ग्वालियर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लगवाया टीका

ग्वालियर। जिले में वैक्सीनेशन को लेकर उदासीनता देखी जा रही है. इसी को लेकर आज लोगों को जागरूकता लाने के उद्देश्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने एक साथ पहुंचकर वैक्सीन लगवाई. ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल परिसर में बने वैक्सीन केंद्र पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, एसपी अमित सांघी सहित आईजी और कमिश्नर ने टीका लगवाया. इसके साथ ही नगर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा और स्मार्ट सिटी सीईओ जयति सिंह सहित तमाम बड़े अधिकारी टीका लगवाने के लिए पहुंचे. टीका लगवाने के बाद इन सभी अधिकारियों ने आधे घंटे तक ऑब्जर्वेशन रूम में आराम किया और उसके बाद सभी सेंटर से रवाना हो गए.
वैक्सीन लेकर डर के माहौल को दूर करने के लिए आज प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी सामने आए हैं. उन्होंने आज वैक्सीन सेंटर पहुंचकर वैक्सीन लगवाई है. साथ ही संदेश दिया है कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है डरने की कोई जरूरत नहीं है और किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है, इसलिए सभी फ्रंटलाइन की वर्कर इसे लगवाने के लिए आगे आए. टीकाकरण कराने के बाद सभी अधिकारी बेहद उत्साहित नजर आए. उनका कहना था कि टीका लगवाने के बाद उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो रही है पहले की तरह सामान्य महसूस कर रहे हैं.

प्रशासनिक और पुलिस के बड़े अधिकारियों ने लगवाई वैक्सीन

जयारोग्य अस्पताल की टीकाकरण सेंटर पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों ने वैक्सीन लगवाई, जिसमें संभाग आयुक्त कमिश्नर, कलेक्टर, अपर कलेक्टर और सभी तहसीलदार उपस्थित हुए. उसके बाद पुलिस अधिकारियों में ग्वालियर आईजी, एसपी सहित नगर निगम की कमिश्नर और स्मार्ट सिटी सीईओ ने भी वैक्सीन लगवाई.

पुलिस की निष्क्रियता बनी मयूर नगर निवासियों के दहशत का कारण

ग्वालियर थाटीपुर
यह घटना आज दिनांक 10 फरवरी 2021 सुबह करीब 11:40 की है। ग्वालियर में थाटीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मयूर मार्किट में, इंडियन ओवरसीज बैंक के पीछे सक्षम प्लाजा में एक मेस खुली हुई है। यहाँ पर सुबह से देर रात तक गुंडे खड़े रहते हैं। गाली गलौज बकते हैं, लड़कियों एवं महिलाओं को छेड़ते है। बाक़ी और क्या क्या करते हैं, इस वीडियो में स्पष्ट है। कॉलोनी में बच्चे भी हैं, बुज़ुर्ग भी हैं और महिलाएं भी। ऐसे माहौल में कैसे सब लोग सुरक्षित रह सकते हैं? लोगों का जीना अब दूभर हो चुका है क्योंकि इन गुंडो ने जीवन बिल्कुल नरक बना दिया है।

कॉलोनी में खुल गई अवैध कोचिंग

मयूर नगर कॉलोनी में कुकुरमुत्ता की तरह नए-नए कोचिंग क्लासेस खुल गई है जिसमें पढ़ने बाहर से लड़के लोग आ गए हैं जिनका मकसद पढ़ना कम दहशत फैलाना ज्यादा है
कोचिंग चलाने वाले लोग इन घटनाओं को रोकने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं उनका मकसद विद्यार्थियों की फीस से है
आखिरकार रिहायशी एरिया में कोचिंग चलाने की परमिशन उन्हें कैसे मिली इस एरिया में कोई अप्रिय घटना घटी इसका जिम्मेदार कौन होगा

NTPC टनल में 72 घंटे से रेस्क्यू जारी, फंसे हुए 39 वर्कर्स के सामने ऑक्सीजन लेवल और हाइपोथर्मिया का खतरा

