शिवपुरी एक निर्दोष का अंत…….फांसी की शरण में मानवता को धिक्कारती है घटना

तानाशाही एवं निकम्मी प्रशासनिक व्यवस्था कुछ भी कर सकती है । प्रशासनिक तंत्र के चलते अगर समय पर न्याय नहीं मिलता, तो निश्चित रूप से भावुक एवं स्वाभिमानी व्यक्ति के पास जिंदगी के लिए जीने का कोई कारण नहीं होता । अंततः वह मौत को गले लगा लेता है । वहीं दूसरी और बेशर्म और भ्रष्ट कर्मचारी जेल से लौट कर आने के बाद भी समाज में बेधड़क अपनी जिंदगी जीते हैं ।माननीय मुख्यमंत्री जी क्योंकि वह स्वाभिमानी ब्राह्मण शिक्षक था , इसलिए अपमान सहन नहीं कर पाया । प्रशासनिक व्यवस्था अंतर्गत न्याय की आस में उसकी जिंदगी की आस टूट गई । और अपने पीछे दो जवान बच्चियों को छोड़ गया , उसी भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र के हवाले जिसके चलते उसने मौत को गले लगा लिया । उम्मीद अब शायद ईश्वर के अलावा ऐसी परिस्थिति में उस परिवार के पास कुछ भी नहीं । आज शिवपुरी शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर उसकी लाश पेड़ पर लटकी हुई मिली । देर शाम तक सुसाइड नोट के बारे में पुलिस प्रशासन से लेकर सभी अफसर इस मामले को छुपाते रहे । सुसाइड नोट को छुपाने का कारण क्या था ? यह तो समय आने पर पता चल ही जाएगा । परंतु इतना स्पष्ट है कि एक और इस लापरवाह , भ्रष्ट एवं तमाशा तंत्र का बेगुनाह शिक्षक हिस्सा बन गया ।

इस प्रकरण में किया था कलेक्टर ने सस्पेंड-

बताया जाता है कि दिसम्बर 2019 में लिपिक वृन्दावन शर्मा को कलेक्टर ने एक न्यायालयीन प्रकरण के क्रम में सस्पेंड कर दिया था। इस निलम्बन की जो कहानी सामने आ रही है उसके अनुसार बैराड़ क्षेत्र में सरकारी स्कूल में पदस्थ शिक्षक राजेश बैरागी को भ्रष्टाचार के आरोप में साल 2014 में निलंबित किया था, जिसके खिलाफ शिक्षक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने कलेक्टर को मामले के निराकरण के निर्देश दिए थे लेकिन मामले का निराकरण न होने पर न्यायालय की अवमानना का दोषी पाया गया। इस मामले में जहां कोर्ट ने गत समय कलेक्टर अनुग्रहा पी सहित डीईओ अजय कटियार व अन्य विभागीय अधिकारियों को तलब किया। वहीं कोर्ट के मामले में समय रहते अपेक्षित कार्रवाई न करने पर जिला शिक्षा विभाग के एकाउंटेंट वृंदावन शर्मा और कलेक्टर कार्यालय के बाबू को कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एकाउंटेंट वृन्दावन शर्मा को निलंबन अवधि में कार्यालय कलेक्ट्रेट में अटैच किया गया है। बैराड़ में पदस्थ शिक्षक राजेश बैरागी को 2014 में भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किया गया था। शिक्षक ने आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी, उसकी याचिका को निराकृत करते हुए हाईकोर्ट ने शिवपुरी कलेक्टर के समक्ष अपील प्रस्तुत करने और कलेक्टर को इस अपील को जल्द से जल्द निराकरण के निर्देश दिए थे लेकिन कलेक्टर के यहां ये लंबित पड़ा रहा। इस पर बैरागी ने अवमानना याचिका दायर की। मामले में शिक्षा विभाग ने न्यायालयीन प्रकरण देखने वाले एकाउंटेंट वृन्दावन शर्मा व कलेक्टर कार्यालय की लापरवाही सामने आई। कलेक्टर ने उक्त कार्रवाई को अंजाम दिया।

अफ्सरो की तानाशाही के कारण आत्महत्या – धैर्यवर्धन

इस संपूर्ण मामले में बातचीत करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य धैर्य वर्धन शर्मा ने बताया की स्वाभिमानी शिक्षक ने आत्महत्या करने से 2 दिन पहले मुझसे मुलाकात की थी और मैंने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा ।  शर्मा के अनुसार कलेक्टर शिवपुरी अनुग्रह पी के न्यायालय प्रकरण के मामले में उन्हें निलंबित किया गया उनका कोई दोष नहीं था ।कलेक्टर से भी की गई गुहार काम न् आयी । इस प्रकरण मे कलेक्टर ने भी बेहद असम्वेदन्शीलता का परिचय दिया है । हाई कोर्ट से नाराजगी होने पर राजस्व के एक बाबू को ससपेंड करके कुछ दिनों बाद बहाल कर दिया था जबकि बगैर दोष के मृतक को किसी और कारण को दर्शा कर निलंबित किया । इसी षड्यंत्र से दुःखी होकर उन्होंने यह प्राण घातक् कदम उठाया है । दो दिन पूर्व लगातार दो तीन दिन आकर व्यक्तिगत मुलाकात में मुझे अपनी पीड़ा से अवगत कराया था । उन्होंने बताया कि चाहे नए स्कूल की मान्यता का मामला है या फिर अन्य प्रकरण बगैर मोटी रिश्वत् के ज़िला शिक्षा अधिकारी कोई काम नहीं करते है । ज़िला शिक्षा अधिकारी निलंबन मे पैसे लेकर बड़ी संख्या मे कर्मचारियों को बहाल् करके ज़िला मुख्यालय या शहर के पास ही योज्नाबद्ध् तरीके से पोस्टिंग का खेल खेल रहे थे।

मैंने उन्हें सब्र करने और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया था पर उनका धैर्य ज़बाव् दे गया । दोषी अधिकारीयों और कर्म्चारियों को सजा मिलनी ही चाहिए । इस अन्याय की जानकारी स्थानीय विधायक , सांसद, अन्य वरिष्ठ  नेतागण और सरकार को भी दूंगा ताकि मृतक के परिजनों को न्याय मिल सके।

2 दिन पहले ही भाजपा के प्रवक्ता से मिला था ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *