राजू बाथम को जिलाध्यक्ष बनने पर बधाई – धैर्यवर्धन


भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्य समिति के सदस्य धैर्यवर्धन ने राजू बाथम को जिलाध्यक्ष बनने पर हार्दिक बधाई दी है । उन्होंने कहा कि रात में जैसे ही उन्हें जानकारी मिली तत्काल टेलीफोन पर उन्होंने बधाई प्रेषित कर उनकी सफलता की कामना की । भाजपा नेता धैर्यवर्धन ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि कार्यकर्ताओं को राजू बाथम के मधुर व्यवहार एवम् पूर्व प्रशासनिक अनुभवों का लाभ भी मिलेगा । नए जिलाध्यक्ष पार्टी को पूर्ण समन्वय के साथ गति प्रदान करने में सफल होंगे ।

राजू बाथम होंगे शिवपुरी भाजपा जिलाध्यक्ष



भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा ने जिला अध्यक्षों के नाम का ऐलान कर दिया है| पहली सूची में 32 जिला अध्यक्षों की घोषणा की गई है।

इन जिलों की घोषणा

मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, जबलपुर, जबलपुर ग्रामीण, कटनी, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, हरदा, भोपाल ग्रामीण, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, खंडवा, बड़वानी, अलीराजपुर, उज्जैन, उज्जैन ग्रामीण, शाजापुर और रतलाम जिला अध्यक्षों की घोषणा की गई है।

उन्नाव गैंगरेप: पीड़िता को एयरलिफ्ट कर लखनऊ से दिल्ली लाया गया है. दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है.


उन्नाव. जिंदा जलाए जाने के बाद बुरी तरह झुलसी उन्नाव गैंगरेप पीड़िता (Unnao Gangrape Victim) जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है. इसी क्रम में गुरुवार शाम लखनऊ मंडल के कमिश्नर मुकेश मेश्राम उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र के हिन्दुनगर गांव पहुंचे. यहां उन्होंने अधिकारियों से मामले की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने कहा कि घटना की जांच के लिए एक नई एसआईटी (SIT) की टीम गठित की गई है. उन्होंने कहा कि विवेचना अधिकारी अपनी विवेचना अलग करेंगे.

मेश्राम ने बताया कि एएसपी की अध्यक्षता में अलग से एसआईटी की टीम गठित की गई है. उन्होंने बताया कि एएसपी सभी आरोपियों के बयान दर्ज किए जाएंगे. वहीं कमिश्नर ने दावा करते हुए कहा कि इस मामले से जुड़े सभी साक्ष्य एसआईटी जुटाएगी. आपको बता दें कि अब तक युवती को जिंदा जलाने के मामले में पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.

सफदरजंग में चल रहा है इलाज

बताया जा रहा है कि जमानत पर छूट कर आए दो आरोपियों ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था. इस घटना में पीड़िता 90 फीसदी जल गई है. लखनऊ में इलाज करने के बाद उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया. पीड़िता को एयरलिफ्ट से सफदरजंग अस्पताल लाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है.

राष्ट्रीय महिला आयोग ने UP DGP को भेजा नोटिस

उधर घटना के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission For Women) ने यूपी के डीजीपी ओपी सिंह (DGP OP Singh) से केस में विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है. इसमें पीड़िता के केस दर्ज करवाने की तारीख से अब तक की कार्रवाई मांगी गई है. साथ ही पूछा गया है कि ये भी बताएं कि अगर साबित हुआ है तो रेप पीड़िता को सुरक्षा नहीं देने के लिए किन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इसके अलावा महिला आयोग ने डीजीपी से उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ पिछले 3 साल में हुए जघन्य अपराधों और उनमें दी गई जमानतों की रिपोर्ट भी तलब कर ली है. एनसीडब्ल्यू की तरफ से कहा गया है कि जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजें.

