लव जिहाद’: MP में 23 दिन में दर्ज हो गए 23 नए मामले, हिंदू होने का नाटक कर लड़कियों को फंसाने के कई केस

मध्य प्रदेश में धर्म-परिवर्तन रोधी अध्यादेश के आने के बाद से पिछले 23 दिनों में अब तक 23 मामले दर्ज हो चुके हैं। यानी हर दिन एक केस का औसत। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जनवरी माह में प्रदेश में लागू किये गए नए धर्मांतरण निरोधक अध्यादेश के तहत अब तक 23 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। मिश्रा ने गुरुवार को यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘ये मामले मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 के तहत दर्ज किए गए।’’

बता दें कि ये अध्यादेश 9 जनवरी को लागू हुए थे। नरोत्तम मिश्रा ने इसके तहत दर्ज हुए केसों का ब्योरा देते हुए बताया कि भोपाल संभाग में सबसे अधिक सात मामले, इसके बाद इंदौर में पांच, जबलपुर और रीवा में चार-चार और ग्वालियर संभाग में तीन मामले दर्ज किये गये हैं। मालूम हो cकि जनवरी माह में मध्य प्रदेश सरकार ने धर्मांतरण रोकने के लिये धार्मिक स्वंत्रताता अध्यादेश 2020 लागू करने की घोषणा की थी। इसके तहत धमकी, जबरदस्ती, झूठ बोलकर तथा धोखाधड़ी कर विवाह के लिये धर्मांतरण कराने पर सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। कुछ मामले में इस कानून के तहत 10 साल की जेल की सजा का भी प्रावधान किया गया है।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ने कहा, “हम कहना चाहते हैं कि यह गंभीर मुद्दा है और इस तरह की ताकतें देश में सक्रिय हैं। मध्य प्रदेश में सरकार इसे रोकने की कोशिश में जुटी है।” बताया गया है कि लव जिहाद को रोकने के लिए बनाए गए इस अध्यादेश के तहत 17 जनवरी को बड़वानी जिले के पलसुड़ में पहला मामला दर्ज हुआ था। वहां सोहेल मंसीरी नाम के शादीशुदा व्यक्ति को दूसरे समुदाय की लड़की के साथ चार साल तक नाम छिपाकर यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

इसके तीन दिन बाद ही भोपाल में कथित लव जिहाद का पहला केस आया और फिर अगले 11 दिनों में छह और केस दर्ज हुए। खरगौन जिले के मंडलेश्वर में एक 21 साल की लड़की ने आरोप लगाया था कि साहिल कुरैशी नाम के लड़के ने खुद को हिंदू दिखाया और जब उसकी असली पहचान सामने आई, तो वह लड़की पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने लगा। हालांकि, साहिल को गिरफ्तारी के बाद जमानत भी मिल गई।

बताया गया है कि इस अध्यादेश के तहत ज्यादातर शिकायतें ऐसी महिलाओं ने दर्ज कराई हैं, जिनका कहना है कि उनके साथ संबंधों में धोखा हुआ। हालांकि, इनमें से जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाने वाली महिलाओं की संख्या कम है। ऐसा ही एक मामला 27 जनवरी को इंदौर से सामने आया था, जब महिला ने आरोप लगाया था कि उस पर पुलिस स्टेशन के पीछे एक प्रार्थना कार्यक्रम में जबरदस्ती ईसाई धर्म अपनाने का दबाव डाला गया। इस मामले में महिला के माता-पिता के साथ 9 अन्य लोग गिरफ्तार हुए थे।

पाकिस्तान का बुरा हाल, डेढ़ साल से कर रहा भारत की समझौता एक्सप्रेस व मालगाड़ी का इस्‍तेमाल

अमृतसर, । पाकिस्‍तान की बदहाली के बारे में तो पूरी दुनिया में चर्चाएं रही हैं, लेकिन उसकी हालत अब बदतर हो गई है। पाकिस्तान की कंगाली की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके पास ट्रेनों में लगाने के लिए बाेगियां तक नहीं है। यही कारण है कि भारत की ट्रेन समझौता एक्सप्रेस और मालगाड़ी के 21 कोच पिछले डेढ़ साल से पाकिस्तन रेलवे उपयोग कर रहा है। भारतीय रेल मंत्रालय की ओर से रिमाइंडर दिए जाने के बावजूद वह इन कोचों की लौटा नहीं रहा है।