चमोली के तपोवन में NTPC की टनल में फंसे 39 वर्कर्स को बचाने की कोशिशें बुधवार को भी जारी हैं। करीब ढाई किलोमीटर लंबी इस टनल का ज्यादातर हिस्सा आपदा में आए मलबे से भर गया है। अब तक 120 मीटर हिस्से की सफाई हो सकी है। आर्मी, ITBP, NDRF और SDRF की टीम लगातार इस अभियान में जुटी हुई हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में अधिकारियों के हवाले कहा जा रहा है कि 4 दिन से टनल में फंसे वर्कर्स के सामने हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान सामान्य से कम हो जाना) और गिरते ऑक्सीजन लेवल की समस्या हो सकती है।

उत्तराखंड में अब तक 32 के शव मिले
उत्तराखंड आपदा के बाद रेस्क्यू के तीसरे दिन यानी मंगलवार को 6 और शव मिले थे। अब तक 32 लोगों के शव मिल चुके हैं। सरकार के मुताबिक, हादसे के बाद 206 लोग लापता हो गए। इनमें से 174 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

गृह मंत्री ने सदन को बताया- उत्तराखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा नहीं

गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में उत्तराखंड हादसे पर बताया रविवार को समुद्र तल से करीब 5600 मीटर की ऊंचाई पर 14 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का ग्लेशियर गिरा था। इससे धौलीगंगा और ऋषिगंगा में बाढ़ की स्थिति बन गई। साथ ही कहा कि उत्तराखंड सरकार के मुताबिक निचले इलाकों में अब बाढ़ का खतरा नहीं है, पानी का लेवल भी कम हो रहा है। ज्यादातर इलाकों में बिजली सप्लाई शुरू हो गई है। साथ ही बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) 5 डैमेज पुलों को रिपेयर कर रहा है।

ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा, हिंदुस्तानी मुसलमान होने पर मुझे गर्व, मोदी की तरह हुए भावुक

राज्यसभा में कांग्रेस सांसद ग़ुलाम नबी आज़ाद का कार्यकाल पूरा हो रहा है. इस मौक़े पर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई सांसदों ने राज्यसभा में विदाई भाषण दिया. ग़ुलाम नबी आज़ाद के साथ अपने रिश्तों का ज़िक्र करते हुए मोदी सदन में भावुक भी हो गए.

इसके बाद जब ग़ुलाम नबी आज़ाद की बारी आई, तो वे भी भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि वे ख़ुशकिस्मत हैं कि वे पाकिस्तान नहीं गए. उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदुस्तानी मुसलमान होने पर फ़ख़्र है.

गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, “मैं उन ख़ुशकिस्मत लोगों में से हूँ, जो पाकिस्तान कभी नहीं गया, लेकिन जब मैं पढ़ता हूँ कि पाकिस्तान के अंदर कैसे हालात हैं, तो मुझे हिंदुस्तानी मुसलमान होने पर गर्व है. इस देश के मुसलमान सबसे ज़्यादा ख़ुशनसीब हैं.”

ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा, “हम गर्व से कह सकते हैं कि हमारे देश के मुसलमानों में बुराइयाँ नहीं हैं. लेकिन यहाँ बहुसंख्यक समुदाय को भी दो क़दम आगे आने की ज़रूरत है.”

उन्होंने उनके जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहते आतंकवादी हमले का ज़िक्र किया, जिसका उल्लेख पीएम मोदी ने भी किया था. ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा- “मैं अल्लाह से, भगवान से दुआ करता हूँ कि इस देश से आतंकवाद का ख़ात्मा हो.”

इस मौक़े पर ग़ुलाम नबी आज़ाद ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया. उन्होंने कहा, “मुझे अवसर मिला मंत्री के रूप में इंदिरा जी और राजीव जी के साथ काम करने का. सोनिया जी और राहुल जी के समय पार्टी को रिप्रेजेंट करने का भी मौक़ा मिला. हमारी माइनॉरिटी की सरकार थी और अटल जी विपक्ष के नेता थे, उनके कार्यकाल में हाउस चलना सबसे आसान रहा. कई मसलों का समाधान करना कैसे आसान होता है, ये अटल जी से सीखा था.”

पीएम मोदी को आई रुलाई

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग़ुलाम नबी आज़ाद की सराहना की और बहुत सारी यादें साझा कीं और भावुक भी हुए.

