मनुस्मृति का श्लोक पढ़कर जज ने बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को सुनाई सजा

उज्जैन। बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. जिला कोर्ट की जज आरती शुक्ला पांडेय ने फैसले से पहले मनुस्मृति का श्लोक पढ़ा. श्लोक पढ़ जज ने कहा कि जो भी अपराध करे, वह दंडनीय है, चाहे वह पिता ही क्यों न हो’. उसके बाद पिता को आजीवन कारावास के साथ 2500 रुपये अर्थदंड के साथ सजा सुनाई. इसकी जानकरी सरकारी वकील ADPO मुकेश सोनारे ने दी.

6 अप्रैल 2019 को मां बेटी ने थाना चिमंगज पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई थी. मां ने शिकयात करते हुए कहा कि उसकी 11 वर्षिये बेटी के साथ उसी के पिता कमल जो पेशे से ड्राइवर है और कभी कभी घर आते है. उसके दुष्कर्म किया गया. पांचवी कक्षा में पड़ने वाली बच्ची को उसके पिता ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी. जिसके डर से बच्ची ने साल भर तक किसी कों कुछ नहीं बताया. पूरे मामले की घटना को स्टडी कर महिला जज आरती शुक्ल पांडेय ने सजा सुनाने से पहले मनुस्मृति श्लोक पढ़ा. पिताचार्य: सुह्न्माताभार्यापुत्र: पुरोहित:, नादण्डयोनामरोज्ञास्ति य: स्वधर्मे न तिष्ठति. इसका उन्हीने हिंदी अर्थ बताते हुए कहा कि जो भी जो भी अपराध करे, वह दंडनीय है, चाहे वह पिता ही क्यों न हो’ चाहे वह पिता, माता, गुरु, पत्नी, मित्र या पुरोहित ही क्यों न हो.

निम्न धाराओं में किया गया प्रकरण दर्ज
376 (2) (एफ) (एन), 376 (एबी), 5/6 पोस्को एक्ट के तहत आजीवन कारावास और 2500 रुपये अर्थदंड लगाया हैं. एडीपीओ मुकेश सोनारे ने जानकारी देते हुए बताया कि विशेष न्यायाधीश डॉ. आरती शुक्ला पांडेय ने आरोपी कमल को भारतीय दंड सहिंता की धारा 376 एबी में शेष प्राकृतिक जीवनकाल के कारावास से दंडित किया है और 2500 रुपये अर्थदंड लागया है. पूरे मामले में सूरज बचुरिया अतिरिक्त डीपीओ द्वारा की गई.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर चीन ने दिया यह समाधान…

बीजिंग: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने की भारत की कोशिशों में अड़ंगा डालते आ रहे चीन (China) ने बुधवार को फिर से अपना पुराना राग अलापा और वैश्विक संस्था की शक्तिशाली परिषद को विस्तारित करने के लिए सर्व-स्वीकार्य ‘पैकेज समाधान’ (Package Solution) तलाशने की अपील की. संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष संस्था (सुरक्षा परिषद) से जुड़े मुद्दों पर भारत और चीन के व्यापक चर्चा करने के एक दिन बाद एक सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबीन ने यह टिप्पणी की. गौरतलब है कि चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का एक स्थायी सदस्य देश है, जबकि एक जनवरी से दो साल के कार्यकाल के लिए भारत इसका अस्थायी सदस्य है.

अगस्त में भारत परिषद की अध्यक्षता संभालने वाला है. बैठक के नतीजों के बारे में और यूएनएससी की स्थायीय सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी पर कोई चर्चा होने के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मंगलवार की डिजिटल बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने सुरक्षा परिषद से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया. उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने बहुपक्षवाद, शांति समर्थक अभियान और आतंकवाद की रोकथाम पर विचारों का आदान-प्रदान किया.

