ग्वालियर में जल्द शुरू होगा तारा मंडल, स्मार्ट सिटी सीईओ की डॉम सुरक्षा पर खास निगाह

ग्वालियर
स्मार्ट सिटी के तहत प्रगतिरत कार्य गुणवता के साथ समय सारणी बनाकर पूर्ण किये जाए, यह निर्देश स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें मंगलवार को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत महाराज बाडा पर किये जा रहे विभिन्न विकास परियोजनाओ के निरीक्षण के दौरान संबंधित निर्माण एजेन्सी एवं अधिकारियों को दिए। निरिक्षण के दौरान इन प्रोजेक्ट से संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें मंगलवार सुबह महाराज बाडा पहुंच कर सर्वप्रथम स्मार्ट सिटी द्वारा विकसित डिजीटल म्यूजियम के अंतर्गत बनने वाले तारामंडल का मुआयन किया। श्रीमती सिंह नें तारामंडल के कार्य की प्रगति रिपोर्ट के बारे में संबंधित अधिकारियो से जानकारी ली। तारामंडल के डोम को बनाने वाली कंपनी के अधिकारियो नें जानकारी देते हुये बताया कि तारामंडल का कार्य अंतिम चरण में है, और जल्द ही अब प्रोजेक्टर और आईटी इत्यादी से संबंधित कार्यो की शुरुआत की जायेगी। श्रीमती सिंह नें संबंधित अधिकारियो को निर्देश दिया कि तारामंडल के डोम के बाहरी ढांचे की वाटर लीकेज सहीत अन्य सुरक्षा जांचो को सुनिश्चित करके उसके अंदरुनी भाग के कार्यो को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाये। वही उन्होने निर्देश दिया कि तारामंडल के निर्माण की प्रगति रिपोर्ट से उन्हे रोज अवगत कराया जाये। श्रीमती सिंह नें स्मार्ट रोड परियोजना के तहत गोरखी परिसर पर बनाई जा रही अंडरग्राउंड पार्किंग का भी निरिक्षण किया। निरिक्षण के दौरान कंपनी के अधिकारियो नें श्रीमती सिंह को कार्य की प्रगति रिपोर्ट के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।
वही श्रीमती सिंह नें फसाड लाइटिंग परियोजना के तहत महाराज बाडा की ऐतिहासिक ईमारतो पर की जा रही लाइटिंग के कार्य का भी निरिक्षण किया श्रीमती सिंह निरिक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियो को निर्देश दिये कि ऐतिहासिक इमारतो पर लगाई जा रही लाइटिंग के कार्य को गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाये साथ ही इमारतो पर लगाई जाने वाली लाइटो को इस प्रकार से लगाया जाये जिससे इन ऐतिहासिक इमारतो की भव्यता निखर कर आ सके। श्रीमती सिंह नें ऐतिहासिक इमारतो पर लगाई जा रही लाइटो की सुरक्षा के लिये जरुरी कदम उठाने के निर्देश भी संबंधित कंपनी अधिकारियो को दिये।
श्रीमती सिंह नें स्मार्ट सिटी के तहत महाराज बाडा स्थित केन्द्रीय पुस्तकालय और गजराराजा स्कूल के पास बन रहे 33केवी जीआईएस सबस्टेशन स्थल का भी निरिक्षण कर संबंधित निर्माण एजेंसीयो को समय सीमा में कार्य को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिये।

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में की मिथुन चक्रवर्ती से मुलाकात, अभिनेता बोले- हमारा पहले से गहरा आध्यात्मिक रिश्ता

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को एक्टर मिथुन चक्रवर्ती से उनके जुहू स्थित आवास पर जाकर मुलाकात की। यह मुलाकात तकरीबन एक घंटे चली। अभिनेता के घर से निकलकर संघ प्रमुख बिना कुछ बोले चले गए, लेकिन अभिनेता ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि उनका और संघ प्रमुख का आध्यात्मिक रिश्ता है। आगामी पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर उनकी मुलाकात बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

संघ प्रमुख मुझे और मेरे परिवार को बहुत प्यार करते हैं: मिथुन

RSS प्रमुख मोहन भागवत से हुई मुलाकात पर बॉलीवुड अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि हमारा बहुत गहरा आध्यात्मिक रिश्ता है। बस इसी वजह से यह मुलाकात हुई है। मिथुन ने कहा कि हमारी पहले बात हुई थी कि जब भी वह मुंबई आएंगे तो हम जरूर मिलेंगे। मोहन भागवत जी मेरे घर पर आये इसका मतलब यह है कि वह मुझे और मेरे परिवार को बहुत प्यार करते हैं। इस मुलाकात को राजनीति से जोड़कर बिल्कुल ना देखा जाए। राजनीति से इसका दूर-दूर तक कोई भी लेना देना नहीं है।

