अपग्रेड मिराज-2000 और सुखाेई-30 एमकेआइ फाइटर जेट ने पाेकरण में बने बंकराें काे किया ध्वस्त

ग्वालियर। ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित एयरबेस से बीते राेज मिराज और सुखाेई विमान ने उड़ान भरकर करीब 615 किमी दूर राजस्थान के पाेकरण में बनाए गए छह बंकराें काे तबाह कर दिया। ये काेई युद्ध का नजारा नहीं है, बल्कि बालाकाेट एयर स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ पर शनिवार काे वायुसेना के जांबाज फाइटराें द्वारा शाैर्य प्रदर्शन किया गया था। जिसमें बंकर उसी तरह से बनाए गए थे, जैसे बालाकाेट में पनाह लेने वाले पाकिस्तानी आतंकवादी उपयाेग करते हैं। इस शाैर्य प्रदर्शन के लिए जैसलमेर में पाेकरण के चांदण में एयरफाेर्स की फायरिंग रेंज में छह टारगेट तय किए गए थे। बंकराें काे ध्वस्त करने के लिए अपग्रेड मिराज-2000 और सुखाेई-30 एमकेआइ फाइटर जेट के स्क्वाड्रन का उपयाेग किया गया।

बंकराें काे स्पाइस बमाें का उपयाेग करके ध्वस्त किया गया। इन बमाें का इस्तेमाल बालाकाेट एयर स्ट्राइम में किया गया था। शाैर्य प्रदर्शन के दाैरान एयरफाेर्स के चीफ आरकेएस भदाैरिया उपस्थित थे। एयरफाेर्स चीफ दूसरी बार ग्वालियर आए हैं। शाैर्य प्रदर्शन के बाद रविवार काे महाराजपुरा एयरबेस पर कार्यक्रम का भी आयाेजन किया गया।

क्या है बालाकाेट एयर स्ट्राइकः 26 फरवरी 2019 काे एयरफाेर्स ने नियंत्रण रेखा के उस पार बालाकाेट में एयर स्ट्राइक करके पाकिस्तान में बने आतंकी ठिकानाें काे ध्वस्त कर दिया था। एयर स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ पर एयरफाेर्स ने बालाकाेट के समान ही लंबी दूरी तय करके एयर स्ट्राइक करके अपने शाैर्य का प्रदर्शन किया है। इस दाैरान पांच टारगेट तय किए गए थे, जिन्हें सटीक निशाने से नष्ट कर दिया गया।

प्रभात झा पहुंचे सेवापथः जयभान सिंह पवैया से की मुलाकात, कयास शुरू

मध्यप्रदेश भाजपा में ज्योतिरादित्य सिंधिया की एन्ट्री के बाद से इन दिनों मेल मुलाकातों और खेमेबाजी की पोलीटिक्स चरम पर है। सिंधिया ने इस पोलीटिक्स को हवा दी है। सिंधिया जहां भी जा रहे है वहां भाजपा नेताओं से भेंट कर नई राजनीतिक रोटियों सेंक रहे है। इसी राह पर अब भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद प्रभात झा भी चल निकले है। 

आज ग्वालियर प्रवास के दौरान उन्होंने सेवापथ पर पहुंचकर पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच मध्यप्रदेश की वर्तमान राजनीति पर चर्चा हुई। हालांकि पवैया के पास वर्तमान में महाराष्ट्र का प्रभार है और केन्द्रीय संगठन में उनका रूतबा बढ़ रहा है। वहीं प्रभात झा राज्यसभा से रिटायर है। उन्हें अपने पुर्नवास का आस है। परंतु सिंधिया की भाजपा में एन्ट्री के बाद से उनकी राह मुश्किल हुई है। उनकी राज्यसभा की सीट पर ही सिंधिया संसद पहुंचे है। इधर पवैया और प्रभात की मुलाकात के बाद से कयासों का दौर है कि क्या खिंचडी पक रही है। इस अवसर पर पवैया के अनुज उदयभान सिंह भी उपस्थित रहे।इससे पहले गत रोज सिंधिया ने सांसद विवेक शेजवलकर, पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मेयर समीक्षा गुप्ता से भेंट की थी। वहीं सांसद शेजवलकर भी बीते रोज पवैया से सेवापथ पर जाकर मिले थे।

