दो दिन पूर्व पीड़ित ने मुझसे गुहार लगाई थी: धैर्यवर्धन


शिवपुरी ,,के तानाशाह और् महाभ्रश्ट ज़िला शिक्षा अधिकारी कटियार की निर्दय्ता पूर्ण निलंबन कार्यवाही एवं साथी दो तीन लिपिको के षड्यंत्र से विभाग के बाबू ने आत्महत्या की ।
दो शादी लायक बेटियों को अनाथ छोड़ा ।
शिक्षा विभाग में पदस्थ क्लर्क वृंदावन शर्मा की लाश वाकड़े के पास जंगल में लटकी, मिली चल रहा था निलंबित।
कलेक्टर से भी की गई गुहार काम न् आयी । इस प्रकरण मे कलेक्टर ने भी बेहद असम्वेदन्शीलता का परिचय दिया है । हाई कोर्ट से नाराजगी होने पर राजस्व के एक बाबू को ससपेंड करके कुछ दिनों बाद बहाल कर दिया था जबकि बगैर दोष के मृतक को किसी और कारण को दर्शा कर निलंबित किया । इसी षड्यंत्र से दुःखी होकर उन्होंने यह प्राण घातक् कदम उठाया है ।
दो दिन पूर्व लगातार दो तीन दिन आकर व्यक्तिगत मुलाकात में मुझे अपनी पीड़ा से अवगत कराया था । उन्होंने बताया कि चाहे नए स्कूल की मान्यता का मामला है या फिर अन्य प्रकरण बगैर मोटी रिश्वत् के ज़िला शिक्षा अधिकारी कोई काम नहीं करते है । ज़िला शिक्षा अधिकारी निलंबन मे पैसे लेकर बड़ी संख्या मे कर्मचारियों को बहाल् करके ज़िला मुख्यालय या शहर के पास ही योज्नाबद्ध् तरीके से पोस्टिंग का खेल खेल रहे थे।
मैंने उन्हें सब्र करने और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया था पर उनका धैर्य ज़बाव् दे गया । दोषी अधिकारीयों और कर्म्चारियों को सजा मिलनी ही चाहिए । इस अन्याय की जानकारी स्थानीय विधायक , सांसद, अन्य वरिष्ठ नेतागण और सरकार को भी दूंगा ताकि मृतक के परिजनों को न्याय मिल सके।

आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का प्रकरण
दर्ज़् किया जाए ।

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