4 IPS अफसरों की नई पोस्टिंग:CM शिवराज के भरोसेमंद राजीव टंडन बने लोकायुक्त DG, अजय शर्मा को EOW का प्रभार

राज्य सरकार ने 4 सीनियर आईपीएस अफसरों की नई पदस्थापना कर दी है। इसमें से दो अफसर राजीव टंडन व सुधीर शाही प्रमोट होने के बाद महानिदेशक बने हैं। इस संबंध में गृह विभाग ने सोमवार दोपहर बाद आदेश जारी कर दिया है।

मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार दो सीनियर आईपीएस अफसर 1984 बैच के संजय चौधरी और 1986 बैच के संजय राणा 31 जनवरी को रिटायर हो गए हैं। संजय चौधरी डीजी जेल और संजय राणा डीजी लोकायुक्त थे। चौधरी और राणा के रिटायर होने के बाद महानिदेशक (DG) के दो पद खाली होने के बाद आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और ADG जेल सुधीर शाही को प्रमोट को महानिदेशक के पद पर प्रमोट किया गया है।

गृह विभाग के आदेश के मुताबिक लोकायुक्त डीजी के अहम पद पर राजीव टंडन को भेजा गया है, जबकि उनकी जगह ईओडब्ल्यू का प्रभार अजय शर्मा को सौंपा गया है। शर्मा अब तक एडीजी पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन थे। बताया जाता है कि दोनों ही अफसर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के भरोसेमंद हैं। ईओडब्ल्यू को लोकसभा चुनाव के दौरान कालेधन के उपयोग के मामले में सीबीडीटी (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) की रिपोर्ट पर आगे कार्रवाई करना है। पहले माना जा रहा था कि इस समय ईओडब्ल्यू में अनेक संवेदनशील प्रकरण लंबित हैं, इसलिए मुख्यमंत्री शायद ही उन्हें डिस्टर्ब करना चाहे। लेकिन यहां अजय शर्मा को भेजा गया है। बता दें कि अजय शर्मा शिवराज के चौथे कार्यकाल में एडीजी लोकायुक्त रह चुके हैं, जबकि राजीव टंडन मुख्यमंत्री के ओएसडी जैसे अहम पद की कमान संभाल चुके हैं।

आदेश के मुताबिक इन दो अफसरों के अलावा ADG जेल सुधीर शाही को प्रमोट कर स्पेशन DG रेल बनाया गया है, जबकि स्पेशल DG रेल अरविंद कुमार को DG जेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बजट 2021; बंगाल, तमिलनाडु, असम समेत इन राज्यों को ‘हाईवे गिफ्ट’

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  ने अपने बजट भाषण प्रस्तावों में आगामी विधान सभा चुनाव का भी ध्यान रखा है. इसके मद्देनजर उन्होंने असम, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के लिए बड़ी सड़क परियोजनाओं का ऐलान किया है. वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि पश्चिम बंगाल में 95,000 करोड़ रुपये की लागत से 675 किलोमीटर लंबा हाईवे बनाया जाएगा जो कोलकाता को सिलीगुड़ी से जोड़ेगी. 

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग क्षेत्र के लिए 1.18 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव रखा है. इसके तहत केरल में 65000 करोड़ रुपये की लागत से 1100 किलोमीटर लंबा राजमार्ग बनेगा. उन्होंने बताया कि असम में 19 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजना का विस्तार किया जा रहा है. वहां अगले तीन साल में 1300 किलोमीटर लंबी सड़कें बनेंगी. वित्त मंत्री ने असम में अगले तीन साल में हाइवे और इकॉनोमिक कॉरिडोर का ऐलान किया है.

वित्त मंत्री ने कहा कि देश के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में 3500 किलोमीटर की लंबाई में हाईवे का निर्माण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट और इक़नोमिक कॉरिडोर 1.03 लाख करोड़ का होगा. इसी के तहत हाईवे का निर्माण किया जाएगा. सीतारमण ने मुंबई-कन्याकुमारी इकॉनोमिक कॉरोडिर का भी ऐलान किया है.

