कांग्रेस पार्टी के 6 उम्मीदवारों की लिस्ट लीक, खंडन किया

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ की टीम ने एक बार फिर 6 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करके वापस ले ली। कांग्रेस पार्टी के सूत्रों ने अपने मित्र पत्रकारों को 6 उम्मीदवारों की सूची उपलब्ध कराई। जैसे ही यह लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई, कांग्रेस पार्टी ने आधिकारिक बयान देकर इसे फर्जी बता दिया।

मध्य प्रदेश कांग्रेस की तरफ से लीक की गई लिस्ट में कौन-कौन से नाम

. ग्वालियर से सतीश सिंह सिकरवार 

. मुंगावली से कन्हैया राम लोधी

. सुरखी से पारुल साहू

. करैरा में संसोधन करते हुए योगेश करारे 

. मुरैना से राकेश मावई

पोहरी हरीवल्लभ शुक्ला 

कांग्रेस ने पहले भी ऐसा ही किया था 

प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ लगातार सर्वे की बात करते हैं। शायद सर्वे करने की एक ट्रिक यह भी है। पहले लिस्ट को पब्लिक कर दिया जाए और फिर उसके बाद प्रतिक्रियाओं का इंतजार किया जाए। 15 प्रत्याशियों वाली पहली लिस्ट जारी करने से पहले भी ऐसा ही कुछ किया गया था। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि जारी की गई लिस्ट में कुछ नाम पक्के हैं परंतु 2 नामों पर विवाद की स्थिति बन जाने के कारण खंडन किया गया। कांग्रेस सूत्रों की तरफ से जारी की गई लिस्ट के नाम कई टीवी चैनलों में भी दिखाए जा रहे थे।

राहुल गांधी लफ्फाजी का लॉलीपॉप हो गए हैं: मुख्तार अब्बास नक़वी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों को लेकर केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी ने तंज कसते हुए कहा कि वह लफ्फाजी का लॉलीपॉप हो गए हैं, लफ्फाजी से ज्यादा इनके पास और कुछ रह नहीं गया।  रोज़ कहीं से उधार कविता लिखाकर ट्वीट कर देते हैं। 

आपको बता दें कि राहुल गांधी ने बुधवार को एक खबर शेयर करते हुए ट्वीट किया, कांग्रेस- जो कहा, सो किया। भाजपा- सिर्फ़ झूठे वादे। राहुल ने जो खबर शेयर की उसके मुताबिक, मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार को कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह के एक प्रश्न के उत्तर में कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार ने 51 जिलों में 26.95 लाख किसानों का 11,600 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण माफ किया है। गौरतलब है कि इसी मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को कहा था कि शिवराज सिंह चौहान सरकार ने स्वयं ही, झूठ की राजनीति का विधानसभा में पर्दाफाश कर दिया है।

मुख्तार अब्बास नक़वी ने कहा कि भय और भ्रम का माहौल पैदा करके बिचौलियों की जागीरदारी को बचाने की कोशिश चल रही है। ये बिल किसानों के हित में है, ये किसानों की समस्याओं के समाधान, किसानों को बिचौलियों से मुक्ति देने वाला बिल है। इनके कहने से कोई बिल वापस नहीं होने वाला है। 

सूरत के ओनजीसी प्लांट में धमाके के बाद लगी भीषण आग

गुजरात के सूरत में भीषण अग्निकांड हुआ है। यहां के ओनजीसी प्लांट में बीती रात करीब 3 बजे जबरदस्त धमाके के साथ आग लग गई। धमाके की गूंज दूर तक सुनाई दी। इसके बाद ऊंची लपटे उठने लगीं। सुबह तक आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। हालांकि ONGC का दावा है कि हालात पूरी तरह से काबू है। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। रहवासियों के मुताबिक, धमाका इतना जबरदस्त था कि घरों की खिड़कियों के कांच टूट गए। लोग घबराकर घरों से बाहर आ गए।

