बुआ का लड़का होने की वजह से उसका घर आना-जाना लगा रहता था। इतने में युवती के सगे भाई को बहन की चीख उसके कमरे से सुनाई दी तो उसने पिता को आवाज दी और वहां जाकर देखा। तो दोनों आरोपी राजेश और आशीष वहां से भागते दिखे। युवती के गले में टॉवेल लिपटा हुआ था। सांस चलने की वजह से परिजन उसे खुरई सिविल अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में युवती ने दम तोड़ दिया।

पीएम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत बताई
घटना के बाद परिजन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की और शव का दो डॉक्टर के पैनल से पीएम कराया। मंगलवार रात पीएम रिपोर्ट आई, जिसमें युवती की मौत गला घोंटने के कारण बताई गई। इसके बाद पुलिस ने बुधवार सुबह आरोपी राजेश और आशीष अहिरवार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है।

पहली पत्नी को छोड़ चुका था आरोपी
TI ने बताया कि आरोपी राजेश पहले से शादी शुदा है और वह ममेरी बहन के इश्क में पड़कर अपनी पहली पत्नी को छोड़ चुका था। दोनों के बीच करीब एक साल से बातचीत चल रही थी। युवती के पिता ने बताया कि उनकी बेटी बीएससी सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रही थी। उसकी शादी पक्की हो गई थी। शनिवार को ही वे लड़के वालों के यहां जाकर टीके की रस्म पूरी करके आए थे और आने वाले सोमवार को लड़का पक्ष के लोग घर आने वाले थे, लेकिन इसके पहले ही मेरी बेटी हमेशा के लिए मुझसे दूर चली गई।

अनुराग कश्यप और तापसी पर IT डिपार्टमेंट का शिकंजा, सुबह से शाम तक छापेमारी, फिर घंटों पूछताछ, जानें कल क्या हुआ

आयकर विभाग ने बुधवार को फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप, विकास बहल, अभिनेत्री तापसी पन्नू और प्रड्यूसर मधु मंटेना समेत कई फिल्मी हस्तियों  के घरों और दफ्तरों पर छापेमारी की। इतना ही नहीं, अनुराग और तापसी पन्नून से आयकर विभाग ने घंटों पूछताछ की है। आयकर विभाग फैंटम फिल्म्स से जुड़े हुए लोगों की जांच कर रही है। फैंटम फिल्म्स पर आरोप है कि उसने टैक्स की चोरी की है। आयकर विभाग की इस कार्रवाई पर विपक्षी दलों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है और असंतोष की आवाज को दबाने के लिए किया गया है। 

आयकर विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि इन सितारों के घर पर छापेमारी सुबह 8 बजे शुरू हुई और देर शाम तक जारी रही। अधिकारियों ने बताया कि मुंबई और पुणे में 30 से अधिक स्थानों पर छापे मारे गए। सेलिब्रिटी एंड टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी क्वान के कुछ अधिकारियों के यहां भी छापे मारे गए हैं। छापेमारी की कार्रवाई फैंटम फिल्म्स और इसके प्रमोटर रहे कश्यप, निर्देशक-निर्माता विक्रमादित्य मोटवाने, निर्माता विकास बहल और निर्माता-वितरक मधु मैंटेना के खिलाफ कर चोरी की जांच के सिलसिले में की गई। प्रोडक्शन हाउस फैंटम फिल्म्स कश्यप ने शुरू किया था, जिसे 2018 में बंद कर दिया गया। 

एक अन्य आयकर विभाग के अधिकारी ने कहा कि अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू से पुणे में पूछताछ हुई। दोनों से यह पूछताछ पुणे स्थित एक होटल में हुई है और इस दौरान अधिकारियों ने उनसे टैक्स चोरी मामले से संबंधित कई सवाल-जवाब किए। वर्सोवा, गोरेगांव और अंधेरी में कश्यप और पन्नू के घर और आधिकारिक परिसरों पर छापे मारे गए। पन्नू की पीआर कंपनी केआरआई एंटरटेनमेंट पर भी सर्च ऑपरेशन चला। अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई नीतियों और नेताओं की आलोचना की है।

