वैश्विक महामारी केा असर के कारण बढ़े हैं पेट्रोलियम पदार्थों के दाम-सिंधिया

ग्वालियर / पेट्रोल-डीजल के साथ रसोई गैस के दामों में हो रही मूल्यवृद्धि पर भाजपा सरकार का बचाव करते हुए राज्य सभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण विश्व की अर्थ व्यवस्था मंदी के दौर से गुजर रही है। इसका असर पेट्रोलियम पदार्थों के दामों पर पड़ा है। काफी हद तक केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को इस संकट के दौर से निकालने का प्रयास किया, और कोशिशें निरंतर जारी है।

पिछले एक महीने से पेट्रोल-डीजल के साथ रसोई गैस के दामों में रिकार्ड वृद्धि हुई है। पेट्रोल 96 रुपये 83 पैसे व डीजल 89 रुपये 39 पैस प्रति लीटर पर पहुंच गया है। विपक्ष पेट्रोलियम पदार्थों मेंं मूल्यवृद्धि पर केंद्र व भाजपा सरकार पर हमला बोल रही है। ऐसे में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों में दामों में वृद्धि वैश्विक महामारी का असर है। इस आर्थिक संकट पर मोदी सरकार ने काफी हद तक काबू पा लिया है। थोड़ा धैर्य रखिये जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

व्यापारियों से भी की चर्चा: राज्य सभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को व्यापारियों से भी चर्चा की। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों से उनकी समस्याएं सुनी और उनकी समस्याओं के सामधान कराने का भी आश्वासन दिया।

ट्रामा सेंटर भी पहुंचे: राज्य सभा सदस्य सिंधिया जयारोग्य अस्पताल के ट्रामा सेंटर का भी निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीजों व उनके परिजनों से भी चर्चा की और हाल चाल पूछे।

मेले का भी किया औपचारिक शुभारंभ: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को ग्वालियर वाणिज्य मेले का भी औपचारिक रूप से शुभारंभ किया। हालांकि मेले को रंगत में आने के लिए अभी समय लगेगा। लेकिन वाहनों पर टैक्स की छूट मिलना सोमवार से ही शुरू हो गई है।

छात्रा को जबरन फ्लैट बुलाकर छेडछाड, विरोध किया तो पहली मंजिल की बालकनी से नीचे फेंका

ग्वालियर

एक सिरफिरे ने 16 साल की लड़की के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। पहले छात्रा को जबरन अपने फ्लैट में घसीटकर ले गया। छेड़छाड़ कर कपड़े फाड़ दिए। छात्रा ने हिम्मत दिखाकर विरोध किया तो उसका सिर दीवार पर दे मारा। इसके बाद भी मन नहीं भरा तो पहली मंजिल की बालकनी से उसे नीचे फेंक दिया। घटना 4 फरवरी की शाम राजीव आवास कॉलोनी की है। छात्रा को गंभीर हालत में प्राइम हॉस्पिटल में भर्ती कराया। दो दिन तक उसे होश नहीं था। सिर से लेकर पैर तक कई हड्‌डी टूटी हैं। रविवार को छात्रा विश्वविद्यालय थाना पहुंची और शिकायत की। पुलिस ने छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट, एससीएसटी एक्ट और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।

विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र स्थित राजीव आवास कॉलोनी में फ्लैट नंबर-2 निवासी 16 वर्षीय रानी (बदला हुआ नाम) 11वीं की छात्रा है। छात्रा के पास ही 3 नंबर फ्लैट में हिम्मत उर्फ छोटू रहता है। 4 फरवरी की शाम 6.30 बजे छोटू ने छात्रा को किसी काम से अपने फ्लैट के दरवाजे पर बुलाया। छोटू के घर पर कोई नहीं था। अभी छात्रा कुछ समझ पाती तभी छोटू ने उसे जबरन अपने फ्लैट में खींच लिया। घसीटकर उसे अंदर बालकनी के पास रूम में ले गया। वह छात्रा के शरीर को जगह-जगह छूने लगा। जब छात्रा ने भागने का प्रयास किया तो उसके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद भी छात्रा ने हिम्मत नहीं हारी और संघर्ष किया। उसके संघर्ष करने से आरोपी को गुस्सा आ गया। पहले छात्रा का सिर पकड़कर दीवार पर दे मारा। इतना ही नहीं छात्रा को बालों से घसीटकर फ्लैट की बालकनी में ले गया और नीचे फेंक दिया। छात्रा पीछे की तरफ करीब 20 फीट की गहराई में पत्थरों पर गिरी और बेहोश हो गई। कुछ देर बाद जब लोगों की नजर उस पर पड़ी तो उसे तत्काल पास ही प्राइम हॉस्पिटल में भर्ती कराया।