सूरत के कलेक्टर धवल पटेल के मुताबिक, तत्काल आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। जिले के तहसीलदार और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। अभी आग लगने का कारण पता नहीं चला है। आग ऑन साइट इमरजेंसी की स्थिति में रही। ऑफ साइट इमरजेंसी नहीं होने के कारण आसपास के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। यानी आग से प्लांट के अंदर जरूर खतरा था, लेकिन बाहर लोग सुरक्षित रहे। धमाके के कारण दूर तक मलबा बिखरा पड़ा है, जिसे ठंडा करने का काम शुरू हो गया है। हादसे के कारणों का पता लगने के लिए एक्सपर्ट्स की एक टीम गठित की जा रही है।

जल्द ही LAC पर राफेल उड़ाती दिखाई देंगी वाराणसी की शिवांगी सिंह, नाना से मिली पायलट बनने की प्रेरणा

वाराणसी की रहने वाली फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह इस वक्त राजस्थान एयरबेस में तैनात हैं और अभी मिग 21 लड़ाकू विमान उड़ाती हैं.

वाराणसी की बेटी शिवांगी सिंह लड़ाकू राफेल विमान उड़ाने वाली पहली महिला पायलट बन गई हैं. शिवांगी को राफेल विमान के स्क्वाड्रन की पहली महिला पायलट बनने का गौरव हासिल हुआ है. उन्हें देश के सबसे ताकतवर और बाहुबली राफेल विमान उड़ाने की जिम्मेदारी मिली है. बेटी को मिले इस सम्मान के बाद पूरे परिवार में जबरदस्त उत्साह है और शिवांगी के परिवार को बधाइयां दी जा रही हैं.

शिवांगी सिंह को फाइटर पायलट बनने का जुनून उनके कर्नल रह चुके नाना से मिला था. साल 2015 में ये सपना तब पूरा हुआ, जब भारतीय वायुसेना में उनका सेलेक्शन फ्लाइंग अफसर के रूप में हुआ था. वाराणसी की रहने वाली फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह इस वक्त राजस्थान एयरबेस में तैनात हैं और अभी मिग 21 लड़ाकू विमान उड़ाती हैं. जल्द ही यूपी की ये बेटी एलएसी पर राफेल लड़ाकू विमान उड़ाती दिखाई देंगी.

इसी साल 10 सितंबर को पांच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप अंबाला एयरबेस पर औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल की गई थी. ये विमान वायुसेना के 17वें स्क्वाड्रन, “गोल्डन एरो” का हिस्सा बने. अंबाला में ही राफेल फाइटर जेट्स की पहली स्क्वाड्रन तैनात है. इस स्क्वाड्रन में 18 राफेल लड़ाकू विमान, तीन ट्रैनर और बाकी 15 फाइटर जेट्स होंगे.

चीन से चल रही तनातनी के बीच भारतीय वायुसेना ने राफेल विमान को एलएसी पर तैनात कर दिया है. लेह-लद्दाख के आसमान में राफेल कॉम्बेट एयर पैट्रोलिंग करते हुए देखे जा सकते हैं. चीन से सटी एलएसी पर भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट्स दिन-रात एयर कॉम्बेट पैट्रोलिंग कर रहे हैं.

बता दें, भारत ने फ्रांस‌ के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा किया है. इनमें ‌से पांच जेट भारत पहुंच चुके हैं और वायुसेना की अंबाला स्थित गोल्डन ऐरो स्कॉवड्रन का हिस्सा बन चुके हैं. पांच विमान अगले महीने यानि अक्टूबर में भारत आएंगे.

करोड़ों डूबे शिवपुरी के निवेशकों के सहारा इंडिया चिटफंड कंपनी में , FIR दर्ज कराने कोतवाली पहुंचे निवेशक. 