अपने बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने दो शहरों में मेट्रो लाइट और मेट्रो नियो सेवा की शुरुआत करने का भी ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि नए प्रोजेक्ट मौजूदा मेट्रो ट्रेन की तुलना में कम लागत वाली होगी. वित्त मंत्री ने चेन्नई, नागपुर समेत कई शहरों में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार करने का भी ऐलान किया है. उन्होंने आगामी वित्त वर्ष में रेलवे के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव संसद में रखा है. 

बजट से ‘नौकरीपेशा वालों को मायूसी’, इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं

बजट से नौकरीपेशा लोगों को मायूसी हाथ लगी है. इनकम टैक्स स्लैब (Income Tax Slab) में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि लोग कोरोना संकट की वजह से आयकर में छूट की उम्मीद लगाए हुए थे. वित्त मंत्री ने सिर्फ 75 से ज्यादा उम्र के सीनियर सिटिजन्स को ही इसमें राहत देते हुए उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने से मुक्त कर दिया है.

वित्‍त मंत्री ने बजट भाषण में घोषणा की कि सरकार 75 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों पर पड़ने वाला दबाव कम करने जा रही है.  उन्होंने कहा, “75 साल से अधिक के उन बुजुर्गों जिनकी आय का स्रोत सिर्फ पेंशन है, उन्‍हें अब इनकम टैक्‍स रिटर्न नहीं भरना होगा.” वित्त मंत्री ने NRI लोगों को टैक्स भरने में होने वाली परेशानियों को द्खते हुए उन्हें डबल टैक्स सिस्टम से छूट देने का ऐलान किया है.

वित्‍त मंत्री ने छोटे करदाताओं के लिए मुकदमेबाजी को और कम करने के लिए विवाद समाधान समिति गठित करने का प्रस्ताव बजट भाषण में किया है. ये समिति दक्षता, पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी. 50 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वाले और 10 लाख रुपये तक की विवादित आय वाले व्‍यक्ति इस समिति के समक्ष जा सकेंगे.

पिछले साल अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव किया था.  उन्होंने कई नए स्लैब की घोषणा की थी. ऐसा देश के इतिहास में पहली बार हुआ था जब देश में इनकम टैक्स स्लैब के दो विकल्प रखे गए थे. पिछले बजट के अनुसार और अभी देश में मौजूदा टैक्स की दरें इस प्रकार हैं-

– 5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं
5 से 7.5 लाख: 10%, 

– 7.5 से 10 लाख: 15% 

10 से 12.5 लाख की आय पर अब 20% टैक्स

– 12.5 लाख से 15 लाख तक 25% टैक्स

15 लाख के ऊपर पहले की तरह 30%

पेट्रोल पर 2.50 रुपये और डीजल पर लगेगा 4 रुपये का कृषि सेस, जानें क्या होगा आप पर असर

 वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में किसानों की आय तो दोगुना करने के सरकार के वादे को एक बार फिर दोहराया है। एग्रीकल्चर सेक्टर को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एग्री इंफ्रा सेस का ऐलान किया है। वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में पेट्रोल पर प्रति लीटर 2.5 रुपये और डीजल पर प्रति लीटर 4 रुपये का ‘एग्री इन्फ्रा सेस’ का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि सरकार ने साफ कर दिया है कि इससे जनता की जेब पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही इससे पेट्रोल और डीजल की दामों में बढ़ोतरी होगी।

सरकार ने बेसिक एक्साइज ड्यूटी और स्पेशल एडिश्नल एक्साइज ड्यूटी की दरों को कम करने के बाद एग्रीकल्चर सेस लगाया है। इस सेस से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल एग्रीकल्चर सेक्टर के विकास के लिए किया जाएगा। 

बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा, ‘कृषि अवसंरचना में सुधार करने की तत्काल आवश्यकता है, ताकि हम अधिक उत्पादन कर सकें। यह हमारे किसानों के लिए संवर्धित पारिश्रमिक सुनिश्चित करेगा। इस उद्देश्य के लिए संसाधनों को निर्धारित करने के लिए मैं एक एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) प्रस्तावित करती हूं। हालांकि, इस उपकर को लागू करते समय हमने ध्यान रखा है कि अधिकांश वस्तुओं पर उपभोक्ताओं पर इशका अतिरिक्त बोझ न डाला जाए।

