शादी समारोह में पकी सियासी खिचड़ी? ओवैसी-शिवपाल की मुलाकात, क्या यूपी में गठबंधन पर बनेगी बात?

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अभी से ही सियासी माहौल बनना शुरू हो चुका है। 2022 में यूपी को साधने के लिए गठबंधन के समीकरणों पर अभी से ही सियासी खिचड़ी पकनी शुरू हो गई है। शनिवार को जब एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव एक शादी समारोह में मिले और उनके बीच जब आधे घंटे तक गुफ्तगू की बातें सामने आईं, तो यूपी की सियासत में अटकलों का बाजार गर्म हो गया। इसकी एक वजह यह भी है कि शिवपाल यादव की पार्टी 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में किसके साथ लड़ेगी, इसका संकेत दे दिया। 

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने 2022 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव भागीदारी संकल्प मोर्चा के साथ लड़ने के संकेत दिए हैं। शनिवार को फूलपुर तहसील के माहुल में एक वैवाहिक समारोह में शिवपाल यादव और ओवैसी दोनों पहुंचे थे। इस शादी समारोह में अचानक पहुंचे शिवपाल यादव ने औवैसी के साथ अलग से हुई आधे घंटे की गुफ्तगू के बाद इस बात का ऐलान किया। 

दरअसल, उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहा है, वैसे-वैसे सियासी पारा भी चढ़ने लगा है। पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर व एआईएमएआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का यूपी में धर्म निरपेक्ष दलों को जोड़ने का क्रम जारी है। शनिवार को एआईएमएआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली की पुत्री के निकाह का मौका इसका गवाह बन गया। अचानक शाम सात बजे एआईएमएआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओवैसी व प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव पांच मिनट के अंतर पर माहुल पहुंच गए। वैवाहिक समारोह में अचानक से सियासी लहर चल पड़ी। 

कस्बे के रफी मेमोरियल स्कूल कैंपस में बने बड़े टेंट में दोनों नेताओं ने शौकत की बेटी व दामाद को आशीर्वाद दिया। इसके बाद ओवैसी और शिवपाल सवा सात बजे से पौने आठ बजे तक अलग टेंट के कमरे में गहन बातचीत में मशगूल रहे। इस दौरान दोनों अध्यक्षों के अलावा शौकत व प्रसपा के महासचिव रामदर्शन यादव भी थे। किसी अन्य के वहां जाने की इजाजत नहीं थी। हालांकि, अंदर क्या सियासी खिचड़ी पकी अब तक इसका कुछ औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है, मगर इशारा है कि दोनों साथ में चुनाव लड़ सकते हैं।

बैठक के आधे घंटे बाद जाते-जाते शिवपाल यादव ने कहा कि हमारी मुलाकात ओवैसी हुई है, मैं पहले भी बोल चुका हूं कि समान विचारधारा के लोग और सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को एक साथ आकर भाजपा को प्रदेश व देश से उखाड़ फेंकना चाहिए। इस समय यह जरूरत भी है। मैंने अखिलेश से भी यही कहा कि सबको जोड़ें। शिवपाल यादव ने यह भी कहा कि हम सपा में विलय नहीं करेंगे, बल्कि गठबंधन करेंगे।

बिहार में एआईएमआईएम की जीत से गदगद ओवैसी की नजर अब उत्तर प्रदेश में गुल खिलाने की है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के मुखिया ओवैसी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि वे साथ में मिलकर चुनाव लड़ेंगे। इतना ही नहीं, वह यूपी का साथ में दौरा भी करने लगे हैं। जनवरी में ही ओवैसी और राजभर ने साथ में पूर्वांचल का दौरा किया था और छोटे दालों को साथ लाने की कवायद में जुटे हैं। 

ओवैसी और राजभर आम आदमी पार्टी के साथ ही अन्य छोटे दलों जैसे शिवपाल सिंह यादव की प्रसपा और कृष्णा पटेल के अपना दल का साथ लेने की तैयारी में हैं। ऐसे में शिवपाल यादव से ओवैसी की मुलाकात नए गठबंधन की तरफ इशारा कर रहा है। राजभर पूरे प्रदेश में घूमकर एक राजनीतिक विकल्प देने की कोशिश में जुटे हैं। इतना ही नहीं, कुछ समय पहले राजभर और शिवपाल की भी मुलाकात हो चुकी है। बहरहाल, यूपी की राजनीति में गठंबधन का नया स्वरूप देखने को मिलेगा या कुछ और समीकरण सामने आएंगे, यह तो वक्त ही बताएगा, मगर मौजूदा सियासी समीकरण को देखते हुए गठबंधन की इन अटकलों को नकारा भी नहीं जा सकता। 