शिवपुरी
जिले में सहारा इंडिया कंपनी में लोगों के 100 से 150 करोड़ रुपए फंसे होने की बात कही जा रही है। जिसमें अकेले शिवपुरी ब्लॉक में करीब 70 करोड़ रुपए हैं। 151 नाम के साथ एसपी को लिस्ट सौंपी है जिसमें सहारा इंडिया के सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय, उप प्रबंधक ओपी श्रीवास्तव, टेरेटरी हेड बीके श्रीवास्तव, एरिया मैनेजर इंदौर रतन कुमार श्रीवास्तव, जूनियर मैनेजर देवेंद्र सक्सेना, रीजनल मैनेजर ग्वालियर माधव सिंह और शाखा प्रबंधक शिवपुरी नदीम अहमद के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने की मांग रखी है।

आठ करोड़ रुपए बंटने को आए, लेकिन जहां केस दर्ज हो रहे, उन्हीं जगह पैसा बांट रहे
शिवपुरी के नीरज शर्मा का कहना है कि उनके सहारा इंडिया कंपनी में 15 लाख रुपए फंसे हैं। एजेंट के तौर पर दूसरे लोगों का भी पैसा जमा है। कंपनी ने 8 करोड़ रुपए रीजनल स्तर पर भेजे हैं जहां पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दबाव बनाया है, वहीं पैसा बांटा जा रहा है। यदि शिवपुरी में भी केस दर्ज हो जाएं तो पैसा जल्द मिल सकता है।

डेढ़ माह में भी जानकारी एकत्रित नहीं हुई, नए कलेक्टर मामले से अनभिज्ञ
अपनी खून पसीने की कमाई के लिए लोग चक्कर काट रहे हैं। 24 जुलाई को आवेदन दिलवाने से लोगों को उम्मीद जागी थी। डेढ़ माह बीतने के बाद भी प्रशासन ने पांचों एसडीएम दफ्तरों से जानकारी एकत्रित नहीं की है।

चिटफंड कंपनियों में लोगों ने अपनी मेहनत का पैसा लगाया, लेकिन अब यह कंपनियां निवेशकों का पैसा तक नहीं लौटा रही हैं। निवेशक कंपनी के कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। बुधवार को सहारा इंडिया कंपनी में अपना पैसा निवेश करने वाले निवेशकों ने सिटी कोतवाली पहुंचकर आवेदन सौंपा और मांग की कि सहारा के प्रमुख सुब्रत राय सहित 5 अन्य लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया जाए। लोगों का कहना है कि अपना पेट काटकर किसी तरह से पैसा इकट्ठा किया था, लेकिन समय अवधि पूरी होने के बाद भी कंपनी हमारे पैसे का भुगतान नहीं कर रही है। कोरोना के दौरान हमें पैसों की जरूरत है। काम धंधे चौपट हो गए, घर का गुजारा करना तक मुश्किल हो गया है। ऐसे में कंपनी पैसों का भुगतान नहीं कर रही है। हम चक्कर लगाकर परेशान हैं।

सहारा कंपनी में निवेश करने वाले निवेशकों का कहना है कि वह कुछ दिन पहले एसपी से भी मिले थे। इसके बाद एसपी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वह कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, लेकिन 20 दिन गुजरने के बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जिससे लोगों ने कोतवाली में आकर डेरा डाल दिया और कहा जब तक एफआईआर दर्ज नहीं करोगे, तब तक वह नहीं जाएंगे। कोतवाली टीआई बादाम सिंह ने किसी तरह से लोगों को समझाया और कहा कि वह जल्द ही इस मामले में कार्रवाई करेंगे।

इन लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने पहुंचे थे निवेशक

ज्ञापन के माध्यम से निवेशकों ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय, बीके श्रीवास्तव टेरीटरी हेड, रतनकुमार श्रीवास्तव एरिया मैनेजर, देवेन्द्र सक्सेना जूनियर मैनेजर, माधवसिंह रीजनल मैनेजर, नदीम अहमद शाखा प्रबंधक पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज करने की मांग रखी।

