उमा भारती ने फिर दोहराया पूर्ण शराबबंदी का संकल्प कहा- बिना राजस्व के लोग भूखों मरें तो मर जाएं लेकिन शराबबंदी होनी चाहिए

ग्वालियर प्रवास पर पहंुचे प्रदेश की पूर्व सीएम उमा भारती ने फिर से शराबबंदी अभियान छेड़ने का संकल्प दोहराया है उन्होने यहंा ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि सरकार पूर्ण शराबबंदी और पूर्ण नशाबंदी का प्रयास करे। गुजरात औश्र बिहार सरकार ने जिस तरह से शराबबंदी कर अपने प्रदेश के राजस्व को उबारा है वैसे ही मध्यप्रदेश भी उबर जाएगा। इसके लिए आठ मार्च को बैठक में वे रणनीति तैयार करेंगी।
उमा भारती ने कहा कि मुरैना में जहरीली शराब से हुई लोगों की मौत के मामले में जो दोषी अधिकारी हैं या जो भी लोग इस कारोबार से जुडे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और वे इस संबंध में प्रदेश सरकार से चर्चा करूंगी।
पूर्व सीएम उमाभारती ने कहा कि कोरोना काल में जब शराब पूर्णतः बंद रही तो किसी की भी मौत नहीं हुई तो शराब बंदी से क्या  नुकसान हो सकता है। फिर भले ही राजस्व की कमी के कारण लोग भूख से मरे तो मर जाएं लेकिन शराब पर प्रतिबंध जरूरी है।
पेट्रोल-डीजल के लगातार बढते दामों और देश में बढ रही मंहगाई के सवाल पर यहंा उमा भारती ने कोई भी जवाब देने से साफ इंकार कर दिया उन्होने कहा कि इस मामले पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना बयान दे दिया है और वे इस पर कुछ भी नहीं बोलना चाहती हैं।

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