भारतीय रेलवे ने टिकट रिजर्वेशन के नियमों में किया बड़ा बदलाव.

नई दिल्ली: कोरोना (Corona) काल में यात्रियों को राहत देने के लिए भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने टिकटों के आरक्षण को लेकर बड़ा बदलाव किया है, जो (शनिवार) से लागू हो गया है. नए बदलाव के तहत अब ट्रेनों में टिकट आरक्षण का दूसरा चार्ट (Reservation Chart) ट्रेन के स्टेशन से चलने के आधे घंटे पहले जारी किया जाएगा. बता दें कि पिछले कुछ महीने से कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) को देखते हुए रेलवे ने यह समय दो घंटे कर दिया था.

4 घंटे पहले तैयार होती थी आरक्षण तालिका

एक बयान में भारतीय रेलवे ने कहा, “कोविड-19 महामारी आने से पहले के दिशा-निर्देशों के तहत पहली आरक्षण तालिका ट्रेनों के निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम चार घंटे पहले तैयार की जाती थी, ताकि उपलब्ध बर्थ द्वितीय आरक्षण तालिका (Reservation Chart) के तैयार होने तक ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर पीआरएस काउंटरों और इंटरनेट के माध्यम से बुक (Rai Ticket Booking) किए जा सकें.”

कोरोना महामारी से पहले था ये नियम

रेलवे ने कहा कि द्वितीय आरक्षण तालिका ट्रेनों के निर्धारित/परिवर्तित प्रस्थान समय से 30 मिनट से लेकर पांच मिनट पहले तक तैयार की जाती थी. पहले से बुक टिकट भी रिफंड के प्रावधानों के अनुसार इस दौरान रद्द करने की अनुमति थी. कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण दूसरा आरक्षण चार्ट बनाने का समय ट्रेनों के निर्धारित/परिवर्तित प्रस्थान समय से आधा घंटा पहले से बढ़ाकर दो घंटा पहले करने का निर्देश दिया गया था.

जोनल रेलवे के अनुरोध पर लिया गया फैसला

रेलवे ने बताया, “यात्रियों की सुविधा के लिए जोनल रेलवे (Zonal Railway) के अनुरोध के हिसाब से इस मामले पर विचार किया गया और तय किया गया कि दूसरी आरक्षण तालिका (Reservation Chart) ट्रेनों के निर्धारित/परिवर्तित प्रस्थान समय से कम से कम आधा घंटा पहले तैयार कर ली जाए.” रेलवे ने बताया, “अब नए नियम के हिसाब से ऑनलाइन और पीआरएस टिकट काउंटरों पर टिकट बुकिंग (Rai Ticket Booking) सुविधा दूसरी आरक्षण तालिका के तैयार होने से पहले उपलब्ध होगी. इसके लिए सीआरआईएस सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव किया गया है.”

कोरोना के कारण निलंबित थी ट्रेन सेवा

कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ने के रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) के कारण देशभर में 25 मार्च से सभी यात्री ट्रेनों को निलंबित कर दिया गया था, हालांकि 1 मई से प्रवासियों को उनके गृह राज्य पहुंचाने के लिए श्रमिक ट्रेनों की शुरुआत की गई. इसके बाद भारतीय रेलवे चरणबद्ध तरीके से ट्रेनों की शुरुआत कर रही है.



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