8 अगस्त, 2019 को समझौता एक्सप्रेस हो गई थी बंद

बता दें कि भारत और पाक के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस 7 अगस्त, 2019 को आखिरी बार पाकिस्तान गई थी। 8 अगस्त, 2019 को समझौता एक्सप्रेस को पाकिस्तान ने बंद कर दिया था। इस कारण इस ट्रेन के 11 कोच पाकिस्तान में फंस गए। इसके साथ ही भारत कि‍ एक मालगाड़ी के 10 डिब्बे भी पाकिस्‍तान में फंस गए थे।

डेढ़ साल से भारत की समझौता एक्सप्रेस व मालगाड़ी के 21 कोचों का इस्तेमाल रहा है प‍ाकिस्‍तान

मालगाड़ी10 बोगियां में सामान लेकर पाकिस्तान गई थी। वह भी पाकिस्तान ने वापस नहीं भेजी हैं।पाकिस्तान से अपने कोच वापस लाने के लिए अटारी रेलवे स्टेशन के अधिकारियों की ओर से फिरोजपुर रेल डिवीजन को सूचित किया जा चुका हैं। डिवीजन स्तर पर रेलवे विभाग और मंलाालय को भी इस संबंधी लिखकर भेजा जा चुका हैं।

ट्रेन वापस करने के लिए दो बार पाकिस्तान को भेजे जा चुके हैं रिमाइंडर

भारतीय रेलवे की ओर से इन कोच को वापस लाने के लिए डेढ साल में दो बार पाकिस्‍तान रेलवे को रिमाइंडर भी दिए गए है, लेकिन उसके बाद भी इन कोचां की वापसी नहीं हो सकी। अटारी स्टेशन के सुपरिटेंडेंट अरविंद गुप्ता ने बताया कि ट्रेन रद होने के बाद से ही कोच पाकिस्तान में पड़े हुए हैं और वहीं पर प्रयोग हो रहे हैं।  उनकी तरफ विभाग को लिखकर भेजा जा चुका हैं।

इस कारण बंद हुई ट्रेन

भारत सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने और राज्य के पुनर्गठन के बाद पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस बंद करने का निर्णय लिया था। 8 अगस्त 2019 को पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद अहमद ने समझौता एक्सप्रेस को हमेशा के लिए बंद करने का फैसला लिया था। तब कश्मीर मसले पर पाकिस्तान ने भारत के साथ तमाम राजनयिक और व्यापारिक संबंध खत्‍म कर दिए थे।

 सप्ताह में दो दिन चलती थी समझौता एक्‍सप्रेस ट्रेन

समझौता एक्सप्रेस भारत और पाकिस्तान के बीच सप्‍ताह में दो दिन विभाजन से पहले से अटारी से लाहौर तक बिछी पटरी पर दौड़ती थी। शिमला समझौते के बाद 22 जुलाई 1976 को लाहौर से अमृतसर के बीच इसे शुरू किया गया। 1994 से इसे अटारी और लाहौर के बीच चलाया जाने लगा।

यह ट्रेन भारत और पाकिस्तान के बीच पैदा होने वाले तनाव की भेंट चढ़ती रही है। जब भी दोनों देशों के बीच तनातनी होती है, यह सेवा रोक दी जाती है। पुलवामा में हुए हमले के बाद भी इस ट्रेन सेवा को बंद कर दिया गया था। फरवरी, 2019 में पुलवामा हमले में 40 सीआरपीएफ जवानों की मौत के बाद भी यह ट्रेन सेवा कुछ समय के लिए बंद थी।