सिर, हाथ,पैर में फैक्चर

प्राइम हॉस्पिटल में भर्ती करने के समय किसी को कुछ नहीं पता था। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। छात्रा बार-बार होश में आती और फिर बेहोश हो जाती। उसके सिर में कई गंभीर घाव थे। सिर से लेकर पैर तक कई हड्‌डी टूटी थीं। दो दिन बाद उसकी हालत में सुधार हुआ और उसने अपने साथ हुई बर्बरता की पूरी कहानी अपने परिवार को बताई। रविवार को छात्रा जब अस्पताल से डिस्चार्ज हुई तो विश्वविद्यालय थाना पहुंची है। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

हर गांव में गोबर से पेंट बनाने की फैक्ट्री क्यों खुलवाना चाहते हैं गडकरी? समझें क्या है पूरा प्लान

देश के हर गांव में गोबर से पेंट बनाने की फैक्ट्री खुलवाने की तैयारी में एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी जुटे हुए हैं. इसके लिए उनके छोटे-बड़े सभी मंत्रालय खास प्लान तैयार करने में जुटे हैं. गोबर से पेंट बनाने के लिए एक फैक्ट्री खोलने में 15 लाख रुपये का खर्च आ रहा है. मंत्रालय का मानना है कि केंद्रीय मंत्री गडकरी का सपना साकार हुआ तो हर गांव में रोजगार के अवसर उपलब्ध होने से शहरों की तरफ पलायन की समस्या खत्म होगी.

गडकरी के मुताबिक, गोबर से बना अनोखा पेंट लांच होने के बाद डिमांड काफी तेजी से बढ़ी है. अभी जयपुर में ट्रेनिंग की व्यवस्था है. इतने आवेदन आए कि सबकी ट्रेनिंग नहीं हो पा रही है. साढ़े तीन सौ लोग वेटिंग लिस्ट मे हैं. पांच से सात दिनों की ट्रेनिंग होती है. ऐसे में हम ट्रेनिंग सुविधा बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं. ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग ट्रेनिंग लेकर गोबर से पेंट बनाने की फैक्ट्री का संचालन करें. हर गांव में एक फैक्ट्री खुलने से ज्यादा रोजगार पैदा होगा.

दरअसल, केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी ने बीते 12 जनवरी, 2021 को खादी और ग्रामोद्योग आयोग की तरफ से तैयार गोबर से बना प्राकृतिक पेंट लॉन्च किया था. यह पेंट इकोफ्रेंडली है. पहला ऐसा पेंट है, जो विष-रहित होने के साथ फफूंद-रोधी, जीवाणु-रोधी क्ववालिटी वाला है. गाय के गोबर से बने और भारतीय मानक ब्यूरो से प्रमाणित, यह पेंट गंधहीन है. यह पेंट दो रूपों में उपलब्ध है – डिस्टेंपर और प्लास्टिक इम्यूलेशन पेंट के रूप में मार्केट में आया है.

एमएसएमई मिनिस्ट्री के एक अधिकारी के मुताबिक केंद्रीय मंत्री गडकरी ने पिछले साल मार्च 2020 से गोबर से पेंट बनाने के लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग को प्रेरित किया था. आखिरकार, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) की जयपुर में स्थित यूनिट कुमारप्पा नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट ने इस तरह के अनोखे पेंट को तैयार करने में सफलता हासिल की. इस पेंट में सीसा, पारा, क्रोमियम, आर्सेनिक, कैडमियम जैसे भारी धातुओं का असर नहीं है.