क्या है मामला

घटना बिहार थाना क्षेत्र के हिन्दुनगर गांव की है. कुछ दिन पहले ही युवती के साथ रेप हुआ था. इस मामले में दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. गुरुवार को युवती इसी मामले की पैरवी के लिए रायबरेली जा रही थी. सुबह चार बजे के करीब गांव के बाहर खेत में दोनों आरोपी व उसके तीन साथियों ने उसके ऊपर मिटटी का तेल छिड़ककर आग लगा दी. इसकी सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया. सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पीड़िता को जिला अस्पताल पहुंचाया गया. जहां से उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया.

संसद में सांसदों के खाने से सब्सिडी हटाने का गणित इसतरह है

संसद में मिलने वाले खाने पर से सब्सिडी को हटा लिया गया है. सांसदों को मिलने वाली करोड़ों की सब्सिडी के पैसों की बचत होगी. पर पूरी तस्वीर कुछ और है.

नई दिल्ली: गुरुवार को संसद की बिज़नेस एडवाइज़री कमेटी ने संसद में मिलने वाले खाने पर से सब्सिडी को हटा लिया. माना जा रहा है कि इससे संसद में सांसदों को मिलने वाली करोड़ों की सब्सिडी के पैसों की बचत होगी. पर पूरी तस्वीर कुछ और है, जिसे इस रिपोर्ट में हम आपको समझाएंगे.

सब्सिडी हटाने से कितना पैसा बचेगा

हटाई गई सब्सिडी इस साल के अनुमानित 17 करोड़ के सब्सिडी बिल में से सिर्फ़ 70-80 लाख रुपयों की बचत करेगी.

सब्सिडी का गणित

साल 2018-19 की अनुमानित सब्सिडी 17 करोड़ रूपए है. लेकिन सब्सिडी के खेल को बीते साल के तय आंकड़ों से समझना आसान होगा. साल 2017-18 की सब्सिडी 15.60 करोड़ रुपए है. इसमें क़रीब 60 लाख रुपए खाने पर सब्सिडी के और शेष संसद के भीतर स्थापित केटरिंग यूनिट्स का ‘इस्टैब्लिश्मेंट चार्ज’ है. जिसमें कर्मचारियों की सैलरी और भाड़ा आदि शामिल है. लेकिन रेलवे अपनी ओर से क्लेम किए गए टोटल बिल को सब्सिडी के तौर पर ही क्लेम करता है. यानी सस्ता खाना बेचने से हुए घाटे की भरपाई मांगता है.

सब्सिडी हटाना महज़ आई वॉश है

संसद सचिवालय के सूत्रों का कहना है कि गुरुवार को हटाई गई सब्सिडी महज़ ‘आई वॉश’ है. क्योंकि जब आप खाना खाने किसी होटल में जाते हैं तो आपके खाने के बिल में नहीं लिखा होता कि आपसे इस्टैब्लिश्मेंट चार्ज या कर्मचारियों की सैलरी भी वसूली जा रही है. जबकि हक़ीक़त में खाने के बिल में ही सब कॉस्ट शामिल होती है. फिर संसद में खाने पर करोड़ों की सब्सिडी के एक बहुत बड़े भाग को इस्टैब्लिश्मेंट चार्ज कह के बरगलाया क्यों जा रहा है. हक़ीक़त तो ये है कि 95% सब्सिडी अब भी लागू है लेकिन तकनीकी रूप से अब आप उसे सब्सिडी कह भी नहीं पाएँगे. अब सवाल ये है कि जनता के इन पैसों को ख़र्च करके ख़ुद जनता को ही भुलावे में क्यों रखा जा रहा है ? नॉर्दर्न रेलवे के सब्सिडी बिल के 95% हिस्से को सब्सिडी न मानने का तर्क समझ से परे है.

अंतिम फ़ैसले की औचारिकता है बाकि

सब्सिडी हटाने के बिज़नेस एडवाइज़री कमेटी के फ़ैसले के बाद अब इस पर अंतिम फ़ैसला लोकसभा सचिवालय और संसद की फ़ूड कमेटी को लेना है. लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि मैंने अभी सिर्फ़ सांसदों के लिए सब्सिडी ख़त्म करने के लिए कहा है. आग्रह किया है कि संसद के ऑफ़िस स्टाफ़, सिक्योरिटी और विज़िटर्ज़ की सब्सिडी न ख़त्म की जाय. वहीं बीजेपी नेता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि सब्सिडी हट जाने से अब सांसदों को सब्सिडी खाने के इल्ज़ाम से मुक्ति मिलेगी.