देश में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। तेल के दाम ऑल टाइम हाई पर चल रहे हैं। मुंबई में पेट्रोल 92.80 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच चुका है जबकि डीजल 83.30 रुपये प्रति लीटर चल रहा है। दिल्ली की बात करें तो यहां पेट्रोल 86.30 रुपये प्रति लीटर, जबकि डीजल 76.46 रुपये प्रति लीटर पर बीक रहा है।

दिल्ली में पेट्रोल का सर्वकालिक उच्च स्तर चार अक्टूबर 2018 को 84 रुपये प्रति लीटर रहा था। डीजल भी इसी दिन 75.45 रुपये प्रति लीटर के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा था। तब सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर सीमा शुल्क में 1.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। सरकारी तेल कंपनियों ने भी तक एक-एक रुपये प्रति लीटर का बोझ उठाया था।

रहना है फिट तो ऐसे करें दही-किशमिश का सेवन, चौंका देंगे फायदे

नई दिल्ली:  हम हेल्दी रहने के लिए क्या कुछ नहीं करते, डाइटीशियन की सलाह पर हम हजारों रुपये फूंक देते हैं. यही नहीं बहुत ज्यादा डाइटिंग करके हम अपनी सेहत का सत्यानाश भी कर लेते हैं. हमारे घर में ही कुछ चीजें मौजूद होती हैं जिनको सही तरीके से इस्तेमाल करने पर हम अपनी हेल्थ को ठीक रख सकते हैं.

तली-भुनी चीजें हमारी सेहत के लिए खतरनाक 
हमें जब भी भूख लगती है और हम कुछ भी खा लेते हैं, हम ध्यान ही नहीं देते की क्या हेल्दी है क्या अनहेल्दी, यही आगे चलकर हमारी सेहत पर प्रभाव डालता है. तली-भुनी चीजें हमारी सेहत के लिए खतरनाक हैं. आज हम आपको ऐसी ही एक हेल्दी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपकी सेहत को दुरुस्त रखेगी.

हम बात कर रहे है दही और किशमिश की. दही और किशमिश (curd and raisins) का सेवन हेल्थ के लिए काफी माना जाता है. इसके अलावा हम आपको दही और किशमिश की एक रेसिपी भी बता रहे हैं. इसे बनाना काफी आसान होता है. यह सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होता है.

कैसे बनाए दही- किशमिश रेसिपी 
आप एक कटोरी में गरम फुल फैट मिल्‍क लें. अब इस दूध में किशमिश डाल लें. इसमें एक चम्मच दही डालें और दूध को अच्‍छी तरह से मिक्‍स करें. इसके बाद इसे 10-12 घंटे के लिए ढ़क कर रख दें. जब दही जम जाए तो आप इसका सेवन कर सकते हैं.

कमाल का दही और शहद का मिश्रण

दही अपने आप बहुत हेल्दी माना जाता है किन्तु जब इसमें शहद मिला कर खाते हैं तब यह बहुत ज्यादा हेल्दी हो जाता है. ये एंटीबायोटिक की तरह काम करता है.

अगर वजन घटाना हो

अगर आप वजन घटाना चाहते हैं तो रोज एक महीने तक दही में काली मिर्च मिला कर खाएं. काली मिर्च को पहले थोड़ा भून ले, इसके बाद दही में मिलाएं. इसके बाद एक चुटकी काला नमक मिला लें. इससे एक्स्ट्रा फैट बर्न होता है.

अगर वजन बढ़ाना हो

अगर आपको वजन बढ़ाना है तो एक कटोरी दही में बादाम, काजू, किशमिश, खजूर, अखरोट और अंजीर मिला कर नाश्ते में खाएं. इससे वजन बढ़ने के साथ याददाश्त भी तेज होती है.

दही-किशमिश खाने के फायदे

दही और किशमिश खाने से शरीर में गुड बैक्टिरिया की ग्रोथ होती है. इसके साथ ही पेट की सूजन कम होती है. इन दोनों को खाने से हड्डियां में मजबूत आती है. इसके अलावा बढ़े हुए ब्‍लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी दही और किशमिश बहुत फायदेमंद होती है.

क्रिप्टोकरंसी का पक्का इलाज करने की तैयारी में सरकार, अब संसद में ला रही है इसे बैन करने का बिल!