2019 में भी संघ प्रमुख ने की थी मुलाकात

हालांकि, इससे पहले नागपुर के संघ मुख्यालय में मिथुन चक्रवर्ती और मोहन भागवत के बीच साल 2019 में भी इसी तरह की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद अभिनेता के भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई गई थीं।

भाजपा दे सकती है मिथुन को टिकट
राजनीतिक जानकारों की मानें तो बतौर एक्टर मिथुन चक्रवर्ती की पश्चिम बंगाल में पॉपुलरिटी है। भाजपा इसी का फायदा उठाते हुए उन्हें अपना उम्मीदवार बना सकती है। यह भी अटकलें लगाईं जा रही हैं कि वे भाजपा के स्टार प्रचारक हो सकते हैं।

TMC के सांसद रह चुके हैं मिथुन
मिथुन चक्रवर्ती इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा के सांसद रह चुके हैं। हालांकि लगातार सदन में गैरहाजिर रहने की वजह से उन्होंने खुद ही राज्यसभा की सदस्यता से तब इस्तीफा दे दिया था। अब एक बार फिर से मिथुन चक्रवर्ती पर BJP डोरे डालते हुए नजर आ रही है।

बस हादसा:कैबिनेट स्थगित, मंत्री सिलावट व रामखेलावन सीधी रवाना, मृतकों के परिजन को 5-5 लाख के मुआवजे का ऐलान

सीधी में बस हादसे के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक को स्थगित कर दिया है। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल भोपाल से हेलीकाप्टर से घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। हादसे में मरने वालों के परिजनों को सरकार ने 5-5 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि हादसे के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस के साथ बैठक की है। प्रदेश में बस परिवहन को लेकर बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। बैठक में बताया गया कि सीधी से सतना के बीच चलने वाली बसें सुबह के समय खाली ही जाती हैं लेकिन मंगलवार को एनटीपीसी का एग्जाम था। रीवा और सतना में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। 32 सीटर बस में ज्यादा युवा ही थे, वह परीक्षा देने रीवा और सतना आ रहे थे। बस में करीब 54 यात्री थे। इनमें से करीब 45 के शव मिल चुके हैं।

प्रधानमंत्री आवास में गृह प्रवेश का कार्यक्रम स्थगित
इधर, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने 1 लाख 10 हजार परिवारों का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होने वाला गृह प्रवेश कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बड़े उत्साह से 1 लाख 10 हजार घरों में गृह प्रवेश का कार्यक्रम संपन्न करने वाले थे, लेकिन सुबह 8 बजे ही मुझे सूचना मिली थी कि सीधी जिले में बाणसागर की नहर में यात्रियों से भरी एक बस गिर गई, बाणसागर की नहर काफी गहरी है। हमने तत्काल बांध से पानी बंद करवाया। राहत और बचाव दलों को रवाना किया कलेक्टर एसपी एसडीआरएफ की टीम वहां है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 फरवरी को दमोह दौरा भी उन्होंने रद्द कर दिया है।

बस का रूट नहीं बदलता तो बच जाती जानें
सीधी में नहर में गिरी जबलनाथ ट्रेवल्स की बस अगर अपना रूट नहीं बदलती तो लोगों की जान नहीं जाती। छुहिया घाटी से होकर बस रोजाना सतना के लिए जाती थी। मंगलवार की सुबह जाम लगने होने की वजह से ड्राइवर ने बस का रूट बदलकर नहर का रास्ता पकड़ा और यह हादसा हो गया। नेशनल हाईवे 39 स्थित छुहिया घाटी में जगह-जगह गड्ढे और पत्थर पड़ होने की वजह से हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। यहां घंटों जाम में वाहन फंसे रहते हैं। यही वजह थी कि ड्राइवर बस को जल्दी ले जाने की चक्कर में रूट बदल दिया।

चीन ने नष्ट किया एलएसी पर अपना हेलिपैड – प्रेस रिव्यू

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास फिंगर 5 पर बनाया अपने हेलिपैड और अस्थाई जेटी को चीन ने नष्ट कर दिया है.

ख़बर के अनुसार बीते साल भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ने के बाद चीन ने पैंगोन्ग त्सो झील के उत्तरी किनारे के पास फिंगर 5 पर हेलिपैड और अस्थाई जेटी बनाया था. साथ ही सेना के लिए भी किलेबंदी की जा रही थी.