पाेर्टल में आई दिक्कत, जेएएच में देरी से शुरू हुआ वैक्सीनेशन, जिला अस्पताल में आफलाइन पंजीयन कर लगाई वैक्सीन…

ग्वालियर, । जिले में आज से साठ साल से अधिक उम्र के बुजुर्गाें एवं गंभीर बीमारी से ग्रस्त 45 से 59 वर्ष के लोगाें के वैक्सीनेशन का कार्य शुरू हुआ। दूसरे चरण में जिले के तीन लाख बुजुर्गाें काे काेराेना बचाव के लिए संजीवनी दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि पाेर्टल में बदलाव के कारण जेएएच में सुबह दस बजे तक टीकाकरण का कार्य शुरू नहीं हाे सका। वहीं जिला अस्पताल मुरार में भी पाेर्टल पर दिक्कत आई थी। एेसे में यहां पर अॉफलाइन पंजीयन करके बुजुर्गाें का टीकाकरण किया गया है।

दरअसल वैक्सीनेशन के दूसरे चरण में फ्रंटलाइन वर्कर, हेल्थ वर्कर, सीनियर सिटीजन एवं गंभीर राेगाें से ग्रस्त राेगियाें का टीकाकरण किया जाना है। इस बार शासन स्तर से पाेर्टल में बदलाव किया गया है। इसमें बुजुर्ग अपनी आइडी लेकर आएंगे आैर केंद्र पर ही पाेर्टल पर डिटेल अपलाेड की जाएगी। नया पाेर्टल हाेने के कारण जेएएच सहित कई केंद्राें पर खासी दिक्कत आई है। जबकि कुछ सेंटर पर ताे इक्का दुक्का बुजुर्ग ही सुबह दस बजे तक पहुंचे थे। जेएएच में नया पाेर्टल पर काम करने में दिक्कत आने के कारण सुबह दस बजे तक टीकाकरण का कार्य शुरू नहीं हाे सका था। जिला अस्पताल मुरार में वैक्सीनेशन के लिए काफी संख्या में बुजुर्ग पहुंचे थे, लेकिन पाेर्टल समस्या के चलते वैक्सीनेशन में परेशानी आ रही थी। एेसे में वरिष्ठ अधिकारियाें से चर्चा के बाद यहां पर सीनियर सिटीजन का अॉफलाइन पंजीयन करके बुजुर्गाें काे वैक्सीन लगाई गई है।

तीन लाख बुजुर्गाें काे लगना है वैक्सीनः वैक्सीनेशन के दूसरे चरण में 60 साल से अधिक उम्र व गंभीर बीमारी से ग्रस्त 45 से 59 वर्ष के लोगाें के वैक्सीनेशन का कार्य शुरू हाे गया है। यह वैक्सीन बुजुर्गाें काे निशुल्क लगाई जा रही है। दूसरे चरण में जिले के तीन लाख बुजुर्गों को कोरोना बचाव के लिए संजीवनी (वैक्सीन) मिलेगी। सरकारी केंद्राें के अलावा शहर के पांच निजी अस्पतालों में भी टीकाकरण होगा, मगर यहां 250 रुपये अदा करने होंगे। चार केंद्रों पर फ्रंटलाइन व स्वास्थ्य कर्मियों को दूसरा डोज देने व्यवस्था की है, जिले में कुल 13 केंद्र बनाए गए हैं।

सर्जरी के बाद अमिताभ बच्चन ने शेयर की तस्वीर! किया फैन्स का शुक्रिया

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की तबीयत खराब होने की खबर सामने आने के बाद से ही उनके फैन्स में चिंता का माहौल था. अमिताभ ने अपने ब्लॉग में जानकारी दी थी कि उनकी सर्जरी होने जा रही है. हालांकि उन्होंने इस बात को बहुत कम शब्दों में लिखा था जिससे ज्यादातर लोग बस कयास ही लगा पा रहे थे. उन्होंने लिखा- मेडिकल कंडीशन…सर्जरी…ज्यादा कुछ नहीं लिख सकता.