मोल्दो बॉर्डर पर 16 घंटे तक चली भारत-चीन वार्ता, पूर्वी लद्दाख के बाकी इलाकों से सैन्य वापसी पर चर्चा

नई दिल्‍ली
भारत और चीन ने शनिवार को एक और दौर की सैन्य बातचीत की। यह बातचीत शनिवार सुबह से शुरू होकर रविवार सुबह 2 बजे तक करीब 16 घंटे चली। बातचीत के दौरान भारत ने पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और देपसांग क्षेत्र से भी सैनिकों के वापसी पर जोर दिया। दोनों देश पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी छोर से भारत और चीन के सैनिकों, अस्त्र-शस्त्रों और अन्य सैन्य उपकरणों को हटाए जाने की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। इसके दो दिन बाद कोर कमांडर स्तर की 10वें दौर की यह वार्ता हुई।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बैठक सुबह 10 बजे वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की तरफ मोल्दो सीमा क्षेत्र में शुरू हुई जो रविवार सुबह 2 बजे तक चली। उन्होंने कहा कि भारत इस दौरान क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और देपसांग जैसे क्षेत्रों से भी तेज गति से सैन्य वापसी पर जोर दिया। दोनों देशों के बीच सैन्य गतिरोध को नौ महीने हो गए हैं। समझौते के बाद दोनों पक्षों ने पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी छोर क्षेत्रों से अपने-अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है। साथ ही अस्त्र-शस्त्रों, अन्य सैन्य उपकरणों, बंकरों एवं अन्य निर्माण को भी हटा लिया है। सूत्रों ने कहा कि 10वें दौर की वार्ता में चर्चा का मुख्य बिंदु अन्य इलाकों से भी वापसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का है। दोनों पक्ष इसके लिए तौर-तरीकों पर चर्चा करने के लिए वार्ता कर रहे हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 11 फरवरी को संसद में एक बयान में कहा था कि भारत और चीन के बीच पैंगोंग झील क्षेत्र से सैनिकों को चरणबद्ध तरीके से हटाने का समझौता हो गया है। उन्होंने कहा था कि समझौते के अनुरूप चीन अपनी सेना की टुकड़ियों को हटाकर पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे में फिंगर आठ क्षेत्र की पूर्व दिशा की ओर ले जाएगा। उन्होंने कहा था कि भारत अपनी सैन्य टुकड़ियों को फिंगर तीन के पास अपने स्थायी शिविर धन सिंह थापा पोस्ट पर रखेगा। सिंह ने कहा था कि इसी तरह का कदम पैंगोंग झील के दक्षिणी तट क्षेत्र में उठाया जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा था कि इस पर सहमति बनी है कि पैंगोंग झील क्षेत्र में सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के 48 घंटे के भीतर दोनों पक्षों के वरिष्ठ कमांडरों की अगली बैठक अन्य सभी मुद्दों को हल के लिए बुलाई जाएगी।

पैंगोंग झील क्षेत्र से सैन्य वापसी की प्रक्रिया 10 फरवरी को शुरू हुई थी जो गत गुरुवार को पूरी हो गई। दोनों देशों के बीच शनिवार को हुई दसवें दौर की वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन ने किया जो लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर हैं। वहीं, चीनी पक्ष का नेतृत्व मेजर जनरल लिउ लिन ने किया जो चीनी सेना के दक्षिणी शिनजियांग सैन्य जिले के कमांडर हैं।