अधिकारी ने कहा कि यह छापेमारी फैंटम फिल्म के खिलाफ कर चोरी की जांच का हिस्सा थी। अधिकारी ने बताया कि इन संस्थानों के बीच हुए कुछ लेन-देन विभाग की नजर में थे और कर चोरी के आरोपों की जांच को आगे बढ़ाने के लिए सबूत एकत्रित करने के लिए यह कार्रवाई की गई। फैंटम फिल्म्स की स्थापना 2011 में हुई थी।  अनुराग कश्यप, विकास बहल, निर्देशक विक्रमादित्य मोटवाने और निर्माता मधु मंटेना ने मिलकर इसकी शुरुआत की थी, मगर विकास बहल पर यौन शोषण के आरोप लगने के बाद साल 2018 में इस यह कंपनी बंद हो गई। इसके बैनर तले लुटेरा, क्वीन, अग्ली, एनएच-10, मसान और उड़ता पंजाब जैसी फिल्मों का निर्माण हुआ। बाद में कश्यप ने नई प्रोडक्शन कंपनी गुड बैड फिल्म्स शुरू की जबकि मोटवाने ने आंदोलन फिल्म्स शुरू की। मैंटेना क्वान के को-प्रमोटर थे, उनके खिलाफ भी छापेमारी की कार्रवाई की गई।

अधिकारी ने कहा कि फैंटम द्वारा अन्य संस्थानों के साथ सभी व्यवसाय, वित्तीय लेनदेन, टैलेंट और इवेंट मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स की जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को जब्त कर लिया है और उनकी जांच कर रहे हैं। एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि इन व्यक्तित्वों के बैंक खाते और लॉकर की भी जांच होगी और यह सर्च ऑपरेशन अभी कुछ और दिनों तक जारी रह सकता है। 

वहीं, आयकर विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि उन्होंने इन फर्मों / सितारों द्वारा अर्जित आय में विसंगतियां पाईं और विभाग के साथ दायर किए गए उनके रिटर्न, टैक्स चोरी की ओर इशारा करते हैं। इस सर्च को किसी अन्य कारणों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।  उन्होंने छापेमारी के दौरान डिजिटल रिकॉर्ड और फाइलें एकत्र कीं हैं। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विभाग इन कंपनियों और व्यक्तियों के पिछले कुछ वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।

मुख्तार अंसारी और मुन्ना बजरंगी गैंग के दो शूटर एनकाउंटर में ढेर, 50 हजार का था इनाम

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में यूपी एसटीएफ और बाइक सवार दो बदमाशों की गुरुवार सुबह मुठभेड़ हो गई। घेराबंदी करने पर बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर दी जिसपर एसटीएफ ने इधर से भी गोली चलाई। फायरिंग में दोनों बदमाश घायल हो गए। पुलिस दोनों घायलों को अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। छानबीन में पता चला मारे गए बदमाश 50,000 इनामी है और प्रयागराज में एक राजनीतिक व्यक्ति की हत्या के इरादे से आए थे।

सीओ एसटीएफ नवेन्दु सिंह ने बताया कि मुख्तार अंसारी और मुन्ना बजरंगी गैंग के लिए काम करने वाले दो सुपारी किलर के बारे में सूचना मिली थी। पता चला था कि मुन्ना बजरंगी की मौत के बाद भदोही का 50 हजार इनामी वकील पांडेय और अमजद उर्फ पिंटू चाका के पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा के लिए काम करने लगे हैं। इसी सूचना पर गुरुवार सुबह एसटीएफ की टीम नैनी सोमेश्वर नाथ मंदिर तिराहा के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान बाइक सवार दो बदमाश उधर से गुजरे। एसटीएफ को देखकर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। घेराबंदी करके एसटीएफ ने भी गोली चलाई, जहां पर दोनों बदमाश घायल हो गए। उन्हें स्वरूपरानी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