अब एक ताजा ब्लॉग में अमिताभ बच्चन ने अपने फैन्स का आभार व्यक्त किया है. इस ब्लॉग में अमिताभ ने अपनी कई तस्वीरें शेयर की हैं जिनमें उनके कान पर टेप जैसा कुछ लगा नजर आ रहा है. तस्वीरें देखकर ऐसा लग रहा है कि उनकी सर्जरी सफलतापूर्वक हो गई है. हालांकि उन्होंने इस बारे में कुछ भी लिखा नहीं है. उन्होंने ब्लॉग में बस इतना ही लिखा है कि आपकी दुआओं और फिक्र के लिए मेरा प्यार और आभार.

बता दें कि बहुत से फैन्स को ये बात डरा गई थी कि अमिताभ को सर्जरी के लिए जाना है. सभी को यही डर सता रहा था कि आखिर अमिताभ बच्चन को अचानक क्या हो गया है? ऐसी कौन सी मेडिकल कंडीशन आ पड़ी है कि एक्टर को सर्जरी करवानी पड़ रही है? 

अमिताभ के ऊपर करोड़ों का दाव

मालूम हो कि 78 वर्षीय अमिताभ बच्चन के ऊपर इंडस्ट्री के करोड़ों रुपये लगे हुए हैं. उम्र के इस पड़ाव पर भी अमिताभ के पास काम की कोई कमी नहीं है और अब भी उन्हें धड़ाधड़ फिल्में मिलती जा रही हैं. झुंड, चेहरे, बटरफ्लाई, मेडे और ब्रह्मास्त्र जैसी उनकी कई फिल्में अभी रिलीज होनी हैं.

कोलकाता में आज ममता बनर्जी से मुलाकात कर सकते हैं तेजस्वी यादव

राष्ट्रीय जनता दल पश्चिम बंगाल और असम के चुनावी रण में उतरने जा रहा है। असम में पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए दोस्त तय कर लिए हैं, जबकि बंगाल में पार्टी की पहली पसंद तृणमूल कांग्रेस ही है। सोमवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव की ममता बनर्जी से मुलाकात होने की संभावना है। वहीं, असम में पार्टी एआईयूडीएफ, कांग्रेस सहित कई अन्य दलों के गठबंधन में शामिल होकर चुनाव मैदान में उतरेगी। 

तेजस्वी यादव अपने चार दिवसीय दौरे के क्रम में रविवार को कोलकाता पहुंच गए। वहां बेलिया घाट में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने पार्टीजनों की नब्ज टटोली। पार्टी प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी का कहना है कि राजद नेताओं-कार्यकर्ताओं ने भाजपा को हराने के लिए चुनाव में उतरने की बात कही। अंतिम निर्णय के लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को अधिकृत किया। नेता प्रतिपक्ष सारी स्थिति से राष्ट्रीय अध्यक्ष को अवगत कराएंगे। 

सोमवार सुबह तेजस्वी फिर पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं संग मंत्रणा करेंगे। उनकी मुलाकात तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी से भी हो सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है राजद हर हाल में भाजपा को हराने वाले दलों संग मिलकर लड़ेगा। अगर ममता से बात नही बनी तो फिर पार्टी कांग्रेस और वाम दलों के गठबंधन में शामिल होने का विकल्प भी खुला रख रही है।

इससे पूर्व शुक्रवार और शनिवार को तेजस्वी यादव ने गुवाहाटी में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा और एआईयूडीएफ के अध्यक्ष सांसद बदरुद्दीन अजमल से कई दौर की मुलाकात की थी। राजद का आधा दर्जन दलों वाले इसी गठबंधन संग चुनाव मैदान में उतरना तय है। पार्टी यहां करीब दर्जनभर सीटें चाहती है। इस दौरे में पार्टी की ओर से दोनों राज्यों के लिए प्रभारी बनाए गए है। सिद्दीकी और राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक भी साथ हैं।  

Global Warming : बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले चार दशक तक बढ़ेगा हीट वेव

