हरसिमरत कौर ने कृषि बिल के ख़िलाफ़ दिया इस्तीफ़ा, मोदी बोले किसानों को भ्रमित कर रही हैं शक्तियाँ, स्तीफा स्वीकार

नई दिल्ली

शिरोमणि अकाली दल की नेता और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कृषि विधेयक के ख़िलाफ़ केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

उन्होंने ट्वीट किया है, “मैंने केंद्रीय मंत्री पद से किसान विरोधी अध्यादेशों और बिल के ख़िलाफ़ इस्तीफ़ा दे दिया है. किसानों की बेटी और बहन के रूप में उनके साथ खड़े होने पर गर्व है.”

उन्होंने प्रधानमंत्री को सौंपे अपने इस्तीफ़े में लिखा है कि कृषि उत्पाद की मार्केटिंग के मुद्दे पर किसानों की आशंकाओं को दूर किए बिना भारत सरकार ने बिल को लेकर आगे बढ़ने का फ़ैसला लिया है. शिरोमणि अकाली दल किसी भी ऐसे मुद्दे का हिस्सा नहीं हो सकती है जो किसानों के हितों के ख़िलाफ़ जाए. इसलिए केंद्रीय मंत्री के तौर पर अपनी सेवा जारी रखना मेरे लिए असभंव है.

उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हज़ारों किसान सड़क पर हैं. मैं ऐसी सरकार का हिस्सा नहीं बनना चाहती जिसने सदन में बिना किसानों की चिंताओं के बारे में बात किए बिल पास कर दिया. यही वजह है कि मैंने इस्तीफ़ा दिया.”

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा, “हम किसानों के साथ खड़े हैं और उनके लिए कुछ भी करेंगे. इसके बाद अगला फ़ैसला अब हमारी पार्टी. थोड़ी ही देर में हमारी पार्टी की एक बैठक होगी.”

स्तीफा हुआ स्वीकार

पीएम मोदी से सलाह के बाद भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कैबिनेट मंत्रिमंडल से हरसिमरत कौर के इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्री परिषद से हरसिमरत का इस्तीफा संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत स्वीकार किया है. 

प्रधानमंत्री द्वारा सलाह-मशविरा के बाद राष्ट्रपति ने निर्देश दिया कि कैबिनेट मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को उनके मौजूदा विभागों के अलावा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का प्रभार भी सौंपा जाए.

बता दें कि मोदी कैबिनेट से अपने इस्तीफे की जानकारी हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट कर दी थी. अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है. किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व है. हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग मंत्री थीं. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि बीजेपी की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल अध्यादेश का विरोध कर रही है.

इससे पहले गुरुवार को जब बिल को लोकसभा में पेश किया गया तो शिरोमणि अकाली दल के सांसद सुखबीर सिंह बादल ने विरोध किया था. उन्होंने सरकार को बड़ा झटका देते हुए कहा था कि हरसिमरत कौर बादल मंत्रीपद से इस्तीफा देंगी. हालांकि, शिरोमणि अकाली दल का सरकार को समर्थन जारी रहेगा.

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