Cryptocurrency Bill: संसद के मौजूदा सत्र में सरकार क्रिप्टोकरंसी के रेगुलेशन के लिए एक बिल (Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill) लाने की पूरी तैयारी में है। इस बिल के जरिए भारत में प्राइवेट क्रिप्टोकरंसी को बैन (Ban on private cryptocurrency) किया जाएगा और भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की तरफ से एक डिजिटल करंसी (Ban on Bitcoin) लॉन्च करने की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।

RBI ने लगाया था बैन, सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाजत

2018 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बिटकॉइन और अन्य वर्चुअल करंसी के इस्तेमाल पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा था, जिसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक क्रिप्टोकरंसी ट्रांजेक्शन को बैन कर दिया था। लेकिन हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से लोगों को वर्चुअल करंसी खरीदने और बेचने की इजाजत दे दी है। हाल के महीने में क्रिप्टोकरंसी में आ रही रेकॉर्ड तेजी को देखते हुए सरकार ये सुनिश्चित करना चाहती है कि भारतीय निवेशकों को जोखिम ना उठाना पड़े। इसके अलावा, ये भी डर है कि क्रिप्टोकरंसी का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए भी हो सकता है, क्योंकि उसमें कोई केवाईसी नियम नहीं हैं।

किस के सुझाव पर लाया जा रहा है ये बिल?

यह बिल आर्थिक मामलों के सचिव एससी गर्ग की अध्यक्षता में बनी समिति के सुझावों के आधार पर लाया जा रहा है। इस कमेटी में सेबी और भारतीय रिजर्व बैंक के मेंबर भी हैं। इस कमेटी के पैनल ने सुझाव दिया था कि प्राइवेट क्रिप्टोकरंसी को संसद में कानून पास कर के बैन किया जाना चाहिए, लेकिन ब्लॉकचेन और डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी का वित्तीय सेवाओं में इस्तेमाल जारी रखना चाहिए, ताकि लोन की बेहतर ट्रैकिंग, इंश्योरेंस क्लेम मैनेजमेंट और फ्रॉड डिटेक्शन आसानी से किया जा सके।

बैन की बात ने चिंता में डाल दिया है डिजिटल इंडस्ट्री को

क्रिप्टोकरंसी पर बैन लगाए जाने के इस प्रस्ताव ने पहले ही इंडस्ट्री को चिंता में डाल दिया है। बाईयूकॉइन (BuyUcoin) के सीईओ शिवम ठकराल ने कहा कि उन्होंने सरकार को गुहार लगाई है कि सरकार कोई भी फैसला करने से पहले एक बार सभी स्टेकहोल्डर्स से उनकी राय भी ले ले। सरकार का एक भी फैसला भारत की डिजिटल इंडस्ट्री के बहुत सारे लोगों को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने कहा है कि वह सबके साथ मिलकर इंडस्ट्री के हित की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बता दें कि बाईयूकॉइन भारत का दूसरा सबसे बड़ा क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज है। एक अन्य एक्सचेंज हैं जेबपे (Zebpay), जिसके साथ दुनिया भर से करीब 30 लाख ट्रेडर जुड़े हैं। जेबपे का कहना है कि क्रिप्टोकरंसी को भी एक असेट क्लास जैसे कि सोना, की तरह देखा जाना चाहिए और इस बिल की हर डिटेल को बारीकी से देखना चाहिए।

2020 में दिया 300 फीसदी से ज्यादा रिटर्न

अगर 2020 में इसके रिटर्न की बात करें तो बिटकॉइन ने 2020 में करीब 300 फीसदी यानी करीब 4 गुना रिटर्न दिया है। इसका मतलब हुआ कि अगर किसी ने 2020 की शुरुआत में बिटकॉइन में 1 लाख रुपये लगाए थे तो अब तक उसके पैसे 4 लाख रुपये में बदल चुके हैं। 31 दिसंबर 2019 को बिटकॉइन की कीमत 7212 डॉलर थी, जो 30 दिसंबर 2020 तक 28,599.99 डॉलर हो गई और नए साल में इसकी कीमत 32,606 डॉलर तक पहुंच गई।

क्या है बिटकॉइन

बिटकॉइन एक तरह की क्रिप्टोकरंसी है। ‘क्रिप्टो’ का मतलब होता है ‘गुप्त’। यह एक डिजिटल करंसी है, जो क्रिप्टोग्राफी के नियमों के आधार पर काम करती है। इसकी सबसे खास बात ये है डिजिटल होने की वजह से आप इसे छू नहीं सकते। बिटकॉइन की शुरुआत 2009 में हुई थी। बिटकॉइन की कीमत लगातार बढ़ रही है। गुरुवार सुबह के हिसाब से इसकी कीमत करीब 8.31 लाख को क्रॉस कर चुकी है। यह एक तरह की डिजिटल करंसी है। इसकी शुरुआत एलियस सतोशी नाम के शख्स ने की थी।

बिटकॉइन कैसे करता है काम?