जम्मू-कश्मीर में गुजरात के पर्यटकों पर हुए हमले का ज़िक्र करते हुए मोदी ने कहा, “जब आप मुख्यमंत्री थे, मैं भी एक राज्य का मुख्यमंत्री था. हमारी बहुत गहरी निकटता रही है. शायद ही ऐसी कोई घटना हो, जब हम दोनों के बीच में कोई संपर्क सेतु न रहा हो.”

“एक बार जम्मू-कश्मीर गए टूरिस्टों में गुजरात के भी यात्री थे. वहाँ जाने वाले गुजराती यात्रियों की काफ़ी संख्या रहती है. आतंकवादियों ने उन पर हमला कर दिया. शायद 8 लोग मारे गए. सबसे पहले मेरे पास ग़ुलाम नबी जी का फ़ोन आया और वो फ़ोन सिर्फ सूचना देने के लिए नहीं था. फ़ोन पर उनके आँसू रुक नहीं रहे थे.”

इस घटना का ज़िक्र करते हुए बार-बार पीएम मोदी भावुक हुए और ग़ुलाम नबी आज़ाद को सैल्यूट भी किया.

उन्होंने कहा, “एक मित्र के रूप में मैं ग़ुलाम नबी जी का घटनाओं और अनुभवों के आधार पर आदर करता हूँ. मुझे पूरा विश्वास है कि उनकी सौम्यता, उनकी नम्रता, इस देश के लिए कुछ कर गुज़रने की कामना, वो कभी उन्हें चैन से बैठने नहीं देगी. मुझे विश्वास है जो भी दायित्व वो संभालेंगे, वो जरूर वैल्यू एडिशन करेंगे, कंट्रिब्यूशन करेंगे और देश उनसे लाभान्वित होगा, ऐसा मेरा पक्का विश्वास है.”

राज्यसभा में ग़ुलाम नबी आज़ाद का कार्यकाल 15 फरवरी को ख़त्म हो रहा है. पीएम मोदी ने कहा, “मैं आपको रिटायर नहीं होने दूँगा. मैं आपसे सलाह मशविरा करता रहूँगा. मेरे दरवाज़े आपके लिए हमेशा खुले रहेंगे.”

नेपाल को फिर याद आया भारत: प्रचंड ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के संसद भंग करने के खिलाफ मांगा समर्थन

काठमांडू: नेपाल (Nepal) के नेता भले ही कितनी भी बयानबाजी करें, लेकिन मुश्किल वक्त में उन्हें भारत (India) ही याद आता है. अब पुष्प कमल दहल उर्फ ‘प्रचंड’ (Pushpa Kamal Dahal ‘Prachanda’) ने भारत से मदद की गुहार लगाई है. दरअसल, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) द्वारा संसद भंग करने को लेकर नेपाल की सियासत में भूचाल आया हुआ है. प्रचंड ने इस फैसले को असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक करार दिया है. अब वह चाहते हैं कि भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मुद्दे पर उनकी सहायता करे.

पिछले साल भंग की थी Parliament

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) ने प्रचंड के साथ सत्ता को लेकर रस्साकशी के बीच पिछले साल 20 दिसंबर को प्रतिनिधि सभा भंग कर दी थी, जिसके बाद से देश में राजनीतिक संकट गहराया हुआ है. 275 सदस्यीय सदन को भंग करने के PM के फैसले का प्रचंड गुट विरोध कर रहा है. प्रचंड (Prachanda) ने काठमांडू में अंतरराष्ट्रीय मीडिया के एक समूह से बातचीत में कहा कि अगर हमें संघीय ढांचे एवं लोकतंत्र को मजबूत करना है, तो प्रतिनिधि सभा को बहाल करना होगा. 

प्रचंड आज करेंगे शक्ति प्रदर्शन

प्रचंड शक्ति प्रदर्शन करने के लिए आज (बुधवार) राजधानी में एक विशाल रैली करने जा रहे हैं. इससे ठीक पहले उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि उच्च्तम न्यायालय प्रतिनिधि सभा भंग करने के प्रधानमंत्री के असंवैधानिक एवं अलोकतांत्रिक कदम को स्वीकृति नहीं देगा. प्रचंड ने चेतावनी भी दी कि यदि सदन को बहाल नहीं किया गया, तो देश एक गंभीर राजनीतिक संकट में चला जाएगा. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती देने के लिए हम सभी को सरकार के इस फैसले के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए.