पाकिस्तान ने ही सेवा बंद की थी

उसके बाद परिचालन शुरू हुआ तो अगस्त, 2019 में ही इसे फिर बंद कर दिया गया। पहले तो कुछ समय तक इसके डिब्बे वाघा स्टेशन पर खड़े रहे। भारत ने इन्हें लौटाने की मांग की लेकिन उसने इस मांग पर गौर करने के विपरीत अपनी बदनीयती दिखा दी और इनका इस्तेमाल भी करने लग गया।

अटारी के स्टेशन सुपरिटेंडेंट अरविंद गुप्ता कहते हैं कि समझौता एक्सप्रेस बंद होने के बाद से ही उसके डिब्बे पाकिस्तान में हैं और वहीं पर इस्तेमाल हो रहे हैं। हम विभाग को इसकी लिखित सूचना पहले ही दे चुके हैं। गौरतलब है कि जनवरी, 2020 में भी भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार को इस बारे में पत्र लिखा था। एक माह पहले पहले फिर रेलवे अधिकारियों ने मंत्रालय को इस बाबत रिमांइड करवाया है।

बहरहाल, भारतीय डिब्बों में पाकिस्तान की ‘कंगाली’ का सफर जारी है। भारतीय रेलवे रविवार को दिल्ली से अटारी और अटारी से दिल्ली के बीच इस ट्रेन का परिचालन करता था, जबकि पाकिस्तान में यह ट्रेन लाहौर से अटारी के बीच चलाई जाती थी। यात्री अटारी स्टेशन पर ट्रेन बदलते थे। छह माह यानी जनवरी से जून तक पाकिस्तान की ट्रेन चलती थी और जुलाई से दिसंबर के छह माह पाकिस्तान की। जब भी दोनों देशों के बीच तनातनी होती है, यह सेवा रोक दी जाती है।

जानिए कौन है रीना राय, लालकिला उपद्रव के आरोपी दीप सिद्धू के साथ जुड़ा है नाम

नई दिल्ली, । लाल किला उपद्रव के मुख्य आरोपी दीप सिद्धू की गर्लफ्रेंड के रूप में रीना राय का नाम बीते कई दिनों से चर्चा में बना हुआ है। पुलिस ने जब दीप सिद्धू को गिरफ्तार किया उसके बाद से रीना राय के बारे में जानने की उत्सुकता बनी हुई है। रीना राय ही दीप की वो गर्लफ्रेंड है जो विदेश में बैठकर सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी मदद कर रही थीं, वो रीना ही हैं जिसने दीप सिद्धू के कुछ वीडियोज को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और वो वायरल हो गए। इन वीडियोज में से एक में दीप सिद्धू ने कहा था कि अगर उसने मुंह खोल दिया तो कई लोगों के राज भी सामने आ जाएंगे। 

इन वीडियोज के सोशल मीडिया पर आने के बाद से पुलिस के सामने ये चुनौती भी आ गई थी कि दीप सिद्धू वीडियो पोस्ट कर रहा है और पुलिस की टीमें उसे पकड़ नहीं पा रही है। जब वीडियो पोस्ट करने की जगह की पहचान की गई तो वो कनाडा मिली। बाद में जब वो पकड़ा गया, तब पुलिस की पूछताछ में ये बात सामने आई कि उसकी गर्लफ्रेंड रीना ने ये वीडियो पोस्ट किए हैं। इसके बाद पुलिस ने रीना राय के बारे में जानकारी जुटाना शुरू किया। 

दरअसल, दीप सिद्धू और रीना राय पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के दो फेमस चेहरे हैं। रीना राय सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और वो अक्सर अपनी हॉट फोटोज को पोस्ट किए जाने की वजह से चर्चा में बनी रहती हैं। बीते दो साल से दीप और रीना पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के पॉप्युलर कपल्स माने जाते हैं। 
मगर कोरोना के बाद से दोनों के पास फिलहाल कोई काम नहीं है। दीप सिद्धू पहले ही ये बता चुका है कि कोरोना के बाद से उसके पास काम नहीं था जिसके कारण वो किसानों के आंदोलन के समर्थन में आ गया, यहां आने के  बाद उसे सपोर्ट मिला और लाल किले तक पहुंच गया। एक बात ये भी कही जाती है कि दोनों ने अपने रिश्तों को लेकर कभी भी खुलकर कोई बात नहीं की है मगर उनके पुराने वीडियोज देखने से पता चल जाता है कि दोनों के बीच कितने अच्छे संबंध हैं।

जानिए कौन है रीना राय? 

