चीन की बौखलाहट से बढ़ा जोश, BRO ने लद्दाख में तीन गुना ताकत से बढ़ाया काम

लद्दाख में भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास से चिढ़े चीन की बौखलाहट से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) का काम ना तो रुका और ना धीमा पड़ा बल्कि वह हुआ जिसकी ड्रैगन ने कल्पना भी नहीं की होगी। बीआरओ ने सीमा पर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में तीन गुना अधिक ताकत झोंक दी है। यहां एक तरफ अस्थायी पुलों को स्थायी पुलों में बदला जा रहा है तो अगले छह महीने से डेढ़ साल में 40-50 नए पुल तैयार हो जाएंगे।

बीआरओ के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने कहा, ”हमने अस्थायी पुलों को स्थायी पुलों में बदलने का काम शुरू कर दिया है। इस साल हम तीन गुना अधिक क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। यह आर्थिक विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, पर्यटन और सुरक्षाबलों के तेजी से मूवमेंट में मदद देगा।”

हरपाल सिंह ने बताया, ”लद्दाख में बड़े पुलों का निर्माण किया जा रहा है। 40-50 पुल निर्माणाधीन हैं, जो छह महीने से लेकर डेढ़ साल तक में तैयार हो जाएंगे।” गौरतलब है कि चीन ने पूर्वी लद्दाख में पुलों और सड़कों के निर्माण को रोकने के लिए एलएसी पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी थी।

आज ही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बीआरओ की ओर से बनाए गए 44 बड़े स्थायी पुलों को देश को समर्पित किया है। बीआरओ ने कहा, ”रक्षामंत्री ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश में नेछिपू में सुरंग के निर्माण के लिए आधारशिला रखी है। ये पुल रणनीतिक महत्व के हैं और दूर-दराज के इलाकों को जोड़ेंगे।” 

राजनाथ सिंह ने पुलों के उद्घाटन के दौरान कहा कि इन पुलों के निर्माण से उत्तरी और उत्तरपूर्वी इलाकों में सैन्य और सिविल परिवहन में मदद मिलेगी। उन्होंनने कहा, ”इन इलाकों में बड़ी संख्या में हमारे सैनिक तैनात हैं, जहां सालभर परिहवन की सुविधा नहीं रहती है।”

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