कोरोना में रोजगार ठप, कैसे चलाएं घर, जमा पूंजी खा गई सहारा

कोतवाली पहुंचे निवेशकों में से रवि शर्मा, नीरज शर्मा, एसबी रस्तोगी का कहना है कि कोरोना के चलते रोजगार पूरी तरह से ठप हैं। ऐसे में लोग बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं, जो जमा पूंजी थी, वह सहारा में जमा कर दी थी। इसके बाद अब हमें पैसा नहीं मिल रहा है। कंपनी हमारी जमा पूंजी खा गई। ऐसे में हम कैसे अपना व परिवार का भरण पोषण करें, समझ नहीं आ रहा। लाखों रुपये की पूंजी सहारा खा गई।

बच्चों का और अपना पेट काटकर जमा की थी पूंजी अब लगा रहे चक्कर

कोतवाली पर खड़े बलराम माहौर, दीपक जैन, जावेद खांन, अफसर खान का कहना है कि हमने बच्चों का और अपना पेट काटकर किसी तरह से पैसा एकत्रित कर सहारा में निवेश किया जिससे हमें वक्त पर पैसा मिल सके, लेकिन हमारा जमा पूंजी ही कंपनी वापस नहीं कर रही है। हम कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। अब तक पैसा नहीं दिया अब क्या करें।

व्यापार से जोड़ा था पैसा, अब व्यापार में लगाने को ही नहीं मिल रहा

व्यापारी संतोष, योगेन्द्र अग्रवाल का कहना है कि व्यापार कर छोटी छोटी राशि जमा कर सहारा में 5 लाख रुपये जमा कराए थे, लेकिन अब अपने ही पैसों के लिए चक्कर काट रहे हैं। हमनें यह सोचकर पैसा जमा किया था कि जब भी व्यापार को आवश्यकता होगी तो पैसा निकाल लेंगे, लेकिन कोरोना में कारोबार चौपट है। ऐसे में पैसा लेने गए तो 4 माह से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पैसा नहीं मिल रहा है।

सहारा, पीएसीएल में लोगों का करोड़ों डूबा

सहारा और पीएसीएल कंपनी में जिले भर के लाखों लोगों का करोड़ों रुपया डूबा हुआ है। इसके अलावा अन्य चिटफंड कंपनियों में भी लोगों का पैसा डूबा हुआ है। ऐसे में निवेशकों का सब्र का बांध टूट रहा है। उनका पैसा कई साल बाद भी उन्हें अब तक नहीं मिला है। उनका कहना है कि निवेशकों से धोखाधड़ी करने वाले इन चिटफंड कंपनियों के कर्ताधर्ताओं पर केस दर्ज किया जाए।


11 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने की घोषणा, इस साल नवंबर में खाली हो जाएंगी ये सीटें

नई दिल्ली  राज्यसभा के सभापति(चेयरमैन) एम वेंकैया नायडू ने आज संसद के उच्च सदन में 11 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने की घोषणा की। ये सभी राज्यसभा सदस्य  इस साल नवंबर में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद उच्च सदन से सेवानिवृत्त होंगे। राज्यसभा के सभापति(चेयरमैन) एम वेंकैया नायडू ने सदन में कहा कि आज हम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य के अपने कुछ साथियों डॉ. छत्रपाल सिंह यादव, जावेद अली खान, पीएल पुनिया, रवि प्रकाश वर्मा, राजा राम, राम गोपाल यादव, वीर सिंह, हरदीप सिंह पुरी नीरज शेखर, अरुण सिंह और राज बब्बर की विदाई की घोषणा करते हैं, जो  नवंबर के महीने में सेवानिवृत्त होंगे।