एसटीएफ की मानें तो मुठभेड़ में मारे गए बदमाश सुपारी किलर थे। वाराणसी में दिनदहाड़े डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की हत्या की थी। इसके अलावा वर्तमान में रांची जेल में बंद कोयला व्यापारी की हत्या का आरोपी अमन सिंह ने वहां के एक डिप्टी जेलर की हत्या की सुपारी दोनों शूटरों को थी। इस बात की भी जानकारी मिली है कि प्रयागराज में भी कोई सनसनीखेज वारदात को अंजाम देना था। मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों के पास से 32 बोर और 9 एमएम की पिस्टल कारतूस और बाइक मिला है।

सरकार ने लागू किया पेंशन का नया अध्‍यादेश, लाखों सरकारी कर्मचारियों को होगा फायदा

लाखों सरकारी कर्मचारियों को फायदा होने वाला है। सरकार ने पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा एवं विधिमान्यकरण अध्यादेश-2020 को प्रभावी कर दिया है। ऐसे में नियमित किए जाने की तारीख से कर्मचारियों के पेंशन सेवा की गणना की जाएगी। शासन आदेश में सभी विभाग अध्यक्षों को संबोधित किया है। इसमें लिखा है कि कई कारणों के कारण पिछले सालों में तदर्थ, कार्य प्रभारित व सीजनल आधार पर कर्मचारियों की भर्तियां हुई है। ऐसे में राज्य सरकार विधिवत विनियमित कर दिए जाने की तारीख से कर्मचारी की नियमित सेवा प्रारंभ होती है। इस प्रकार विनियमितिकरण की तिथि करते हुए रिटायरमेंट लाभ अनुमन्य किए जाते हैं। उत्तरप्रदेश के अपर मुख्य सचिव वित्त एस. राधा चौहान ने अध्यादेश लागू होने के बाद संबंधित आदेश मंगलवार को जारी कर दिया। आदेश में कहा गया है कि सभी प्रकार के वादों में राज्य सरकार की तरफ से दाखिल किए जाने वाली शपथपत्रों में अध्यादेश की व्यवस्था न्यायालयों में स्पष्ट रूप से जिक्र किया जाएं। विभाग अध्यक्षों इस प्रकार के मामलों में यूपी पेंशन अर्हकारी सेवा एंव विधिमान्यकरण अध्यादेश 2020 को राज्य सरकार की तरफ से प्रतिवाह करने का आधार माने। जिन वादों में शपथपत्र बिना अध्यादेश के दाखिल किए गए हैं, उनमें पूरक प्रति शपथपथ दाखिल किया जाना चाहिए। साथ ही जिन वादों में आदेश अदालत ने पारित किए हैं। उसमें पुनर्विचार याचिका, विशेष अपील और क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल किया जाएगा।

OPS पुरानी पेंशन को लेकर मोबाइल एप पर समर्थन जुटा रहे कर्मचारी

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा की ओर से इंटरनेट मीडिया के माध्यम से आंदोलन को तेज किया जा रहा है। कुटुंब नाम के एक मोबाइल एप पर पुरानी पेंशन बहाली को लेकर समर्थन जुटाया जा रहा है। एक सप्ताह के भीतर ही इस एप पर करीब एक लाख कर्मचारी जुड़ गए हैं। मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आलोक पांडे के नेतृत्व में चल रहे राष्ट्रीय प्रचार अभियान को वृहद स्तर पर विभिन्न प्लेटफॉर्म पर पहुंचाया जा रहा है। बीते 18 फरवरी को संयुक्त मोर्चा की उत्तराखंड टीम ने इस समर्थन मुहिम को इंटरनेट मीडिया के प्लेटफॉर्म पर ले जाने की पहल की। जिसे देशभर से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिली और महज सप्ताहभर में एक लाख नई पेंशन योजना आच्छादित कर्मचारी इस प्लेटफॉर्म पर जुड़ चुके हैं। प्रतिदिन लगभग 10 हजार कर्मचारी इस प्लेटफॉर्म के जरिये पुरानी पेंशन बहाली के लिए संयुक्त मोर्चा से जुड़ रहे हैं।