उन्होंने कहा, ‘‘यूएनएससी की स्थायी सदस्यता के लिए जहां तक भारत की उम्मीदवारी की बात है, मैं इस मुद्दे पर चीन के रुख को दोहरा सकता हूं. चीन यूएनएससी में इस तरीके से विस्तार चाहता है कि परिषद के प्राधिकार एवं दक्षता में वृद्धि हो, विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व बढ़े और आवाज उठाने के लिए यह महत्वपूर्ण मंच मिले, ताकि छोटे और मध्यम आकार के देशों को भी परिषद के नीति निर्माण के फैसले में भागीदारी के लिए कहीं अधिक अवसर मिले.”

उन्होंने कहा, ‘‘इसे व्यापक संभावित लोकतांत्रिक परामर्श के जरिए किया जाना चाहिए और एक ‘पैकेज समाधान’ तलाशना चाहिए, जो सभी पक्षों के हितों एवं चिंताओं पर गौर कर सके.” सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों में चीन के अलावा, अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस हैं. इन पांचों देशों के पास यूएनएससी में ‘वीटो’ शक्ति है. चीन को छोड़ कर यूएनएससी के शेष चार सदस्य देश भारत की उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे हैं. चीन का मित्र देश पाकिस्तान यूएनएससी में भारत के स्थायी सदस्य बनने का विरोध करता रहा है.

फिर बदलेगा मौसम, मध्य प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में बारिश का अलर्ट; दिल्ली-यूपी में कोहरा

नई दिल्ली, : आज 11 फरवरी हो गई है, लेकिन मौसम लगातार बदल रहा है। लोगों को जहां सुबह सिर्फ सुबह-शाम की ठंड का एहसास हो रहा है वहीं उत्तरी हिमालयी क्षेत्रों में एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के चलते जम्‍मू कश्‍मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश और उत्‍तराखंड के कई इलाकों में बर्फबारी और बारिश होने के आसार बने हुए हैं।अनुमान जताया गया है कि 15 फरवरी के बाद मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र, तेंलगाना और तमिलनाडु में बेमौसम बारिश हो सकती है। इन सभी राज्यों में 16 से 20 फरवरी के बीच गरज के साथ  बारिश होने की की आशंका जताई जा रही है।

दिल्ली, यूपी हरियाणा सहित इन राज्यो में दर्ज घना कोहरा

वहीं देश के कई इलाकों में सुबह-शाम कोहरा दर्ज किया जा रहा है और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी जारी है। दिल्ली, पंजाब, यूपी, राजस्थान हरियाणा के कई इलाकों में आज भी घना कोहरा दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में यह जानकारी दी है। 

उत्तराखंड में अगले कुछ दिन मौसम रहेगा साफ

उत्तराखंड में भी मौसम लगातार बदल रहा है। यहां पर स्थित कुमाऊं में मौसम ने करवट बदली और दोपहर बाद पिथौरागढ़ के पहाड़ी इलाकों में हल्का हिमपात शुरू हो गया। जबकि गढ़वाल में आसमान साफ रहा और चटख धूप खिली रही। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिन प्रदेश में मौसम सामान्य रहने के आसार हैं।

झारखंड में सुबह-शाम की ठंड बरकरार

उधर, झारखंड के जमशेदपुर में न्यूनतम तापमान में अब लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। यानी अब गर्मी की शुरुआत हो जाएगी। दिन में तेज धूप अपना असर दिखाने लगा है। हालांकि अभी सुबह-शाम ठंड बरकरार रहेगी।

13 फरवरी के बाद बिहार में साफ होगा मौसम 

वहीं बिहार के भागलपुर में भी मौसम बदल रहा है। यहां पर बंगाल की खाड़ी में हवा का निम्‍न दाब बनने के कारण आसमान में 12 फरवरी तक आंशिक बादल छाए रहेंगे। इस दौरान तापमान में उतार चढ़ाव भी संभव है।  हालांकि. इसके बाद 13 फरवरी से मौसम साफ हो जाएगा।

FASTag में मिनिमम बैलेंस की चिंता खत्म, अब टोल प्लाजा पर नहीं रुकेगी आपकी गाड़ी, NHAI ने बदला नियम