बिटकॉइन विशेषज्ञ हितेश मालवीय बताते हैं कि बिटकॉइन वर्चुअल कॉइन हैं, जो अपनी कीमत बनाने और बढ़ाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इस तरह पैसों के लेन-देन के लिए आपकों बैंकों तक जाने की जरूरत नहीं है। अगर किसी भी व्यक्ति के पास बिटकॉइन है, तो इसकी कीमत और वैल्यू ठीक उसी तरह मानी जाएगी जैसे ईटीएफ में कारोबार करते समय सोने की कीमत मानी जाती है। इस बिटकॉइन से आप ऑनलाइन शॉपिंग भी कर सकते हैं और इसे निवेश के रूप में भी संभाल कर रख सकते हैं। बता दें कि ये बिटकॉइन एक पर्सनल ई-वॉलेट से दूसरे पर्सनल ई-वॉलेट में ट्रांसफर भी किए जाते हैं। ये ई-वॉलेट्स आपका निजी डेटाबेस होते हैं, जिसे आप अपने कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन, टैबलेट या किसी ई-क्लाउड पर स्टोर करते हैं।

कैसे होती है बिटकॉइन की ट्रेडिंग?

Kraken के जरिए बिटकॉइन ट्रेडिंग की जा सकती है। इसके लिए पहले अपना अकाउंट बनाना होता है। इसके बाद ईमेल के जरिए अकाउंट कन्फर्म करना होता है। अकाउंट वेरिफाइ होने के बाद आप ट्रेडिंग मेथड सिलेक्ट कर सकते हैं। ट्रेडिंग के लिए चार्ट मौजूद होता है जिसमें बिटकॉइन की कीमत की हिस्ट्री होती है। आप समय पर बिटकॉइन का ऑर्डर देकर खरीद सकते हैं और बेच सकते हैं। बिटकॉइन की कीमतों में बदलाव बहुत ही अप्रत्याशित और तेज होता है इसलिए इसमें खतरा बना रहता है।

शेयर बाजार से बहुत अलग चीज है ये

बिटकॉइन की कीमत दुनियाभर में एक समय पर समान होती है इसलिए इसकी ट्रेडिंग मशहूर हो गई। दुनियाभर की गतिविधियों के हिसाब से बिटकॉइन की कीमत घटती-बढ़ती रहती है। यह किसी देश द्वारा निर्धारित नहीं होती है बल्कि डिजिटली कंट्रोल होती है। स्टॉक मार्केट की तरह बिटकॉइन ट्रेडिंग का कोई निर्धारित समय नहीं होता है। इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बहुत तेजी से होता है।

बिटकॉइन में पैसा लगाना इसलिए है खतरनाक

बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करेंसी में कभी भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल जाता है। पिछले 5 सालों में कई मौकों पर बिटकॉइन बिना कोई संकेत दिए ही 40-50 फीसदी गिर गया। 2013 में अप्रैल महीने में बिटकॉइन की कीमत एक ही रात में 70 फीसदी से अधिक गिरी थी। 233 डॉलर तक जा पहुंचा बिटकॉइन अचानक गिरकर 67 डॉलर पर आ गया। कई देशों में बिटकॉइन पर अभी भी ट्रेडिंग होती है, लेकिन इसमें निवेश करना बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है। बिटकॉइन की सबसे खराब बात ये है कि इसका अधिकतर इस्तेमाल हैकिंग, ड्रग्स सप्लाई और हथियारों के अवैध खरीद-फरोख्त जैसे कामों में होता है, जो गैरकानूनी है।