अब पेंशन से पहले मेडिकल से आयु का पता लगांएगे, जानिये इसका क्‍या होगा असर

कोरोना काल के समय से मेडिकल कैंप विभाग ने बंद किए हुए थे। अब विभाग फिर से मेडिकल कैंप लगाकर आयु की जांच करने जा रहा है। इस बार मेडिकल में भी कुछ बदलाव किया गया है। जिस आवेदनकर्ता के पास जन्मतिथि प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र व मतदाता सूची में नाम है, उन्हें उसी आधार पर योजना का लाभ मिलेगा। जन्मतिथि का कोई भी प्रमाण पत्र है तो विभाग की तरफ से उनका मेडिकल नहीं करवाया जाएगा। बुढ़ापा पेंशन सम्मान भत्ता के लिए जिन बुजुर्गों के पास अपनी आयु का कोई प्रमाणपत्र नहीं है, उनकी आयु के आकलन के लिए प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार व दूसरे बुधवार को समाज कल्याण विभाग कार्यालय में आवेदन फॉर्म जमा करवा सकते हैं। प्रत्येक माह के तीसरे और चौथे शुक्रवार को मेडिकल बोर्ड के सदस्यों की ओर से आयु की जांच की जाएगी। बोर्ड टीम में शामिल चिकित्सक बुजुर्ग के शारीरिक ढांचे, दांत, आंखें आदि देखकर आयु का अनुमान लगाएंगे। पानीपत के जिला समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप ने बताया कि जिन बुजुर्गों के पास अपनी आयु कोई भी प्रमाण-पत्र नहीं है। वे कैंप में आकर मेडिकल करवा सकते हैं। पहले आवेदन करना होगा। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मेडिकल किया जाएगा। बुढ़ापा पेंशन संबंधी समस्याओं के लिए कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। महिला व पुरुष बुजुर्गों के लिए 60 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है।

हरियाणा की 7 लाख 55 हजार 310 महिलाओं के खाते में पहुंची जनवरी की पेंशन

बुधवार को हरियाणा में 7 लाख 55 हजार से अधिक विधवा महिलाओं की जनवरी माह की पेंशन सरकार ने जारी कर दी है। लाभार्थियों के खाते में पेंशन आ चुकी है। हिसार के जिला समाज कल्याण अधिकारी डी एस सैनी ने बताया कि जनवरी माह की रुकी हुई विधवा पेंशन विभाग ने जारी कर दी है। लाभार्थी पेंशन अपने बैंक खाते से निकलवा सकते है। फरवरी माह की पेंशन 10 मार्च के बाद विभाग द्वारा जारी कर दी जाएगी। प्रदेश सरकार ने फैमिली आईडी को हरियाणा की लगभग सभी जरूरी सेवाओं और योजनाओ के लिए फैमिली आईडी को अनिवार्य कर दिया गया है। बुढ़ापा, विधवा, विकलांग सहित अन्य सामाजिक पेंशन के लिए भी विभाग ने फैमिली आईडी को अनिवार्य किया है। प्रदेश भर में अब भी काफी लाभपत्रों ने फैमिली आईडी नहीं बनवाई है। पेंशन लाभार्थी नजदीकी सीएससी सेंटर से फैमिली आईडी बनवा सकते हैं।

पारिवारिक पेंशन निपटान में सरकार ने बदला यह नियम

अगर कोई रिटायर पेंशन पेपर दाखिल करने से पहले समाप्त हो जाता है: सरकार प्रक्रिया को अंतिम रूप देती है। एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी की पेंशन के प्रसंस्करण के लिए, केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के नियम 59 का पालन किया जाता है। नियमानुसार, सरकारी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति की तारीख से छह महीने पहले पेंशन के कागजात जमा करने होते हैं। हालांकि, सरकार द्वारा यह पाया गया कि कई बार पेंशन के कागजात प्रस्तुत किए बिना सेवानिवृत्ति के बाद एक सरकारी कर्मचारी की मृत्यु हो गई। अब, सरकार ने एक प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है जिसे मृतक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी के संबंध में पेंशन के प्रसंस्करण और अनुमोदन के लिए अपनाया जा सकता है और उसके या उसके परिवार को पारिवारिक पेंशन की मंजूरी के लिए।सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होते ही पेंशन के लिए एक सरकारी कर्मचारी का दावा। इसी तरह, पारिवारिक पेंशन के लिए परिवार का दावा सेवा के दौरान या सेवानिवृत्ति के बाद एक सरकारी कर्मचारी की मृत्यु पर अर्जित होता है। लेकिन, यदि अवधि के भीतर पेंशन के कागजात प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो पीपीओ सरकारी कर्मचारी को उनकी सेवानिवृत्ति के बाद जारी नहीं किया जाता है। इससे मृतक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी के परिवार के पात्र सदस्य को पारिवारिक पेंशन स्वीकृत करना भी मुश्किल हो जाता है। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि ऐसी स्थितियों से बचने के लिए पेंशन कागजात जमा करने और संसाधित करने की समय सीमा का सख्ती से पालन किया जाए।