नई दिल्ली: आप कार ड्राइव करते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. अगर आप नेशनल हाईवे से सफर करते हैं तो आपको फास्टैग (Fastag) में मिनिमम बैलेंस रखने की चिंता करने की जरूरत नहीं है. NHAI ने FASTag का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए मिनिमम बैलेंस (Minimum Balance) की शर्त को खत्म कर दिया है. हालांकि यह सुविधा सिर्फ कार, जीप या वैन (Car, Jeep, Van) के लिए ही है, कमर्शियल व्हीकल के लिए अब भी मिनिमम बैलेंस अनिवार्य है.

FASTag वॉलेट में मिनिमम बैलेंस अनिवार्य नहीं 

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) का कहना है कि अब फास्टैग को जारी करने वाले बैंक सिक्योरिटी डिपॉजिट के अलावा कोई मिनिमम बैलेंस रखना अनिवार्य नहीं कर सकते. दरअसल, पहले बैंकों की ओर से FASTag में सिक्योरिटी डिपॉजिट के अलावा मिनिमम बैलेंस रखने की भी शर्त थी. बैंक कस्टमर्स से 150 रुपये से लेकर 200 रुपये तक मिनिमम बैलेंस रखने को कहते थे. FASTag वॉलेट में मिनिमम बैलेंस नहीं होने की वजह से टोल प्लाजा पर यात्रियों को आगे जाने की इजाजत नहीं मिलती थी, जिसकी वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता था.

बैलेंस कम तो भी टोल प्लाजा पार कर सकेंगे 

NHAI ने अब फैसला किया है कि ड्राइवर्स को अब टोल प्लाजा से गुजरने की तब तक अनुमति दी जाएगी, जब तक कि FASTag खाते/वॉलेट में निगेटिव बैलेंस नहीं है. यानी अगर फास्टैग अकाउंट में कम पैसे हैं लेकिन नेगेटिव नहीं है तो भी कार को टोल प्लाजा पार करने की अनुमति होगी. भले ही टोल प्लाजा पार करने के बाद फास्टैग अकाउंट निगेटिव क्यों नहीं हो जाए. अगर ग्राहक उसे रिचार्ज नहीं करता है तो निगेटिव अकाउंट की रकम बैंक सिक्योरिटी डिपॉजिट से वसूल कर सकता है. 

FASTag से कलेक्शन 80 परसेंट 

इस समय देश भर में 2.54 करोड़ से ज्यादा फास्टैग यूजर हैं. नेशनल हाईवे पर कुल टोल कलेक्शन में FASTag का हिस्सा 80 परसेंट है. इस समय FASTag के जरिए रोजाना टोल कलेक्शन 89 करोड़ रुपये को पार कर गया है. आपको बता दें कि 15 फरवरी 2021 से फास्टैग के जरिए टोल प्लाजा पर भुगतान अनिवार्य हो जाएगा. NHAI का लक्ष्य है कि देश भर में टोल प्लाजा पर 100 परसेंट कैशलेस टोल बन जाएं.

राजनाथ सिंह ने संसद में बताया, पैंगोंग झील में फिंगर 8 के पीछे जा रही चीनी सेना

नई दिल्‍ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राज्‍यसभा में ‘पूर्वी लद्दाख में वर्तमान स्थिति’ पर राज्‍यसभा में बयान दिया। उन्‍होंने जानकारी दी कि भारत और चीन के बीच डिसइंगेजमेंट पर सहमति बन गई है। पैंगोंग झील के उत्‍तरी और दक्षिणी तट पर दोनों सेनाएं फॉरवर्ड सैनिकों को पीछे करेंगे। चीन जहां उत्‍तरी तट पर फिंगर 8 के पूर्व में जाएगा, वहीं भारतीय फिंगर 3 के पास स्थित मेजर धान सिंह थापा पोस्‍ट (परमानेंट बेस) पर रहेगी। सिंह ने कहा कि पैंगोंग झील में डिसइंगेजमेंट पूरा होने के बाद, दोनों सेनाओं के बीच फिर बात होगी।