किसानों की बढ़ेगी कमाई

पेंट की बिक्री बढ़ने के बाद गांवों में गोबर की खरीद भी बढ़ेगी. खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, सिर्फ एक मवेशी के गोबर से किसान हर साल 30 हजार रुपये कमाएंगे. अभी तक किसान गोबर का सिर्फ खेतों में खाद के रूप में इस्तेमाल करते हैं. लेकिन, गांव-गांव पेंट की फैक्ट्रियां खुलने के बाद गोबर की खरीद का भी एक तंत्र बन जाएगा, जिससे किसानों की आमदनी में इजाफा होगा. मोदी सरकार किसानों की आमदनी दोगुनी करने की कोशिशों में जुटी है. ऐसे में गोबर के माध्यम से भी किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में गडकरी के मंत्रालय ने यह प्रयास किया है.

महाराष्ट्र में कोरोना की नई लहर? 39 दिन बाद मिले 4,000 से ज्यादा केस

महाराष्ट्र में रविवार को 39 दिनों के बाद 4 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए। राज्य में कोरोना वायरस के 4,092 नए मामलों की पुष्टि हुई है। जबकि इसके अलावा 40 लोगों की संक्रमण से मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में कुल मामलों की संख्या अब 20,64,278 पहुंच गई है। जबकि डेथ टोल 51,529 पार गया है।

पिछले चार या पांच दिनों से मामलों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को अलार्म पर कर दिया है जिसमें कहा गया है कि प्रशासन को अनुरेखण और परीक्षण की संख्या बढ़ाना होगा, जबकि लोगों को कोरोना गाइडलाइन्स का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिन क्षेत्रों में मामलों में वृद्धि देखी गई है उन्हें “रेड अलर्ट” पर रखा जाना चाहिए।

महाराष्ट्र ने रविवार को 4,092 कोविड -19 संक्रमण दर्ज किया, ऐसा पहली बार है जब 6 जनवरी के बाद 4,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। इस बीच, मुंबई ने 645 ताजा संक्रमणों के साथ 31 दिनों के बाद 600 से अधिक मामलों की सूचना दी है। शहर ने 14 जनवरी को एक दिन में 600 से अधिक मामलों को देखा था।

महाराष्ट्र में रविवार को 48,782 कोरोना सैंपलों की जांच की गई। राज्य में अबतक 1,53,21,608 सैंपलों का टेस्ट किया जा चुका है। जबकि, मुंबई में रविवार को 645 नए मरीजों की पुष्टि हुई। इसके बाद देश की आर्थिक राजधानी में संक्रमण के कुल मामले 3,14,076 पहुंच गए हैं, वहीं 11,419 संक्रमितों की मौत हो गई है।

महाराष्ट्र में 35,965 मरीज संक्रमण का इलाज करा रहे हैं। विभाग ने एक बयान में बताया कि 1,74,243 मरीज घर में पृथक-वास में हैं, जबकि 1747 अन्य पृथक-वास केंद्रों में हैं। उसने बताया कि महाराष्ट्र में संक्रमण से मुक्त होने की दर 95.7 फीसदी है जबकि कोरोना वायरस से मृत्यु दर 2.5 प्रतिशत है।

राज्य में कोविड टास्क फोर्स के सदस्य डॉ शशांक जोशी ने कहा, ”केरल और महाराष्ट्र आउटलाइनर्स हैं। कोरोना मामलों में जो बढ़ोतरी हुई है उसमें तीन चीजें हैं-पूर्ण अनलॉकिंग, ग्राम पंचायत चुनाव, और कुछ हद तक स्कूल और कॉलेज फिर से खोलना। इन तीनों चीजों की कोरोना के बढ़ते मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका है। मुंबई, एमएमआर जैसे भौगोलिक क्षेत्रों में ट्रेनों में आबादी बढ़ रही है। ये मामलों में वृद्धि के कारण हैं और इन पर तत्काल ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।”