‘लोकतंत्र को पहुंचा है नुकसान’

प्रचंड ने कहा कि उनकी पार्टी ने पड़ोसी देशों भारत और चीन सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ओली के इस कदम के खिलाफ हमारे संघर्ष को समर्थन देने की अपील की है. उन्होंने कहा कि हमने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस बात से अवगत कराया है कि ओली के कदम से लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा है और हम भारत, चीन, यूरोपीय संघ और अमेरिका से देश के संघीय ढांचे और लंबे संघर्ष के बाद हासिल किए गए लोकतंत्र के प्रति समर्थन मांग रहे हैं.

India ने बताया आंतरिक मामला

भारत ने संसद भंग करने के प्रधानमंत्री ओली के फैसले को नेपाल का आंतरिक मामला बताया है. भारत ने कहा है कि इस बारे में पड़ोसी देश को ही अपनी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के मुताबिक फैसला लेना होगा. हालांकि, चीन अभी भी इस कोशिश में है कि नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी को विभाजित होने से रोका जा सके. उसने पिछले साल दिसंबर में चार सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा था, जिसने नेपाल के शीर्ष नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें की थीं, लेकिन प्रतिनिधिमंडल ओली और प्रचंड के बीच सुलह कराने में सफल नहीं हो सका. 

विश्व की प्रमुख शक्ति के रूप में उदय…अमेरिका ने भी माना भारत का लोहा, अब चीन को लगेगी मिर्ची

अमेरिका ने भारत की तारीफ में जो बातें कही हैं, उसे सुनकर चीन को एक बार फिर से मिर्ची लगना तय है। अमेरिका ने न सिर्फ भारत को हिंदी-प्रशांत क्षेत्र में अपना प्रमुख सहयोगी बताया है, बल्कि यह भी माना है कि दुनिया की प्रमुख शक्ति के रूप में भारत का उदय हो रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत को अपना सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी बताया और कहा कि वह भारत के विश्व की एक प्रमुख शक्ति के रूप में उदय और क्षेत्र के एक प्रहरी के रूप में उसकी भूमिका का स्वागत करता है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘भारत, हिंद- प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका का एक अहम साझेदार है। हम भारत के विश्व की एक प्रमुख शक्ति के रूप में उदय और क्षेत्र के एक प्रहरी के रूप में उसकी भूमिका का स्वागत करते हैं।’ इससे पहले, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मंगलवार को बातचीत की थी और दोनों नेताओं ने म्यांमा के हालात पर तथा साझा चिंताओं वाले अन्य मुद्दों पर चर्चा की।

ब्लिंकन ने म्यांमा में सैन्य तख्तापलट पर चिंता जताई और कानून के शासन तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के महत्व पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत और अमेरिका के सहयोग के महत्व सहित क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श किया। प्राइस ने कहा, ‘दोनों पक्षों ने ‘क्वाड के जरिए क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने तथा कोविड-19 महामारी और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने की उम्मीद जताई।’  प्राइस ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अमेरिका और भारत की ‘समग्र वैश्विक रणनीतिक साझेदारी व्यापक होने के साथ-साथ बहुआयामी भी है।

अमेरिका का भारत के संदर्भ में यह टिप्पणी इसलिए भी अहम है, क्योंकि दक्षिण चीन सागर में चीन अपनी दादागिरी दिखाता रहा है। हिंद- प्रशांत क्षेत्र में चीन की इसी दादागिरी को खत्म करने के लिए अमेरिका भारत को अपना अहम साझेदार मान रहा है। यही वजह है कि चीन क्वाड को लेकर कितना भी असहज हो, लेकिन अमेरिका का नया नेतृत्व इस मोर्चेबंदी को आगे बढ़ाने के पक्ष में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच सोमवार रात को हुई बातचीत के बाद जल्द ही क्वाड की बैठक को लेकर भी संभावना जताई जा रही है। बातचीत पर अमेरिका की ओर से जारी बयान में क्वाड का खास जिक्र किया गया है।

भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान का चार देशों का समूह दक्षिण चीन सागर व हिंद प्रशांत छेत्र में नियम आधारित व्यवस्था की वकालत करता रहा है। चीन इसे अपने खिलाफ मोर्चे के रूप में देखता है। पिछले दिनों रूस ने भी इस गठजोड़ को लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि, भारत स्पष्ट कहता रहा है कि क्वाड को किसी देश के खिलाफ मोर्चेबंदी के रूप में नहीं देखना चाहिए। सूत्रों ने कहा कि अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की चार बड़ी लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट करना चाहते हैं। अमेरिका क्वॉड के आधार पर अपनी इंडो-पैसिफिक नीति निर्धारित करना चाहता है। सूत्रों का कहना है कि ऑनलाइन मीटिंग जल्द हो सकती है।

500-500 रुपये की गड्डी में आग लगाकर ताप गया एक शख्स, बोला- क्या करूं, मुझे बहुत ठंड लग रही है 


ठंड का मौसम अब खत्म होने वाला है लेकिन जाते-जाते ठंड ने एक ऐसी खबर दे दी, जिसे जानकार आप हैरान रह जायेंगे. एक व्यक्ति ने ठंड से बचने के लिए इतना महंगा उपाय निकाला, जिसके बारे में सुनकर आपके भी होश उड़ जाएंगे. सर्दी से बचने के लिए लोग घरों में हीटर चलाते हैं या बाहर अलाव जलाते हैं लेकिन यह शख्स 500-500 रुपये के नोटों की गड्डी में आग लगाकर ताप गया. 

मामला यूपी के महोबा की है, जहां एक शख्स को ठंड बर्दाश्त नहीं हुई तो वह 500-500 रुपये के नोटों की गड्डी में आग लगाकर ताप गया और हंसते हुए वहीं पास में बैठ गया. माना जा रहा है कि वह वह ठंड से परेशान था और आग जलाकर गर्मी पाना चाहता था. शख्स ने हंसी के ठहाके के साथ कहा कि “क्या करूं, मुझे सर्दी लगी तो जो मिला, उसे जलाकर ठंड से छुटकारा पा लिया.”

बताया जा रहा है कि महोबा के पुरानी मंडी परिसर में रहने वाला यह शख्स मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है. यह मामला उस वक्त संज्ञान में आया, जब सब्जी मंडी के पास सफाई कर्मचारियों ने इस शख्स को कूड़े के ढेर में आग लगाते पाया. कर्मचारी उसके पास गए तो मालूम हुआ कि कूड़े में मामूली कागज नहीं, बल्कि 500-500 रुपये की कई गड्डियां थीं, जिसे उसने आग लगा दी थी. जलाए गए सामान में पैसों के अलावा 2 मोबाइल फोन और सोने-चांदी के जेवरात भी थे. 

उसका कहना है कि उसे ठंड बर्दाश्त नहीं, इसलिए जो हाथ में आया उसे ही जलाकर सर्दी से छुटकारा पा लिया. व्यक्ति की यह हरकत लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है. लोगों में इसकी चर्चा फैलने के बाद यह मामला पुलिस स्टेशन तक जा पहुंचा. जिसके बाद पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है. लागों में मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि मानसिक रूप से विक्षिप्त यह व्यक्ति इतना धन कहां से आया ?

गुरुवार 11 फरवरी को मौनी अमावस्या के दिन जरूर करें ये 7 कार्य, मिलेगा चमत्कारिक लाभ 


अमावस्या (अमावस) के देवता हैं अर्यमा जो पितरों के प्रमुख हैं। अमावास्या में पितृगणों की पूजा करने से वे सदैव प्रसन्न होकर प्रजावृद्धि, धन-रक्षा, आयु तथा बल-शक्ति प्रदान करते हैं। यह बलप्रदायक तिथि हैं। अमावस्या माह में एक बार ही आती है। मतलब यह कि वर्ष में 12 अमावस्याएं होती हैं। प्रमुख अमावस्याएं : सोमवती अमावस्या, भौमवती अमावस्या, मौनी अमावस्या, शनि अमावस्या, हरियाली अमावस्या, दिवाली अमावस्या, सर्वपितृ अमावस्या आदि मुख्‍य अमावस्या होती है। आओ जानते हैं मौनी अमावस्या के बारे में 7 खास बातें।
1. माघ माह की मौनी अमावस्या में पितरों के निमित्त तर्पण करना ज्यादा अच्‍छा होता है। यह दिन पितरों की पूजन और पितृ दोष निवारण के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन लोग पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए पितरों का ध्यान करते हुए सूर्य देव को जल अर्पित करते हैं। पितृ दोष दूर करने के लिए अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ को जल अर्पित करें और मिठाई अर्पित करें।