अगले चार दशकों में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गर्मियों में हीट वेव बढ़ने की आशंका है। ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते खतरे को लेकर सीयूएसबी के पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. प्रधान पार्थ सारथी ने अपने ताजा रिसर्च में यह दावा किया है। 

प्रो. सारथी बिहार सरकार के जलवायु परिवर्तन पर बिहार राज्य कार्ययोजना की संचालन समिति के सदस्य भी हैं। उन्होंने वर्ष 1951 से वर्ष 2010 तक की अवधि में भारत की सतह के तापमान का अध्ययन कर कहा कि बीते दशकों में गर्मियों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में आश्चर्यजनक बढ़ोतरी हुई है। 

प्रो. सारथी ने वर्ष 1971 से वर्ष 2005 के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान का विश्लेषण कर यह रिपोर्ट तैयार की है। उन्होंने अपने अध्ययन में पाया कि मार्च और अप्रैल में अधिकतम तापमान व दिसंबर व फरवरी में न्यूनतम पारे में खतरनाक बढ़ोतरी देखी गई है। पर्यावरणविद प्रो. सारथी ने इंटरनेशनल जर्नल ऑफ प्योर एंड अप्लाइड जियोफिजिक्स में प्रकाशित अपने शोध पत्र का हवाला देते हुए कहा है कि वर्ष 2021 और 2055 के दौरान सूबे में गर्मी बढ़ने की वजह से हीट वेव की आवृत्ति (फ्रीक्वेंसी) बढ़ेगी। इसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। गर्मियों के दौरान अधिकतम औसत तापमान में काफी बढ़ोतरी हुई है, जबकि सर्दियों में भी न्यूनतम तापमान में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस साल सर्दी के मौसम की स्थिति को देखें तो कुछेक दिनों को छोड़कर बाकी दिवसों में रातें अपेक्षाकृत गर्म रही हैं। 

उन्होंने सर्दियों में बढ़ते न्यूनतम तापमान के खतरे से आगाह करते हुए कहा है कि इसका असर सर्दी के मौसमी फसलों पर भी पड़ेगा। गेहूं में नए तरह के कीट लगेंगे और पैदावार प्रभावित होगी। उन्होंने अपने रिसर्च के निष्कर्ष में यह बताया कि विभिन्न ग्लोबल वार्मिंग उत्सर्जन परिदृश्यों के तहत जलवायु मॉडल सिमुलेशन में कुल मिलाकर 0.2 से 0.50 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी वर्ष 2021 और 2055 के बीच देखी जाएगी।  यह सूबे के लोगों के स्वास्थ्य और खेती के लिहाज से उचित नहीं है।

जम्मू-कश्मीरः आजाद के मोदी प्रेम से सियासी हलचल तेज, पाला बदलने को लेकर कयासबाजी

कांग्रेस के कद्दावर नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे गुलाम नबी आजाद के अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उमड़े प्रेम से सियासी हलचल तेज हो गई है। जम्मू में जी-23 नेताओं के पार्टी हाईकमान के खिलाफ संघर्ष का संकेत देने के एक दिन बाद ही सार्वजनिक मंच पर  आजाद की ओर से मोदी को जमीनी नेता कहने के कई मायने निकाले जा रहे हैं। इसे सियासी समीकरणों में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। राज्यसभा में विदाई के दौरान आजाद की तारीफ करते हुए पीएम मोदी की आंखें भर आईं थी। मोदी ने भरे सदन में कहा था कि वे राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं लेकिन उन्हें राजनीति से रिटायर नहीं होने दिया जाएगा। इन सभी घटनाक्रम के अब निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।

हाल के दिनों के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद यह कयास लगे रहें हैं कि कहीं आजाद पाला तो नहीं बदलने वाले हैं। क्या वे भाजपा में तो शामिल होने वाले नहीं हैं या फिर कांग्रेस से अलग होकर कोई नई पार्टी को आकार देने में तो नहीं जुटे हैं। हालांकि, आजाद का कहना है कि यदि उन्हें भाजपा में शामिल होना होता तो वह वाजपेयी के समय में ही चले गए होते। उधर, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सियासत में सब कुछ संभव है। पहले भी घोर राजनीतिक मतभेद रहने के बावजूद कई नेताओं ने धुर विरोधी पार्टी का दामन थामा है।

