अमेरिका को तबाह कर सकती है उत्‍तर कोरिया की दैत्‍याकार मिसाइल, रूस से भी ज्‍यादा ताकत

प्‍योंगयांग
परमाणु हथियारों से लैस उत्‍तर कोरिया की 22 पहिए वाली गाड़ी पर सवार दैत्‍याकार मिसाइल Hwasong-15 के बारे में दुनियाभर में अटकलों का बाजार गरम है। अब विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह मिसाइल अमेरिका के किसी भी कोने में हमला करने में सक्षम है। उत्‍तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने इस मिसाइल को पिछले दिनों अपनी सैन्‍य परेड में दिखाया था। विशेषज्ञों ने कहा कि यह मिसाइल दुनिया की सबसे लंबी मिसाइलों में से एक है।

किम जोंग उन ने इस विशाल किलर मिसाइल का प्रदर्शन ऐसे समय पर किया है जब अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कई साल तक उन्‍हें परमाणु हथियार कार्यक्रम छोड़ने के लिए मनाने का प्रयास किया है। ओपन न्‍यूक्लियर नेटवर्क की डेप्‍युटी डायरेक्‍टर मेल‍िस्‍सा हनहम ने कहा, ‘यह मिसाइल एक राक्षस की तरह से है। वहीं अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि मिसाइल का प्रदर्शन निराश करने वाला है और उन्‍होंने सरकार से आह्वान किया कि पूरी तरह से परमाणु हथियारों के खात्‍मे के लिए बातचीत करे।

सोवियत संघ की मिसाइलों से भी ज्‍यादा ताकतवर
परमाणु हथियारों के अप्रसार से जुड़े विशेषज्ञ माइकल इल्‍लेमन ने मानना है कि उत्‍तर कोरिया की नई मिसाइल 2000 से लेकर 3500 किलोग्राम का वॉरहेड अमेरिका के किसी भी इलाके में गिरा सकती है। इस तरह से किम जोंग उन की नई मिसाइल सोवियत संघ की मिसाइलों से भी ज्‍यादा ताकतवर है और पूरे अमेरिका में कहीं भी तबाही मचा सकती है। अमेरिका के एक खुफिया अधिकारी मारकुस गारलौस्‍कस ने कहा कि इस मिसाइल ने उन सभी संदेहों को खत्‍म कर दिया है ज‍िसमें कहा जा रहा था कि उत्‍तर कोरिया अमेरिका में हमले कर सकता है या नहीं।

इससे पहले किम जोंग ने अपने भाषण के दौरान चेतावनी दी थी कि अगर किसी देश ने उसे धमकी दी गई तो उत्तर कोरिया अपनी परमाणु शक्ति को पूरी तरह से सक्रिय कर देगा। दरअसल, उत्तर कोरिया के तानाशाह ने अपने सैन्‍य परेड के दौरान दुनिया को अपने सबसे महाविनाशकारी हथियारों की झलक दिखाई है। इस दौरान न केवल उत्तर कोरिया की एलीट कमांडो फोर्स ने परेड की बल्कि रूसी अरमाटा की तरह दिखने वाले मेन बैटल टैंक ने भी सबका ध्यान खींचा।

इन्हें डिटेक्ट कर खत्म करना भी बेहद मुश्किल
मिसाइलों के दीवाने तानाशाह किम जोंग की सेना ने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का प्रदर्शन किया। ट्रांसपोर्टर-इरेक्टर-लॉन्चर पर ICBM को किम इल सुंग स्क्वेयर पर तानाशाह किम जोंग उन के सामने से ले जाया गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नए हथियार में मल्टिपल रीएंट्री वीइकल क्षमता है जिसकी मदद से यह अमेरिका के रक्षा तंत्रों को धता बता सकती है। अभी तक उत्तर कोरिया के पास सिर्फ लिक्विड फ्यूल आधारित मिसाइलें रही हैं जिन्हें तैयार करने में वक्त लगता है और उन्हें रेडी-टू-लॉन्च स्टेट में नहीं छोड़ा जा सकता है। जबकि सॉलिड फ्यूल मिसाइलों को ईंधन भरकर छोड़ा जा सकता है कि जल्दी लॉन्च भी किया जा सकता है। इन्हें डिटेक्ट कर खत्म करना भी मुश्किल होता है।

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