2. मौनी अमावस्या 11 फरवरी 2021 गुरुवार के दिन है और इसी दिन श्रवण नक्षत्र में चंद्रमा और 6 अन्य ग्रहों का मकर राशि में संयोजन एक बेहद ही दुर्लभ महा योग बना रहा है। साथ ही इस बार हरिद्वार में कुंभ चल रहा है इसीलिए मौनी अमावस्या के दिन गंगा में स्नान करने का महत्व बढ़ जाता हैं।

3. हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार इस दिन लोगों को मौन रहकर पूजा-अर्चना करने से मुनि पद की प्राप्ति होती है।
4. मान्यता है कि, मौनी अमावस्या के दिन संगम तट और गंगा में स्वयं देवी-देवताओं का वास रहता है। ऐसे में इस दिन इन दोनों जगहों पर स्नान करना बहुत ही पुण्यदाई होता है।

5. मौनी अमावस्या के दिन दान करने से पुण्य की प्राप्ती होती है। स्नान के बाद तिल से बनी हुई वस्तुएं जैसे तिल के लड्डू, तिल का तेल या तिल, आंवला, कंबल, गर्म वस्त्र, इत्यादि चीजें किसी गरीब को दान कर दें।6. इस दिन भगवान विष्णु के सामने घी का दीपक जलाएं और भगवान को अर्पित करें। इस दिन विष्णु आराधना करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है।
7. मौनी अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करके कच्चा सूत बाधें और पीपल के वृक्ष पर कच्चा दूध चढ़ाएं। ऐसा करना बहुत ही शुभ माना जाता है।

सावधान! अगर आप भी नेट बैंकिंग के जरिए करते हैं Mobile रिचार्ज तो जरुर पढ़े यह खबर 

औरैया: उत्तर प्रदेश में औरैया जिले के अजीतमल कस्बा में एक युवक को एप्प के माध्यम से मोबाइल रिचार्ज करना उस समय मंहगा पड़ गया जब उसके खाते से 2 लाख 72 हजार 500 रुपए कट गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कस्बा अजीतमल के मोहल्ला आर्यनगर निवासी आलोक कुमार ने गत एक फरवरी को अपनी मां के मोबाइल में 598 रुपए का रिचार्ज करने के लिए सम्बंधित कम्पनी के एप्प का उपयोग किया।


जानकारी मुताबिक खाते से रुपए कट जाने के बाबजूद जब मोबाइल रिचार्ज नहीं हुआ तो उसने कस्टमर केयर पर शिकायत दर्ज की। शिकायत निस्तारण को लेकर उसके मोबाइल पर 3 फरवरी को एक कॉल आई। कम्पनी से कॉल करने की बात कहते हुए कॉलर ने उससे सम्बंधित सिम की कम्पनी का थैंक्स एप्प और एनी डेस्क एप्प इस्तेमाल करने की बात कही, इसमें भी सफलता न मिलने पर उससे नेट बैंकिंग के माध्यम से मोबाइल रिचार्ज करने के लिए कहा गया।

आरोप है कि जैसे ही उसने नेट बैंकिंग के माध्यम से मोबाइल रिचार्ज प्रक्रिया शुरू की। वैसे ही उसके खाते से 99 हजार रुपए, 48 हजार 600 रुपए, 50 हजार रुपए, 24950 (कुल 2 लाख 72500 रुपए) कट गए। जिसके बाद पीड़ित ने बैंक जाकर अपना खाता बन्द कराया। कोतवाली निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि तहरीर मिली है, मामले की छानबीन की जा रही है।