लेकिन अब सेना के डिसइंगेजमेन्ट की प्रक्रिया के तहत चीन इन ढांचों को नष्ट कर रहा है.

हाल में दोनों देशों के बीच फरवरी 10 से पैंगोंग त्सो में डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी थी. इसके तहत दोनों पक्षों को बीते साल अप्रैल के बाद लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल के पास फिंगर एरिया में बनाए सभी ढांचों को नष्ट करना और सेनाओं को अपनी पुराने पोज़ीशन पर लौटना है.
डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया के तहत चीनी सेना पैंगोंग त्सो के उत्तर में मौजूद फिंगर 8 से पूर्व में श्रीजप प्लेन की तरफ लौट रही है है जबकि भारतीय सैनिक पश्चिम की तरफ फिंगर 2 और फिंगर 3 के बीच मौजूद धन सिंह थापा पोस्ट की तरफ लौट रही है.

चीनी सेना 80 मीटर लंबे उस बैनर को भी हटा रही है जिसमें चीनी भाषा में कुछ संकेत और नक्शे बने हुए थे. इस बैनर को फिंगर 5 और 6 के बीच लगाया गया था.

ज़मीन पर अपना दावा कर रही चीनी सेना के इस बैनर इस तरह बनाया गया था कि कि आसमान से विमान से भी इसे आसानी से देखा जा सके.

नेपाल व श्रीलंका में BJP का विस्तार! शाह के प्लान पर श्रीलंकन चुनाव आयोग ने फेरा पानी, कही ये बात 

श्रीलंका के चुनाव आयोग उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि भारतीय जनता पार्टी श्रीलंका में राजनीतिक दल के गठन की योजना बना रही है।

शाह के प्लान पर श्रीलंकन चुनाव आयोग ने फेरा पानी, कही ये बात


नयी दिल्ली:  श्रीलंकाई चुनाव आयोग के प्रमुख निमल पंचीवा ने सोमवार को उन खबरों पर खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि भारत की सत्तारूढ़ पार्टी भारतीय जनता पार्टी श्रीलंका में राजनीतिक दल के गठन की योजना बना रही है। निमल पंचीवा ने कहा कि श्रीलंका का चुनाव कानून इस तरह के प्रबंधन की इजाजत नहीं देता है। पंचीवा ने ‘श्रीलंका का कोई भी राजनीतिक दल विदेश में किसी भी दल अथवा समूह से संबंध रख सकता है लेकिन हमारा चुनाव कानून किसी अन्य विदेशी दल को श्रीलंका में काम करने की अनुमति नहीं देता।’

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने दिया था बयान
दरअसल श्रीलंकाई चुनाव आयोग के प्रमुख पंचीवा त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें देब ने कहा था कि बीजेपी की योजना नेपाल और श्रीलंका में अपना विस्तार करने की है। बिप्लब देब ने कहा था कि भाजपा अब न केवल देशभर में बल्कि पड़ोसी देशों में भी सरकार बनाएगी। देब का यह बयान सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया था और विपक्ष बीजेपी से सफाई मांग रहा है।

क्या कहा था देब ने
 मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने एक कार्यक्रम को दौरान राजधानी अगरतला में कहा, ‘हम अतिथिगृह में बात कर रहे थे तब अजय जम्वाल (भाजपा के पूर्वोत्तर क्षेत्र के सचिव) ने कहा कि भाजपा ने कई राज्यों में अपनी सरकार बनाई। जवाब में अमित शाह ने कहा कि अभी श्रीलंका और नेपाल बाकी है और हमें पार्टी का विस्तार करना है। हमें श्रीलंका और नेपाल में सरकार बनाने के लिए पार्टी का विस्तार करना है।’

Vasant Panchami 2021: आज वसंत पंचमी है , भूलकर भी न करें ये कार्य, वरना नाराज हो जाएंगी सरस्वती माता

नई दिल्ली: वसंत पंचमी का पर्व हर साल माघ महीने में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. इस बार वसंत पंचमी का पर्व 16 फरवरी को आज मनाया जाएगा. ऐसी मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती प्रकट हुईं थीं. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन मां सरस्वती की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा करने से व्यक्ति को ज्ञान की प्राप्ति होती है. वहीँ धर्मशास्त्र के अनुसार कुछ ऐसे भी कार्य हैं जिनको वसंत पंचमी के दिन करना वर्जित किया गया है. आज हम आपको बताएंगे कि वसंत पंचमी के दिन कौन से कार्य करना वर्जित है.