डॉ जोशी ने कहा कि 1 फरवरी से आम जनता को ट्रेनों का उपयोग करने की अनुमति देने के बाद मुंबई की ट्रेनों में फुटफॉल 20 लाख से 30.4 लाख हो गया है, उन्होंने कहा, “हमें निश्चित रूप से सतर्क रहने की जरूरत है और शालीनता से बचना चाहिए”

मुंबई के लिए, डॉ जोशी ने कहा कि संक्रमण से प्रभावित क्षेत्रों को फिर से देखा जाना चाहिए और “रेड अलर्ट” पर रखा जाना चाहिए। हम नियमित रूप से मुंबई में 400 और 600 के बीच मामलों को रोज देखेंगे। लेकिन इसमें बहुत अधिक वृद्धि नहीं होनी चाहिए।

इस बीच, कोविद -19 पर राज्य सरकार के सलाहकार और स्वास्थ्य सेवा के पूर्व महानिदेशक डॉ सुभाष सालुंके ने कहा कि वह दैनिक मामलों में संभावित वृद्धि की “चेतावनी” दे रहे थे। उन्होंने एक गंभीर तस्वीर पेश की, जिसमें कहा गया कि मुंबई, जो कोविड -19 का हॉटस्पॉट है, अधिक ट्रैफ़िक बढ़ने के साथ अधिक “परेशानी” हो सकती है।

उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और टीकाकरण के बाद हर्ड इम्यून के निर्माण में समय लगेगा। उन्होंने कहा, “टीकाकरण धीमी गति से हो रहा है। आम जनता का टीकाकरण (50 वर्ष की आयु से ऊपर और कोमॉर्बिडिटीज़ के साथ) अगले महीने ही शुरू होगा। कम से कम उस अवधि तक, लोगों को सतर्क रहना होगा।”

महबूबा के बाद अब उमर अब्दुल्ला ने कहा- मुझे और मेरे पिता फारूक को नजरबंद किया गया

नेशनल कॉन्फ्रेंस के लीडर उमर अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि उन्हें और उनके पिता फारूक को अधिकारियों ने नजरबंद कर दिया है। इससे पहले शनिवार को पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने दावा किया था कि उन्हें नजरबंद कर दिया गया है।

उमर बोले- अगस्त 2019 के बाद ये नया कश्मीर है
उमर ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की। इसमें उन्होंने लिखा, “अगस्त 2019 के बाद ये नया कश्मीर है। हमें हमारे घरों में बिना किसी वजह से बंद कर दिया गया है। क्या इतना काफी नहीं था कि उन्होंने मुझे और मेरे पिता को हमारे घरों में बंद किया। अब उन्होंने मेरी बहन और उनके बच्चों को भी घर में बंद कर दिया है।

उन्होंने कहा कि चलिए आपका लोकतंत्र का नया मॉडल यही है कि हमें बिना कोई कारण बताए नजरबंद कर दिया जाए, लेकिन घर में काम करने वाले स्टाफ को भी नहीं आने दिया जा रहा है। अब जब मैं गुस्सा होता हूं और तल्खी दिखलाता हूं तो आप आश्चर्य जाहिर करते हैं।’

7 महीने से ज्यादा नजरबंद रहे थे उमर-फारूक
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद फारूक और उमर को 5 अगस्त 2019 को नजरबंद कर लिया गया था। उमर पर पीएसए के तहत लोगों को भड़काने का आरोप लगाया गया था। फारूक 13 मार्च और 24 मार्च को रिहा किए गए थे।

