लव जिहाद’ क्या सिर्फ बीजेपी का एजेंडा है? गहलोत गरम, क्या करेंगे नीतीश

पटना
‘लव जिहाद’ (Love Jihad) के मुद्दे पर जिस तरह से मध्य प्रदेश समेत कई बीजेपी शासित राज्य कानून बनाने की योजना पर विचार कर रहे हैं इसको लेकर सियासत गरमाने लगी है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसको लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘लव जिहाद’ बीजेपी का देश को बांटने के लिए बनाया गया एक शब्द है। गहलोत (Ashok Gehlot) ने ट्वीट में कहा कि शादी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है, इसे रोकने के लिए कानून लाना पूरी तरह असंवैधानिक है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री असलम शेख ने भी कहा कि उनकी सरकार अपना काम कुशलता से कर रही है और उसे ऐसे कानून लाने की जरूरत नहीं है। इस बीच बिहार में भी ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून की मांग जोर पकड़ने लगी है। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने बिहार में लव जिहाद के खिलाफ कानून लागू करने का समर्थन किया है। हालांकि, इस पर जेडीयू की ओर से प्रतिक्रिया भी दी गई है। लेकिन जिस तरह से पूरा मामला सामने आया है उसको लेकर सवाल उठ रहे हैं कि ‘लव जिहाद’ क्या सिर्फ बीजेपी का एजेंडा है?

शिवराज सरकार ने की ‘लव जिहाद’ पर कानून बनाने की पहल

लव जिहाद’ को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने कानून बनाने का दावा किया है। इस मामले में सबसे पहले मध्य प्रदेश सरकार ने ही पहल की है। राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने हाल ही ऐलान किया कि जल्द ही इससे जुड़ा कानून विधानसभा में पेश किया जाएगा। ये गैर जमानती अपराध होगा और दोषियों के लिए पांच साल तक की सजा का प्रावधान होगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार भी इसको लेकर कानून पर विचार कर रही है।

गिरिराज सिंह ने नीतीश सरकार से की लव जिहाद पर कानून बनाने की अपील

सिर्फ यूपी ही नहीं कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश में भी लव जिहाद के खिलाफ कानून लाए जाने पर विचार शुरू हो गया है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और दिग्गज बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने बिहार में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सरकार से अनुरोध किया कि वह लव जिहाद (Love Jihad)पर कानून बनाएं। उन्होंने दावा किया कि यह विषय देश के राज्यों में परेशानी का सबब बन गया है। लव जिहाद वाली समस्या को जड़ से समाप्त करना होगा और अगर बिहार में लव जिहाद को रोकने के लिए कानून लाया जाए तो अच्छा होगा। राज्य सरकार को समझना चाहिए कि लव जिहाद को रोकना और जनसंख्या नियंत्रण का संबंध सामाजिक समरसता से है ना कि यह सांप्रदायिकता को बढ़ावा देना है।

जेडीयू ने कहा- हमारा विश्वास सद्भाव में

हालांकि, गिरिराज सिंह के ‘लव जिहाद’ पर कानून लाने की मांग पर जेडीयू ने कहा कि हमारा विश्वास सद्भाव में है। जेडीयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि हमारे नेता नीतीश कुमार सभी धर्मों और जातियों को साथ लेकर चलने वाले व्यक्ति हैं। कोई सरकार क्या फैसला ले रही है, यह उनका मामला है। लव जिहाद पर हमारी सरकार को निर्णय लेना है। संजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने कभी भी दबाव की राजनीति नहीं की है। उन्होंने कहा कि समाज को तोड़ने वाला कोई भी प्रस्ताव आएगा तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री बोले- हमें ऐसे कानून लाने की जरूरत नहीं

लव जिहाद के खिलाफ कानून पर महाराष्ट्र सरकार ने भी अपना रुख स्पष्ट किया है। उद्धव सरकार में मंत्री असलम शेख ने कहा कि जो सरकारें अपनी अक्षमताओं को छिपाना चाहती हैं, वे ऐसे कानूनों को ला रही हैं। महाराष्ट्र सरकार अपना काम कुशलता से कर रही है, और उसे ऐसे कानून लाने की जरूरत नहीं है।

राजस्थान के सीएम गहलोत का बीजेपी पर निशाना

बिहार में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून की मांग को लेकर एनडीए में सहयोगी जेडीयू ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। हालांकि, सीएम नीतीश कुमार का इस पर क्या फैसला रहेगा ये देखना दिलचस्प होगा। दूसरी ओर ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून के मुद्दे पर कांग्रेस के दिग्गज नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ‘लव जिहाद’ बीजेपी के जरिये देश को विभाजित करने और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का बनाया गया शब्द है। गहलोत ने कहा कि शादी-विवाह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है, उस पर अंकुश लगाने के लिए कानून लाना पूरी तरह से असंवैधानिक है और यह कानून किसी भी अदालत में नहीं टिकेगा। प्यार में जिहाद की कोई जगह ही नहीं है।

गहलोत का ट्वीट- प्यार में जिहाद की कोई जगह नहीं

अशोक गहलोत ने एक और ट्वीट में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे देश में एक ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां वयस्क सहमति के लिए राज्य की सत्ता की दया पर निर्भर होंगे। विवाह एक व्यक्तिगत फैसला है और वे इस पर अंकुश लगा रहे हैं, यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता को छीनने जैसा है। उन्होंने आगे कहा कि यह सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने और सामाजिक संघर्ष को बढ़ावा देने और संवैधानिक प्रावधानों की अवहेलना करने वाला है। राज्य नागरिकों के साथ किसी भी आधार पर भेदभाव नहीं करता है। फिलहाल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सीधे तौर पर बीजेपी को घेरा है। अब देखना होगा कि बीजेपी का इस मुद्दे पर आने वाले दिनों क्या स्टैंड रहने वाला है।

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