फिंगर 8 से पीछे जाएगी चीनी सेना

राज्‍यसभा में राजनाथ ने जानकारी दी कि पैंगोंग झील के उत्‍तरी और दक्षिणी तट पर डिसइंगेजमेंट का समझौता हो गया है। चीन इस बात पर भी सहमत हुआ है कि पूर्ण डिसइंगेजमेंट के 48 घंटों के भीतर सीनियर कमांडर लेवल की बातचीत हो और आगे की कार्यवाही पर चर्चा हो। सिंह ने बताया, “पैंगोंग झील को लेकर हुए समझौते के मुताबिक, चीन अपनी सेना को फिंगर 8 से पूर्व की ओर रखेगा। इसी तरह भारत भी अपनी सेना की टुकड़‍ियों को फिंगर 3 के पास अपने परमानेंट बेस पर रखेगा।”

बॉर्डर पर भारत के पास है ‘बढ़त’

राजनाथ सिंह ने कहा, “सामरिक दृष्टि से महत्‍वपूर्ण कई क्षेत्रों को चिन्हित कर हमारी सेनाएं वहां मौजूद हैं।” सिंह ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में चीन के ऊपर भारत का ‘एज’ बना हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा, “मिलिट्री और डिप्‍लोमेटिक लेवल पर हमारी बातचीत हुई है। हमने तीन सिद्धांतों पर जोर दिया है:

LAC को माना जाए और उसका आदर किया जाए।किसी स्थिति को बदलने का एकतरफा प्रयास न किया जाए।सभी समझौतों का पालन किया जाए।

सीमा पर चीन की हरकतों से रिश्‍तों पर असर पड़ा’

रक्षा मंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्‍य है कि एलएसी पर डिसइंगेजमेंट और यथास्थिति हो जाए।” राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन का 38,000 भारतीय भूभाग पर अनधिकृत कब्‍जा है। उन्‍होंने कहा, “भारत ने चीन से हमेशा कहा है कि द्विपक्षीय संबंध दोनों तरफ से कोशिश करने पर ही विकसित हो सकते हैं, साथ ही सीमा विवाद भी ऐसे ही सुलझाया जा सकता है।” सिंह ने कहा कि सीमा पर चीन ने जो कदम उठाए हैं, उससे भारत-चीन के संबंधों पर भी असर पड़ा है।

सेना प्रमुख भी संसद पहुंचे

राज्‍यसभा में राजनाथ सिंह के बयान के मद्देनजर सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे भी संसद पहुंच चुके हैं। रक्षा मंत्री आज सुबह 10.30 बजे पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर ताजा हालात के बारे में संसद और देश को जानकारी देंगे।

रूसी समाचार एजेंसी TASS ने बताया, गलवान घाटी संघर्ष में मारे गए थे 45 चीनी सैनिक

मास्‍को/पेइचिंग
पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में 15 जून हुई खूनी हिंसा में कितने चीनी सैनिक मारे गए थे, इसको लेकर रूसी समाचार एजेंसी तास ने बड़ा खुलासा किया है। तास ने बताया कि इस हिंसा में कम से कम 45 चीनी सैनिक मारे गए थे। इस हिंसा में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। चीन ने अभी तक यह नहीं बताया कि उसके कितने सैन‍िक मारे गए थे। रूसी समाचार एजेंसी ने यह खुलासा ऐसे समय पर किया है जब दोनों देश अपनी सेना को पैंगोंग झील से हटाने पर सहमत हो गए हैं।

लद्दाख में चल रहे तनाव को देखते हुए दोनों ही देशों ने करीब 50-50 हजार सैनिकों को तैनात कर रखा है। इससे पहले चीन ने भारत के साथ बैठक में बताया था कि गलवान घाटी संघर्ष में उसके 5 सैनिक मारे गए थे। इसमें चीनी सेना का एक कमांडिंग ऑफिसर भी शामिल था। चीन भले ही अभी 5 सैनिकों के ही मारे जाने की बात रहा हो लेकिन अमेरिकी और भारतीय खुफिया एजेंसियों का अनुमान है क‍ि कम से कम 40 चीनी सैनिक इस हिंसा मारे गए थे।