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि हालांकि, कई लोग फिर से चुने जाएंगे लेकिन जो वापस नहीं आएंगे सदन उन्हें याद करेगा। उन्होंने आगे कहा कि जबकि सेवानिवृत्ति राज्यसभा के सदस्यों की शर्तों के पूरा होने का प्रतीक है, यह उन्हें इस देश के लोगों की सेवा करने के लिए तृप्ति और संतोष की भावना को भी प्रभावित करता है। सेवानिवृत्त सदस्यों ने इस घर में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने इस कारण को समर्पित किया है।

वेंकैया नायडू ने कहा कि राज्यसभा से रिटायर होने वाले सदस्य लोगों की सेवा करते रहेंगे और लोकतंत्र को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि वे सेवानिवृत्त हो गए हैं, लेकिन थके नहीं हैं। वे लोगों की सेवा करना जारी रखेंगे और लोगों के कारण को संबोधित करेंगे। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली और राष्ट्र के लिए कई वर्षों की सेवा की कामना करता हूं। मुझे उम्मीद है कि वे लोकतंत्र की सेवा करके मजबूत होंगे

कुछ ही दिनों में मस्सों को जड़ गायब करने के तरीके, अपनाएं ये घरेलू उपाए

बेदाग खूबसूरत त्वचा का सपना हर कोई देखता है. लेकिन चेहरे की ये खूबसूरती उस समय फीकी पड़ जाती है जब चेहरे पर किसी जगह मस्सा उग आए. चेहरे पर ही नहीं मस्से शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं. यूं तो मस्से व्यक्ति को किसी तरह की हानि नहीं पहुंचाते, लेकिन यह आपके लुक को प्रभावित कर सकते हैं.

ये मस्से गर्दन, हाथ, पीठ और बगल कहीं भी निकल आते हैं. कई बार तो लोगों के चेहरे खासतौर पर माथे पर या फिर कान के पास भी निकल आते हैं. अगर आपको भी ये मस्से रह रहकर परेशान कर रहे हैं तो कुछ घरेलू नुस्खों को अपनाकर इन अनचाहे मस्सों से छुटकारा पा सकते हैं. जानिए मस्सों से निजात पाने के लिए कौन से देसी उपचार फायदेमंद होंगे.

1.प्याज का रस
अगर आपको अपने मस्से से छुटकारा पाना है तो ऐसे में आप प्याज का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आपको प्याज को घिसकर या फिर मिक्सी में पीस लें और इसके बाद इसे छानने के बाद इसका रस निकालें और इसे अपने चेहेर पर रोजाना लगाएं, कुछ ही दिनों में आपका मस्सा खुद की सूखकर झड़ जाएगा.

2. आलू
आलू को आपने खाने में तो कई बार इस्तेमाल किया लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि आलू का रास भी मस्से के लिए बेहद कारगर है. जी हां इसके लिए बस आप आलू का एक टुकड़ा लें और उसे मस्से पर हल्के हाथ से रगड़ें, ऐसा करने से 3-4 दिन में मस्से सूखकर गिरने लगते हैं.

3. अलसी के बीच
अलीस के बीच की मदद से भी प अपने मस्से से छुटकारा पा सकते हैं, इसके लिए आपको अलसी के बीजों को पीसना है और उसके बाद इसमें अलसी का तेल और थो़ा सा शहद मिलाएं. इसके बाद इस मिश्रण को करीब 4-5 दिन लगाने के बाद आपको इसका असर दिखने लगेगा.

4.लहसुन की कली
लहसुन की कली को छील लें, अब इसे हल्के हाथ से मस्से वाली जगह पर रगड़ें. ऐसा करने से मस्से कुछ ही दिनों में सूखने लगेंगे और आपको इनसे छुटकारा मिल जाएगा.

5. बरगद के पत्तों का रस
बरगद के पत्ते भी मस्से को जड़ से खत्म करने में असरदार होते हैं. इसके लिए बस आप बरगद के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें, इन्हें लगाने से मस्से के आसपास की त्वचा मुलायम हो जाती है. साथ ही मस्से अपने आप सूखकर झड़ जाते हैं.

