गिलगित-बाल्टिस्तान पर भारत की दो टूक- हमारे आंतरिक मामले में दखल न दे PAK

चुनाव को लेकर भारत और पाक में गतिरोध बढ़ाभारत बोला- गिलगित बाल्टिस्तान हमारा अभिन्न हिस्सा

गिलगित-बाल्टिस्तान के मुद्दे पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान की स्थिति में पाकिस्तान कोई बदलाव नहीं कर सकता. यह पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामले में बोलने का कोई हक नहीं है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा इलाका भारत का अभिन्न हिस्सा है, इस पर पाकिस्तान को बोलने का कोई अधिकार नहीं.

बता दें, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान इलाके को लेकर भारत-पाकिस्तान में गतिरोध बढ़ गया है. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की केंद्र सरकार को चुनाव कराने की अनुमति दी है. इस पर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान इसकी स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं कर सकता है.

पाकिस्तान की नीति आतंकवाद

दूसरी ओर, सार्क और सीआईसीए की बैठक में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे किसी देश से क्या उम्मीद कर सकते हैं जो सीमा पार आतंकवाद में शामिल है और आतंकवाद ही जिसकी राष्ट्रीय नीति है. गुरुवार को सार्क विदेश मंत्रियों की वर्चुअल बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने सीमा पार से जारी आतंकवाद का मुद्दा उठाया. साथ ही उन्होंने सार्क के सामने तीन बड़ी चुनौतियों का जिक्र भी किया. सार्क विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत ने पाकिस्तान के सामने आतंकवाद का मुद्दा उठाया. साथ ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि सार्क के सामने तीन सबसे बड़ी चुनौतियां सीमापार से आतंकवाद, व्यापार में बाधा, कनेक्टिविटी में रुकावट हैं जिनका समाधान किया जाना चाहिए.

चीन के साथ बातचीत जारी

भारत-चीन सीमा विवाद निपटाने को लेकर अभी हाल में दोनों देशों के बीच सीनियर कमांडर्स की बैठक हुई. इस बैठक के बारे में विदेश मंत्रालय ने कहा, यह बैठक 4 सितंबर को भारत-चीन के रक्षा मंत्रियों की मुलाकात के बाद हुई. दोनों देशों के विदेश मंत्री भी 10 सितंबर को मिले और वार्ता की. दोनों पक्ष इस बात पर राजी हुए कि शांति बनाए रखने के लिए दोनों तरफ से वार्ता जारी रहेगी और जो भी तनाव के बिंदु हैं, उस पर बराबर संवाद किया जाएगा और उसे सुलझाया जाएगा. दोनों देश इस बात के लिए तैयार हुए कि जितनी जल्द हो सके फिर से कमांडर स्तर की वार्ता होगी. इसके अलावा डब्ल्यूएमसीसी की बैठक भी जल्द होने की संभावना है.

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