दोनों देशों के बीच पिछले साल पांच मई को पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक संघर्ष के बाद सैन्य गतिरोध शुरू हुआ था और फिर हर रोज बदलते घटनाक्रम में दोनों पक्षों ने भारी संख्या में सैनिकों तथा घातक अस्त्र-शस्त्रों की तैनाती कर दी थी। गतिरोध के लगभग पांच महीने बाद भारतीय सैनिकों ने कार्रवाई करते हुए पैंगोंग झील के दक्षिणी छोर क्षेत्र में मुखपारी, रेचिल ला और मगर हिल क्षेत्रों में सामरिक महत्व की कई पर्वत चोटियों पर तैनाती कर दी थी। नौवें दौर की सैन्य वार्ता में भारत ने विशेषकर पैंगोंग झील के उत्तरी क्षेत्र में फिंगर 4 से फिंगर 8 तक के क्षेत्रों से चीनी सैनिकों की वापसी पर जोर दिया था। वहीं, चीन ने पैंगोंग झील के दक्षिणी छोर पर सामरिक महत्व की चोटियों से भारतीय सैनिकों की वापसी पर जोर दिया था।

मेरठ: शादी समारोह में तंदूरी रोटी पर थूक लगाते हुए युवक का वीडियो वायरल, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मेरठ में शादी समारोह में तंदूरी रोटी पर थूक लगाने वाले जिस युवक का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ था, वह शनिवार शाम दबोच लिया गया। आरोपी की पहचान लिसाड़ी गेट के लखीपुरा निवासी नौशाद के रूप में हुई है, जो विवाह समारोह में तंदूरी रोटी बनाने का काम करता है। इसकी सूचना मिलते ही हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और नौशाद पर कार्रवाई की मांग की थी।

दो दिन पहले एक शादी समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में एक शख्स तंदूर पर थूक लगाकर रोटी बनाता दिख रहा है। हिंदू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष सचिन सिरोही ने पता लगाया तो वीडियो के मेडिकल थाना क्षेत्र स्थित एक विवाह मंडप के होने की पुष्टि हो गई।

वह कार्यकर्ताओं के साथ मेडिकल थाने पहुंच गए और तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस लगातार इस पर काम कर रही थी। शनिवार शाम सामाजिक कार्यकर्ता यशोदा एडवोकेट को सूचना मिली कि जिस केटरर के साथ आरोपी काम करता है, वह पीवीएस के निकट आई ब्लॉक शास्त्रीनगर में आ रहा है। यशोदा एडवोकेट मौके पर पहुंची और पुलिस को बुला लिया। यही खुलासा हुआ कि उसका नाम सोहेल नहीं नौशाद है। 

पुलिस के सामने ही की धुनाई
सामाजिक कार्यकर्ता यशोदा एडवोकेट ने युवक से पूछताछ की और पुलिस के सामने ही उसे धुन दिया। वह उसे पीटते हुए पीवीएस चौकी ले आए। यहां से चौकी इंचार्ज श्याम सिंह उसे लेकर थाने आ गए। सूचना मिलते ही हिन्दू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष सचिन सिरोही भी कार्यकर्ताओं के साथ मेडिकल थाने पहुंच गए। 

खुद पर लगे आरोप नकार रहा नौशाद
थाने में पूछताछ के दौरान नौशाद ने कुबूल किया कि यह वीडियो इसी 16 फरवरी का है। वह अरोमा गार्डन में खाना बनाने गया था। लेकिन नौशाद ने रोटी पर थूकने के आरोप नकार दिए। उसने बताया कि वह 15-16 वर्षों से यह काम कर रहा है। वीडियो में वह टेबल पर रखकर रोटी बनाता है और फिर सेक रहा है। 

“आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुकद्दमा दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है। हालांकि वह खुद पर लगे आरोपों को नकार रहा है।” – देवेश सिंह, सीओ सिविल लाइन (एजेंसी)

बंगाल में भाजपा स्टेट यूथ विंग की सचिव की कार में मिली पांच लाख की कोकीन, पुलिस ने गिरफ्तार किया

पश्चिम बंगाल भाजपा यूथ विंग की लीडर पामेला गोस्वामी और उनके साथ प्रबीर कुमार दे को पुलिस ने कोकिन के साथ गिरफ्तार किया है। पामेला की बैग से 100 ग्राम कोकीन मिली है। इसका बाजार मूल्य करीब पांच लाख रुपए है।

