चीन की चालबाजी में फंसा नेपाल, जमीन के बाद अब नेपाली एयरबेस पर कब्जा करना चाहता है ड्रैगन

नई दिल्ली

पूरी दुनिया जानती है कि भूमाफिया चीन मदद के नाम पर दूसरे देश को कब्जा करने और उन्हें गुलाम बनाने की साजिश रचता है। पहले पाकिस्तान और अब नेपाल चीन की इसी साज़िश में पूरी तरह से फंसता जा रहा है। .नेपाल सोच रहा है कि उसका सबसे करीब चीन उसके देश में विकास कर रहा है लेकिन वो उस साज़िश को समझ नहीं पा रहा है जिसे जिंपिंग ने रच रखा है।

नेपाल में छोटे-छोटे विमान उड़ रहे हैं, उतर रहे हैं, सड़कें बन रही हैं, मज़बूत इमारतों का निर्माण हो रहा है। जेसीबी मशीनें लगी हुई हैं। चारों तरफ कंट्रक्शन का काम चल रहा है। ज़मीन नेपाल की है, लेकिन कंस्ट्रक्शन चीन कर रहा है। 60 फीसदी मज़दूर और इंजीनियर चीन के हैं और हर कंस्ट्रक्शन साइट पर चीन का बाकायदा बोर्ड लगा हुआ है।

नेपाल में चीन का निर्माण बहुत तेज़ी से चल रहा है। नेपाल की ज़मीन पर जिंपिंग ने ऐसा जाल बिछा दिया है कि नेपाल कब चीन का गुलाम बन जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है। चीन के इस निर्माण में एयरबेस, लंबी-लंबी सड़कें, एयरपोर्ट, रेस्ट्रां, पांच सितारा होटल सब शामिल है।

नेपाल के पोखरा एयरपोर्ट पर चीन विस्तार कर रहा है। कोरोना काल में काम ठप था, लेकिन जैसे काम खुला वैसे ही चीन के काम में तेज़ी आ गई। अब चीन की नजर नेपाल के एयरबेस पर है। नेपाल के सबसे बड़े पर्यटक स्थल पोखरा में चीन एयरपोर्ट की निर्माण कर रहा है। जिसके बदले नेपाल को 22 अरब  नेपाली रुपया कर्ज दिया गया है। इस एयरपोर्ट का निर्माण 11 august 2018 से शुरु किया गया है। जिसमें  60 फीसदी चीनी मजदूर के द्वारा निर्माण कराया जा रहा है।

पोखरा एयरपोर्ट तैयार होने वाला है। वहीं नेपाल के भैरावा में गौतम बुद्ध एअरपोर्ट भी चाइना ने  बनाकर तैयार कर दिया है और तो  तो और चीन से लगी सीमा पर लूकला एयरपोर्ट का निर्माण भी चीन ने किया है जो परी तरह से ऑपरेशनल है।

दरअसल चीन की निगाह नेपाल में सड़क और 5जी टावर लगाने के बाद अब एयर बेस बनाने पर है। जिसके जरिए नेपाल के एयरबेस पर अपना कब्जा जमाना चाहता है। आपको बताते चलें कि चीन ने नेपाल से सटे सभी सीमाओं पर अपना सड़क निर्माण कर दिया है साथ ही माउंट एवरेस्ट और सीमावर्ती इलाकों में 5G टावर भी लगा दिया है।

दरअसल चीन की नीति गरीब मुल्कों के कर्ज़ लादकर उस पर अपनी हुकूमत बरकरा रखना चाहता है। पाकिस्तान, श्रीलंका और बांगलदेश की तरह चीन नेपाल को कर्ज़ में डुबा कर वहां पर अपना कब्ज़ा जमाना चाहता है। दिनों दिन ओली की सरकार उसके चाल में फंसती ही जा रही है। कर्ज़ का यही आलम रहा तो 1 दिन  नेपाल को अपना एयर बेस भी गंवाना पड़ सकता है। हालांकि इसको लेकर अब देश के तराई में इसका विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुका है लेकिन केंद्र की ओली सरकार अनुदान के नाम पर जनता को गुमराह कर चाइना के द्वारा जगह जगह निर्माण कर वा रही है।

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