सोनिया गांधी की पूर्व निज सचिव के खिलाफ एफआईआर कराने वाले डॉ. भल्ला के अस्पताल में तोड़-फोड़ के बाद उनके अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया है

ग्वालियर। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत अब ग्वालियर में डॉ. ए.एस. भल्ला को निशाने पर ले लिया है। उनके सहारा अस्पताल में बड़ी तोड़-फोड़ के बाद देर शाम अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। भाजपा शासन काल में डॉ. भल्ला स्वयं को ताकतवर मानते थे। उन्होंने अपने रसूख का उपयोग कर सोनिया गांधी की पूर्व निज सचिव सहित 4 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी। यह निज सचिव पिछले दिनों मुख्यमंत्री कमलनाथ से शिकायत करने भोपाल पहुंची थीं। 
दरअसल ग्वालियर में कुछ साल पहले सोनिया गांधी की निज सचिव रहीं एक कांग्रेस नेत्री ने डॉ. ए.एस. भल्ला के साथ बड़ा स्कूल खोला था। बाद में दोनों में विवाद हुआ तो कांग्रेस नेत्री ने डॉ. भल्ला को स्कूल से बेदखल कर दिया। भाजपा शासन काल में डॉ. भल्ला ने इस कांग्रेस नेत्री के खिलाफ ग्वालियर में धोखाधड़ी की एफआईआर कराई थी। यह मामला अभी कोर्ट में चल रहा है। इसी बीच बताया जाता है कि दिल्ली में रहने वाली कांग्रेस की इस नेत्री ने भोपाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात कर स्वयं के साथ हुए अन्याय की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर कलेक्टर को डॉ. भल्ला के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

डॉ. भल्ला ने प्रशासन को दी चुनौती
इसी बीच पिछले महीने डॉ. भल्ला ने शासकीय और निजी डॉक्टरों को एकत्रित कर प्रशासन के खिलाफ भड़काया। उन्होंने डॉक्टरों की बैठक कर फैसला किया कि ग्वालियर जिला प्रशासन द्वारा शासकीय और अशासकीय अस्पतालों में बार-बार निरीक्षण के कारण परेशानी होती है। प्रशासन अस्पतालों में दखल अंदाजी कर रहा है। इसलिए अब कोई भी डॉक्टर प्रशासन के किसी भी अधिकारी को सर कहकर नहीं बुलाएंगे। डॉ. भल्ला ने मीडिया में बयान दिया कि पूरा प्रदेश अफसरशाही की चपेट में है और यह अफसरशाही अस्पतालों पर हुकुम चलाने का काम कर रही है। जिसे सहन नहीं किया जाएगा। डॉ. भल्ला की इस हरकत के बाद जिला प्रशासन ने नगर निगम के जरिए ग्वालियर के 41 निजी अस्पतालों में अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए थे। मैक्स अस्पताल, दिशा व समर्पण पैथोलॉजी का लाइसेंस भी 15 दिन के लिए सस्पेंड किया था। इसके अलावा डॉ. भल्ला के बसंत विहार स्थित सहारा अस्पताल को सील करने का नोटिस भी एसडीएम अनिल बनवारिया थमा कर आए थे। प्रशासन की इस कार्यवाही के बाद डॉ. भल्ला ने लगभग चुनौती ेदेते हुए प्रशासन से कहा था कि ग्वालियर के सभी निजी नर्सिंग होम हड़ताल कर देंगे।

अभी जारी रहेगी कार्यवाही
बताया जाता है कि डॉ. भल्ला के खिलाफ ग्वालियर में चल रही कार्यवाही की मॉनिटरिंग भोपाल में मुख्यमंत्री सचिवालय से की जा रही थी। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल इस पर निगाह रखे हुए थे। खबर है कि डॉ. भल्ला के खिलाफ और भी बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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