भारी नुकसान की वजह भी बना है बिटकॉइन

वैसे तो भारत में बिटकॉइन बैन है, लेकिन गुपचुप तरीके से यहां भी बिटकॉइन की ट्रेडिंग होती है। भारत में बिटकॉइन ट्रेडिंग को अपराध माना गया है। बिटकॉइन में निवेश करने वाले अमीर लोग वे हैं, जो इस ऑनलाइन करंसी के जरिए अपनी पूंजी को तेजी से बढ़ाना चाहते हैं। सरकार का कहना है कि उसके पास वर्चुअल करंसी का कोई डेटा नहीं है और इसलिए इसकी ट्रेडिंग में खतरा हो सकता है। रिजर्व बैंक ने भी बिटकॉइन पर सख्त हिदायत दी है।

हां, लादेन से पैसे लेते थे नवाज शरीफ, पाकिस्तान की पूर्व राजदूत ने भी खोली पोल

अमेरिका में पाकिस्तान की राजदूत रहीं अबिदा हुसैन ने भी खुलासा किया है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अलकायदा आतंकवादी ओसामा बिन लादेन मदद करता था और उन्हें आर्थिक सहायता भी देता था। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने अबिदा के हवाले से कहा, ”हां, उसने (ओसमा बिन लादेन) ने मियां नवाज शरीफ की मदद की थी। हालांकि, यह एक जटिल कहानी है। वह (ओसामा) उन्हें (नवाज) आर्थिक मदद भी दिया करता था। 

नवाज शरीफ सरकार में मंत्री रहीं अबिदा ने कहा कि एक समय बिन लादेन लोकप्रिय हुआ करता था और अमेरिकी सहित सभी उसे पसंद करते थे, लेकिन बाद में जाकर वह बेगाना हो गया। उनका यह बयान पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के सदस्य फारूख हबीब के आरोप के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था नवाज शरीफ ने देश में विदेशी फंडिंग की नींव रखी और बेनजीर भुट्टो की सरकार गिराने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए ओसामा बिन लादेन से 10 मिलियन डॉलर का फंड लिया था। 

तीन बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर कई बार आरोप लगे हैं कि कश्मीर में जिहाद को बढ़ावा देने के लिए वह अमेरिकी हमले में मारे गए आतंकवादी ओसामा बिन लादेन से पैसे लेते थे। नवाज शरीफ 1990-93, 1997-98 और 2013-17 प्रधानमंत्री रहे। 

भ्रष्टाचार के आरोपो के बाद 2017 में सुप्रीम कोर्ट की ओर से सत्ता से हटाए गए नवाज शरीफ इन दिनों जमानत पर हैं और लंदन में इलाज करा रहे हैं। 2016 में आई एक किताब में भी आरोप लगाया गया था कि नवाज शरीफ अलकायदा आतंकवादी ओसामा बिन लादेन से पैसे लेता था। खालिद ख्वाजा: शहीद-ए-अमन को शामामा खालिद ने लिखा था, जोकि आईएसआई ऑपरेटिव खालिद ख्वाजा की पत्नी हैं। 

किताब में लिखा गया था, ”पीएमएल-एन के प्रमुख मिया मोहम्मद नवाज शरीफ ने ओसमा बिन लादेन से पैसा लिया था।, ताकि बेनजीर भुट्टों की अगुआई वाली पाकिस्तान पीपल्स पार्टी से चुनाव लड़ सकें। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि, ओसामा ने शरीफ को भारी फंड दिया, लेकिन बाद में सत्ता में आने के बाद अपने सभी वादों से पीछे हट गए।

कपिल शर्मा दूसरी बार बने पापा, ट्विटर पर बधाइयों का लगा है तांता

कपिल शर्मा दूसरी बार पापा बन गए हैं। सोमवार सुबह उनकी वाइफ गिन्नी चतरथ ने बेटे को जन्म दिया है। कपिल ने दूसरी बार पापा बनने की खुशखबरी अपने फैन्स से सोशल मीडिया पर शेयर की है।

कपिल शर्मा ने ट्वीट कर लिखा है, ‘नमस्कार, आज सुबह हमें भगवान के आशीर्वाद से बेटा हुआ है। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। आप सबके आशीर्वाद, प्यार और प्रार्थनाओं के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया।’

कपिल शर्मा के इस ट्वीट पर बधाइयां का सिलसिला शुरू हो चुका है। बता दें कि कपिल ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपने दूसरी बार पापा बनने की खबर फैन्स के साथ भी शेयर की थी।