कार्रवाई के दौरान दोनों के साथ एक सुरक्षाकर्मी भी कार में मौजूद था।पामेला गोस्वामी भाजपा यूथ विंग की सेक्रेटरी हैं। साथ ही हुगली जिला भाजपा की सचिव हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा समेत दिग्गज नेताओं की तस्वीर डाल रखी है।पुलिस का कहना है कि पामेला गोस्वामी और प्रबीर कुमार डे के बीच लंबे समय से दोस्ती है। पुलिस को काफी समय से संदेह था कि वह नशे के कारोबार से जुड़ी हुई हैं। पुलिस उन पर नजर रख रही थी।न्यू अलीपुर पुलिस घटना स्थल पर पहुंचीं और उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय पामेला गोस्वामी के साथ केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान भी थे। पुलिस शनिवार को दोनों को कोर्ट में पेश करेगी।

पूर्व मंत्री पांसे को कंगना का जवाब:ये मूर्ख हैं.. नहीं जानते मैं राजपूत महिला हूं, कमर नहीं हिलाती, हडि्डयां तोड़ती हूं

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं मुलताई से कांग्रेस विधायक सुखदेव पांसे का बॉलीबुड एक्ट्रेस कंगना रनौत को लेकर दिए विवादित बयान पर बवाल बढ़ता जा रहा है। कंगना ने पांसे को मूर्ख बताते हुए कहा हे कि मैं रातपूत महिला हूं। कमर नहीं हिलाती, हडि्डयां तोड़ती हूं।उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- ये जो कोई भी मूर्ख है, नहीं जानता है कि मैं दीपिका, कैटरीना या आलिया भट्ट नहीं हूं। मैं अकेली हूं, जिसने आइटम नंबर करने से मना कर दिया था। मैंने बड़े हीरो (खान/कुमार) के साथ फिल्म करने से मना कर दिया था। इसकी वजह से पूरा ‘बालिवूडिया गैंग’ मर्द-औरतें मेरे खिलाफ हो गई हैं।

कंगना का यह बयान पांसे की उस टिप्पणी पर आया है, जब उन्होंने कहा था कि कंगना नाचने-गाने वाली है। दरअसल, कंगना ने किसान आंदोलन का विरोध किया था। जब फिल्म धाकड़ी शूटिंग करने कंगना बैतूल पहुंचीं तब पांसे के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बात करते हुए पांसे ने कंगना को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। बता दें कि किसान आंदोलन को लेकर कंगना रनौत ने ट्वीट करके दिल्ली में लाल किले पर हिंसा करने वाले उपद्रवियों को आतंकवादी कहा था। जिसके बाद ही कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाकर दो दिनों तक बैतूल जिले में विरोध किया था और कंगना से माफी की मांग की थी। साथ ही धमकी भी दी थी की अगर कंगना माफी नहीं मांगती है तो उनकी शूटिंग रोक दी जाएगी।

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25 लाख की चोरी करने वाली पेइंग गेस्ट बबीता ने कई खुलासे किए,चोरी और पेइंग गेस्ट में उलझी पुलिस

शहर के सिटी सेंटर में प्रॉपर्टी कारोबारी व बिजली कंपनी के ठेकेदार अशोक माखीजा के घर से 25 लाख की चोरी करने वाली पेइंग गेस्ट बबीता ने कई खुलासे किए हैं। पुलिस ने पुलिस से कहा है कि पहले अशोक माखीजा से पूछो कि वह दिल्ली से नई-नई लड़कियों को बुलाकर पेइंग गेस्ट क्यों रखता था? उसके कारनामे खोलो। बबीता ने बताया कि उसे भी दिल्ली में स्पा सेंटर चलाने वाली श्वेता ने ग्वालियर भेजा था। इस संबंध में अशोक माखीजा को थाने बुलाकर पूछताछ की गई है। बबीता के इस आरोप से कारोबारी और उसके यहां आने वाली पेइंग गेस्ट्स पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

चोरी और पेइंग गेस्ट में उलझी पुलिस
चोरी में साथ देने वाली बबीता की सहेली तो हाथ नहीं आई है, लेकिन पुलिस को पता है कि यह दोनों दिल्ली में स्पा सेंटर वाली श्वेता से जुड़ी हैं। श्वेता ने ही इन्हें ग्वालियर के कारोबारी अशोक माखीजा के घर भेजा था। बबीता को पुलिस ने 22 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर लिया है। उसने जो कहानी सुनाई है उसने पुलिस सकते में है। बबीता ने अशोक माखीजा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। अभी बबीता की साथी गगनदीप कौर की तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं।