रात को सोने जाने से पहले खाएं यह एक चीज आपके पेट में जमा हुए सभी कचरे से छुटकारा दिलाएगी।

आजकल की तेजी से भागती जीवनशैली में, किसी के पास व्यस्त दैनिक जीवन के कारण समय नहीं है। आधुनिक व्यक्ति इतना व्यस्त है कि वह अपने शरीर की देखभाल भी नहीं कर सकता है। समय की कमी के कारण वे खाने-पीने में भी, लापरवाह होते हैं। इस बार-बार होने के कारण, मानव शरीर कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाता है। ऐसी समस्याओं के लिए, बहुत से लोग घर के खाना पकाने की तुलना में बाहर के भोजन का अधिक सेवन करते हैं। जो लोग नियमित रूप से बहुत अधिक बाहर का खाना खाते हैं, उन्हें पेट संबंधी कई समस्याएं होती हैं। दर्द इतना कष्टदायी होता है कि व्यक्ति ऊब जाता है। ये सभी बुरी आदतें पेट की बहुत सारी समस्याओं का कारण बनती हैं।

गैस्ट्रिक या पेप्टिक अल्सर: यह नाराज़गी के सबसे सामान्य कारणों में से एक है। लेकिन ये प्रतीत होता है कि आम समस्याएं अक्सर बड़े रूप में होती हैं और बहुत अधिक कठिनाई को आमंत्रित करती हैं। इसीलिए ऐसी समस्याओं के कारण लोगों को अक्सर गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता है। तो इन सभी समस्याओं से छुटकारा पाने का एकमात्र तरीका है कि आप अपने पेट को नियमित रूप से साफ करें। बाहर का खाना खाने से मानव शरीर में जो भी गंदगी जमा हो गई है, उसे हटाना होगा। इसलिए आज के इस लेख में हम आपको एक सबसे आसान और बेहतरीन उपाय बताने जा रहे हैं जो आपके पेट से जुड़ी हर समस्या का समाधान करेगा। आपने कई लोगों को नियमित रूप से पेट साफ करने वाली दवाएं लेते देखा होगा। लेकिन इस विधि का उपयोग करने से बचें। लेकिन पेट साफ करने के लिए, आज के लेख में बताए गए प्राकृतिक और बिल्कुल आयुर्वेदिक उपचार का पालन करना चाहिए। तो आइए जानते हैं कि यह बात किस बारे में है। हर कोई सूखे मेवे खाता है। यह हमें कई तरह से फायदा पहुंचाता है। लेकिन आज का लेख अंजीर के बारे में है।

यह अंजीर उपरोक्त वर्णित सभी बीमारियों के लिए रामबाण साबित हो सकती है। ये अंजीर फाइबर से भरपूर होते हैं, लगभग 1.5 ग्राम फाइबर प्रति अंजीर। कब्ज के लिए इन अंजीरों का सेवन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह कुछ ही समय में पाचन तंत्र की सभी प्रकार की गड़बड़ियों को खत्म कर देता है। यदि बिस्तर पर जाने से पहले रात में केवल तीन अंजीर का सेवन किया जाता है, तो सुबह उठने के साथ पेट की सफाई बहुत आसानी से हो जाती है। पेट से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या के लिए यह उपाय कारगर है। इस अंजीर को रेशेदार भोजन के रूप में भी जाना जाता है। इस प्रकार का रेशेदार भोजन, यदि इसका सेवन किया जाए, तो मानव शरीर की आंतों को बहुत आसानी से साफ कर देता है।