अब आगे यह होगा

सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी के परिवार को किसी भी कठिनाई से बचने के लिए, जो पेंशन के कागजात प्रस्तुत किए बिना मर जाता है, यह निर्णय लिया गया है, लेखा महानियंत्रक के कार्यालय के परामर्श से, निम्नलिखित प्रक्रिया को प्रसंस्करण के लिए अपनाया जा सकता है। मृत सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी के संबंध में पेंशन की मंजूरी के लिए और उसके / उसके परिवार को पारिवारिक पेंशन की मंजूरी के लिए, मृतक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी के पति या पत्नी की अनुपस्थिति में, पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र उसके परिवार का एक सदस्य, प्रपत्र 14 में दावा प्रस्तुत कर सकता है (सरकारी कर्मचारी / पेंशनर / की मृत्यु पर परिवार पेंशन के लिए आवेदन / परिवार के पेंशनभोगी) फॉर्म 3 (परिवार का विवरण) के साथ, कार्यालय प्रमुख, कार्यालय प्रमुख फॉर्म 7 (पेंशन, पारिवारिक पेंशन, और ग्रेच्युटी का आकलन करने के लिए फॉर्म) और फॉर्म 7, फॉर्म 3, फॉर्म 14, फॉर्म 20 (पेंशनर / परिवार पेंशनर की मृत्यु पर परिवार पेंशन के लिए स्वीकृति) के मामले में प्रक्रिया करेगा। परिवार के सदस्य को पेंशन (मृतक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी के संबंध में) और पारिवारिक पेंशन को अधिकृत करेगा। पीपीओ के पार्ट-एलओ में पेंशन और पारिवारिक पेंशन को अधिकृत करके केवल एक पीपीओ जारी किया जाएगा। पीपीओ का पार्ट-एलएल, जो सेवा में रहते हुए किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु पर लागू होता है, ऐसे मामलों में प्रासंगिक नहीं होगा।

Rashi Parivartan 2021: मार्च में सूर्य समेत 3 ग्रह करेंगे राशि परिवर्तन, जानिए इसका राशिफल पर असर 

Rashi Parivartan 2021: साल 2021 में जनवरी, फरवरी के बाद अब मार्च में भी ग्रहों का राशिपरिवर्तन देखने को मिलेगा। मार्च में 3 ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे। इस महीने सूर्य (Surya Rashi Parivartan 2021) कुंभ से मीन राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं बुध और शुक्र अपनी राशि से दूसरे राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, मार्च में सूर्य के राशिपरिवर्तन और दो अन्य ग्रहों गोचर करने का प्रभाव जातक के राशिफल पर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं इस महीने क्या कहते हैं आपके सितारे-


देखिए Mach 2021 का राशिफल-

मेष : माह के प्रारंभ में धैर्यशीलता में कमी हो सकती है। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 11 मार्च के बाद नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा, परंतु पारिवारिक सुख में कमी आ सकती है। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

वृष : मास के प्रारंभ में क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मन: स्थिति हो सकती है। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। मान सम्मान में वृद्धि होगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। शैक्षिक एवं बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। परंतु आत्मसंयत रहें। 11 मार्च के बाद किसी मित्र के सहयोग से आय के साधन बन सकते हैं।