सब्सिडी का मुख्य आकर्षण

संसद में वेज थाली 35 रूपए की और नॉन वेज थाली 71 रूपए की है. संसद में सबसे महंगे खाने का नाम है ‘लंच थ्री कोर्स’ जिसमें सूप, मुख्य भोजन और स्वीट एंड डेज़र्ट शामिल है. लंच थ्री कोर्स का दाम है 106 रूपए. जो कि बाहर किसी रेस्टोरेंट में 700 से 1500 के बीच मिलेगा.

दोनों सदनों का ख़र्च अलग-अलग होता है

इस साल की 17 करोड़ की सब्सिडी दोनों सदनों को मिलाकर है. दोनों सदनों के अलग-अलग सचिवालय हैं और दोनों सदनों का अलग-अलग वित्त विभाग है. लिहाज़ा ख़र्च का हिसाब भी अलग-अलग ही होता है.

साल्वे कमेटी की व्यवस्था

1974 में बनी ‘कमेटी ऑन केटरिंग इस्टैब्लिश्मेंट इन पार्लियमेंट हाऊस’ (साल्वे कमेटी) के अनुसार चली आ रही परम्परा ही आज तक जारी है. इस कमेटी की व्यवस्था के तहत पूरी सब्सिडी के दो भाग का भुगतान लोकसभा सचिवालय करता है और एक भाग का राज्यसभा सचिवालय करता है. 2:1 का ये रेश्यो इसलिए कि लोकसभा में ज़्यादा सांसद हैं और ज़्यादा गतिविधियाँ/ पार्टियाँ होती हैं. यानी 2017-18 में कुल सब्सिडी के क़रीब दस करोड़ रूपए लोकसभा ने और पाँच करोड़ राज्यसभा ने दिए.

‘चीफ़ एडवाइज़र कॉस्ट’ करता है ऑडिट

संसद के अन्य ख़र्चों की तरह इस सब्सिडी बिल का ऑडिट भी वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ़ एक्सपेंडिचर के मुखिया ‘चीफ़ एडवाइज़र कॉस्ट’ के दफ़्तर से होता है. उसकी अनुमति के बाद ही ये पेमेंट संसद से की जाती है.

पिछले साल संसद भवन में कुल कितनी पार्टियाँ हुईं ?

साल 2017-18 में संसद भवन केटरिंग यूनिट में 27 स्पेशल पार्टियां हुईं. संसद भवन एनेक्सी केटरिंग यूनिट में 82 स्पेशल पार्टियां हुईं और संसद भवन की लाईब्रेरी बिल्डिंग केटरिंग यूनिट में 49 पार्टियां हुईं. तीनों केटरिंग यूनिट मिला कर संसद भवन में सांसदों और मंत्रियों के लिए बीते साल कुल 158 स्पेशल पार्टियां हुईं.

कितनी कैंटीन हैं संसद में ?

संसद के मुख्य भवन में दो बड़ी व अन्य छोटी कैंटीन हैं. संसद के एनेक्सी भवन में एक बड़ी कैंटीन है. संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग में भी दो बड़ी और अन्य छोटी कैंटीन हैं. रेट सब जगह सामान हैं. हाँ, सांसदों को परोसे जाने वाले खाने और अन्य लोगों को मिलने वाले खाने में ठीक वही अंतर होता है जो दूल्हे के ख़ास परिवार और अन्य बारातियों के खाने के बीच होता है. जिसमें किसी को कोई परेशानी भी नहीं है.

क्या है अभी संसद में खाने की रेट लिस्ट ?