यह था पूरा मामला
शहर के पटेल नगर मनोहर इंक्लेव के पास रहने वाले अशोक माखीजा (61) प्रॉपर्टी कारोबारी व बिजली कंपनी के ठेकेदार हैं। वे पत्नी किरन माखीजा के साथ रहते हैं। उनकी बेटी दिल्ली में रहती है। दो दिन पहले अशोक के घर में 20 लाख रुपए नकद सहित 25 लाख रुपए की चोरी हुई थी। अकेले रहने के कारण माखीजा दंपती लड़कियों को पेइंग गेस्ट रखते हैं। सोमवार रात 8 बजे दो युवतियां उनके यहां रूम लेने पहुंची थीं। उन्होंने बताया था कि वह पंजाब के जालंधर से आई हैं। अपना परिचय बबीता (29) व गगनदीप कौर (30) के रूप में दिया था।

रात को शराब पी और सुबह माल लेकर गायब हो गई

रात को उन्होंने शराब पी और खाना खाया और मंगलवार को सुबह नाश्ता भी किया। मंगलवार दोपहर वह सामान समेटकर चली गईं। दोनों युवतियों के जाने के बाद जब अशोक माखीजा की पत्नी किरन अलमारी कुछ सामान निकालने पहुंची तो पता लगा कि लॉकर से 20 लाख रुपए नकद, करीब 12 तौला सोना गायब था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई कर दिल्ली से गुरुवार सुबह दिल्ली में बबीता को उसके बॉयफ्रेंड अमित कुमार के साथ गिरफ्तार कर लिया। वह कार खरीदने वाली थी। उसके पास से कुछ जेवर, 2.80 लाख रुपए नकद बरामद हुए थे, शेष माल गगनदीप के पास है।

दिग्विजय सिंह बंद कराने पहुंचे सरकार पर निशाना साधा-‘नाटक-नौटंकी करो पर गरीबों की जेब मत काटो ‘

भोपाल। डीजल पेट्रोल गैस के दामों में हो रही लगातार बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने आज प्रदेश बंद का आह्वान किया था. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस दौरान शहर के कई स्थानों पर घूम कर लोगों से बंद की अपील की. वहीं इस दौरान मोदी सरकार और शिवराज सरकार पर निशाना साधते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के चलते डीजल पेट्रोल और गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. सरकार चाहती तो इन पर लगने वाले टैक्स को कम कर सकती थी, ताकि आम आदमी को डीजल पेट्रोल और गैस सस्ते दामों पर मिल सके. इन तीनों के कारण ही बाकी सब चीजें भी महंगी होती हैं, जिससे जनता की कमर टूटती है.

राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में पेट्रोल डीजल के बढ़ रहे दामों को लेकर सीएम शिवराज पर निशाना साधा. दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं शिवराज सिंह से अनुरोध करता हूं कि हम सब यह उम्मीद नहीं करते कि वे साइकिल चलाएं, शिवराज की जो नाटक-नौटंकी करने की आदत है, हम नहीं कहते कि वह ना करें, लेकिन गरीबों की जेब तो ना काटें.

नाम बदलने से नहीं काम बदलना चाहिए

मध्यप्रदेश में इन दोनों शहरों के नाम बदलने का दौर चल रहा है. नर्मदा महोत्सव के अवसर पर होशंगाबाद पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने होशंगाबाद जिले का नाम नर्मदा पुरम करने की घोषणा की. मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए. दिग्गिजय सिंह ने कहा कि नाम बदलने से कुछ नहीं होगा. काम में बदलाव करना चाहिए.

वही सीधी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री को मच्छर काटने की घटना पर दिग्विजय सिंह ने कहा एक इंजीनियर को सस्पेंड करने से कुछ नहीं होगा. प्रदेश में जनता के भी यही हाल हैं. इस पर सरकार को सोचना चाहिए. तो वहीं प्रदेश सरकार के मंत्री की अवैध खनन को लेकर कार्रवाई के पद उन्होंने कहा कि एक मंत्री को बार-बार अधिकारियों को अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पर पत्र लिखें पढ़ रहे हैं. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि खनन माफिया कितना हावी है.