मिथुन: दस मार्च तक मन परेशान रहेगा। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। कारोबार में परेशानियां रहेंगी। 11 मार्च से परिस्थितियों में सुधार होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। मन प्रसन्न रहेगा। 15 मार्च से शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। मान सम्मान की प्राप्ति होगी। 17 मार्च से वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। वस्त्रों पर खर्च बढ़ सकते हैं।

कर्क: मानसिक शांति रहेगी। पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। लेखन आदि शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। मान सम्मान की प्राप्ति होगी। 12 मार्च के बाद कारोबार में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। 15 मार्च से धन की स्थिति में सुधार होगा, परंतु परिश्रम अधिक रहेगा। 17 मार्च से माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा।

सिंह: मास के प्रारंभ में आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। परंतु 15 मार्च से आत्मविश्वास में कमी रहेगी। संयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। 12 मार्च से आय की स्थिति में सुधार होगा। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। 17 मार्च के बाद पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में भी व्यवधान आ सकते हैं।

कन्या : मास के प्रारंभ में मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। परंतु 12 मार्च के बाद मन परेशान रहेगा। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 17 मार्च से नौकरी की स्थिति में सुधार होगा। 15 मार्च से खर्चों में कमी आएगी, परंतु स्वास्थ्य का ध्यान रखें। क्रोध के अतिरेक से बचें। परिवार की किसी महिला से धन की प्राप्ति हो सकती है।

तुला: मास के प्रारंभ में आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 15 मार्च से आय में कठिनाइयां आ सकती हैं। खर्चों में वृद्धि होगी। 17 मार्च से मन परेशान रहेगा। वाहन सुख में कमी आ सकती है। कारोबार की स्थिति मजबूत रहेगी। विस्तार पर खर्च बढ़ सकते हैं।

वृश्चिक: आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। मास के प्रारंभ में नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। 15 मार्च के बाद धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। नौकरी में अफसरों से वाद विवाद से बचें। 17 मार्च के बाद वाहन सुख में वृद्धि होगी। वस्त्र उपहार में प्राप्त हो सकते हैं। परिवार का साथ मिलेगा। 

धनु: मन अशांत रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। 12 मार्च से कारोबार की स्थिति में सुधार हो सकता है। 15 मार्च से दिनचर्या अव्यवस्थित हो सकती है। परिवार में व्यर्थ के आपसी वाद विवाद से बचें। 17 मार्च के बाद वाहन सुख की प्राप्ति के योग बन रहे हैं। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। आय में सुधार होगा। 

मकर: आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परंतु आलस्य भी रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। 15 मार्च से कारोबार में परिश्रम अधिक रहेगा। किसी संपत्ति से धन की प्राप्ति हो सकती है। भाई बहनों का साथ रहेगा। किसी मित्र से नए कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। लाभ में वृद्धि होगी। वाणी के प्रभाव से रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे।

कुंभ: मास के प्रारंभ में आत्मसंयत रहें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। 12 मार्च से संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। कारोबार को गति मिलेगी। 15 मार्च से बातचीत में संतुलित रहें। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 17 मार्च के बाद माता से धन की प्राप्ति हो सकती है।

मीन: मास के प्रारंभ में मानसिक शांति रहेगी, परंतु खर्चों की अधिकता से परेशान भी हो सकते हैं। 12 मार्च से परिवार की समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं। 15 मार्च से धैर्यशीलता में कमी आ सकती है। परिवार में आपसी वाद-विवाद से बचें। 17 मार्च से वाहन सुख में वृद्धि हो सकती है। कार्यक्षेत्र में सुधार होगा। 

सूर्यदेव कर रहे हैं 4 मार्च को नक्षत्र परिवर्तन, इन अक्षरों से शुरू हो रहे नाम वाले लोगों को रहना होगा सावधान

सूर्य गुरुवार को नक्षत्र परिवर्तन कर रहे हैं। वे पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं। इसका प्रभाव आप पर कैसा होगा, इस बारे में जानिए।