विश्लेषकों के अनुसार देश की राजनीति और कांग्रेस में आजाद का बड़ा कद है। जम्मू-कश्मीर के साथ ही पूरे देश में आजाद के समर्थक हैं। राष्ट्रीय महासचिव, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और राज्यसभा में प्रतिपक्ष का नेता रहते उनकी विभिन्न राज्यों में पकड़ है। ऐसे में यदि वे पाला बदलते हैं या फिर नई पार्टी बनाते हैं तो कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है। यदि ऐसा नहीं होता है तो भी आजाद समर्थकों की चुप्पी का कांग्रेस की सेहत पर असर पड़ सकता है। 

 
एक दिन पहले आजाद समर्थकों ने सोनिया-राहुल के खिलाफ फूंका था बिगुल

कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र और अध्यक्ष पद के लिए चुनाव का मुद्दा उठाकर सोनिया की आंखों की किरकिरी बनने वाले आजाद ने अपने समर्थकों के साथ शनिवार को जम्मू से सोनिया-राहुल के खिलाफ बिगुल फूंका था। गांधी ग्लोबल फैमिली की ओर से आयोजित शांति सम्मेलन में कांग्रेस के लगातार कमजोर होने की बात कही थी। खुलेआम कहा गया कि वे हैं तो कांग्रेस है। सम्मेलन में मंच से यह भी कहा गया कि जब प्रधानमंत्री मोदी आजाद की तारीफ कर सकते हैं तो पार्टी को उनके अनुभवों का लाभ लेने में क्या परहेज है। इस घटनाक्रम के अगले दिन स्वयं आजाद ने मोदी की तारीफ में कसीदे पढ़े।  

पार्टी में सम्मान व स्थान के लिए दबाव की रणनीति: प्रो. रसाल सिंह

राजनीतिक विश्लेषक और केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के प्रो. रसाल सिंह का कहना है कि यह आजाद और उनके समर्थकों का कांग्रेस पर दबाव बनाने की रणनीति है। वह पार्टी में सम्मान एवं स्थान पाने के लिए दबाव बना रहे हैं। गांधी-नेहरू परिवार का व्यक्तित्व पहले करिश्माई था। सरकार में रहने पर परिवारवाद का दोष छिप जाता है, लेकिन लगातार चुनावी असफलताओं पर कांग्रेस में आत्ममंथन, आत्मचिंतन की जरूरत है। आजाद समर्थक भी कांग्रेस में लोकतंत्र की बहाली और आत्ममंथन की बात कर रहे हैं। इसे सकारात्मक तरीके से लेना चाहिए। हालांकि, राजनीति संभावनाओं का खेल है, इसलिए इसमें कुछ भी अचानक हो सकता है। मोदी-शाह के कांग्रेस मुक्त भारत अभियान के तहत भाजपा इन्हें लुभाने की कोशिश करेगी। यदि ऐसा हुआ तो मोदी-शाह के साथ ही सोनिया-राहुल को भी इसका श्रेय जाएगा।

पीएम मोदी ने एम्स में लगवाई कोरोना वैक्सीन, कहा- आओ साथ मिलकर भारत को कोरोना मुक्त बनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजधानी दिल्ली के एम्स अस्पताल में कोरोना वायरस वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है. पीएम मोदी सुबह करीब 6 बजे एम्स पहुंचे और वहां कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई. देशभर में कोरोना वायरस टीकाकरण का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है. इस चरण में 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और किसी भी बीमारी से पीड़ित 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी.

