घर में है मंदिर तो रखें इन 11 बातों का ध्यान, वरना नाराज हो जाते हैं भगवान

हमारे हिन्दू धर्म में सामान्य रूप से हर घर में मंदिर होता है. घर में मंदिर होने से जहां घर में सुख शांति आती है वहीं घर के लोगों के मन में भगवान के लिए प्यार और विश्वास भी बना रहता है. लेकिन कई बार ऐसा देखा जाता है कि घर के मंदिर को बनाते और उसे सजाते समय लोग कुछ ऐसी गलतियां कर जाते हैं जिनका उन्हें एहसास भी नहीं होता है. इस तरह की गलती से जहां पूजा-पाठ का उचित लाभ भी नहीं मिलता बल्कि ऐसा होने से भगवान नाराज हो जाते हैं जिससे हमारा सौभाग्य दुर्भाग्य में बदल जाता है. आइए जानें घर में मंदिर बनाते समय हमें किन-किन 11 बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है.

घर में मंदिर बनाने के लिए 11 बातें या नियम :

वास्तुशास्त्र के मुताबिक घर में मंदिर हमेशा पूर्व या उत्तर की दिशा में ही बनाना चाहिए.
घर के मंदिर में कभी एक से अधिक मूर्ति या तस्वीर नहीं रखनी चाहिए और अगर ऐसा है तो उन मूर्तियों या तस्वीरों को आमने-सामने नहीं रखना चाहिए.
मंदिर में भगवान की अगर कई मूर्तियां हैं तो मूर्तियों के बीच कम से कम एक इंच की दूरी जरूर रखना चाहिए.
घर में बने मंदिर की तरफ या भगवान की तरफ पैर करके कभी भी नहीं सोना चाहिए.
घर में बने मंदिर के आस-पास या सामने टॉयलेट नहीं होना चाहिए.
मंदिर में कभी भी पूर्वजों को न तो स्थापित करना चाहिए और न ही उनकी तस्वीर मंदिर में लगाना चाहिए.
घर के मंदिर में कभी भी भगवान के रौद्र रूप वाली तस्वीरें या मूर्तियां नहीं लगानी चाहिए. घर के मंदिर में हमेशा भगवान की सौम्य रूप वाली मूर्तियां या तस्वीरें ही लगानी चाहिए.
घर के मंदिर में रोज पूजा-अर्चना भी होनी चाहिए. घर के मंदिर को दिन में बंद भी नहीं रखना चाहिए.
मंदिर में पूजा-अर्चना करते समय भगवान को भोग भी जरूर लगाना चाहिए केवल धूप-अगरबत्ती ही जलाकर पूजा नहीं ख़त्म करनी चाहिए.
घर के मंदिर में शनि देव और भैरव भगवान जैसे देवताओं की मूर्तियां भी नहीं रखनी चाहिए.
घर के मंदिर में जिस भगवान की मूर्ति या तस्वीर की पूजा की जाती हो वह मूर्ति या तस्वीर खंडित या फटी नहीं होनी चाहिए.

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