हिंदू मान्यताओं में सूर्य देव को सभी ग्रहों का राजा कहा गया है। इनके नक्षत्र परिवर्तन का असर विभिन्न नामाक्षर और नक्षत्र वाले लोगों पर भी प्रभाव पड़ता है। कई बार ये प्रभाव शुभ होते हैं तो वहीं कुछ जातकों के लिए ये बदलाव चुनौती भी लेकर आता है।

बहरहाल, इस बार 4 मार्च (गुरुवार) को सूर्यदेव पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं। पंचांग के अनुसार सूर्य देव गुरुवार को शाम 6 बजे पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में आएंगे और 17 मार्च की देर रात 2 बजकर 21 मिनट तक इसमें गोचर करेंगे। 

आईए जानते हैं कि विभिन्न नक्षत्रों में जन्में जातकों पर सूर्य देव के पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में गोचर का क्या शुभ-अशुभ प्रभाव होगा।

सूर्य नक्षत्र परिवर्तन: अगर स, द या च से शुरू होता है आपका नाम

ऐसे लोग जिनका जन्म पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद या रेवती नक्षत्र में हुआ है, ऐसे लोगों को 17 मार्च तक आग और बिजली से जुड़ी चीजों से बचकर रहने की जरूरत है। ऐसे नक्षत्र में जन्में लोगों का नाम स, द या च अक्षर से होता है। ये भी ध्यान रखें कि इस दौरान अगर आप नया घर बनाने की सोच रहे हैं तो 17 तारीख तक के लिए इसे टालना बेहतर होगा।

सूर्य नक्षत्र परिवर्तन: च, ल, अ, ई, उ, ए या व अक्षर से अगर शुरू होता है आपका नाम

ऐसे लोगों का जन्म अश्विनी, भरणी, कृतिका या रोहिणी नक्षत्र में होता है। इन लोगों के जीवन की गति में कुछ धीमापन आएगा। कामों में रूकावट आ सकती है। इससे थोड़ी परेशानी बढ़ सकती है।

सूर्य नक्षत्र परिवर्तन: व, क, घ, ह या ड अक्षर से अगर शुरू होता है नाम

आपका जन्म मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु या पुष्य नक्षत्र में हुआ होगा। आपके जीवन में 17 तारीख तक एक स्थिरता बनी रहेगी। करियर को लेकर कोई खास उता-चढ़ाव अनुभव नहीं करेंगे। सबकुछ पहले की तरह चलता रहेगा। 

सूर्य नक्षत्र परिवर्तन: म, ड, या ट अक्षर वाले लोग

आपका जन्म आश्लेषा, मघा या पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में हुआ है। ऐसे लोगों के लिए आने वाले कुछ दिन अच्छे हैं। मां लक्ष्मी की कृपा बरसेगी और धन-संपत्ति में वृद्धि के आसार हैं।

अगर प, ट, र या त अक्षर से है नाम

आपका जन्म उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा या स्वाती नक्षत्र में हुआ होगा। ऐसे लोगों के लिए भी आने वाले दिन अच्छे हैं। काम अच्छे से संपन्न होगा और लाभ का योग है।

अगर त, य, न अक्षर से है नाम

आपका जन्म विशाखा, अनुराधा या ज्येष्ठा नक्षत्र में हुआ होगा। ऐसे लोगों को 17 मार्च तक कुछ परेशानी हो सकती है। ऐसे लोगों के घर के मुखिया के स्वास्थ्य को लेकर परेशानी बनी रह सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

अगर भ, ध, फ, ज या ख अक्षर से है नाम

ऐसे लोगों का जन्म पूर्वाषाढा, उत्तराषाढ़ा या श्रवण नक्षत्र में हुआ होगा। आपको आर्थिक मामलों में अगले कुछ दिन सावधानी से आगे बढ़ने की जरूरत है। आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

ग, स अक्षर वाले लोग

ऐसे लोग जिनका जन्म धनिष्ठा या शतभिषा नक्षत्र में हुआ होता है, इनके नाम इन अक्षरों से शुरू होते हैं। आपके 17 मार्च तक अपने स्वास्थ्य को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। कोई रोग या भय से ग्रसित हो सकते हैं।