चपाती- ₹2 पापड़- ₹3 चाय, कॉफ़ी, दाल, दही – ₹5 ब्रेड-बटर, वेज सैंडविच, सांभर- ₹6 वेज करी, ड्राई वेज, प्लेन राइस, आलू बोंडा प्रति पीस- ₹7 सलाद- ₹9 मटर पनीर, कढ़ी पकौड़ा, वडा, प्लेन दोसा, बॉइल्ड वेज़िटेबल-₹12 सूप, ब्रेड पकौड़ा, -₹14 मिनी थाली- ₹15 आमलेट, उपमा, पोहा, दोसा, ओनीयन दोसा, वेज कटलेट, फ़्रूट सलाद, इडली-सांभर- ₹18 केसरी भात, फ़्रेश जूस, चिकेन सैंडविच, स्पेशल पकोड़ा, पूड़ी-सब्ज़ी, टोमैटो भात- ₹24 वेज थाली- ₹35 चिकेन कटलेट, मटन कटलेट- ₹41 चिकन करी -₹50 चिकन तंदूरी – ₹60 फ़िश फ़्राई- ₹68 नॉन वेज थाली- ₹71 लंच थ्री कोर्स- ₹106

अगले सत्र में आ सकती है नई रेट लिस्ट

गुरुवार को हटाई गई सब्सिडी के अनुसार खाने के नए दाम अगले संसद-सत्र से लागू हों सकते हैं. संसद के सूत्रों के अनुसार संसद में खाने के दाम तो बढ़ेंगे लेकिन दामों के अधिक बढ़ने की संभावना नहीं है क्योंकि करोड़ों रूपए की सब्सिडी अब भी इस्टैब्लिश्मेंट चार्ज के नाम पर तो जा ही रही है.

महिला पशु चिकित्सक के साथ दरिंदगी और मर्डर करने वाले सभी 4 आरोपियों का एनकाउंटर : रिपोर्ट


हैदराबाद
हैदराबाद के शादनगर में जानवरों की डॉक्टर से रेप और निर्मम हत्या के केस ने एक चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। शुक्रवार सुबह ही केस के चारों आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस जांच के लिए इन आरोपियों को मौका-ए-वारदात पर लेकर गई थी। चारों ने वहां से भागने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने उन्हें वहीं ढेर कर दिया।

भागने की कोशिश

बता दें कि हैदराबाद शादनगर में जानवरों की डॉक्टर से रेप और हत्या के केस में पुलिस ने चारों आरोपियों शिवा, नवीन, केशवुलू और मोहम्मद आरिफ को पुलिस रिमांड में रखा गया था। बताया जा रहा है कि पुलिस जांच के लिए चारों को उस फ्लाइओवर के नीचे लेकर गई थी जहां उन्होंने पीड़िता को आग के हवाले किया था। वहां क्राइम सीन को रीक्रिएट किया जा रहा था। इसी बीच चारों ने भागने की कोशिश की।

मुठभेड़ में ढेर
इस पर पुलिस ने प्रतिक्रिया करते हुए गोलियां चलाईं और मुठभेड़ में चारों को ढेर कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस कमिश्नर ने इसकी पुष्टि की है। बता दें कि हैवानियत भरे इस कांड के बाद से देश भर में उबाल था और चारों को फांसी दिए जाने की मांग उठ रही थी। जहां इन आरोपियों को लेकर जाया गया, इन्होंने रेप के बाद के डॉक्टर की हत्या करके शव को वहीं जलाया था।

मदद के बहाने बनाया शिकार
बता दें कि 27 नवंबर की रात 27 साल की जानवरों की डॉक्टर को इन दरिंदो ने अपनी हैवानियत का शिकार बनाया था। शराब पीते हुए आरोपियों ने डॉक्टर को स्कूटी पार्क करते हुए देखा था और यह दुस्साहसी प्लान बना लिया था। स्कूटी की हवा निकालकर पहले मदद का बहाना किया और फिर मोबाइल छीन लिया। इसके बाद चारों आरोपियों ने डॉक्टर के साथ बारी-बारी से दरिंदगी की और गला दबाकर हत्या कर दी। ये यहीं नहीं रुके। हत्या के बाद शव को ट्रक में रखकर टोल बूथ से करीब 25 किलोमीटर दूर एक ओवरब्रिज के नीचे फेंक दिया और फिर पेट्रोल-डीजल छिड़कर आग के हवाले कर दिया। सुबह एक दूध बेचने वाले ने जले हुए शव को देखकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद इस हैवानियत के बारे में पता चला