हरड़ में है गजब के स्वास्थवर्धक गुण….

हरड़ (Haritaki) बहुत ही प्रसिद्ध कायाकल्प जड़ी-बूटी (Herb) है. इस पेड़ के फल, जड़ें और छाल का इस्तेमाल हर्बल दवाओं को तैयार करने में किया जाता है.

आयुर्वेद में हरड़ का उपयोग यौन समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है.

आयुर्वेद में ऐसी जड़ी-बूटियां (Herbs) हैं जो कि कई तरह की बीमारियों के इलाज में कारगर सिद्ध हुई हैं. ऐसी ही एक जड़ी-बूटी हरड़ है, जिसे हरीतकी (Haritaki) के नाम से भी जाना जाता है. यह त्रिफला के तीन फलों में से एक है. नियमित रूप से हरड़ का सेवन पाचन तंत्र (Digestion) से लेकर बवासीर (Piles) तक की दिक्कतों से छुटकारा दिला सकता है.डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि यह बहुत ही प्रसिद्ध कायाकल्प जड़ी-बूटी है. इस पेड़ के फल, जड़ें और छाल का इस्तेमाल हर्बल दवाओं को तैयार करने में किया जाता है. हरड़ में नमक को छोड़कर पांचों रस यानी मीठा, तीखा, कड़वा, कसैला और खट्टा पाए जाते हैं. मिनरल, विटामिन, प्रोटीन, एंटीबैक्टीरियल, एंटीबायोटिक गुण इस औषधि में होते हैं. इसका बीजरहित फल खाया भी जा सकता है. जानिए हरड़ के अन्य फायदे-

त्वचा और बालों की समस्याओं के लिए

त्वचा और बालों की समस्याओं से हरड़ का पाउडर निजात दिला सकता है. मुंहासे दूर करने के लिए गर्म पानी में हरड़ का पाउडर मिलाएं और इसके पेस्ट को ठंडा कर सीधे प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं. बालों के झड़ने की शिकायत हो या रूसी की परेशानी, आंवले के तेल में हरड़ के पाउडर को मिलाकर बालों पर लगाएं.

पाचन तंत्र में सुधार

भोजन से पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने और आंतों को स्वस्थ रखने में हरड़ का नियमित रूप से सेवन फायदेमंद साबित होता है. एक गर्म पानी में 2-3 ग्राम हरड़ डालकर पीने से पाचन में मदद मिलती है.

बवासीर को कम करने में

एम्स के डॉ. नबी वली का कहना है कि बवासीर यानी पाइल्स में गुदा और मलाशय में मौजूद नसों में सूजन और तनाव आ जाता है. हरड़ में मल को पतला करने वाला गुण पाया जाता है, जिसके कारण पेट से जुड़ी समस्याएं दूर होकर बवासीर की समस्या में राहत दिलाने का काम कर सकता है. पानी की आधी बाल्टी में 2 चम्मच हरड़ डालकर नहाएं. इससे सूजन कम होगी और घाव भी भरेंगे.

खांसी के लिए फायदेमंद

हरड़ का इस्तेमाल खांसी, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं के लिए किया जाता है. आधे चम्मच शहद के साथ हरड़ के पाउडर को मिलाकर चाटें.

यौन शक्ति बढ़ाने के लिए

आयुर्वेद में हरड़ का उपयोग यौन समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है. यौन शक्ति बढ़ाने के लिए रोजाना 1-2 ग्राम एक महीने तक खाएं. यह शीघ्रपतन के इलाज में फायदेमंद है. हरड़ के इस्तेमाल को लेकर इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि ज्यादा समय तक इस्तेमाल करने पर इसके गर्म और कसैले गुण के कारण यौन शक्ति की कमी भी हो सकती है.

उल्टी और मतली में राहत

उल्टी की समस्या होने पर हरड़ का इस्तेमाल तुरंत राहत दिलाता है. अगर मतली हो तो भी हरड़ का सेवन कर सकते हैं. शहद के साथ हरड़ पाउडर लेने पर यह समस्या दूर होती है.

मुंह और पेट का अल्सर

हरड़ में कोशिकाओं को नुकसान से बचाने वाले, बैक्टीरिया के प्रभाव को नष्ट करने वाले और अल्सर को दूर करने वाले गुण मौजूद होते हैं. हरड़ का इस्तेमाल मुंह और पेट के अल्सर से बचाने में मदद करता है. हरड़ को सूखे मेवों के साथ मिलाएं और पानी में इसे डालकर उबाल लें. इस पानी को माउथवॉश की तरह इस्तेमाल करें. यह मसूड़ों के रोग और दांत की समस्याओं को रोकने में प्रभावशाली है.

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