वसंत पंचमी के दिन न करें ये कार्य-

ऐसी मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन काले या रंग-बिरंगे कपड़े नहीं पहनना चाहिए. चूंकि मां सरस्वती को पीला रंग अधिक पसंद है. इसलिए मां सरस्वती को पीला वस्त्र चढ़ाना चाहिए और स्वयं भी पीले रंग का वस्त्र पहनना चाहिए.

वसंत पंचमी के दिन भूलकर भी पेड़-पौधों को नहीं काटना चाहिए. क्योंकि वसंत पंचमी के दिन ही वसंत ऋतु का आगमन होता है और इस दिन प्रकृति में वसंत ऋतु का सुन्दर तथा नवीन वातावरण पूरी तरह प्रकृति में छा जाता है.

धर्मशास्त्र के अनुसार वसंत पंचमी के दिन बिना स्नान किए भोजन भी नहीं करना चाहिए. अगर संभव हो तो इस दिन ज्ञान, कला और संगीति की देवी मां सरस्वती का व्रत रखना चाहिए और पूजा करने के बाद ही कुछ खाना चाहिए.

वसंत पंचमी के इस पावन पर्व पर किसी के प्रति अपने मन में न तो बुरे विचार लाना चाहिए और न ही किसी को अपशब्द कहना चाहिए.

चूंकि वसंत पंचमी को विद्यारम्भ और कई अन्य तरह के शुभ कार्यों के लिए बहुत शुभ मुहूर्त माना जाता है. इसलिए इस दिन मांस और मदिरा से दूर रहना चाहिए. इस दिन ब्रह्मचर्य धर्म का भी पालन करना चाहिए.

शुक्र 61 दिन के लिए हुए अस्त, दो महीने संभलकर रहें ये 7 राशियों के लोग


नई दिल्ली  भौतिक सुख और संपन्नता का कारक शुक्र ग्रह 14 फरवरी 2021 को अस्त हो गया है. शुक्र का अस्त काल रविवार, 14 फरवरी  से शुरू हो गया है। इस ग्रह का उदय ठीक 61 दिन बाद होगा. ज्योतिषियों के मुताबिक, शुक्र के अस्त होने से सभी राशियों को अच्छे-बुरे परिणाम मिलेंगे. मेष, वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, वृश्चिक और मीन राशि वालों को सबसे ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत है. आइए जानते हैं सभी राशियों पर अस्त शुक्र का कैसा असर होगा.


मेष- मेष राशि वालों को थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है. शुक्र के अस्त होने से आपके कार्यक्षेत्र पर बुरा असर पड़ सकता है. आर्थिक स्थिति डगमगा सकती है. खर्चों पर नियंत्रण रखें. सेहत पर भी ध्यान देने की जरूरत होगी.

वृष- पद-प्रतिष्ठा और मान-सम्मान को नुकसान हो सकता है. रुपए-पैसों के मामले में सावधानी से काम लेने की जरूरत है. उधार देने से बचें. प्रॉपर्टी में निवेश करने से भी दूर रहें.

मिथुन- शुक्र के अस्त होने से मिथुन राशि वालों को लाभ हो सकता है. नौकरी में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं. दांपत्य जीवन में संकट बढ़ सकते हैं. परिवार में सदस्यों की तबियत बिगड़ सकती है.

कर्क- शुभ कार्यों को करने के लिए ये सही समय नहीं है. वाद-विवाद से बचें. सही फैसले लेने से करियर में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं. धन के मामले में स्थिति सामान्य रहेगी.

सिंह- लंबे समय से अटके कार्य पूरे करने का समय आ गया है. सूर्य का अस्त होना आपके लिए बेहद शुभ है. आत्मविश्वास बढ़ेगा. क्रोध पर संयम रखें. किसी वाद-विवाद में न पड़ें.

कन्या- कन्या राशि के जातकों को अस्त शुक्र से कई उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं. गलत संगति से जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं. बेवजह के धन खर्च से बचें.

तुला- शुक्र के अस्त होने से तुला राशि के जातकों के काम पर सीधा असर पड़ेगा. शादी-विवाह के मामले में बात बिगड़ सकती है. दांपत्य जीवन में भी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.

वृश्चिक- सेहत का ध्यान रखें मानसिक तनाव हो सकता है. नौकरी में बदलाव संभव है. कर्जों से मुक्त रहेंगे और खर्चों पर भी कंट्रोल रहेगा. शुक्र अस्त के दौरान सेहत का ध्यान रखें. वाद-विवाद से बचें.

धनु- अस्त शुक्र धनु राशि को जातकों के लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है. धन लाभ के योग बन सकते हैं. भाई-बहन का सहयोग प्राप्त होगा. हालांकि खर्चों में भी बढ़ोतरी हो सकती हैं.

