हैल्थ टिप्स: बदलते मौसम से बढ़ा वायरल का खतरा, ठंड बढ़ाएगी दमा व हार्ट अटैक के मरीज बरतें सावधानी

बदलता मौसम लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। 5 वर्ष से कम उम्र व 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए तो इस मौसम में आफत बढ़ जाती है। ठंड में वायरल, दमा व हार्ट अटैक जैसी बीमारियों के मरीजों की तादाद में काफी इजाफा होता है। हालांकि लोग सावधानी बरतें तो इनसे बचा जा सकता है। बता दे कि मौसम में बदलाव के साथ-साथ ठंड दस्तक दे रही है। ठंड की दस्तक दमा व हार्ट अटैक रोगियों के लिए अधिक नुकसानदायक है। ठंड के कारण दमा के मरीजों के सांस की नली में सूजन आ जाता है। जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है। जबकि हृदय रोग से जुड़े मरीजों को ठंड में परेशानी बढ़ती है। ऐसे में मरीज नियमित दवाई लें व सावधानी बरतें तो स्वस्थ व सुरक्षित रह सकते हैं। वहीं ठंड के कारण वायरल भी बढ़ने की संभावनाएं दिखती है। हालांकि सामान्यत बुखार 7 से 10 दिन में व खांसी-जुकाम करीब सप्ताह में ठीक हो जाता है। इन बीमारियों का रहता है खतरा

बाक्स :

* बुखार

* दमा

* हार्ट अटैक

* खांसी-जुकाम ये बरतें सावधानी :

* ठंडे खाद्य व पेय पदार्थों का सेवन न करें।

* कम ठंड में लापरवाही न बरतें और पूरी बाजू के कपड़े पहने।

* साफ-सफाई का ध्यान रखें।

* खानपान का ध्यान रखें। बाहर का खाना न खाएं।

* हार्ट अटैक के मरीज सुबह मॉर्निंग वाक न करें।

* सीधे ठंडी हवा के संपर्क में न जाएं।

* तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें।

* हलके गर्म पानी का सेवन करें।

* सर्दी की चपेट में आने के लक्षण दिखते ही चिकित्सक से उपचार लें। ये हैं लक्षण

* बुखार होना

* शरीर में दर्द होना

* लगातार खांसी आना

* नाक बहना

* सीने में दर्द होना

* सांस फूलना या सांस लेने में दिक्कत होना ठंड में बढ़ते हैं वायरल के मरीज

अब ठंड ने दस्तक दे दी है। ठंड की चपेट में आने से वायरल व अन्य बीमारियों के मरीजों में बढ़ोतरी होगी। प्रतिदिन करीब 150 से 200 मरीज ठंड की चपेट में आने से उपचार के लिए अस्पताल में पहुंचते हैं।

5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग जल्दी ठंड की चपेट में आ जाते हैं। इसका मुख्य कारण उनमें रोग प्रतिरोधी क्षमता की कमी होता है। ठंड में बचाव रखा जाए तो स्वस्थ रहा जा सकता है।

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