मोदी ने सुबह 6.25 मिनट पर लगवाई वैक्सीन

दिल्ली के एम्स अस्पताल में पीएम मोदी ने भारत बायोटेक की Co Vaxin की पहली डोज़ सुबह 6.25 मिनट पर लगवाई. इस दौरान वह 35 मिनट तक डॉक्टर निगरानी में रहे और ठीक सात बजे एम्स से अपने आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के लिए रवाना हो गए. पुदुच्चेरी की रहने वाली सिस्टर पी निवेदा ने उन्हें ये डोज़ दी. पीएम ने असमी गमछा पहना हुआ था और बिना किसी सुरक्षा के एम्स पहुंचे थे. पीएम मोदी को दूसरी डोज़ 28 दिन बाद लगाई जाएगी.

साथ मिलकर भारत को कोरोना मुक्त बनाएं- मोदी

वैक्सीन लगवाने के बाद पीएम मोदी ने कहा, ”कोरोना वायरस के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूती देने में जिस तेज़ी से हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने काम किया है वो उल्लेखनीय है. जो लोग वैक्सीन लेने योग्य हैं, मैं उन सभी से वैक्सीन लगवाने की अपील करता हूं. साथ मिलकर भारत को कोरोना मुक्त बनाते हैं.”

वैक्सीन न लगवाने को लेकर विपक्ष ने उठाए थे सवाल

बता दें कि देश में कोरोना टीकाकरण का पहला चरण शुरू होने से पहले कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने पीएम मोदी पर वैक्सीन न लगवाने को लेकर सवाल उठाए थे. विपक्ष का कहना था कि पीएम मोदी और उनके मंत्री कोरोना वैक्सीन नहीं लगवा रहे, जबकि कई देशों को प्रमुखों ने जनता में भरोसा जगाने के लिए सबसे पहले खुद को वैक्सीन लगवाई थी. विपक्ष ने सरकार से पूछा था कि आखिर केंद्र के मंत्री वैक्सीन लगवाने से क्यों डर रहे हैं?

टीका लगने के बाद नर्स से बोले पीएम मोदी- लगा भी दी, पता भी नहीं चला

रोजाना सुबह खाली पेट गुड़ खाकर एक गिलास गर्म पानी पीने से जड़ से खत्म हो जाएंगे ये 3 रोग 


अगर आप गुड़ नहीं खाते हैं क्योंकि आपको गुड़ के गुणों के बारे में जब पता नहीं है अगर पता चलेगा तो आप भी गुड़ को खाना पसंद करने लगेंगे। प्राकृतिक मिठाई के तौर पर खाया जाने वाला गुड़, स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक भी हैं। अगर आप अब तक गुड़ खाने से सेहत को होने वाले फायदे और लाभ से अनजान हर कोई यही चाहता है की वो स्‍वस्‍थ व हेल्‍थी जिंदगी जी सके लेकिन वहीं ये भी बता दें की दिनभर की भागदौड़ की वजह से लोग खुद पर जरा भी ध्‍यान नहीं दे पाते हैं जिसकी वजह से कब कौन सी बिमारी घर जाए पता तक नहीं चल पाता है। वहीं आपको ये भी बता दें की आधे से ज्‍यादा समय बाहर रहने की वजह से हर किसी के खानपान में लापरवाही हो जाती है इसलिए सबसे पहले स्‍वस्‍थ जिंदगी के लिए समय पर खाना बेहद ही ज्‍यादा जरूरी है। आज के समय में अधिकतर लोगों को पेट संबंधी परेशानियां अधिक होने लगी है इसके साथ ही कई और बीमारियों से भी हम लोग हमेशा ही पीडि़त रहते
रोजाना सुबह खाली पेट गुड़ के सेवन करने से शरीर का रक्त साफ़ हो जाता है। ऐसे में रक्त के विकार से राहत मिलती है। इसलिए सुबह-सुबह गुड़ का सेवन अवश्य करना चाहिए।
यदि आपके शरीर में कमजोरी महसूस होती है या फिर साँस फूलने लगती है तो आपको रोजाना गुड़ सेवन अवश्य करना चाहिए। रोजाना सुबह खाली पेट गुड़ के सेवन से शरीर में ताकत और स्टेमिना बढ़ता है।
गुड़ को अदरक के साथ गर्म कर, इसे गुनगुना खाने से गले की खराश और जलन में राहत मिलती है। इससे आवाज भी काफी बेहतर हो जाती है ।