GST क्षतिपूर्ति से जुड़े विकल्प का जिन CM ने किया समर्थन, राहुल का उन पर कटाक्ष- जनता का भविष्य PM के पास क्यों ‘गिरवी रख रहे?

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए कर्ज लेने संबंधी केंद्र सरकार के प्रस्ताव को कई राज्य सरकारों द्वारा स्वीकार किए जाने को लेकर सोमवार को उन पर कटाक्ष किया और सवाल किया कि कई मुख्यमंत्री लोगों का भविष्य प्रधानमंत्री के पास क्यों ‘गिरवी रख रहे हैं।’

उन्होंने ट्वीट कर दावा किया, ‘‘केंद्र सरकार ने राज्यों से जीएसटी के राजस्व का वादा किया। प्रधानमंत्री और कोविड से अर्थव्यवस्था नष्ट हो गई। प्रधानमंत्री ने कारपोरेट को 1.4 लाख करोड़ रुपये की कर रियायत दी और अपने लिए 8400 करोड़ रुपये के दो विमान खरीदे।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘केंद्र के पास राज्यों को देने के लिए पैसा नहीं है। वित्त मंत्री कहती हैं, कर्ज लो। आप लोगों (जनता) के मुख्यमंत्री आपके भविष्य को प्रधानमंत्री के पास गिरवी क्यों रख रहे हैं?’’

गौरतलब है कि जीएसटी संग्रह में कमी की क्षतिपूर्ति के लिये कुल 21 राज्यों ने 97,000 करोड़ रुपये कर्ज लेने के केंद्र के विकल्प का समर्थन किया है। ये राज्य मुख्य रूप से भाजपा शासित और उन दलों की सरकार वाले हैं जो विभिन्न मुद्दों पर केंद्र की नीतियों का समर्थन करते रहे हैं।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए कर्ज लेने संबंधी केंद्र सरकार के प्रस्ताव को कई राज्य सरकारों द्वारा स्वीकार किए जाने को लेकर सोमवार को उन पर कटाक्ष किया और सवाल किया कि कई मुख्यमंत्री लोगों का भविष्य प्रधानमंत्री के पास क्यों ‘गिरवी रख रहे हैं।’

उन्होंने ट्वीट कर दावा किया, ‘‘केंद्र सरकार ने राज्यों से जीएसटी के राजस्व का वादा किया। प्रधानमंत्री और कोविड से अर्थव्यवस्था नष्ट हो गई। प्रधानमंत्री ने कारपोरेट को 1.4 लाख करोड़ रुपये की कर रियायत दी और अपने लिए 8400 करोड़ रुपये के दो विमान खरीदे।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘केंद्र के पास राज्यों को देने के लिए पैसा नहीं है। वित्त मंत्री कहती हैं, कर्ज लो। आप लोगों (जनता) के मुख्यमंत्री आपके भविष्य को प्रधानमंत्री के पास गिरवी क्यों रख रहे हैं?’’

गौरतलब है कि जीएसटी संग्रह में कमी की क्षतिपूर्ति के लिये कुल 21 राज्यों ने 97,000 करोड़ रुपये कर्ज लेने के केंद्र के विकल्प का समर्थन किया है। ये राज्य मुख्य रूप से भाजपा शासित और उन दलों की सरकार वाले हैं जो विभिन्न मुद्दों पर केंद्र की नीतियों का समर्थन करते रहे हैं।

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