महबूबा मुफ्ती ने भी लगाया था आरोप
इससे पहले राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और PDP चीफ महबूबा मुफ्ती ने एक वीडियो जारी कर उन्हें नजरबंद किए जाने का आरोप लगाया था। महबूबा ने कहा कि फर्जी मुठभेड़ में मारे गए अतहर मुश्ताक के परिवार से मिलने की कोशिश के दौरान उन्हें हमेशा की तरह घर में नजरबंद कर दिया गया। सरकार के कुछ लोग मेरे घर आए और मुझे बाहर जाने से रोका। मैंने जब उनसे कारण पूछा तो उन्होंने चुप्पी साध ली।

14 महीने नजरबंद रह चुकी हैं महबूबा
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद महबूबा मुफ्ती को नजरबंद कर लिया गया था। उन्हें पिछले साल 27 नवंबर को रिहा किया गया है। वे 14 महीने तक नजरबंद रहीं। कश्मीर जोन पुलिस ने मामले में ट्वीट कर बताया कि महबूबा मुफ्ती को घर में नजरबंद नहीं किया गया है बल्कि सुरक्षा कारणों के चलते उनसे पुलवामा के दौरे को रद्द करने की अपील की गई थी।

त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देव का अजीब दावा, अमित शाह की नेपाल और श्रीलंका में भाजपा की सरकार बनाने की योजना

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देव एक बार फिर अपने अजीबोगरीब बयानों की वजह से चर्चा में हैं। बिप्लब देव ने अगरतला में हुए एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भाजपा ना केवल देश में बल्कि पड़ोसी देशों में भी विस्तार करने की योजना बना रही है। उन्होंने नेपाल और श्रीलंका में भाजपा की कथित महात्वाकांक्षा का खुलासा किया। 

बिप्लब देव ने कहा कि जब गृह मंत्री अमित शाह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब उन्होंने कहा था कि उनकी योजना नेपाल और श्रीलंका में अपनी सरकार बनाने की है। मुख्यमंत्री बिप्लब देव ने 2018 में अमित शाह के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि जब अमित शाह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब उन्होंने ये बात कही थी।

उन्होंने कहा कि उस दौरान पार्टी की एक बैठक में अमित शाह ने भारत में सभी राज्यों में जीत के बाद विदेशी विस्तार को लेकर भी चर्चा की थी। इसी बातचीत के आधार पर बिप्लब देव ने कहा कि हम अतिथिगृह में बैठकर बात कर रहे थे, जिसमें अजय जम्वाल ने कहा था कि भाजपा ने कई राज्यों में अपनी सरकार बना ली है, इस पर अमित शाह ने जवाब दिया था कि अब श्रीलंका और नेपाल में विस्तार करना है। 

इसके अलावा मुख्यमंत्री बिप्लब देव ने अगले वित्तीय वर्ष के बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर दक्षिण एशिया को बनाने की दिशा में एक कदम है। भारत की नीतियां और कार्य बांग्लादेश, भूटान औऱ नेपाल को आत्मनिर्भर बनाने में सक्षम हैं।

मुख्यमंत्री बिप्लब देव के बयान के बाद विपक्षी पार्टी सीपीएम और कांग्रेस ने उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। दोनों पार्टियों ने बिप्लब देव के इस बयान को सबसे अलोकतांत्रिक बताया है। इसके अलावा अमित शाह को विदेशों में अपनी सरकार बनाने की योजना के दावे के बारे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है। 

आज से पूरे देश में नेशनल हाइवे टोल्स पर भुगतान के लिए फास्टैग जरूरी, नहीं तो लगेगा दोगुना जुर्माना

नई दिल्ली: : आज से पूरे देश में नेशनल हाइवे टोल्स पर भुगतान के लिए फास्ट टैग अनिवार्य है. जिस गाड़ी पर फास्ट टैग नहीं होगा, उसपर भारी जुर्माना जुर्माना लगेगा. हालांकि टू व्हीलर वाहनों को फास्टैग से छूट दी गई है. फास्टैग साल 2011 में लागू किया गया था. साल 2017 के बाद खरीदे जाने वाले सभी वाहनों के लिए फास्टैग को जरूरी कर दिया गया था.

अगर फास्टैग नहीं लगाया तो क्या होगा?

