फसल बीमा के नाम पर किसान के साथ धोखा 200 रुपये से कम नहीं दे सकते फसल बीमा, कंपनियों को फिर भेजे निर्देश

भोपाल मध्य प्रदेश में किसी भी किसान को फसल बीमा की दावा राशि 200 रुपये से कम नहीं दी जा सकती है। इससे कम राशि होने पर भुगतान नहीं किया जाएगा। यह निर्णय 22 जून 2018 में लिए गए थे। इनमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके बावजूद कंपनियों द्वारा चार रुपये तक के बीमा राशि के चेक किसानों को दिए जा रहे हैं। इसको लेकर राज्य सरकार ने एक बार फिर बीमा कंपनियों को निर्देश भेजे हैं.

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जून 2018 में राज्य स्तरीय समन्वय समिति में तय किया गया था कि 101 रुपये से 200 रुपये के बीच फसल बीमा दावा बनने पर 200 रुपये ही भुगतान किया जाएगा। 100 रुपये तक दावा राशि बनने पर किसान को उसका भुगतान न किया जाए। यह आदेश अभी भी प्रभावी है, इसके बाद भी किसानों को चार रुपये से लेकर 100 रुपये तक का फसल बीमा दिया जा रहा है।

सरकार बनाएगी अपनी कंपनी या ट्रस्ट

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि न्यूनतम राशि को लेकर नियम बनाए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि मप्र सरकार अगले साल फसल बीमा को लेकर अपनी कंपनी या ट्रस्ट बनाने की तैयारी में है। इसमें किसानों को न्यूनतम बीमा राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रविधान जैसा कम से कम दो हजार रुपये रखा जा सकता है।

13 हजार रुपये बना औसत

फसल बीमा बीमा कंपनी इफको-टोकियो ने 13 जिलों (अनूपपुर, बैतूल, बुरहानपुर, धार, हरदा, होशंगाबाद, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, सीहोर, शहडोल और उमरिया) में फसल बीमा किया था। यहां फसल बीमा औसत 13760 रुपये बना है। सबसे कम औसत बीमा 3397 रुपये खरगोन में बना है तो सर्वाधिक 49360 रुपये बुरहानपुर में बना है।

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