मकर- शुक्र के अस्त होने से दांपत्य जीवन में दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं. पार्टनर से वाद-विवाद में उलझने से बचें. गुस्से पर काबू रखें और रणनीति के तहत ही बड़े फैसले लें.

कुंभ- कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र अस्त मिला-जुला साबित होगा. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. पार्टनर या दोस्तों से सहायता मिलेगी. दान-धर्म के कार्यों से लाभ होगा.

मीन- शुभ कार्यों में खलल पैदा हो सकती है. मकान-वाहन आदि खरीदने से बचें. धन के मामले में स्थिति खराब हो सकती है. हालांकि कार्यक्षेत्र में तरक्की और प्रशंसा मिलने के योग बनेंगे.

चर्म रोगों से जुड़ी बड़ी समस्या है मस्से होना, ऐसे करें इसका इलाज


हमारे शरीर पर होने वाले लाल या काले रंग के उभरे हुए मांस को हम मस्सा कहते हैं। यह एक प्रकार का चर्म रोग होता है और शरीर के किसी भी भाग पर भी हो सकता है। त्वचा पर पेपीलोमा वायरस के कारण छोटे खुरदरे कठोर गोल पिण्ड बन जाते हैं, जिसे मस्सा कहा जाता है। चेहरे पर मस्सा होने के कारण इसकी सुंदरता बहुत कम हो जाती है। इसका आकार सरसों के दाने से लेकर सफेद चने जितना भी होे सकता है। यह ज्यादातर गर्दन, हाथों या पैरों पर होते हैं। मस्सों का मुख्य कारण इंफैक्शन है। ज्यादातर यह कुछ महीनों के बाद अपने आप पूरी तरह खत्म हो जाते है लेकिन कई बार सालों तक ऐसे ही बने रहते हैं और इनका कोई डॉक्टरी इलाज भी नहीं हैै। कुछ घरेलू उपचार करके इससे हमेशा के लिए छुटकारा भी पाया जा सकता है।

प्याज

प्याज को काट कर मस्से पर रगड़ने से काफी फायदा होता है। दिन में दो-तीन बार ऐसा करने से यह जड़ से खत्म हो जाते हैं।

चूना और घी

चूना और घी को समान मात्रा में लेकर अच्छी तरह फैंट लें और इस पेस्ट को दिन में 3-4 बार लगाने से मस्से दूर हो जाते हैं और दोबारा नहीं होते।

पोषक तत्व

विटामिन ए, सी और ई युक्त आहार लेने से मस्सों से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके अलावा इनको दूर करने के लिए पोटाशियम भी बहुत फायदेमंद है। यह बहुत-सी सब्जियों और फलों से मिलता है जैसे- सेब, केला, अंगुर, आलू, टमाटर, पालक आदि।

सेब

हरे और खट्टे सेबों के रस को लगाने से भी बहुत फायदा होता है।

फिटकरी और काली मिर्च

आधा ग्राम फिटकरी और काली मिर्च को पानी में पीसकर मस्सों पर लगाने से इनसे हमेशा के लिए छुटकारा मिलता है।

आलू

कच्चे आलू के एक स्लाइस को रोजाना दस मिनट के लिए मस्से पर लगा कर रखने से इससे राहत मिलती है।

अंजीर

अंजीर जोकि एक ड्राई फ्रुट है इसके इस्तेमाल से भी मस्सों को दूर किया जाता है। अंजीर को अच्छी तरह मसलकर इसको मस्से पर आधे घंटे के लिए लगा रहने दें फिर गर्म पानी से धो लें। 3-4 हफ्तों में मस्से समाप्त हो जाएंगे।

केले के छिलके

केले के छिलके को अंदर की तरफ से मस्से पर रखकर उस पर एक पट्टी बांध लें और इसको दिन में दो बार दोहराएं। रोजाना ऐसा करने से मस्से खत्म हो जाते हैं।

बेकिंग सोडा और अरंडी तेल

बेकिंग सोडा और अरंडी के तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर रोजाना मस्सों पर लगाने से यह नरम हो जाते हैं और धीरे-धीरे गायब हो जाते हैं।

कलोंजी

कलोंजी के दानों को सिरके में पीसें और इस पेस्ट को मस्सों पर रातभर लगाकर रखें और सुबह मुंह धो लें। इस तरह कुछ ही दिनों में मस्से कट जाएंगे।

लहसुन

लहसुन के एक टुकड़े को दरदरा पीस कर मस्से पर लगाकर इसको पट्टी से बांध लें। यह क्रिया दिन में 3-4 बार करने से काफी फायदा मिलता है।