रीना राय फिल्मों में नहीं आना चाहती थीं मगर जब साल 2014 में उनका सेलेक्शन मिस साउथ एशिया यूएसए के लिए हुआ तो उनके अंदर आत्मविश्वास काफी बढ़ गया, उसके बाद उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। वैसे रीना के पास फिजिशियन की डिग्री है। मगर उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया। इसके बाद रीना ने कई पंजाबी म्यूजिक वीडियो में काम किया। रीना की पहली पंजाबी फिल्म साल 2018 में रिलीज हुई उसका नाम था रंग पंजाब।

इस फिल्म में रीना के साथ दीप सिद्धू लीड रोल में थे। रीना ने फिल्म के रिलीज से पहले कहा था कि वो अपने को काफी खुशकिस्मत पा रही है कि उन्होंने दीप की फिल्म के साथ अपने करियर की शुरुआत की। रीना ने एक इंटरव्यू में दीप की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने शूटिंग के दौरान काफी कुछ सीखा है।

सोशल मीडिया पर रहती हैं एक्टिव 

रीना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। उनकी इंस्टाग्राम पर अच्छी फैन फॉलोइंग है। रीना जब भी सोशल मीडिया पर अपनी हॉट फोटोज डालती हैं तो बवाल मच जाता है। फोटो देखने वालों के कमेंट की लाइन लग जाती है। चंद मिनटों में ही हजारों कमेंट हो जाते हैं। कपड़ों की शौकीन रीना इंडियन और वेस्टर्न ड्रेसेज पहनना पसंद करती हैं। वह इंडियन सॉडीज के लुक में भी काफी खूबसूरत दिखती हैं।  

दो सांसदों सिंधिया एवं शेजवलकर की श्रेय लेने की होड़ से भाजपा कार्यकर्ता अवाक

ग्वालियर । ग्वालियर में भाजपा के दो सांसद है । एक निर्वाचित विवेक नारायण शेजवलकर और दूसरे राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया । अब इन दोनों में ग्वालियर पर आधिपत्य को लेकर घमासान सड़को पर आ गया है । इस घमासान के चलते भोपाल में भाजपा के एक बड़े नेता ने कहा था कि सिंधिया के लोगो को ही सब दे देंगे तो भाजपा कार्यकर्ता कहां जाएंगे । हालांकि ग्वालियर पहुंचे सिंधिया ने साफ कहा था कि यहां न कोई मेरा है और न तेरा यहां सिर्फ भाजपा का है।

भाजपा और सिंधिया के बीच शुरू से ही पटरी नही बैठ पा रही । इसकी शुरुआत हुई । जनसंघ के जमाने से भाजपा का ड्रीम प्रोजेक्ट रहे रोप वे का मामला । भाजपा ने लम्बी लड़ाई के बाद केंद्र और राज्य सरकार से इसको मंजूरी दिलाई । भाजपा शुरू से आरोप लगाती रही कि सिंधिया परिवार इसकी एनओसी नही होने देता क्योंकि वह नही चाहता कि इसका बेस सेंटर सिंधिया स्कूल पर बने । लेकिन केंद्र और राज्य दोनो में भाजपा की सरकार होने और ग्वालियर के सांसद नरेंद्र तोमर के वहां प्रभावशाली होने के चलते आखिरकार एनओसी मिल गई । गाजे बाजे के साथ इसका काम भी शुरू हो गया । करोड़ो रूपये खर्च भी हो गया लेकिन प्रदेश में बदले सियासी परिवर्तन ने भाजपा के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को हवा में उड़ा दिया । इस प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी निरस्त करके इसे स्थाई रूप से बन्द कर दिया गया । इसको लेकर भाजपा वाले सार्वजनिक रूप से भले ही कुछ नही बोले ।मन मसोसकर रह गए लेकिन आंतरिक कलह शुरू हो गया । 