हालांकि उन्होंने इस प्रेग्नेंसी की खबर को सीक्रेट रखा था, लेकिन पिछले साल नवंबर में गिन्नी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर नडर आआई थी, जिसमें उनके बेबी बम्प नजर आया था और इसी के बाद से उनके दूसरी बच्चे की खबर भी फैन्स को पता लग गई थी।

म्‍यामांर में सैन्‍य तख्‍तापलट पर अमेरिका ने दी धमकी, राष्‍ट्रपति जो बाइडेन को दी जानकारी

वाशिंगटन
म्‍यांमार में सैन्‍य तख्‍तापलट और नोबेल पुरस्‍कार विजेता आंग सांग सू की के अरेस्‍ट किए जाने पर अमेरिका ने वहां की सेना को धमकी दी है। अमेरिका ने चेतावनी दी कि अगर म्‍यांमार की सेना ने अपने आज के कदमों को वापस नहीं लिया तो बाइडेन प्रशासन इस पर कड़ी कार्रवाई करेगा। इस बीच अमेरिका के राष्‍ट्रपति को भी पूरी घटना से अवगत कराया गया है। पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।

अमेरिका ने म्‍यांमार की सेना के तख्‍तापलट पर गहरी चिंता जताई है। राष्‍ट्रपति कार्यालय वाइट हाउस की प्रवक्‍ता जेन पास्‍की ने कहा कि अमेरिका उन रिपोर्टों से चिंतित है कि म्‍यांमार की सेना ने देश के लोकतांत्रिक बदलाव को खोखला कर दिया है और आंग सांग सू की को अरेस्‍ट कर लिया है। इस घटना के बारे में राष्‍ट्रपति जो बाइडेन को राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने जानकारी दी है|
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सेना ने कदमों को वापस नहीं लिया गया तो कड़ी कार्रवाई’
जेन पास्‍की ने कहा कि हम म्‍यांमार की लोक‍तांत्रिक ताकतों को समर्थन देते रहेंगे और सेना से अपील करेंगे कि सभी हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाए। अमेरिका चुनाव परिणाम को बदलने या लोकतांत्रिक बदलाव में बाधा डालने के किसी भी प्रयास का विरोध करता है। उन्‍होंने चेतावनी दी कि अगर आज उठाए गए कदमों को वापस नहीं लिया गया तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। जेन ने कहा कि अमेरिका म्‍यांमार के लोगों के साथ खड़ा है और पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है।

इससे पहले म्‍यांमार में सेना ने देश की नेता आंग सांग सू की और राष्‍ट्रपति यू विन म्यिंट को अरेस्‍ट कर लिया है। सत्‍तारूढ़ पार्टी NLD के प्रवक्‍ता ने यह जानकारी दी है। स्‍थानीय मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना ने एक साल के लिए आपातकाल लगा दिया है और पूर्व जनरल तथा उपराष्‍ट्रपति मिंट स्‍वे को कार्यकारी राष्‍ट्रपति बनाया गया है। उन्‍हें सेना प्रमुख का भी दर्जा दिया गया है। सड़कों पर सेना तैनात है और फोन लाइनों को बंद कर दिया गया है।

सेना ने सोमवार अल सुबह छापेमारी की
इससे पहले एनएलडी के प्रवक्‍ता मयो न्‍यूंट ने कहा कि राष्‍ट्रपति आंग सांग सू की और पार्टी के अन्‍य वरिष्‍ठ नेताओं को सेना ने सोमवार अल सुबह छापेमारी की कार्रवाई के बाद हिरासत में ले लिया है। उन्‍होंने कहा कि सुबह-सुबह राष्‍ट्रपति आंग सांग सू की और अन्‍य नेताओं को ‘उठाया’ गया। मयो ने आशंका जताई कि उन्‍हें भी जल्‍द ही हिरासत में लिया जा सकता है।

पेशे से हैं ‘डॉक्टर’ लेकिन सड़क पर ठेला लगाकर बेच रहे फल, वजह जान आप भी करेंगे सलाम


वेल्लोर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के चौथे साल में पढ़ने वाला एक छात्र अपनी फीस भरने के लिए फल का ठेला लगाता है। सड़क किनारे वह लोगों को फल बेचकर अपना और अपने परिवार का गुजर-बसर चला रहा है।