अगर गाड़ी में फास्टैग नहीं लगा होगा तो चालक/मालिक को टोल प्लाजा पार करने के लिए दोगुना टोल टैक्स या जुर्माना देना होगा. सरकार की तैयारी है कि 15 फरवरी से 100 फीसदी टोल फास्टैग की मदद से ही कलेक्ट किया जा सके. फिलहाल नेशनल हाईवे से जितने भी टोल टैक्स आते हैं, उनमें 80 फीसद ही फास्ट टैग से आते हैं.

क्या है फास्टैग?

फास्टैग एक प्रकार का टैग या स्टिकर होता है. यह वाहन की विंडस्क्रीन पर लगा हुआ होता है. फास्टैग रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन या RFID तकनीक पर काम करता है. इस तकनीक के जरिए टोल प्लाजा पर लगे कैमरे स्टिकर के बार-कोड को स्कैन कर लेते हैं और टोल फीस अपने आप फास्टैग के वॉलेट से कट जाती है.

फास्टैग के इस्तेमाल से मिलती है सुविधा

फास्टैग के इस्तेमाल से वाहन चालक को टोल टैक्स के भुगतान के लिए रूकना नहीं पड़ता है. टोल प्लाजा पर लगने वाले समय में कमी और यात्रा को सुगम बनाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. फास्टैग पूरी तरह से लागू होने के बाद कैश पेमेंट से लोगों को छुटकारा मिल जाएगा, साथ ही ईंधन और समय की बचत भी होगी.

घर में नहीं चाहते हैं कलह तो अपनाएं ये वास्तु टिप्स

कभी-कभी हमारे साथ ऐसा होता है कि अचानक से हमे परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वास्तु के मुताबिक घर में पंचतत्वों का संतुलन अगर ठीक भी बना रहता है लेकिन फिर भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई बार हम अपने परेशानियों का कारण समझ ही नहीं पाते हैं.

इसमें एक कारण ये भी होता है कि कई बार आपकी बुरी आदतें घर में वास्तु दोष उत्पन्न कर देती हैं. जिन्हें आपको ये आदतें बदलने की जरूरत है. चलिए बताते हैं आपको कौन सी हैं वो आदतें जिन्हें आपको बदलने की जरूरत है.

ध्यान रखें कि घर में पुराने कभी भी जूते-चप्पल ना रखें. ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है. इसके अलावा कभी भी जूते-चप्पल इधर-उधर पड़े होने से घर में कलह बढ़ता है और आपकी संबंध खराब होते हैं. साथ ही शनि का भी दुष्प्रभाव का प्रभाव रहता है. शनि को पैरों का कारक माना गया है कि इसलिए पैरों से संबंध रखने वाली किसी भी वस्तु को व्यवस्थित रखना चाहिए.

वहीं इसके अलावा बार बार कहीं भी थूक देने की आदत होती है. ऐसा करने से आपके यश, सम्मान और आपकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है. आपकी इस आदत से बुध और सूर्य ग्रह खराब प्रभाव देना शुरू कर देते हैं

इसके अलावा रात में कभी भी किचन में झूठे बर्तन नहीं छोड़ने चाहिए. इससे घर में वास्तु दोष पैदा होता है. इसी तरह कई लोगों की थाली में ही हाथ धोने और जूठी थाली को वहीं छोड़कर उठ जाने की आदत होती है. ये आदत शास्त्र विरुद्ध है. कहा जाता है कि ऐसे लोगों को जीवन में संघर्ष का सामना करना पड़ता है. ऐसी आदतों से चंद्र और शनि खराब हो जाते हैं.

वहीं अगर आपके घर में मेहमान आए तो उसे पानी के लिए जरूर पूछे. यदि आप भी किसी को पानी की नहीं पूछते तो राहु ग्रह कुपित हो जाता है, जिसके परिणाम स्वरुप घर पर अचानक कोई परेशानी आ सकती है.

इसके अलावा घर में पौधों का सूखना भी अशुभ माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि पौधों का सूखना तरक्की में बाधा बनता है. पौधों को सुबह और शान को पानी देने से सूर्य, बुध और चंद्र संबंधी परेशानियां दूर रहती हैं. साथ ही जीवन भी तनाव मुक्त होता है.