इसके बाद भाजपा में सांसद द्वय के बीच तू डाल – डाल में पात – चल रहा है । अभी तक संगठन में हुई नियुक्तियों में सिंधिया समर्थक जगह नही पा सके । जबकि कांग्रेस में नब्बे फीसदी नियुक्तियाँ सिन्धिया समर्थको की होतीं थी । स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए जो संचालन समिति बनी उसमे भी उन्हें अपेक्षाकृत स्थान नही मिला ।

सांसद श्री शेजवलकर द्वारा लिखा पत्र

अब यह संघर्ष मीडिया पर भी आ गया है । भाजपा सूत्रों का कहना है कि सिंधिया पार्टी की रीति नीति के अनुसार अपने कार्यक्रम नही बना रहे । वे बगैर पार्टी की इजाज़त कार्यक्रम बना देते है इससे रिपीटेशन होता है और गुटवाजी जैसी दिखाई देती है । मसलन सांसद शेजवलकर मोहना इलाके में रानी घाटी में बन रही गौ शाला देखने भाजपा नेताओं के साथ गए तो कुछ दिनों बाद सिंधिया भी अपने समर्थकों के साथ वहां चले गए । इसी तरह विगत माह सिंधिया ने अस्पताल निरीक्षण के कार्यक्रम तय कर लिए । इसमें भाजपा के सांसद,विधायक ,जिला अध्यक्ष या मंडल अध्यक्ष कोई नही पहुँचे ।

राज्यसभा सदस्य श्री सिंधिया द्वारा लिखा गया पत्र

अब ताज़ा मामला एयरपोर्ट का है । कल राज्यसभा सांसद श्री सिंधिया ने दस फरवरी को  नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी को लिखी एक चिट्ठी मीडिया को जारी की जिसमे ग्वालियर में बढ़ती हवाई सेवाओ के मद्देनजर एक और एयर टर्मिनल बढ़ाने के लिए आलू अनुसंधान केंद्र की जमीन लाने का आग्रह किया गया है ।

इसके बाद शेजवलकर समर्थको ने आठ जनवरी को हरदीप पुरी को लिखी चिट्ठी वायरल कर दी जिसमे उन्होंने ग्वालियर में रेलवे सुविधाएं बढ़ाने के लिए कृतज्ञता ज्ञापित की गई थी जबकि एक नए टर्मिनल बनाने और कतिपय अन्य सुविधाएं बढ़ाने का आग्रह किया गया था । इस मुलाकात की जो खबरे समाचार पत्र में प्रकाशित हुईं थी उनकी कतरने भी वायरल की जा रहीं है ।

इससे साफ जाहिर हो रहा है कि भाजपा में फिलहाल सिंधिया को लेकर सब कुछ ठीक नही चल रहा है । लेकिन सिंधिया भी इस मामले में किसी तरह से अपनी गति कम करने के मूड में नज़र नही आ रहे । अब उन्होंने ग्वालियर के विकास के विजन पर चर्चा के लिए चेम्बर ऑफ कॉमर्स में एक संगोष्ठी का आयोजन करने की रूपरेखा बनाई है । खास बात ये है कि अब तक ऐसे आयोजन भाजपा करती थी और उसमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर और स्थानीय सांसद शेजवलकर भी मौजूद रहते थे लेकिन फिलहाल नए कार्यक्रम में इन्हें बुलाया जाएगा या नहीं? ये तय नही है ।

टिकट कंफर्म नहीं तो अब मिनटों में पैसा होगा वापस, IRCTC का पेमेंट गेटवे शुरू 


नई दिल्ली (New Delhi) . आईआरसीटीसी ने यात्रियों (Passengers) की सुविधा को देखते हुए अपनी वेबसाइट को अपग्रेड करने के साथ ही अपना पमेंट गेटवे भी शुरू कर दिया है. इससे थर्ड पार्टी के पेमेंट गेटवे से निर्भरता खत्म हो जाएगी. वहीं टिकट बुक करने के लिए किसी बैंक (Bank) के पेमेंट गेटवे पर भुगतान में लगने वाले समय की बचत होगी. इसके अलावा अगर कोई यात्री अपना टिकट रद्द करता है तो उसका रिफंड भी तुंरत खाते में आ जाएगा.