रेजांग ला और रेचिन ला में दोनों ही सेनाएं आमने-सामने

रूसी समाचार एजेंसी का खुलासा भी इस तथ्‍य की पुष्टि करता है। इस समय पूर्वी लद्दाख के देपसांग, पैंगोंग झील के नॉर्थ और साउथ बैंक, पेट्रोलिंग प्‍वाइंट 17A, रेजांग ला और रेचिन ला में दोनों ही सेनाएं आमने-सामने हैं। गलवान हिंसा से सबक लेते भारत ने चीन को साफ कह दिया है कि हमारे सैनिक खुद की सुरक्षा और पूर्वी लद्दाख में अपनी सीमा की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। भारत ने बिल्कुल स्‍पष्‍ट भाषा में चीन से कहा कि अगर क्षेत्र में हालात नियंत्रण से बाहर हुए तो हमारे सैनिक गोलियां चलाने से भी तनिक भी नहीं हिचकेंगे।

चीन ने इस डर से नहीं बताया था मौतों का आंकड़ा

बता दें कि गलवान हिंसा के समय भारत ने जहां अपने सैनिकों के मारे जाने की संख्‍या बताई, वहीं चीन ने अब तक उस पर चुप्‍पी साधे रखा था। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट की रिपोर्ट के मुताबिक उस समय चीन और अमेरिका के बीच एक अहम बैठक होनी थी, इस‍को देखते हुए चीन ने पूरी घटना को कम करके दिखाने की कोशिश की। इसी रणनीति के तहत चीन ने अपने हताहत सैनिकों की संख्‍या को जारी नहीं किया और पूरे मामले पर चुप्‍पी साधे रहा। इस बीच पीएलए के एक सोर्स ने बताया कि पेइचिंग अपने सैनिकों की मौत को लेकर ‘बेहद संवेदनशील’ है। उन्‍होंने कहा कि सैनिकों की मौत के आंकड़े को चीन के राष्‍ट्रपति शी चिनफ‍िंग अपनी स्‍वीकृत करेंगे।

पटना: प्रधान सचिव से मिलते ही मंत्री के सिर से उतर गया अफसरशाही को सबक सिखाने का तेवर, क्या जानबूझ कर किया हाईलेवल ड्रामा 


बिहार सरकार में नये नये मंत्री बने जनक राम के दफ्तर में आज हाईलेवल ड्रामा हुआ. मंत्री जी गरमाये, गुस्से से लाल हुए लेकिन उनके तेवर दो घंटे में ही ठंढा हो गया. दो घंटे पहले कहा कि प्रधान सचिव ने उनका अपमान किया है, वे अफसरशाही को ठीक कर देंगे लेकिन दो घंटे बाद कहा कि सारी गलती दो कर्मचारियों की थी, सब मिस कम्युनिकेशन का मामला था. फिर मंत्री का गुस्सा कर्मचारियों पर उतरा. खान और भूतत्व मंत्री जनक राम के कार्यालय में कार्यरत दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है.

मंत्री बनते ही हाईवोल्टेज ड्रामा
बिहार सरकार में बीजेपी कोटे से नये नये मंत्री बने हैं जनक राम. उन्हें खान और भूतत्व विभाग की जिम्मेवारी सौंपी गयी है. मंत्री जनक राम आज अपने दफ्तर पहुंचे. सारी मीडिया को ये कह कर बुलाया गया था कि मंत्री जी पद्भार ग्रहण करने जा रहे हैं. लेकिन मंत्री जी जब दफ्तर पहुंचे तो प्रधान सचिव हरजोत कौर की कौन कहे, विभाग का कोई दूसरा अधिकारी भी मौजूद नहीं था. मंत्री जी ने न सिर्फ मीडिया को बुलाया था बल्कि समर्थकों के दल बल के साथ वे दफ्तर पहुंचे थे. भरी भीड़ में बेईज्जती से मंत्री जी आग बबूला हो गये.