Somwar Ke Upay: सोमवार को करें ये छोटे से उपाय, बन जाएंगे बिगड़े काम, पैसों की भी नहीं रहेगी कमी



Somwar Ke Upay: 

आज साल 2021 के फरवरी महीने का तीसरा सोमवार  है और मान्यता के मुताबिक सोमवार  का संबंध देवों के देव महादेव से है। इस दिन सच्चे मन और विधि-विधान के साथ भोले नाथ और माता पार्वती की पूजा आराधना करने से लोगों की मन मांगी हर मुराद पूरी होती है। लिहाजा इस दिन को भेले भंडारी  के भक्त खास मानते हैं और उनकी अराधना करते हैं। 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोमवार का दिन चंद्र ग्रह का दिन है। इस दिन चंद्र ग्रह की शांति के लिए उपाय किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता के मुताबिक सोमवार का दिन भगवान शिव को बुहत ही प्रिय है इसलिए सोमवार को शिवजी के लिए व्रत रखा जाता है। ऐसे तो शिव शंकर को प्रसन्‍न्‍न करने के लिए केवल सच्‍ची श्रद्धा से अर्पित क‍िये हुए दो फूल ही काफी होते हैं। 

लेकिन ज्‍योत‍िषशास्‍त्र में श‍िवजी से मनचाहा वरदान पाने के लिए कुछ उपाय बताए गये हैं। मान्‍यता है कि अगर इन्‍हें सोमवार के दिन क‍िया जाए तो भोले भंडारी बड़ी जल्‍दी प्रसन्‍न हो जाते हैं और मनमांगी मुराद देते हैं। साथ ही लाइफ की बाकी टेंशन भी कम होने लगती हैं।

सोमवार के उपाय

(

Somwar Ke Upay)

– मान्यता के मुताबिक सोमवार के दिन व्रत और पूजा करने से श‍िव जी अपने भक्‍तों पर बहुत जल्‍द खुश होते हैं। वे भक्‍तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। व्रत और पूजा करने वालों के जीवन से दुख, रोग, क्‍लेश व आर्थि‍क तंगी दूर होती है। 

– कुवांरी कन्‍याओं द्वारा इस द‍िन व्रत व शि‍व पूजन कि‍ए जाने से उनका व‍िवाह हो जाता है। इतना ही नहीं उन्‍हें भोलेनाथ जैसा मनचाहा वर म‍िलता है।

– सोमवार के द‍िन सुबह स्‍नान आद‍ि करने के बाद मंद‍िर जाएं या घर पर ही विधिविधान से श‍िव जी की पूजा करें।

– सबसे पहले भगवान शिव के साथ माता पार्वती और नंदी को गंगाजल और दूध से स्‍नान कराएं। 

– इसके बाद उन पर चंदन, चावल, भांग, सुपाड़ी, बिल्वपत्र और धतूरा चढ़ाएं। 

– भोग लगाने के बाद आख‍िरी में श‍िव जी  की व‍िध‍िव‍िधान से आरती करें।

सोमवार 

को जरूर करें ये काम  

(Somwar Ke Totke)

– मंदिर में जाकर शिव जी

को दूध और मिश्री चढ़ाएं। अगर मंदिर न जा सके तो शिव जी को घर में ये चीजें अर्पित करें

– शिव जी

को बिल्पपत्र सर्वाधिक प्रिय है। इसलिए अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए सोमवार को शिव शंकर को 11 बिल्व पत्र चढ़ाएं

– इसके अलावा गंगाजल से उनका हर सोमवार अभिषेक करें। मान्यता है कि इससे भगवान शंकर शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं

ॐ नम शिवाय

मंत्र के साथ इन्हें मौसम का कोई मीठा फल अर्पित करें

– मान्यता के मुताबिक शिव जी को इमरती चढ़ाकर भी प्रसन्न किया जा सकता है।