राजधानी भोपाल के कई बाजार महंगाई के खिलाफ

भोपाल में कई स्थानों पर बंद करा रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उनकी गिरफ्तारी की. वहीं विठ्ठल मार्केट में दुकानें बंद कराने पहुंचे पूर्व मंत्री पीसी शर्मा सहित कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया. इसी क्रम में दिग्विजय सिंह भी भोपाल में कई जगहों पर बंद कराने पहुंचे.

मुख्यमंत्रियों से चर्चा:PM बोले- हम 70 हजार करोड़ का खाद्य तेल बाहर से लाते हैं, यह पैसा किसानों के खाते में जा सकता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की छठी मीटिंग को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। इसमें राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के एडमिनिस्ट्रेटर और लेफ्टिनेंट गवर्नर शामिल हुए। इस मीटिंग में मोदी का फोकस किसानों पर रहा।

मोदी ने कहा कि हम कृषि प्रधान देश कहे जाएं, उसके बावजूद भी आज करीब-करीब 65-70 हजार करोड़ रुपए का खाद्य तेल हम बाहर से लाते हैं। ये हम बंद कर सकते हैं। हमारे किसानों के खाते में पैसा जा सकता है। इन पैसों का हकदार हमारा किसान है, लेकिन इसके लिए हमारी योजनाएं उस प्रकार से बनानी होंगी।

मोदी के भाषण की खास बातें

हमारे किसान दुनिया को भी सप्लाई कर सकते हैं
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों हमने दालों में प्रयोग किया, उसमें सफलता मिली। दालों को बाहर से लाने में हमारा खर्च काफी कम हुआ है। ऐसी कई खाद्य चीजें बिना कारण हमारे टेबल पर आ जाती हैं। हमारे देश के किसानों को ऐसी चीजों के उत्पादन में कोई मुश्किल नहीं है। थोड़ा गाइड करने की जरूरत है और इसके लिए ऐसे कई कृषि उत्पाद हैं जिन्हें किसान न सिर्फ देश के लिए पैदा कर सकते हैं, बल्कि दुनिया को भी सप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि सभी राज्य अपनी एग्रो क्लाइमेटिक रीजनल प्लानिंग की स्ट्रैटजी बनाएं। उसके हिसाब से किसान को मदद करें।

कृषि एक्सपोर्ट बढ़ा, लेकिन हमारा पोटेंशियल कहीं ज्यादा
मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में कृषि से लेकर पशुपालन और मत्स्यपालन तक एक होलिस्टिक अप्रोच अपनाई गई। इसका परिणाम है कि कोरोना के दौर में देश में कृषि निर्यात में काफी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन हमारा पोटेंशियल इससे कहीं अधिक ज्यादा है। हमारे प्रोडक्ट्स का वेस्टेज कम से कम हो, इसके लिए स्टोरेज और प्रोसेसिंग पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

केंद्र-राज्य मिलकर काम करें
मोदी ने कहा कि देश की प्रगति का आधार है कि केंद्र और राज्य साथ मिलकर कार्य करें और निश्चित दिशा में आगे बढ़ें। को-ऑपरेटिव फेडरलिज्म को और अधिक सार्थक बनाना और यही नहीं हमें प्रयत्नपूर्वक कॉम्पीटीटिव, को-ऑपरेटिव फेडरलिज्म को न सिर्फ राज्यों के बीच बल्कि ड्रिस्ट्रक्ट तक ले जाना है।

प्राइवेट सेक्टर की ऊर्जा का सम्मान करना है
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल के बजट पर जो पॉजिटिव रिस्पॉन्स आया, उससे मूड ऑफ नेशन का पता चलता है। युवा अब समय नहीं गंवाना चाहते। प्राइवेट सेक्टर विकास यात्रा में और आगे आ रहा है। सरकार के नाते प्राइवेट सेक्टर की ऊर्जा का सम्मान भी करना है और उसे आत्मनिर्भर भारत में उतना ही अवसर भी देना है।आत्मनिर्भर भारत एक ऐसे भारत की तरफ कदम है, जहां हर व्यक्ति को पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। हम केवल अपने लिए नहीं, विश्व के लिए उत्पादन करेंगे। इसके लिए हमें इनोवेशन को बढ़ाना होगा, शिक्षा के नए मौके देने होंगे।