आज के समय में एक बेहतर जिंदगी पाने के लिए हर शख्स दिन-रात मेहनत कर रहा है। लेकिन लोगों के दिल में क्रोध, सांप्रदायिक नफरत, लालच, युद्ध और तमाम तरह के विचार पनपते रहते हैं। इन सभी पर संयम रखकर जो अपनी जिंदगी को सरल तरीके से जीना सीख जाता है असल में वही सफलता प्राप्त करता है। जिंदगी जीना भी एक कला है और इस कला को बहुत से लोग समझ ही नहीं पाते हैं। 

आपको अपने आस-पास कई तरह के लोग मिल जाएंगे। कुछ लोगों की कहानी आपको मोटिवेड भी करती होगी। आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स की कहानी बता रहे हैं जो पेशे से डॉक्टर हैं लेकिन हालात के आगे फल बेचने को मजबूर है। दरअसल, शिवा नामक एक शख्स अपनी फीस भरने के लिए फल बेचते हैं। शिवा वेल्लोर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के चौथे साल के छात्र हैं। 

बीबीसी में छपी रिपोर्ट के अनुसार शिवा के परिवार में चार लोग हैं, उनके माता-पिता, उनके बड़े भाई और वो। सुबह जल्दी उठने के बाद सभी पेड़ से आइस फ्रूट तोड़ने जाते हैं, जिन्हे बाद में मेट्टुपलायम में बेंचा जाता है। उनका परिवार कई सालों से यह काम कर रहा है। पिछले तीन सालों की पढ़ाई की फीस शिवा ने इन्हीं फलों को बेचकर भरी है। अक्सर लोगों को जब उनके बारे में पता चलता है तो वह उसकी इस बहादुरी को सलाम करने को मजबूर हो जाते हैं। 

पाकिस्तान को भारत से मुफ्त में मिलेंगे करीब पौने दो करोड़ कोरोना टीके, जानिए कौन देगा मदद 

नई दिल्लीः आखिरकार पाकिस्तान को भी भारत से कोरोना टीकों की मदद मिलने वाली है। यह मदद उसे कोवॉक्स कार्यक्रम के तहत मिलेगी। चूंकि भारत से सरकार से मदद मांगने के लिए इमरान सरकार झुकने को तैयार नहीं है, इसलिए उसने पिछले दरवाजे से यह इंतजाम किया है। बहरहाल, भारत में एस्ट्रोजेनेका कंपनी के लिए टीका तैयार कर रहे सीरम इंस्टीट्यूट के मार्फत उसे करीब पौने दो करोड़ टीके मिलेंगे, वह भी निशुल्क।

प्रधानमंत्री इमरान खान के विशेष विशेष सहायक (स्वास्थ्य) डॉ. फैसल सुल्तान ने रविवार को ट्वीट कर बताया कि फरवरी से पाकिस्तान को एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन मिलने जा रही है। 60 लाख खुराक की डिलिवरी मार्च तक हो जाएगी। जून तक 1.70 करोड़ डोज मिल जाएंगे। 

असद उमर ने ट्वीट किया, कोविड वैक्सीन मोर्चे पर खुशखबरी। कोवाक्स से मिले पत्र में 2021 के पहले छमाह में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की 1.70 करोड़ डोज मिलने की सूचना दी गई है। हमने 8 महीने पहले कोवाक्स प्रोग्राम पर हस्ताक्षर किए थे।उमर ने बताया कि पाकिस्तान में टीकाकरण अगले सप्ताह शुरू होने जा रहा है और सबसे पहले हेल्थकेयर वर्कर्स को टीका लगाया जाएगा। 

दरअसल विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ की पहल पर विकासशील और गरीब देशों को निश्चित संख्या में मुफ्त टीके उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कोवाक्स प्लान के तहत सभी देशों को समय पर और उचित मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। पाकिस्तान को 20 फीसदी आबादी के लिए मुफ्त टीका मिलेगा। बाकी आबादी को इमरान सरकार को अपने खर्चे या अन्य देशों से मदद लेकर टीके लगवाना होंगे। टीका निर्माता व उत्पादक कंपनियां भी कोवॉक्स कार्यक्रम के तहत निशुल्क टीके मुहैया करा रही हैं। चीन अपने इस मित्र देश को पांच लाख टीके निशुल्क दे चुका है।