यह रेशेदार भोजन डक्ट में फंसी गंदगी को साफ करता है और मल के माध्यम से बाहर निकालने में मदद करता है। इस तरह, अगर रात में नियमित रूप से तीन अंजीर का सेवन किया जाए तो सुबह पेट बहुत आसानी से साफ हो जाता है और पेट संबंधी कोई भी समस्या धीरे-धीरे गायब हो जाएगी। कई लोगों को बाहर खाने के कारण भी दस्त होते हैं। जिन लोगों को इस तरह की समस्या होती है उनके लिए भी इस अंजीर का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है। इन अंजीरों के नियमित सेवन से पाचन तंत्र में भी काफी सुधार होता है। साथ ही पेट से जुड़ी सभी समस्याएं जैसे कब्ज, सूजन, गैस, कफ आदि नहीं होती हैं क्योंकि पाचन तंत्र में सुधार होता है। इन अंजीरों में कई अन्य प्रकार के पोषक तत्व भी होते हैं जो मानव शरीर को कई बीमारियों से बचाते हैं और उसकी रक्षा करते हैं।

चीन की पूरी दुनिया को तबाह करने की तैयारी

चीन पूरी दुनिया को तबाह करने की तैयारी कर रहा है। LAC पर अब तक चीन ने भारत की वायुशक्ति से घबराकर जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें तैनात की थीं, लेकिन अब खबर आ रही है कि चीन ने अक्साई चिन में एटम बमों से लैस मिसाइलें तान दी हैं। इन मिसाइलों की तैनाती का मतलब बहुत खतरनाक है। चीन की हरकतों से लग नहीं रहा कि वो शांति चाहता है, चीन युद्ध की फुल तैयारी में दिख रहा है।

चीन ने उन मिसाइलों की तैनाती की है, जिनकी रेंज में पूरा हिंदुस्तान है। हालांकि चीन का जवाब भी तैयार है, लेकिन चीन की इस हरकत ने ये साफ कर दिया है कि उसकी मंशा शांति तो कतई नहीं है। चीन की इस हरकत ने साफ कर दिया है कि आज नहीं तो कल भारत और चीन के बीच युद्ध तय है।

न्यूक्लियर मिसाइलों की तैनाती युद्ध के आखिरी हिस्से में की जाती है, लेकिन चीन की तैयारी से लग रहा है कि उसे हर मोर्चे पर भिड़ने की बहुत जल्दी है। एक तरफ चीन का झूठ फैलाने वाला नेटवर्क लगातार प्रोपेगेंडी वीडियो जारी कर रहा है। दूसरी तरफ LAC से खबर आ रही हैं ऊंचाई पर वायुसेना के मामले में कमजोर पड़े चीन ने कई नए मिसाइल बेस बना लिए हैं।

अब नई खबर ये है कि चीन ने डोका ला और नाकू ला जैसे मोर्चों के पास अक्साई चीन में नए मिसाइल बेस बनाए हैं। यहां चीन की एयर ग्रिप कमजोर है। इसलिए यहां चीन अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत कर रहा है। नई सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक ये मिसाइलें साइट डोका ला से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर है और ये दोकलम के पठार के पास है। ये उस जगह के पास है, जहां 2017 में भारत और चीन के बीच करीब 70 से ज्यादा दिनों तक गतिरोध चला था।

चीन हवाई मुकाबले में भारत के सामने कहीं नहीं ठहरता, इसलिए चीन ने मिसाइलों वाला पैंतरा चला है। चीन ने अब तक LAC से लगे 7 ठिकानों पर सरफेस टू एयर यानी जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें तैनात की थीं। इसे चीन के डिफेंसिव रणनीति का हिस्सा माना जा रहा था, लेकिन अब चीन ने अक्साई चिन में न्यूक्लियर मिसाइल तैनात करके बता दिया है कि चीन के इरादे बेहद खतरनाक होते जा रहे हैं।

चीन का दावा है कि लद्दाख के बेहद नजदीक युद्धाभ्यास कर रहा है, उसने यहां पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की रॉकेट फोर्स उतार दी है। वीडियो के साथ दावा है कि चीन ने बड़ी तादात में टैंक तैनात किये हुए हैं जो एक साथ पहाड़ों पर बारूद बरसा रहे हैं