घर के आसपास पारिजात का पवित्र पेड़ लगा लिया तो होंगे 5 चमत्कारिक फायदे

कोलकाताः पारिजात के पेड़ को हरसिंगार का पेड़ भी कहा जाता है। इसमें बहुत ही सुंदर और सुगंधित फूल उगते हैं। यह सारे भारत में पैदा होता है। इसे संस्कृत में पारिजात, शेफालिका। हिन्दी में हरसिंगार, परजा, पारिजात। मराठी में पारिजातक। गुजराती में हरशणगार। बंगाली में शेफालिका, शिउली। तेलुगू में पारिजातमु, पगडमल्लै। तमिल में पवलमल्लिकै, मज्जपु। मलयालम में पारिजातकोय, पविझमल्लि। कन्नड़ में पारिजात। उर्दू में गुलजाफरी। इंग्लिश में नाइट जेस्मिन। लैटिन में निक्टेन्थिस आर्बोर्ट्रिस्टिस कहते हैं।पारिजा का वृक्ष जिसके भी घर के आसपास होता है उसके घर के सभी तरह के वास्तुदोष दूर हो जाते हैं।

पारिजात के फूलों को खासतौर पर लक्ष्मी पूजन के लिए इस्तेमाल किया जाता है लेकिन केवल उन्हीं फूलों को इस्तेमाल किया जाता है, जो अपने आप पेड़ से टूटकर नीचे गिर जाते हैं। जहां यह वृक्ष होता है वहां पर साक्षात लक्ष्मी का वास होता है।

पारिजात के फूलों की सुगंध आपके जीवन से तनाव हटाकर खुशियां ही खुशियां भर सकने की ताकत रखते हैं। इसकी सुगंध आपके मस्तिष्क को शांत कर देती है। घर परिवार में खु‍शी का माहौल बना रहता है और व्यक्ति लंबी आयु प्राप्त करता है।

पारिजात के ये अद्भुत फूल सिर्फ रात में ही खिलते हैं और सुबह होते-होते वे सब मुरझा जाते हैं। यह फूल जिसके भी घर-आंगन में खिलते हैं, वहां हमेशा शांति और समृद्धि का निवास होता है।

हृदय रोगों के लिए हरसिंगार का प्रयोग बेहद लाभकारी है। इस के 15 से 20 फूलों या इसके रस का सेवन करना हृदय रोग से बचाने का असरकारक उपाय है, लेकिन यह उपाय किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह पर ही किया जा सकता है। इसके फूल, पत्ते और छाल का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है।

पौराणिक महत्व : उत्तर प्रदेश में दुर्लभ प्रजाति के पारिजात के चार वृक्षों में से हजारों साल पुराने वृक्ष दो वन विभाग इटावा के परिसर में हैं जो पर्यटकों को ‘देवताओं और राक्षसों के बीच हुए समुद्र मंथन’ के बारे में बताते हैं। कहते हैं कि पारिजात वृक्ष की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी जिसे इंद्र ने अपनी वाटिका में रोप दिया था। हरिवंशपुराण में इस वृक्ष और फूलों का विस्तार से वर्णन मिलता है। पौराणिक मान्यता अनुसार पारिजात के वृक्ष को स्वर्ग से लाकर धरती पर लगाया गया था। नरकासुर के वध के पश्चात एक बार श्रीकृष्ण स्वर्ग गए और वहां इन्द्र ने उन्हें पारिजात का पुष्प भेंट किया। वह पुष्प श्रीकृष्ण ने देवी रुक्मिणी को दे दिया। देवी सत्यभामा को देवलोक से देवमाता अदिति ने चिरयौवन का आशीर्वाद दिया था। तभी नारदजी आए और सत्यभामा को पारिजात पुष्प के बारे में बताया कि उस पुष्प के प्रभाव से देवी रुक्मिणी भी चिरयौवन हो गई हैं। यह जान सत्यभामा क्रोधित हो गईं और श्रीकृष्ण से पारिजात वृक्ष लेने की जिद्द करने लगी।