शिवपुरी जिला चिकित्सालय के कारनामे अब सीमायें लांघ रहे हैं, मंत्री, सांसद, विधायक सभी बेखबर हैं और जनता परेशान…..

दिन प्रतिदिन जिला अस्पताल की अमानवीयता की घटनाएं सामने आती रही हैं उन पर भी सांसद, विधायक और मंत्रियों को ध्यान देना चाहिए न केवल चुनावी चौपालों में केवल घोषणाये करना उनका काम नहीं होना चाहिये,रोज निजी अस्पतालों में मरीज लूट का शिकार हो रहे,सरकारी अस्पताल के डॉक्टर रोज देर रात निजी अस्पताल में सेवाएं दे रहे, मृतको के परिजन खुद अपने परिजनों के शव उठा रहे आप फिर भी चुप,दोनो हाथों पर प्लास्टर के बाबजूद चींटे तक नही भगा पा रहा मरीज आप तब भी जनप्रतिनिधि चुप हैं,
आईसोलेशन बीके प्रभारी कल आगजनी की घटना के बाद भी गायब हैं.

हकीकत जानिए,कोरोना वार्ड में देखिए….

1.कोविड वार्ड में निगेटिव और पॉजिटिव को साथ रखना क्या सही है?
2.कोविड के मौत के आंकड़ो को छुपाना क्या सही है?
3.जिला चिकित्सालय में पदस्थ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों का निजी चिकित्सालयों में काम करना वो भी ड्यूटी टाइम में क्या सही है?
4.जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए जाने बाले मरीजों को अपनी क्लीनिक पर बुलाना अथवा निजी चिकित्सालय में भर्ती होने की सलाह देना क्या सही है?
5.जिला चिकित्सालय के नाम पर चल रहे एसआर और जेआर को 50-50 पर अस्पताल न आने की छूट देना क्या सही है?
6.जिला चिकित्सालय के प्रसूती वार्ड में इलाज के लिए किसी के सर सवारी बुलाकर भभूती देना क्या सही है?
यदि ये सब सही है तो निश्चित रूप से मैं गलत हूँ और जिला चिकित्सालय को लेकर गलत खबरें उठाता हूँ।

क्या हमारे जनप्रतिनिध इधर भी ध्यान देंगे. चारों तरफ अव्यवस्थाओं का अंबार है, जनता परेशान है लेकिन कोई सुनवाई नहीं.

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