मंत्री जनक राम ने मीडिया के सामने अपनी भड़ास निकाली. उन्होंने कहा-अफसरशाही बहुत ज्यादा हावी हो गया है. वे इसे ठीक कर देंगे. वे नीतीश कुमार से बात करेंगे. ऐसे प्रधान सचिव को बर्दाश्त नहीं करेंगे जिन्होंने उनकी बेईज्जती की है. मंत्री के तेवर बेहद तल्ख थे. उन्होंने अपने दफ्तर के एक चपरासी के हाथों गुलदस्ता लेकर कामकाज शुरू करने का एलान किया. चपरासी के हाथों गुलदस्ता लेने का फोटो खिंचवाया और फिर कुर्सी पर बैठ गये.

क्या मंत्री ने जान बूझ कर किया ड्रामा
प्रधान सचिव के नहीं पहुंचने पर खान और भूतत्व मंत्री के दफ्तर में जो ड्रामा हुआ वह सत्ता के गलियारे में फैली. खबर विभाग की प्रधान सचिव हरजोत कौर तक पहुंची जो उस वक्त अपने विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर रही थीं. उन्हे जब खबर मिली कि मंत्री जी अफसरशाही को ठीक कर देने का एलान कर रहे हैं तो वे बुके के साथ मंत्री के दफ्तर पहुंच गयी.

हरजोत कौर जब मंत्री के दफ्तर में पहुंची तो राज खुला. दरअसल खान और भूतत्व मंत्री जनक राम ने एक दिन पहले ही पदभार ग्रहण कर लिया था. मंगलवार को उनके पदभार ग्रहण करने के दौरान प्रधान सचिव हरजोत कौर मौजूद थी. लेकिन मंत्री ने तो मीडिया वालों को ये कह कर बुलाया था कि वे आज पदभार ग्रहण करने जा रहे हैं. मंत्री के दफ्तर में आज फिर से पहुंची प्रधान सचिव ने उन्हें बुके दिया और कहा कि उन्हें तो किसी ने ये नहीं कहा था कि मंत्री जी आज दफ्तर आ रहे हैं और उन्हें बुलाया गया है. 

प्रधान सचिव जब मंत्री को ये बता रही थीं कि वे कल ही पदभार ग्रहण करने के दौरान मंत्री का स्वागत करने के लिए मौजूद थीं और आज उन्हें किसी ने किसी बैठक की सूचना नहीं दी थी तो मीडिया के लोग भी वहां मौजूद थे. मंत्री जी को लग रहा था कि उनकी पोल खुली है. लिहाजा झाग की तरह उनके तेवर बैठ गये. मंत्री जनक राम अफसरशाही को सबक सिखाने की बात ही भूल गये.

कर्मचारियों पर गाज
मंत्री जी की पोल खुल चुकी थी. प्रधान सचिव खुलेआम कह रही थीं कि उन्हें किसी ने बैठक की सूचना नहीं दी थी. लिहाजा दूसरा लाइन लिया गया. मंत्री जनक राम ने कहा कि उनके कार्यालय में कार्यरत दो लोगों ने कहा था कि प्रधान सचिव को सूचना दे दी गयी है और वे आने वाली है. दोनों कर्मचारियों की गलती से ही सारा ड्रामा हुआ है. ऐसे में मंत्री और प्रधान सचिव की मौजूदगी में ही मंत्री के कार्यालय में कार्यरत दो कर्मचारियों राजेंद्र चौहान और संतोष कुमार को सस्पेंड करने का एलान किया गया.

लूडो खेल के नाम पर चल रहा सट्टा. ➖➖➖➖➖➖➖

🔹
डा.भूपेन्द्र विकल.