आईआरसीटीसी iPay के तहत आईआरसीटीसी वेबसाइट और मोबाइल एप का उपयोग करने वालों को तत्काल पैसे रिफंड करने का एक फीचर शुरू किया गया है. इस सुविधा में एक यूजर को अपने यूपीआई बैंक (Bank) खाते या भुगतान के अन्य साधनों से डेबिट के लिए सिर्फ एक बार ही मेनडेट देना होगा. फिर वह पेमेंट इंस्ट्रूमेंट आगे के ट्रांजेक्शन के लिए अधिकृत हो जाएगा. आईआरसीटीसी की इस ऑटोपे सुविधा होने से टिकट बुकिंग प्रकिया तेज हो जाएगी. अगर किसी परिस्थिति में टिकट कैंसिल भी होता है तो यात्री के खाते में तुरंत ही रिफंड भी आ जाएगा. इसके बाद यात्रियों (Passengers) को रिफंड के लिए तीन से चार दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

आईआरसीटीसी का कहना है कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत उसने अपने यूजर इंटरफेस को अपग्रेड किया है. तभी यह इंटरनेट टिकटिंग वेबसाइट एशिया पैसिफिक की सबसे बड़ी ई.कॉमर्स वेबसाइटों में से एक हो गई है. चूंकि, इस पर भारतीय रेलवे (Railway)के कुल रिजर्व टिकटों का 83 फीसदी बुक होता है, इसलिए इसमें और भी सुधार हो रहा है. अब एक कदम आगे बढ़ते हुए आईआरसीटसी आईपे की शुरुआत की गई है.

हफ्ते में एक केवल एक दिन यह कार्य करेंगे तो, आप धनवान बन जाएंगे

कुछ लोग होते हैं जो जीवन में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं लेकिन फिर भी वह सफल नहीं हो पाते उनको हमेशा धन की कमी परेशान करती रहती है, दोस्तों यदि आप लाख मेहनत करने के बाद भी सफल नहीं हो पा रहे तो आज हम आपको एक ऐसा उपाय बताने जा रहे हैं यदि आप इस उपाय को 7 दिन में केवल 1 दिन करते हैं वह भी यदि आप पूरी श्रद्धा से करते हैं तो निश्चित रुप से आपके पास पैसा आने लगेगा और आप धनवान बन जाएंगे आइए जानते हैं.


और आपकी सभी प्रकार की परेशानियां खत्म हो जाएंगी और जीवन में कभी भी पैसे की कमी नहीं होगी आइए ये उपाय जानते हैं.

उपाय : धन प्राप्ति के लिए आप रविवार के दिन दूध का ये उपाय करें इस उपाय को करने के लिए शुक्ल पक्ष का महीना चुने और रविवार की रात को सोते समय एक गिलास में दूध भर लें और अपने सिरहाने रख दे.

सुबह-सुबह नहा धोकर इस दूध को अपने सिरहाने से उठाएं और इसको बबूल के पेड़ में जाकर डाल दें, और डालते वक्त आप अपनी सभी परेशानियां इस दूध से बोले यह उपाय आप हर रविवार के दिन कर सकते हैं निश्चित रूप से आपको जल्द ही सफलता मिलेगी और आपके पास धन कमाने के रास्ते खुल जाएंगे.

