घर में पॉजीटिविटी लाती है नेम प्लेट, जानिए किस आकार की होगी सही?


घर की आंतरिक खूबसूरती के साथ बाहरी सुंदरता भी बहुत मायने रखती है। ऐसे में बहुत से लोग घर को सुंदर और अपनी पहचान के लिए घर के मुख्य द्वार पर नेम प्लेट लगाते हैं। मगर बात हम वास्तु की करें तो इसे लगाने से भी घर पर शुभ व अशुभ प्रभाव पड़ता है। ऐसे में यह घर की शोभा व आकर्षण बढ़ाने के साथ घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का एक मुख्य केंद्र है। ऐसे में अगर आप वास्तुशास्त्र को मानते हैं तो आज हम आपको बताते हैं कि नेम प्लेट से जुड़े कुछ वास्तु टिप्स…

ऐसी हो नेम प्लेट

नेम प्लेट को घर के मेन गेट की बाईं तरफ हो। साथ ही इसे पूरी सावधानी से लगाएं ताकि गिरे ना। इसके साथ ही इसे मुख्य द्वार से थोड़ा ऊपर की ओर लगाएं जिससे यह सभी को आसानी से दिखाई दें। इससे घर- परिवार में तनाव कम होता है।

ऐसा हो आकार 

इसे हमेशा वृत्ताकार यानी गोल या त्रिकोण आकार में ही बनवाएं। इसे पूरी तरह से दीवार के साथ चिपका कर लगाएं। ताकि हिले- डुले न। साथ ही इसमें दो लाइनों से ज्यादा कुछ न लिखा हो। इससे घर में पॉजीटिविटी आने के साथ खुशियों भरा माहैल बनता है। 

नेम प्लेट के सामने इन चीजों को न रखें

इसके ठीक सामने कोई पेड़, इलेक्ट्रिॉनिक, सफाई करने का सामान या कोई भारी चीज न रखें। वास्तु के अनुसार, इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश कर सकती है। 

साफ- सफाई का रखें ध्यान 

घर की साफ- सफाई के साथ नेम प्लेट को भी डेली साफ करें। इसके साथ ही इस बात का खास ध्यान रखें कि यह किसी भी जगह से टूटी हुई न हो। ऐसे में खराब व टूटने पर इसे तुरंत बदल लें। ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो। 

नेम प्लेट पर न हो ऐसे चित्र

इसे इसे सिपंल सी बनवाएं। इसपर पशु-पक्षियों के चित्र या कोई ज्यादा साज- सजावट नहीं होनी चाहिए। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि इसपर कोई छेद न हो। वास्तु के अनुसार, इसे अशुभ माना जाता है। 

नेम प्लेट लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान…

– नेम प्लेट के रंग का चुनाव घर के मालिक की राशि के अनुसार करें।

– इसकी साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए रोजाना साफ करें। ऐसे में नेम प्लेट पर कभी भी धूल-मिट्टी, जाले व गंदगी जमा न होने दें।

– नेम प्लेट थोड़ी बड़ी होनी चाहिए ‌ साथ ही इसपर नाम सुंदर व आकर्षित तरीके से लिखा होना चाहिए। ताकि थोड़ी दूरी से भी इसे आसानी से पढ़ा जा सके।

– एक साथ 2 नेम प्लेट न लगाएं।

– इसके पीछे छिपकली, कोकरोच या कोई अन्य जीव- जन्तु न हो। 

– इसपर छपे अक्षर एक समान और सही होने चाहिए। टूटे- फूटे अक्षरों से वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है।

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