मध्यप्रदेश उपचुनाव: अंबाह से फिर किस्मत आजमाने को तैयार नेहा किन्नर, दे चुकी हैं कड़ी टक्कर

मध्यप्रदेश में तीन नवंबर को 28 विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव में 29 वर्षीय किन्नर नेहा एक बार फिर मुरैना जिले की अंबाह विधानसभा सीट से किस्मत आजमाने जा रही हैं। इस बार भी वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में होंगी। उन्होंने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट के लिए शुक्रवार से अपना चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है।

नेहा के मैदान में उतरने से इस बार भी पिछले चुनाव की तरह मुकाबला रोचक हो सकता है, क्योंकि वह भाजपा, कांग्रेस एवं बसपा को इस सीट पर कड़ी टक्कर दे सकती हैं। 

जानिए कौन हैं नेहा किन्नर
नेहा का संबंध बेड़िया समाज से है। यहां इस वर्ग के मतदाता ज्यादा संख्या में हैं।  वह इलाके में ‘नेहा किन्नर’ के नाम से मशहूर हैं। नवंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अंबाह विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और दूसरे स्थान पर रही थीं। तब वह कांग्रेस के उम्मीदवार कमलेश जाटव से मात्र 7,547 मतों से पराजित हुई थीं।

गरीबों को सशक्त बनाएंगी नेहा 
उन्होंने कहा कि जीतने के बाद मैं अपने इलाके में सामाजिक समरसता का माहौल बनाना चाहती हूं। मैं गरीबों को सशक्त बनाना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि सरकार द्वारा गरीबों के लिए शुरू की गईं सभी योजनाओं का लाभ उनको मिले। जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराना मेरी पहली प्राथमिकता होगी।

नेहा ने आगे कहा कि पूरे मुरैना जिले में कमजोर और गरीबों का शोषण होता है। मैं चुनाव जीतने के बाद अंबाह में इसे खत्म करना चाहती हूं।

कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश जाटव को पिछली बार दी थी कड़ी टक्कर  
पिछली बार मैंने कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश जाटव को कड़ी टक्कर दी थी। मैं उनसे केवल 7,547 वोटों से चुनाव हार गई थी। नेहा ने कहा कि इस बार मैं पक्का उपचुनाव जीतूंगी। गौरतलब है कि देश की पहली किन्नर विधायक शबनम मौसी मध्य प्रदेश से ही बनी थीं। इसके अलावा, देश में मध्य प्रदेश से ही पहली किन्नर कमला जान महापौर बनी थीं।

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