निकिता मर्डर केसः दिल्ली-मथुरा हाईवे से हटा परिवार, जाम खत्म ‘यूपी जैसे न्याय की मांग’

निकिता की कल गोली मारकर हत्या कर दी गई थी

पीड़ित परिवार फरीदाबाद-मथुरा हाई वे से हटा

पीड़ित परिवार सड़क पर धरने पर बैठ गया था

हरियाणा के बल्लभगढ़ में सरेआम छात्रा की हत्या के मामले में फरीदाबाद-मथुरा हाईवे पर धरने पर बैठा परिवार हट गया है. हाइवे पर जाम खत्म हो गया है.  वहीं निकिता का शव शमशान घाट ले जाया गया जहां, उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

इससे पहले कार्रवाई की मांग करते हुए पीड़ित परिवार सड़क पर बैठ गया था. परिवार ने दिल्ली-मथुरा हाईवे को जाम कर दिया था. फिलहाल इस वारदात को लेकर लोगों में जबरदस्त गुस्सा है. पुलिस ने भले ही मुख्य आरोपी तौसिफ समेत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन लोगों की नाराजगी बनी हुई है. 

परिवार का कहना था कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हैं कि अगर यूपी में अपराधियों का एनकाउंटर हो सकता है तो हरियाणा में क्यों नहीं हो सकता है. हमें यूपी जैसा न्याय चाहिए. हम हमेशा बीजेपी के साथ खड़े रहे हैं, लेकिन आज हमारे साथ कोई नहीं है. न तो बीजेपी वाले आएं और न ही कांग्रेस या बीएसपी वाले.

निकिता के परिवार का कहना है कि यह लड़का कई साल से निकिता को तंग कर रहा था. हमने 2018 में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी लड़के को गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद लड़के के परिवारवालों ने हाथ-पैर जोड़ लिए. हमने भी सोचा और मामला वापस ले लिया. उसके बाद कोई दिक्कत नहीं थी.

निकिता के परिवार का कहना है कि तौसीफ कुछ दिनों से लड़की पर शादी का दबाव बना रहा था. सोमवार शाम को लड़की पेपर देकर बाहर निकल रही थी. तौसीफ आया और जबरदस्ती गाड़ी में खींचने लगा. जब लड़की नहीं मानी तो उसने गोली मार दी. न तो लड़की, न परिवार और न कोई और, शादी के पक्ष में था.

फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने कहा कि यह एक जघन्य अपराध है, जिसके लिए एसआईटी गठित कर दी गई है और राजपत्रित स्तर के अधिकारी इसकी जांच करेंगे. उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा साक्ष्य जुटाकर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए जाने की कोशिश रहेगी. इस मामले में सभी लोग संयम बनाए रखे.

कौन है तौसीफ? बताया जा रहा है कि तौसीफ के दादा कबीर अहमद, विधायक रह चुके हैं. तौसीफ के चचेरा भाई आफताब अहमद, इस समय मेवात जिले की नूंह सीट से कांग्रेस विधायक हैं. आफताब अहमद के पिता खुर्शीद अहमद, हरियाणा के पूर्व मंत्री रह चुके हैं. तौसीफ के सगे चाचा जावेद अहमद इस बार सोहना विधानसभा से बसपा की टिकट पर चुनाव लड़े और हार गए थे.

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