12 फरवरी से शुरू होगी गुप्त नवरात्रि, जानें 21 फरवरी तक किन बातों का रखें खास ध्यान

माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक गुप्त नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 12 से 21 फरवरी तक मनाया जाएगा।

उज्जैन. ये नवरात्रि तंत्र-मंत्र के लिए बहुत विशेष मानी जाती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्‌ट के अनुसार, इस नवरात्रि में भी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। आगे जानिए गुप्त नवरात्रि के दौरान क्या करें और क्या नहीं…

1. नवरात्रि में बहुत से भक्त व्रत रखते हैं, लेकिन आप व्रत रखने में असमर्थ हैं तो नौ दिनों तक अपने खान-पान पर विशेष नियंत्रण रखें। सात्विक आहार ही ग्रहण करें। तामसिक चीजों (मांस-मदिरा) का त्याग करें।
2. वैसे तो नारी का सदैव सम्मान करना चाहिए, लेकिन भूलकर भी नवरात्रि के दिनों में किसी भी महिला का अपमान न करें। भले ही वो महिला घर की हो या बाहर की।
3. नवरात्रि में घर की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। नवरात्रि के एक दिन पहले ही किचन और मंदिर की अच्छे से सफाई कर लें।
4. नवरात्रि के दौरान काले रंग के परिधान नहीं पहनें और ना ही चमड़े का बेल्ट पहनें। इन नौ दिनों तक बाल, दाढ़ी और नाखून भी नहीं कटवाने चाहिए।
5. गुप्त नवरात्रि तंत्र-मंत्र के लिए जानी जाती है। तंत्र मंत्र अकसर गलत मकसद के लिए किया जाता है। ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखना चाहिए।
6. अगर आपने नवरात्रि में कलश की स्थापना की है तो दोनों समय देवी को भोग लगाएं व पूजा करें। ब्रह्मचर्य का पालन करें।
7. संभव हो तो 9 दिनों तक रोज थोड़ा समय निकालकर धर्म ग्रंथों का पाठ करें। आप स्वयं न कर पाएं तो किसी योग्य विद्वान को भी पाठ करने के लिए घर पर बुला सकते हैं।

Mandsaur News: महिला किसान ने खेत पर आने-जाने के लिए हेलीकाप्टर खरीदने के लिए कर्ज की राष्ट्रपति से लगाई गुहार 

मंदसौर। अपने खेत पर आने-जाने का रास्ता बंद होने के बाद से पटवारी से लेकर भोपाल में बैठे आला अधिकारियों तक शिकायत कर चुकी किसान अब सिस्टम से हार गई है। उसने अब राष्ट्रपति से गुहार लगाई है कि खेत पर आने-जाने के लिए हेलीकाप्टर खरीदने के लिए किसी बैंक से ऋण दिलाया जाए। साथ ही लाइसेंस भी दिलाया जाए।


यह दिलचस्प मांग शामगढ़ तहसील के ग्राम आगर की बसंतीबाई पत्नी रामकरण लौहार ने की है। उनका कहना है कि शामगढ़ तहसील के ग्राम बोरखेड़ी रेड़का में सर्वे नं. 594/1 रकबा 0.41 हेक्टेयर भूमि के आने जाने के रास्ते को परमानंद पुत्र बालारामजी पाटीदार एवं लव-कुश पुत्र परमानंद पाटीदार निवासी ग्राम आगर ने बंद कर दिया है। खेती पर आने-जाने के रास्ते को अवरूद्ध करने से हमे अपने खेत पर जाकर कृषि कार्य में बाधाएं हो रही है। रास्ता बंद होने से कृषि कार्य में उपयोग आने वाले सभी कृषि यंत्र एवं मवेशियों को कृषि भूमि पर ले जाना दुश्वार हो रहा है। रास्ता खुलवाने के लिए पटवारी से लेकर आरआई, तहसीलदार, एसडीएम, एडीएम, कलेक्टार तक को आवेदन दे चुके हैं। इसके बाद भी कोई हल नहीं निकला तो वह भोपाल में भी अधिकारियों से भी गुहार लगा चुके हैं। बाद में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी आवेदन दिया गया पर कोई हल नहीं निकला है।

बसंतीबाई ने बताया कि अब हमने सभी तरफ से निराश होकर राष्ट्रपति से निवेदन किया है कि मुझे व स्वजनों को हमारे खेत पर आने-जाने व कृषि संसाधनों को लाने ले जाने हेतु हेलिकॉप्टर के लिए लाइसेंस के साथ किसी भी बैंक से ऋण मुहैया कराया जाए। क्योंकि अब खेत पर आने-जाने हेतु हेलिकॉप्टर के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।