शिवपुरी।नगर में इन दिनों लूडो का जादू युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है लूडो की आड़ में युवा वर्ग दांव लगाने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।

शहर के चौराहों, दुकानों, होटलों गुमटियों में भी लोगों को लूडो गेम खेलते देखा जा सकता है ।
इस खेल के जानकारों का कहना है कि यह एक मोबाईल गेम है जिसे मोबाईल पर आसानी से डाऊनलोड किया जा सकता है ।
इस गेम के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों पर भी बिना किसी भय के दांव लगाये जा सकते हैं नगर के चौक चौराहों पर भी युवाओं को बड़ी तादाद में झुण्ड के रूप में मोबाईल पर लूडो खेलते देखा जा सकता है

इन दिनों लूडो खेलना युवाओं का प्यारा शगल बन चुका है। पचास सौ रूपये से आरंभ होने वाले दांव अंत में हजारों में तब्दील हो जाते हैं। इस तरह अघोषित तौर पर लूडो सट्टे की जद में नगर के युवा धीरे – धीरे फंसते दिख रहे हैं चौक चौराहों पर लूडो के खेल में दांव लगाने वाले युवा झुण्ड के रूप में आसानी से देखे जा सकते हैं ।
वैसे तो लूडो पूरी तरह पारिवारिक और मनोरंजक खेल है लेकिन अब यह मनोरंजन के साथ ही साथ हजारों रूपयों की हार – जीत का साधन बन चुका है ।
लूडो खेल के बहाने युवा वर्ग अपना काम धाम छोड़कर अधिकांश समय इसी में उलझा रहता है ।शुरूआत में कुछ रूपये जीतने वाले युवाओं का लोभ बढ़ता है और धीरे – धीरे दांव सौ पचास रूपये से बढ़कर हजारों तक पहुँच जाते हैं

शहर का कोई भी हिस्सा शायद ऐसा नहीं बचा होगा जहाँ इस तरह के दांव न लग रहे हों यह सब जानते हुए भी पुलिस के द्वारा इन लोगों पर कार्यवाही न किया जाना आश्चर्यजनक ही माना जा रहा है ।
पुलिस को इस लूडो खेल रहे इन सट्टा खेलने बालो के खिलाफ जल्दी कार्यवाही कलरना चाहिए जिससे इस खेल के खेलने वाले सटोरियों पर अंकुश लगे।
➖➖➖➖➖➖

मुलायम सिंह यादव की बायोपिक ‘मैं मुलायम’ डॉन सिनेमा ओटीटी पर होगी रिलीज

मुम्बई। सपा नेता व उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की बायोपिक ‘मैं मुलायम’ के ट्रेलर को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद प्राप्त हुआ है। अब इस फ़िल्म का भव्य प्रीमियर 11 फरवरी 2021 को डॉन सिनेमा ओटीटी प्लेटफॉर्म पर होने जा रहा है। डॉन सिनेमा के संस्थापक महमूद अली इस फ़िल्म की रिलीज को लेकर बेहद उत्साहित हैं। फ़िल्म के प्रचार प्रसार में कोई कमी नहीं बरती गई है। सपा सुप्रीमो नेताजी मुलायम सिंह ने भी फ़िल्म की भूरी भूरी प्रशंसा की है। हाल ही में इस फ़िल्म ने सिलीगुड़ी में आयोजित एवरेस्ट इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल में तीन अवार्ड भी जीते हैं।

फ़िल्म की निर्मात्री मीना सेठी मंडल हैं। इस फ़िल्म में अमित सेठी ने मुलायम सिंह के किरदार को जीवंत किया है। उनके साथ अभिनेत्री सना अमीन शेख, सुप्रिया कार्णिक भी हैं। फ़िल्म के संगीतकार तोशी और शारिब, राइटर राशिद इकबाल.

एम एस फिल्म्स एंड प्रोडक्शन के बैनर तले निर्मित इस फ़िल्म का निर्देशन सुवेन्दु राज घोष ने किया है। यह फ़िल्म मुलायम सिंह के जीवन से जुड़ी रोचक पहलुओं के साथ उनके संघर्ष को पेश करेगी।